Monsoon Session Day 6: हंगामे की भेंट चढ़ी संसद, 12 बजे तक स्थगित कार्यवाही
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का छठा दिन भी हंगामेदार रहा। विपक्ष के तीखे विरोध और विभिन्न मुद्दों पर लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। हालात को देखते हुए पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
आज का दिन विधायी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार परीक्षाओं में होने वाली धांधलियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' सदन में पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को लोकसभा में प्रस्तुत करेंगे और इसके पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेंगे।
पेपर लीक पर सख्ती की तैयारी
प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। बिल के अनुसार, दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनवाई पूरी करने की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है, ताकि परीक्षा माफिया और सॉल्वर गैंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विपक्ष के तेवर बरकरार
दूसरी ओर, विपक्ष नीट (NEET) पेपर लीक, प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसी कारण दोनों सदनों में एक बार फिर जोरदार हंगामे की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले पांच दिनों में भी लगातार विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त होता है या सत्र का छठा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ता है। इस बीच, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे। उनके पहुंचने पर भाजपा और एनडीए सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
