CG News: रायपुर में सांडों की भिड़ंत ने मचाया हड़कंप, सब्जी खरीद रही 62 साल की महिला को टक्कर; घर में घुसे आवारा मवेशी
रायपुर। राजधानी की सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप में सामने आई है। आमानाका-कुकरबेड़ा इलाके में आज सुबह तीन सांडों की लड़ाई के बीच 62 वर्षीय बरखा मोगरे इसकी चपेट में आ गईं। वह घर के बाहर ठेले से सब्जी खरीद रही थीं, तभी बेकाबू सांडों की भिड़ंत में एक सांड उनसे टकरा गया। टक्कर के बाद महिला सड़क पर गिर पड़ीं। हैरानी की बात यह रही कि सांड आपस में लड़ते हुए उनके घर के अंदर तक पहुंच गए। पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
सब्जी खरीदते वक्त अचानक आई सांडों की टक्कर
परिजनों के मुताबिक, बरखा मोगरे आज सुबह करीब 8:30 बजे घर के बाहर सब्जी लेने निकली थीं। वह ठेले के पास खड़ी होकर खरीदारी कर रही थीं। इसी दौरान कुछ दूरी पर तीन सांड आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लड़ाई इतनी उग्र हो गई कि सांड सड़क पर इधर-उधर दौड़ने लगे। महिला को संभलने का मौका मिलता, उससे पहले ही एक सांड ठेले से टकराया और उसकी चपेट में बरखा भी आ गईं। जोरदार टक्कर के कारण वह सड़क पर गिर पड़ीं।
महिला के घर में भी घुस गए सांड
हादसे के बाद भी सांडों की लड़ाई नहीं रुकी। CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि मवेशी आपस में भिड़ते हुए महिला के घर की ओर पहुंच गए और अंदर तक चले गए। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह स्थिति संभाली। घायल बरखा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनके कंधे में गंभीर चोट लगने के साथ अन्य चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है।
रीढ़ की सर्जरी के बाद चल रही थी रिकवरी
बरखा के बेटे जयंत मोगरे ने बताया कि उनकी मां की कुछ महीने पहले रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई थी और वह अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुई थीं। हादसे के बाद कंधे में चोट के अलावा अंदरूनी चोट की आशंका भी जताई गई है। जयंत के मुताबिक, घटना के बाद उनकी मां काफी डर गई हैं। परिवार का कहना है कि जिस तरह से खुलेआम घूम रहे आवारा सांड लोगों को निशाना बना रहे हैं, उससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कुकरबेड़ा इलाके में लंबे समय से समस्या का दावा
स्थानीय निवासी किशन लाला का कहना है कि कुकरबेड़ा और बोहरा मस्जिद के आसपास के इलाकों में लंबे समय से आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। उनका आरोप है कि सड़क और रिहायशी क्षेत्रों में सांडों के घूमने के कारण अक्सर वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन गंभीर होगा।
CCTV ने दिखाया पूरा घटनाक्रम
इस घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। फुटेज में सांडों की भिड़ंत और महिला के उसकी चपेट में आने का घटनाक्रम नजर आ रहा है। फिलहाल, स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
