सरगुजा में शिक्षा के नाम पर क्रूरता! कक्षा-2 की बच्ची को 100 बार करवाया उठक-बैठक, मसल्स क्रैक
सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शिक्षा के नाम पर ऐसी क्रूरता हुई, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। डीएवी पब्लिक स्कूल, प्रतापगढ़ में दूसरी कक्षा की छात्रा को महज इसलिए 100 बार उठक-बैठक की सजा दी गई, क्योंकि वह टॉयलेट जाने लगी थी। महिला टीचर ने न सिर्फ डांटा, बल्कि दो डंडे भी मारे। अब बच्ची न चल पा रही है, न खड़ी हो पा रही है, उसके पैरों के मसल्स क्रैक हो चुके हैं और वह असहनीय दर्द में अस्पताल में भर्ती है। परिजनों ने इस बर्बरता की शिकायत एसपी से की है। पूरा मामला सीतापुर ब्लॉक का है।
दरअसल, छात्रा समृद्धि गुप्ता (08) DAV पब्लिक स्कूल प्रतापगढ़ में कक्षा दूसरी में पढ़ती है। BEO ने कहा कि, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, DEO का कहना है कि, कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिली तो मामले की जांच कराई जाएगी। पीड़ित छात्रा समृद्धि गुप्ता ने बताया कि, वह टॉयलेट जा रही थी। रास्ते में टीचर नम्रता गुप्ता मोबाइल चलाते हुए खड़ी थी। उसने समृद्धि से घूमने का कारण पूछा तो छात्रा ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही है। टीचर ने उसे दो डंडे मारे और क्लास में लाकर 100 बार उठक-बैठक कराई।
घटना के बाद समृद्धि के घुटनों के नीचे तेज़ दर्द शुरू हो गया। धीरे-धीरे उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि अब वह न तो चल पा रही है और न ही अपने पैरों पर खड़ी हो पा रही है। चिकित्सकों की जांच में सामने आया कि उसके पैरों के मसल्स क्रैक हो गए हैं। समृद्धि का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां वह लगातार दर्द से कराह रही है। समृद्धि के पिता, मनोज गुप्ता, अंबिकापुर में काम करते हैं, जबकि वह अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के साथ गुतुरमा में रहकर DAV पब्लिक स्कूल प्रतापगढ़ में पढ़ाई कर रही थी। मासूम बच्ची की यह हालत देखकर परिजनों की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
इस मामले में सरगुजा DEO दिनेश झा ने कहा कि उन्हें मामले को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है और न ही ऐसी कोई शिकायत आई है। शिकायत मिली तो मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, सीतापुर BEO इंदु तिर्की ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। आगामी दो दिनों में शिक्षा विभाग की टीम मामले की जांच करेगी। शिक्षिका दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
