New Airports in India: अब छोटे शहरों से भी भरेगी उड़ान! 10 साल में बनेंगे 100 नए एयरपोर्ट, 30 हजार करोड़ के प्लान पर सरकार की तैयारी
नई दिल्ली: देश के एविएशन सेक्टर को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्र सरकार आने वाले 10 वर्षों में देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस विस्तार पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का फोकस सिर्फ बड़े शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों और क्षेत्रीय इलाकों को भी मजबूत एयर नेटवर्क से जोड़ना है।
नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर देश के तीसरे ‘हब एंड स्पोक’ ऑपरेशन की शुरुआत के दौरान एविएशन सेक्टर के विस्तार का यह रोडमैप साझा किया। सरकार का मानना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेंगे और छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच आसान हो सकेगी।
क्या है ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल?
नए मॉडल के तहत छोटे शहरों और क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स को बड़े एयरपोर्ट्स से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यात्री इन प्रमुख एयरपोर्ट्स के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी कनेक्ट हो सकेंगे। अहमदाबाद में शुरू किया गया ऑपरेशन इस दिशा में तीसरी बड़ी पहल है। इससे पहले वाराणसी और अमृतसर में इस मॉडल की शुरुआत की जा चुकी है। सरकार के मुताबिक, दोनों जगहों पर यात्रियों की ओर से इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
12 साल में दोगुने से ज्यादा हुए एयरपोर्ट
भारत के एविएशन नेटवर्क में पिछले एक दशक से ज्यादा समय में बड़ा विस्तार हुआ है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 2014 में देश में 74 परिचालन वाले एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 166 हो गए हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 12 वर्षों में औसतन करीब हर 40 दिन में एक नया एयरपोर्ट या नया टर्मिनल तैयार हुआ है। सरकार अब इसी विस्तार को अगले चरण में ले जाने की तैयारी कर रही है, जिसमें छोटे शहरों और कम सेवा वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
UDAN योजना बनी एयर कनेक्टिविटी की रीढ़
सरकार के अनुसार, क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने में UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना की अहम भूमिका रही है। इसका उद्देश्य ऐसे शहरों और इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है, जहां नियमित विमान सेवाएं सीमित रही हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने संशोधित Regional Connectivity Scheme यानी Modified UDAN को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए करीब 28,840 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है।
छोटे शहरों के यात्रियों को क्या फायदा?
नए एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा असर क्षेत्रीय यात्रियों पर पड़ने की उम्मीद है। जिन लोगों को अभी बड़े शहरों तक सड़क या रेल के जरिए लंबी यात्रा करके फ्लाइट पकड़नी पड़ती है, उनके लिए नजदीकी एयरपोर्ट उपलब्ध होने से समय और यात्रा का खर्च कम हो सकता है। सरकार की योजना सफल होती है तो आने वाले वर्षों में देश के एविएशन मैप पर कई नए शहर जुड़ सकते हैं। इसका असर पर्यटन, कारोबार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की उम्मीद है।
