छत्तीसगढ़ में तबादले के बाद भी 19 तहसीलदारों ने नहीं की ज्वाइनिंग, सरकार के आदेश की अनदेखी, निलंबन तक का प्रावधान
छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के तबादला आदेश के पालन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। सरकार ने करीब दो महीने पहले 57 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले किए थे, लेकिन अब तक 19 अधिकारियों ने नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं की है। बताया जा रहा है कि इनमें ज्यादातर अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें दूरस्थ और अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है। वहीं रायपुर और दुर्ग जैसे जिलों में तबादला पाने वाले अधिकारियों ने नई जगह पर तत्काल कार्यभार संभाल लिया है।
तबादला आदेश के बावजूद अधिकारियों की ज्वाइनिंग नहीं होने से राजस्व विभाग में हलचल मच गई है। अब शासन के निर्देशों के पालन और संबंधित अधिकारियों पर संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
57 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का हुआ था तबादला
जानकारी के मुताबिक, राजस्व विभाग ने 9 सितंबर को प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए प्रदेश के 57 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले किए थे। आदेश में सभी अधिकारियों को पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त होकर नई जगह तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, करीब दो महीने बीतने के बाद भी 19 अधिकारी नई पदस्थापना पर नहीं पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इनमें अधिकांश अधिकारियों को दूरस्थ और अनुसूचित जिलों में भेजा गया है। दूसरी ओर, रायपुर और दुर्ग में पदस्थ किए गए अधिकारियों ने जल्द ही ज्वाइनिंग कर ली।
दूरस्थ जिलों में पोस्टिंग से ज्वाइनिंग में देरी?
तबादला सूची में कई अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है, जहां भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियां अलग हैं। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारी दूरस्थ और अनुसूचित क्षेत्रों में पोस्टिंग मिलने के कारण नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने में देरी कर रहे हैं।
वहीं कुछ अधिकारियों ने तबादला आदेश के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कुछ अधिकारी मौजूदा जिले में काम की अधिकता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर अभी तक कार्यमुक्त नहीं हुए हैं।
ज्वाइनिंग नहीं करने पर निलंबन तक की कार्रवाई का प्रावधान
इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के 25 नवंबर 2024 को जारी दिशा-निर्देश भी चर्चा में हैं। इन निर्देशों के अनुसार, तबादला आदेश जारी होने के 10 दिनों के भीतर अधिकारी-कर्मचारी को पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त किया जाना जरूरी है।
यदि संबंधित कार्यालय निर्धारित समय में अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं करता है, तो सक्षम अधिकारी एकतरफा कार्यमुक्त करने की कार्रवाई कर सकता है।
वहीं नई पदस्थापना पर सात दिनों के भीतर ज्वाइनिंग नहीं करने की स्थिति में निलंबन तक की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की अवधि को सेवा में शामिल नहीं किए जाने का भी नियम है।
मेडिकल छुट्टी लेकर ज्वाइनिंग टालने पर भी सख्ती
GAD के दिशा-निर्देशों में तबादले के बाद मेडिकल छुट्टी और नई जगह ज्वाइनिंग को लेकर भी प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
- पुरानी पदस्थापना से 10 दिनों के भीतर कार्यमुक्त करना होगा।
- नई जगह सात दिनों के भीतर ज्वाइनिंग करनी होगी।
- सात दिनों से अधिक मेडिकल छुट्टी लेने पर मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना पड़ सकता है।
- तबादले के बाद छुट्टी की मंजूरी नई पदस्थापना वाले कार्यालय से लेनी होगी।
- मुख्यालय बदलने पर अधिकतम एक सप्ताह का ज्वाइनिंग समय दिया जा सकता है।
राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है असर
तहसीलदार और नायब तहसीलदार राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जमीन का नामांतरण, सीमांकन, राजस्व विवाद, भूमि रिकॉर्ड में सुधार और अन्य प्रशासनिक कार्यों में इनकी अहम भूमिका रहती है।
ऐसे में जिन जिलों में पहले से अधिकारियों की कमी है, वहां नई पदस्थापना वाले अधिकारियों के ज्वाइन नहीं करने से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम नागरिकों के राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण पर भी पड़ सकता है।
अब राजस्व विभाग की कार्रवाई पर नजर
करीब दो महीने बाद भी 19 अधिकारियों की ज्वाइनिंग नहीं होने से तबादला आदेश के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन इन अधिकारियों को नई पदस्थापना पर भेजने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या नियमों के तहत एकतरफा कार्यमुक्ति या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की ज्वाइनिंग का मामला चर्चा में है।
