CG Crime News: विवाहिता की शिकायत पर कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज, दुष्कर्म और परिवार को धमकाने के आरोप; तलाश में जुटी पुलिस
आरंग/रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में कांग्रेस से जुड़े एक स्थानीय नेता के खिलाफ गंभीर आरोपों के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र की एक महिला ने उपेंद्र भारती पर लंबे समय तक जबरन शारीरिक संबंध बनाने और विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, मामला आरंग क्षेत्र के ग्राम बकतरा से जुड़ा है। शिकायत सामने आने के बाद जांच टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
महिला ने लगाए लंबे समय तक शोषण के आरोप
शिकायत के अनुसार, महिला का पति मजदूरी के सिलसिले में अक्सर जिले से बाहर रहता है। महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उपेंद्र भारती कथित रूप से देर रात उसके घर पहुंचता था और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता था। पीड़िता का यह भी कहना है कि विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। महिला के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम का उसके पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
बच्चों को अपनाने से इनकार करने का भी दावा
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि कथित संबंधों से बच्चे हुए, लेकिन अब आरोपी उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि आरोपी उसे डराने के लिए गांव की दूसरी महिलाओं का जिक्र करता था और शिकायत करने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी देता था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
BNS की धाराओं में FIR, आरोपी की तलाश जारी
मंदिर हसौद पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2), 115(2) और 351(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाश में उसके निवास सहित संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिला। जांच टीम शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
पीड़िता की सुरक्षा भी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पीड़िता की सुरक्षा और शिकायत में सामने आए अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। एफआईआर दर्ज होना या आरोपी की तलाश किया जाना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
