उदयपुर में प्री-वेडिंग शूट के दौरान बवाल, फोटोग्राफर और वरिष्ठ पत्रकार से मारपीट का आरोप; 48 घंटे का अल्टीमेटम
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में लालघाट इलाके में बुधवार सुबह प्री-वेडिंग शूट के दौरान शुरू हुआ विवाद मारपीट और विरोध प्रदर्शन में बदल गया। आरोप है कि फोटोग्राफर दीपक सोनी के साथ दुकान मालिक सरदार खान और उसके परिवार के सदस्यों ने मारपीट की। बेटे को बचाने पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद सोनी के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना के बाद पत्रकारों और क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
प्री-वेडिंग शूट के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, फोटोग्राफर दीपक सोनी बुधवार सुबह उदयपुर के लालघाट के पास प्री-वेडिंग शूट कर रहे थे। इसी दौरान दुकान मालिक के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। दीपक सोनी पर सरियों से हमला किए जाने का आरोप भी सामने आया है।
घायल दीपक ने फोन कर अपने पिता और वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद सोनी को घटना की जानकारी दी। बेटे के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही प्रमोद सोनी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की। उनका कॉलर पकड़कर दुकान के अंदर ले जाने और बंधक बनाने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि बिगड़ते हालात के बीच प्रमोद सोनी ने सुरक्षित निकलने के लिए आरोपियों से माफी तक मांगी। घटना के बाद घायल दीपक सोनी का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
थाने पहुंचे दो दर्जन पत्रकार, मौके पर बढ़ा तनाव
घटना की जानकारी फैलते ही पत्रकारों में नाराजगी बढ़ गई। करीब दो दर्जन पत्रकार मामले की शिकायत और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे। इसके बाद पत्रकारों और क्षेत्रवासियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर विरोध जताया और पुलिस को मौके पर बुलाने की मांग की।
स्थिति को देखते हुए हाथीपोल थाना सीआई राजू देवी और धानमंडी थाना सीआई गजवीर सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति शांत करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। विरोध बढ़ने पर डिप्टी एसपी राजेश यादव और घंटाघर थाना सीआई रत्न सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा, दुकान सीज करने की कार्रवाई
मारपीट के आरोपों के बीच प्रदर्शनकारियों ने लालघाट क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मांग की कि इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। मामले की जानकारी मिलने के बाद महापौर की पहल पर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू करवाई गई। साथ ही आरोपी सरदार खान की दुकान को सीज करने की कार्रवाई भी शुरू की गई।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल अतिक्रमण हटाने या दुकान पर कार्रवाई करने से मामला समाप्त नहीं होगा। उनकी मुख्य मांग थी कि फोटोग्राफर दीपक सोनी और वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद सोनी के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जगदीश चौक पर प्रदर्शन, पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम
घटनास्थल पर कार्रवाई के बाद पत्रकार और क्षेत्रवासी जगदीश चौक पहुंचे, जहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई। बाद में प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया, लेकिन पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे।
लालघाट की यह घटना अब उदयपुर में चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर पत्रकारों ने अपने साथियों के साथ कथित मारपीट को लेकर नाराजगी जताई है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है। अब पुलिस प्रशासन के सामने आरोपों की जांच, उचित कानूनी कार्रवाई और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
फिलहाल सभी की नजर पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर है। प्रदर्शनकारियों द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
