Khairagarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग का छापा! खैरागढ़ में होटल बंद, 5 किलो जलेबी कराई गई नष्ट
खैरागढ़। दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण को लेकर कार्रवाई की है। नवागांव चंडी मंदिर क्षेत्र स्थित मेसर्स साहू होटल के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव में कई खामियां सामने आईं। फ्रीजर बंद मिलने और उसमें रखी जलेबी के खराब होने की आशंका के चलते विभागीय टीम ने करीब 5 किलो जलेबी नष्ट कराई। साथ ही मिनी पेड़ा और बालूशाही के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। आवश्यक सुधार होने तक होटल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण में मिलीं साफ-सफाई और भंडारण संबंधी कमियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नवागांव चंडी मंदिर क्षेत्र स्थित साहू होटल का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई की कमी, खाद्य सामग्री के भंडारण और कालातीत खाद्य पदार्थों के विक्रय से संबंधित खामियां सामने आने की जानकारी दी गई। निरीक्षण के समय फ्रीजर बंद मिला। उसमें रखी जलेबी के खराब होने की आशंका को देखते हुए तत्काल करीब 5 किलो जलेबी नष्ट कराई गई।
पेड़ा और बालूशाही के नमूने जांच के लिए भेजे
कार्रवाई के दौरान होटल में उपलब्ध मिनी पेड़ा और बालूशाही के नमूने भी लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही मिठाइयों की गुणवत्ता से संबंधित स्थिति स्पष्ट होगी। विभाग ने होटल संचालक को खाद्य लाइसेंस और पंजीयन अद्यतन कराने के निर्देश भी दिए हैं। आवश्यक सुधार पूरे होने तक होटल का संचालन बंद रखने की कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
विभागीय जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन तथा सीएमएचओ डॉ. अनिल शुक्ला और अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडेय के मार्गदर्शन में की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने कार्रवाई की जानकारी दी।
दीपावली पर मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी
त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण उनके सुरक्षित भंडारण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, गुणवत्ता, पैकेजिंग और विक्रेता की स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए।
खैरागढ़ में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पेड़ा और बालूशाही के नमूनों की जांच रिपोर्ट तथा होटल में आवश्यक सुधार किए जाने की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर ही निकाले जाने चाहिए।
