सरकारी योजना की सुस्त रफ्तार पर गिरी गाज, चार तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई
बस्तर : जिले में वीबी-जी रामजी योजना के क्रियान्वयन में सुस्ती और कार्यों की कम प्रगति को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने गंभीरता से लिया है। समीक्षा में लापरवाही और कमजोर प्रदर्शन के मामले सामने आने के बाद चार तकनीकी सहायकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें दो तकनीकी सहायकों ने त्यागपत्र दे दिया, एक की सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि एक अन्य की सेवा वृद्धि रोक दी गई है।
5.56 करोड़ की मंजूरी, फिर भी काम की रफ्तार धीमी
बस्तर जिले में योजना के तहत कुल 1,807 कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के लिए 5,561.34 लाख रुपये यानी करीब 5.56 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पर्याप्त कार्यो की मंजूरी और धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद योजना की प्रगति निर्धारित अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं मिलने पर जिला पंचायत प्रशासन ने जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्ती शुरू कर दी है।
समीक्षा में सामने आई लापरवाही, चार तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने योजना के कार्यो की नियमित समीक्षा के साथ मैदानी निरीक्षण और कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने की प्रक्रिया तेज की है। समीक्षा के दौरान कुछ तकनीकी सहायकों के कामकाज में अपेक्षित गंभीरता की कमी और कार्यों की प्रगति लगातार कमजोर रहने की बात सामने आई। इसके बाद कार्य निष्पादन और प्रदर्शन के आधार पर चार तकनीकी सहायकों के संबंध में कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत दो तकनीकी सहायकों ने त्यागपत्र प्रस्तुत किया है। एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त की गई है, जबकि एक अन्य की सेवा वृद्धि रोक दी गई है। जिला पंचायत प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही और लक्ष्य हासिल करने में उदासीनता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अब जमीन पर दिखाना होगा काम
योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वीकृत कार्य समय पर शुरू कराने, अधिकाधिक श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने और मानव दिवस सृजन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा कराने पर जोर दिया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्वीकृत कार्यों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारना है। ऐसे में कार्यों की मंजूरी और राशि उपलब्ध होने के बाद भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया है कि वीबी-जी रामजी योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। योजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में उदासीनता, कार्यों में लापरवाही या कमजोर प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
