महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप केस: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 4 नवंबर को CBI कोर्ट में होगी पेशी
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद रायपुर लाया गया है। उसे इंडिगो की फ्लाइट 6E2307 से राजधानी रायपुर पहुंचाया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब आरोपी को 4 नवंबर 2026 को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद CBI की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2 नवंबर 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान विशेष न्यायाधीश निखिल चोपड़ा की अदालत में CBI ने आरोपी से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान CBI और आरोपी पक्ष के वकीलों के बीच लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं। इसके बाद अदालत ने मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दे दी।
4 नवंबर को रायपुर की विशेष अदालत में पेशी
अदालत ने सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI के हवाले करते हुए निर्देश दिया कि उसे 4 नवंबर 2026 तक रायपुर की संबंधित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए। इसके बाद जांच एजेंसी आरोपी से आगे की पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकेगी।
इस मामले में रायपुर की अदालत में होने वाली सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का मामला छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी चर्चा का विषय रहा है।
प्रत्यर्पण की शर्तों पर ट्रायल कोर्ट करेगा फैसला
सुनवाई के दौरान अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू भी स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि फिलहाल उसके सामने केवल आरोपी की ट्रांजिट रिमांड का सवाल है। प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत सौरभ चंद्राकर के खिलाफ CBI के मामले में मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय रायपुर की संबंधित विशेष अदालत करेगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमे की वैधता से जुड़े सवालों पर ट्रायल कोर्ट ही विचार करेगा। यानी दिल्ली की अदालत ने इस स्तर पर मुकदमे की वैधता को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई अहम राज
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले की जांच में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, कथित अवैध कमाई, संचालन व्यवस्था और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच कर सकती हैं।
पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जाता था और इससे जुड़े आर्थिक लेनदेन किन माध्यमों से होते थे। इसके अलावा मामले में अन्य संदिग्धों और कथित सहयोगियों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
फिलहाल सभी की नजरें 4 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में होने वाली पेशी पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस पेशी और आगे की जांच से महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
