बिलासपुर में लगेगा कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट, रोजाना 150 टन कचरे से बनेगी हरियाली की ऊर्जा
हर दिन बायोगैस, हर साल हजारों रोजगार — बिलासपुर को मिली नई ऊर्जा परियोजना
बिलासपुर/ बिलासपुर जिले के कछार गांव में कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना को लेकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), नगर निगम बिलासपुर और छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के बीच त्रिपक्षीय समझौता (MoU) हुआ है।
इस समझौते पर मुहर अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ की उपस्थिति में लगी। प्लांट के लिए नगर निगम ने कछार में 10 एकड़ जमीन रियायती दर पर बीपीसीएल को उपलब्ध कराई है।
रोजाना 150 मीट्रिक टन नगरीय ठोस कचरे से 5 से 10 मीट्रिक टन बायोगैस का उत्पादन होगा। इस संयंत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हर साल लगभग 30,000 मानव दिवस रोजगार मिलेगा। संयंत्र निर्माण के दौरान भी स्थानीय लोगों को काम मिलेगा।
इस प्लांट से उत्पादित जैविक खाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और शहर नेट जीरो उत्सर्जन की दिशा में आगे बढ़ेगा। संयंत्र के पूरी क्षमता से संचालन और बिक्री से हर साल लगभग 1 करोड़ रुपये का जीएसटी भी प्राप्त होगा।
इसके अतिरिक्त बीपीसीएल और नगर निगम ने कोनी बस डिपो के पास एक इंटीग्रेटेड एनर्जी यूनिट स्थापित करने पर सहमति जताई है, जिसमें बायोगैस से चलने वाले वाहनों की रिफिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की सुविधा होगी।
17 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में बिलासपुर सहित राज्य के 5 नगर निगमों में ऐसे संयंत्रों की स्थापना हेतु एमओयू हुआ था।
समझौते के दौरान कलेक्टोरेट सभागार में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
