Rajasthan Crime News: क्रेशर विवाद में पूर्व BJP विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, लाठी-पत्थरों से हमले के बाद मचा हड़कंप
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में क्रेशर प्लांट को दोबारा शुरू करने को लेकर चल रहा पुराना विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस संघर्ष में गंभीर रूप से घायल वैर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके सहयोगी गगन शर्मा भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद भौंड़ा गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना रविवार शाम वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट के पास हुई। प्लांट के संचालन और उससे जुड़े विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव था। रविवार को टकराव बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई, जिसमें भड़ाना और उनके सहयोगी घायल हो गए।
बंद क्रेशर को चालू कराने की कोशिश के बीच बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, भड़ाना का क्रेशर प्लांट करीब एक साल से बंद था। इसे दोबारा शुरू कराने की कोशिशों के बीच स्थानीय ग्रामीणों और क्रेशर संचालक पक्ष के बीच तनाव बढ़ने लगा था। रविवार शाम करीब 6:30 बजे भड़ाना प्लांट पर मौजूद थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। इस दौरान भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। भड़ाना की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी कमलेश ने पुलिस-प्रशासन पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्रेशर की लीज से जुड़ी बिजली आपूर्ति काटे जाने और वाटर पंप खराब किए जाने जैसी घटनाओं की जानकारी अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। कमलेश ने यह दावा भी किया कि हमले के दौरान उनके पति पर गोली चलाई गई थी। हालांकि, शुरुआती चिकित्सकीय जांच में गोली लगने की आशंका की पुष्टि नहीं हुई थी। फायरिंग हुई थी या नहीं, इसकी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों का अलग पक्ष, चारागाह भूमि और खनन भी विवाद की वजह
इस विवाद की जड़ क्रेशर प्लांट के संचालन के साथ जमीन और खनन से जुड़े मुद्दों को भी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, क्रेशर संचालक पक्ष और ग्रामीणों के बीच पहले भी चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध खनन को लेकर विवाद हो चुका है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि वे क्रेशर दोबारा शुरू किए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि रविवार को भड़ाना पक्ष के लोग उन्हें धरना स्थल से हटाने पहुंचे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, इसलिए हमले की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
गांव में पुलिस तैनात, जांच जारी
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद के दौरान क्या-क्या हुआ, कितने लोग घायल हुए और फायरिंग की गई थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पूर्व विधायक की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस की जांच में क्रेशर विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि, दोनों पक्षों के आरोप और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका अहम रहेगी।
