कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी की 2008 वाली शिक्षक भर्ती का मामला राजभवन पहुंचा; सांसद तनुज पुनिया ने राज्यपाल से मांगी दोषियों पर कार्रवाई, पूर्व कुलपति सच्चिदानंद जोशी और सिलेक्शन कमेटी पर लटकी तलवार
8 अगस्त 2014 की पीएससी जांच रिपोर्ट का हवाला देकर बाराबंकी सांसद ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी
गलत तरीके से नौकरी पाने वालों को हटाने और काबिल उम्मीदवारों को इंसाफ दिलाने की मांग
रायपुर. छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में साल 2008 में हुई शिक्षकों की भर्ती का मामला फिर गरमा गया है। पुरानी भर्ती की यह फाइल अब राजभवन पहुंच गई है। बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने 13 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर इस भर्ती गड़बड़ी में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ ही पात्र उम्मीदवारों को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी निर्देश देने का अनुरोध किया है।

मामला 2008 का है। तब रायपुर के इस पत्रकारिता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर के पदों पर भर्तियां हुई थीं। आरोप लगा कि भर्ती में जमकर मनमानी चली और कायदे-कानूनों को ताक पर रख दिया गया। शिकायत जब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग पहुंची, तो प्रकरण संख्या 24/09 के तहत इसकी पूरी पड़ताल हुई। आयोग ने 8 अगस्त 2014 को अपनी जांच रिपोर्ट दी। सांसद तनुज पुनिया ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में इसी रिपोर्ट का जिक्र किया है।
तत्कालीन कुलपति और सिलेक्शन कमेटी पर कार्रवाई की सिफारिश
सांसद की पत्र के मुताबिक, लोक सेवा आयोग की जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि वर्ष 2008 में प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर की भर्ती के दौरान भारी गड़बड़ी, भाई-भतीजावाद और नियमों की अनदेखी हुई है। इसी आधार पर आयोग ने उस वक्त के कुलपति सच्चिदानंद जोशी और सिलेक्शन कमेटी के सदस्यों को जिम्मेदार माना था। रिपोर्ट में तत्कालीन कुलपति सच्चिदानंद जोशी और सिलेक्शन कमेटी के सदस्यों के खिलाफ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग अधिनियम, 2002 की धारा 11(1) के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की गई थी।
नंबरों की दोबारा जांच हो, अयोग्य शिक्षक पद से हटाए जाएं
तनुज पुनिया ने अपने पत्र में लिखा है कि आयोग ने उम्मीदवारों के शैक्षणिक नंबरों की दोबारा जांच करने और नियम तोड़कर चुने गए अयोग्य लोगों की नियुक्तियां रद्द करने की सिफारिश भी की थी। सांसद ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे मामले को संज्ञान में लें और आयोग की सिफारिशों के मुताबिक दोषियों पर कड़ी कानूनी तथा दंडात्मक कार्रवाई पक्की करवाएं। साथ ही, गलत तरीके से भर्ती किए गए शिक्षकों को नियम के हिसाब से पद से हटाने और काबिल उम्मीदवारों को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाएं।
