CG Education News: चुनावी जिम्मेदारी के बीच स्कूलों की पढ़ाई पर सवाल, SIR ड्यूटी से बढ़ी शिक्षकों की मुश्किलें
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का नियमित संचालन बनाए रखना अब एक बड़ी चुनौती बन सकता है। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के लिए शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद शैक्षणिक गतिविधियों पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। पहले से ही कई विद्यालयों में शिक्षकों की सीमित उपलब्धता के बीच अतिरिक्त प्रशासनिक काम विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
कक्षा की जिम्मेदारी के साथ मतदाता सूची का काम
SIR अभियान के अंतर्गत नियुक्त BLO को मतदाता सूची से संबंधित निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। इस दौरान जानकारी का सत्यापन करने और चुनावी कार्यों के लिए समय निकालना शिक्षकों के नियमित कामकाज को प्रभावित कर सकता है।अभियान लगभग एक महीने तक चलने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिक्षकों को स्कूल की जिम्मेदारियों और चुनाव संबंधी कामों के बीच तालमेल कैसे बैठाना होगा। यदि अतिरिक्त कार्यभार के कारण कक्षाओं के लिए समय कम पड़ता है, तो पढ़ाई की नियमितता बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
कम शिक्षकों वाले विद्यालयों में बढ़ सकती है परेशानीन
प्रदेश के कई स्कूलों में सीमित स्टाफ के सहारे विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। कहीं एक या दो शिक्षकों को ही अलग-अलग कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। ऐसी परिस्थितियों में किसी शिक्षक की अतिरिक्त ड्यूटी लगने से पढ़ाई का पूरा कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसका असर केवल कक्षा संचालन तक सीमित नहीं रह सकता। विद्यार्थियों को विषय समझने, सवालों का अभ्यास करने और शिक्षकों से अपनी शंकाओं का समाधान पाने के लिए भी पर्याप्त समय चाहिए। नियमित पढ़ाई में व्यवधान आने पर इन गतिविधियों के लिए समय निकालना कठिन हो सकता है।
छमाही परीक्षा से पहले समय की अहमियत
स्कूलों में 1 दिसंबर से छमाही परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। परीक्षा से पहले शिक्षकों के सामने पाठ्यक्रम पूरा कराने, जरूरी अध्यायों का दोहराव कराने और विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत करने की जिम्मेदारी है। इसी समय SIR से जुड़ा अतिरिक्त काम सामने आने पर शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई पूरी कराने को लेकर चिंता बढ़ सकती है। विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन मिलना जरूरी है, इसलिए इस अवधि में शिक्षकों के समय का प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है।
प्रशासनिक काम और शिक्षा के बीच तालमेल जरूरी
मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन स्कूलों में पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना भी जरूरी है। ऐसे में संबंधित विभागों के सामने चुनौती होगी कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां पूरी होने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो। अब देखना होगा कि SIR अभियान के दौरान विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन सुचारु रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। छमाही परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षकों की उपलब्धता और पाठ्यक्रम पूरा कराने की स्थिति आने वाले दिनों में अहम मुद्दा बनी रह सकती है।
