19 साल तक बिलासपुर में जमाए रखा डेरा, NTPC में करता रहा काम, फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रहा बांग्लादेशी STF के हत्थे चढ़ा
बिलासपुर : 19 साल से बिलासपुर में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुरुवार तड़के गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अतीक हुसैन (42) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था और वर्ष 2007 से बिलासपुर में रह रहा था। यहां उसने भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवा रखे थे। पूछताछ में उसने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाना स्वीकार किया है। पुलिस अब उसके खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ की टीम ने गुरुवार सुबह करीब 5 बजे सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। वह यहां किराये के मकान में छिपकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूर्व में बंगालीपारा गली नंबर-3 में भी रह चुका है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी और पतासाजी की जा रही थी।
रायपुर होल्डिंग सेंटर से भागने के बाद चल रही थी तलाश
करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई थी। इसी दौरान अतीक हुसैन को भी रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था, लेकिन वह वहां से भाग गया था। इसके बाद से एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी। इस बीच निरीक्षक संजय शिंदे को सूचना मिली कि आरोपी सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने उसके आने-जाने और रहने के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। लगातार रेकी के बाद गुरुवार तड़के सूर्या विहार कॉलोनी स्थित मकान में दबिश दी गई और उसे पकड़ लिया गया।
2005 में बांग्लादेश से आया और एनटीपीसी में शुरू किया काम

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अतीक हुसैन ने बताया कि वह बांग्लादेश के ढाका राज्य के नारायणगंज जिले के नाईखोने गांव का मूल निवासी है। उसने बताया कि वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था। शुरुआत में वर्ष 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहा। इसके बाद बिलासपुर आ गया। यहां उसने सीपत स्थित एनटीपीसी में बीईसीओ लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लिफ्ट मेंटेनेंस का काम शुरू किया। वह पिछले 19 वर्षो से इसी काम से जुड़ा हुआ था।
पासपोर्ट से लेकर जाति प्रमाण पत्र तक मिले फर्जी दस्तावेज

पुलिस टीम को आरोपी के किराये के मकान में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इनमें भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। अब इन दस्तावेजों की जांच और आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
डिपोर्टेशन तक रहेगा रायपुर होल्डिंग सेंटर में
एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और एसटीएफ की नोडल अधिकारी एएसपी रश्मीत कौर चावला के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम में निरीक्षक संजय शिंदे, जिला विशेष शाखा के उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक कमल साहू और आरक्षक अभिषेक यादव शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी को डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। साथ ही भारत में स्थित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना दी जा रही है।
संदिग्धों की सूचना देने टोल फ्री नंबर जारी
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों अथवा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है। पुलिस ने कहा है कि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है। अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत व्यक्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
