तमिलनाडु एक्सप्रेस सूटकेस मिस्ट्री: मानव अंग मिलने के मामले में 27 CCTV खंगाले, लाल बैग वाला संदिग्ध कैमरे में कैद
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर लावारिस सूटकेस से मानव अंग मिलने के सनसनीखेज मामले की जांच अब तेज हो गई है। इस रहस्यमयी केस की परतें खोलने के लिए चेन्नई रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों ने चेन्नई रेलवे स्टेशन और उसके आसपास लगे 27 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति लाल रंग का बैग लेकर स्टेशन की ओर जाता हुआ दिखाई दिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यही बैग बाद में तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिला था और उसमें मिले मानव अंगों से उसका कोई संबंध है या नहीं।
आगरा कैंट पर मिला था मानव अंगों से भरा सूटकेस
पूरा मामला 5 अगस्त का है, जब तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के जनरल कोच में एक लावारिस लाल रंग का सूटकेस मिला, जिसकी सूचना बुलंदशहर निवासी विशाल कुमार ने रेलवे हेल्पलाइन पर दी। जब सुरक्षा एजेंसियों ने सूटकेस खोलकर देखा तो उसके अंदर मानव अंग मिले। इस घटना के बाद स्टेशन पर हड़कंप मच गया और जीआरपी ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
27 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई
जांच के दौरान चेन्नई RPF ने रेलवे स्टेशन परिसर के 14 और स्टेशन के बाहर लगे 13, यानी कुल 27 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। फुटेज में कई यात्री लाल रंग का बैग लेकर आते-जाते दिखाई दिए, लेकिन एक व्यक्ति ऐसा नजर आया जो संदिग्ध तरीके से उसी रंग का बैग लेकर स्टेशन में प्रवेश करता है और बाद में तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच तक पहुंचता दिखाई देता है। सबसे अहम बात यह है कि कोच से बाहर निकलते समय उसके हाथ में बैग दिखाई नहीं देता।
अब संदिग्ध की पूरी मूवमेंट खंगाल रही जांच एजेंसियां
RPF अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध व्यक्ति रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा था। इसके लिए स्टेशन रोड, आसपास की सड़कों और शहर के अन्य इलाकों में लगे CCTV कैमरों की भी जांच की जा रही है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वह किसी कार, ऑटो, टैक्सी या बाइक से स्टेशन पहुंचा था या पैदल आया था। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि संदिग्ध की पूरी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
चेन्नई पहुंची GRP की विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी आगरा कैंट की एक विशेष जांच टीम चेन्नई रवाना की गई है। टीम आज चेन्नई पहुंचकर RPF अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से CCTV फुटेज का विश्लेषण करेगी और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास करेगी। टीम एक से दो दिन तक चेन्नई में रहकर विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी।
बैग कहां से खरीदा गया? इसकी भी होगी जांच
जांच एजेंसियां केवल संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लाल रंग के सूटकेस की भी पूरी पड़ताल की जा रही है। सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि जांच टीम बैग की तस्वीरें भी अपने साथ लेकर गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बैग किस कंपनी का है, कहां से खरीदा गया और क्या उसके जरिए किसी संदिग्ध तक पहुंचा जा सकता है।
कई पहलुओं पर एक साथ जांच
फिलहाल पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां कई बिंदुओं पर समानांतर जांच कर रही हैं
- सूटकेस स्टेशन तक कैसे पहुंचा?
- संदिग्ध व्यक्ति कौन है?
- मानव अंग किसके हैं?
- हत्या कहां हुई?
- शव के टुकड़े ट्रेन तक कैसे पहुंचे?
- क्या इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हैं?
इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट की मदद ली जा रही है। फिलहाल, यह मामला जांच के अधीन है और एजेंसियों को उम्मीद है कि CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया जा सकेगा।
