Himachal Weather Alert: कुल्लू में बारिश-बर्फबारी से हालात बिगड़े, भूस्खलन का खतरा; 13 सड़कें बंद, घर खाली
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी खराब मौसम के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और जिलेभर में कुल 13 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 216 ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं, जिसके कारण कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। भारी बारिश के चलते जगह-जगह मलबा गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो रही हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में भुंतर-मणिकर्ण मार्ग शामिल है, जहां जछनी के पास मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है। यहां दलदल जैसे हालात बनने से वाहन फंस रहे हैं और यात्रियों को जोखिम भरी परिस्थितियों में सफर करना पड़ रहा है। वहीं, मणिकर्ण-बरशैनी मार्ग भी घटीगढ़ के पास फिर से बाधित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में हालात और भी चिंताजनक बने हुए हैं, जहां मठ क्षेत्र से लगातार भूस्खलन हो रहा है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन 15 घरों को खाली करवा दिया है, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण जोखिम अभी भी बना हुआ है। पिछले वर्ष सितंबर 2025 में इसी क्षेत्र में हुए भूस्खलन में कई लोगों की जान गई थी, जिसके चलते स्थानीय लोगों में डर का माहौल गहरा गया है।
क्षेत्रवार स्थिति देखें तो बंजार और मनाली में दो-दो, कुल्लू में पांच और निरमंड क्षेत्र में चार सड़कें बंद हैं। एनएचसी चरण-तीन डैम साइट के पास सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है, जिससे दैनिक जीवन और अधिक कठिन हो गया है।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम की यह स्थिति फिलहाल राहत के संकेत नहीं दे रही है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
