बीमारी के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सके जिला पंचायत सीईओ, हाई कोर्ट ने अवमानना नोटिस लिया वापस

बीमारी के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सके जिला पंचायत सीईओ, हाई कोर्ट ने अवमानना नोटिस लिया वापस

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी अवमानना संबंधी शो-कॉज नोटिस को वापस ले लिया है। सीईओ ने कोर्ट में अपना स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि 12 से 18 अगस्त 2026 के बीच वे वायरल फीवर और पेचिश से पीड़ित थे। डॉक्टर की सलाह पर उन्हें बेड रेस्ट पर रहना पड़ा, जिसके चलते वे 17 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके। सीईओ की ओर से बीमारी से संबंधित मेडिकल दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए गए। हाई कोर्ट ने स्पष्टीकरण और शपथपत्र में बताए गए कारणों को स्वीकार करते हुए प्रस्तावित अवमानना कार्रवाई का नोटिस वापस लेने का आदेश दिया।

लगातार अनुपस्थिति पर कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

दरअसल, मामले में हाई कोर्ट ने 30 नवंबर 2022 को सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी सीईओ की ओर से कोर्ट में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई। 28 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई में भी कोर्ट ने राज्य के अधिवक्ता को सीईओ और एक अन्य अधिकारी से आवश्यक निर्देश लेने को कहा था। इसके बाद 28 जुलाई को हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। 5 अगस्त को हुई सुनवाई में भी न तो संबंधित अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही उनकी ओर से जवाब दाखिल किया गया। लगातार आदेशों के बावजूद अनुपस्थिति को देखते हुए हाई कोर्ट ने 17 अगस्त को मामले में सख्त रुख अपनाया था।

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कोर्ट ने पूछा था- अवमानना की कार्रवाई क्यों न हो?

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17 अगस्त को हाई कोर्ट ने कहा था कि एक लोक अधिकारी की ओर से न्यायालय के आदेशों से जानबूझकर बचने का रवैया अपनाया गया है। इसके बाद सीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी कर पूछा गया था कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इसके जवाब में 31 अगस्त को सीईओ ने कोर्ट में अपना स्पष्टीकरण और शपथपत्र दाखिल किया। उन्होंने बताया कि 12 से 18 अगस्त के दौरान वे वायरल फीवर और पेचिश से पीड़ित थे और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार बेड रेस्ट पर थे। बीमारी से जुड़े मेडिकल दस्तावेज भी कोर्ट के रिकॉर्ड में पेश किए गए।

हाई कोर्ट ने स्वीकार किया स्पष्टीकरण

1 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सीईओ के स्पष्टीकरण, शपथपत्र और मेडिकल दस्तावेजों पर विचार किया। कोर्ट ने बीमारी को लेकर दिए गए कारणों को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने के लिए जारी प्रस्तावित शो-कॉज नोटिस वापस ले लिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ने दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है।

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