छत्तीसगढ़ में 9 नगरीय निकाय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, नाली सफाई और पानी की शिकायतों में लापरवाही पर कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं और शिकायतों को नजरअंदाज करना नगरीय निकायों के 9 अधिकारियों को भारी पड़ गया है। नाली सफाई, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने पर नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने सभी अधिकारियों से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर उनके खिलाफ एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के नगरीय निकायों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेना और निर्धारित समय-सीमा में उनका समाधान नहीं करना सरकारी कार्यप्रणाली के प्रति लापरवाही है। इससे शासन और विभाग की छवि भी जनता के बीच प्रभावित हो रही है।
प्रशिक्षण के बाद भी शिकायतों का नहीं हुआ निराकरण
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने अपने नोटिस में CM हेल्पलाइन योजना का उल्लेख करते हुए कहा है कि यह राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करना है।
इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों की प्रक्रिया, समय पर निराकरण और पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसके बावजूद शिकायतों के निराकरण में लापरवाही सामने आई। विभाग का मानना है कि जिम्मेदारियों की जानकारी और आवश्यक प्रशिक्षण मिलने के बाद भी शिकायतों का लंबित रहना गंभीर प्रशासनिक चूक है।
नाली सफाई और पेयजल आपूर्ति की शिकायतें बनीं कार्रवाई की वजह
कार्रवाई की प्रमुख वजह शहरों में नाली सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होना है। आम नागरिक इन समस्याओं को लेकर CM हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज करा रहे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने निर्धारित समय में उनका निराकरण नहीं किया।
CM हेल्पलाइन में शिकायतों के समाधान के लिए L-1 से L-4 तक की व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत सबसे पहले L-1 स्तर के अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह शिकायत का समाधान करे। यदि समस्या का निराकरण नहीं होता है तो शिकायत अगले स्तर पर भेजी जाती है।
इन मामलों में शिकायतें L-1 स्तर पर ही हल नहीं हो सकीं और L-2 तथा L-3 स्तर तक पहुंच गईं। संचालनालय ने इसे अधिकारियों की गंभीर लापरवाही मानते हुए जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की है।
रायपुर, बिलासपुर और भिलाई समेत 9 अधिकारियों को नोटिस
नगरीय प्रशासन संचालनालय की ओर से जारी नोटिस में अलग-अलग नगरीय निकायों में पदस्थ 9 अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें जोन कमिश्नर, प्रभारी कार्यपालन अभियंता, कार्यपालन अभियंता, उप अभियंता और सर्वेयर शामिल हैं।
नोटिस पाने वाले अधिकारियों में:
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हितेन्द्र यादव – जोन कमिश्नर, जोन क्रमांक-9, नगर निगम रायपुर।
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भूपेन्द्र उपाध्याय – जोन कमिश्नर, नगर निगम बिलासपुर।
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रंजना अग्रवाल – जोन कमिश्नर, नगर निगम बिलासपुर।
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बसंत जायसवाल – प्रभारी कार्यपालन अभियंता, नगर निगम चिरमिरी।
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धन्नूलाल देवांगन – प्रभारी कार्यपालन अभियंता, नगर निगम बीरगांव।
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आलोक पसीने – प्रभारी कार्यपालन अभियंता, नगर निगम भिलाई चरोदा।
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विनिता वर्मा – कार्यपालन अभियंता, नगर निगम दुर्ग।
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राहुल थवानी – उप अभियंता, नगर पालिका गोबरानवापारा।
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उमेश तिवारी – सर्वेयर, नगर निगम चिरमिरी।
7 दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो होगी कार्रवाई
संचालनालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 और संबंधित सेवा नियमों के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में विभाग बिना किसी अतिरिक्त सूचना के एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है।
आम जनता की शिकायतों पर अब बढ़ेगी जवाबदेही
इस कार्रवाई को नगरीय निकायों के अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है। नाली सफाई, पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी हैं। ऐसे में इनसे संबंधित शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखना जनता की परेशानी बढ़ाता है।
CM हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। नौ अधिकारियों को जारी नोटिस से यह संदेश दिया गया है कि सरकारी योजनाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। अब सभी की नजरें अधिकारियों के जवाब और विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
