कैमरे के सामने बेबाकी पड़ी भारी! सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो गिरफ्तार, मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में किया पेश
सरगुजा : सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो को आखिरकार कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार दोपहर पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद मेडिकल जांच कराई और फिर कोर्ट में पेश किया। गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले में सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है।
पीड़िता की निजता से जुड़ा मामला, 4 अक्टूबर को दर्ज हुई थी एफआईआर
मामला सोशल मीडिया पर बलात्कार पीड़िता की पहचान कथित तौर पर उजागर करने, उसकी निजता भंग करने और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने से जुड़ा है। कोतवाली पुलिस ने 4 अक्टूबर की रात आकांक्षा टोप्पो, अकील अहमद अंसारी समेत अन्य संबंधित सोशल मीडिया चैनल संचालकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 196(1), 352 और 353(2) के तहत अपराध दर्ज किया था। शहर के गंगापुर निवासी शैलेन्द्र शर्मा की शिकायत के मुताबिक आरोप है कि सोशल मीडिया से जुड़े लोगों ने पीड़िता की परिस्थिति का कथित रूप से अनुचित लाभ उठाते हुए उसकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक कर दी। शिकायत में अश्लील, आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने का भी आरोप लगाया गया है।
इंटरव्यू में पूछे गए आपत्तिजनक और अमर्यादित सवाल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पीड़िता का इंटरव्यू लेते समय उसके निजी अंगों से जुड़े आपत्तिजनक और अमर्यादित सवाल पूछे गए। इसके बाद संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया। शिकायत में कहा गया कि इस तरह की सामग्री से पीड़िता की निजता और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। आकांक्षा टोप्पो पर सोशल मीडिया के जरिए लगातार कथित तौर पर गाली-गलौज और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पूर्व में भाजपा नेता पर भी एफआईआर दर्ज
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। गौरतलब हैं कि आकांक्षा टोप्पो के अलावा भाजपा नेता रविंद्र तिवारी के खिलाफ भी बलात्कार पीड़िता के चरित्र पर कथित रूप से लांछन लगाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, 4 अक्टूबर को ही आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी। यानी एक ही विवाद से जुड़े मामलों में अब अलग-अलग पक्षों की शिकायत और पुलिस कार्रवाई सामने आ चुकी है।
