CGPSC केस में ED का बड़ा कदम: 3700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, पूर्व चेयरमैन समेत 3 आरोपी जांच के घेरे में
CGPSC Scam Case: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के खिलाफ 3,700 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें 99 पन्नों की समरी भी शामिल है। ED ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित हेरफेर के लिए साजिश रची गई और अवैध रकम के लेन-देन को छिपाने के लिए नकद व बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
3700 पन्नों के आरोपपत्र में क्या हैं ED के आरोप?
ED के मुताबिक, CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के दौरान टामन सिंह सोनवानी ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर की साजिश रची। एजेंसी ने इस मामले में सोनवानी सहित तीन लोगों को आरोपपत्र में नामजद किया है। हालांकि, आरोपपत्र में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा। आरोपपत्र दाखिल होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
कैश और बैंक खातों के जरिए रकम के लेन-देन का आरोप
ED की चार्जशीट के अनुसार, कथित अवैध कमाई का करीब आधा हिस्सा नकद और बाकी बैंक खातों के माध्यम से लिया गया। एजेंसी का दावा है कि रकम को अलग-अलग बैंक खातों में कई स्तरों पर ट्रांजेक्शन के जरिए घुमाया गया, ताकि उसके स्रोत और वास्तविक लेन-देन का पता लगाना मुश्किल हो। जांच एजेंसी इस कथित मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने और रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। सोनवानी से पूछताछ के दौरान भी अपराध से कथित तौर पर अर्जित आय, पैसों के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाने की कोशिश की गई।
उत्कर्ष चंद्राकर की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में ED इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का आरोप है कि पैसे लेकर कुछ अभ्यर्थियों, जिनमें रिश्तेदार और पसंदीदा उम्मीदवार शामिल थे, को डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे वरिष्ठ सरकारी पदों पर चयनित कराने की कोशिश की गई। ED के मुताबिक, कथित अनियमितताओं में चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने और पैसों के लेन-देन की भूमिका की जांच की जा रही है।
टामन सिंह सोनवानी भी जेल में
पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को ED ने 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में हैं। अब तीन आरोपियों के खिलाफ 3,700 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल होने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। CGPSC भर्ती विवाद में ED की जांच का केंद्र कथित पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में हेरफेर और उससे जुड़ी अपराध की आय बताई जा रही है। अब अदालत में आरोपपत्र और साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की सुनवाई होगी।
