इधर ACB कार्यालय में घुसी, उधर बाबू के घर के पिछले दरवाजे से थैला लेकर फरार हुए संदिग्ध; वायरल वीडियो से हड़कंप
बिलासपुर। नगर निगम में एक सप्ताह पहले हुए घूसकांड मामले में अब नया मोड़ आ गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम जिस दिन नगर निगम में कार्यवाही कर रही थी, ठीक उसी वक्त बाबू के घर पर भी संदिग्ध गतिविधियां देखी गई है। जो सीसी टीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है उसमें बाबू के घर के पिछले दरवाजे से कुछ लोग बड़ा थैला लेकर भागते दिखाई दे रहे है। ।
बता दें कि संपदा शाखा के बाबू लक्ष्मीकांत कोका को ACB ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था पकड़े जाने के सात दिन बाद यह फुटेज सामने आया है। कार्रवाई के दौरान कोका के यदुनंदन नगर स्थित निवास से कुछ लोग पीछे वाले दरवाजे से थैला लेकर भागते नजर आ रहे हैं। सवाल ये है कि उस थैले में आखिर ऐसा क्या था जिसे ACB की नजरों से बचाने की इतनी जल्दी थी? सूत्रों का कहना है कि थैले में संपदा शाखा के गोपनीय दस्तावेज और मोटी रकम हो सकती है।
पिछले शुक्रवार को निगम मुख्यालय में सामान्य सभा चल रही थी। सारे जनप्रतिनिधि और बड़े अधिकारी सदन में मौजूद थे। तभी राजकिशोर नगर के अजीत शुक्ला की शिकायत पर ACB ने कार्यवाही की। अजीत शुक्ला ने मकान रिन्यूअल के काम के लिए घूस मांगे जाने की शिकायत की थी। टीम ने केमिकल लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को कोका के पास भेजा। जैसे ही लक्ष्मीकांत ने पैसे हाथ में लिए, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
अब वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बाबू के घर के पिछले दरवाजे से कुछ चेहरे हड़बड़ाते हुए भाग रहे हैं। ये निगम के कर्मचारी हैं या बाहर के दलाल? यह पता लगाना अब जांच टीम का अगला कदम होगा। वीडियो सामने आने के बाद शक और गहरा गया है कि घूसखोरी का जाल सिर्फ एक बाबू तक सीमित नहीं था। जैसे ही दबिश की भनक लगी, वैसे ही सुबूत मिटाने की साजिश रच दी गई।
जांच एजेंसी अब सतर्क हो गई है। वायरल फुटेज की सच्चाई परखने के लिए निगम सहित बाबू के निवास के आसपास के बाकी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। अगर कैमरों का मिलान हो जाता है तो भागने वालों के साथ-साथ उन अफसरों पर भी गाज गिर सकती है, जिनके इशारे पर यह गोलमाल चल रहा था। आने वाले दिनों में जांच की आंच कई सफेदपोश चेहरों तक पहुंचने की आशंका है।
निगम के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि कई बाबू अभी से छुट्टी पर जाने की फिराक में हैं। कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। अगर मामले की गंभीरता से जांच होती है तो कई सफेदपोश पकड़े जा सकते हैं। वही इस मामले को दबाने के लिए बड़े स्तर पर जोरआजमाइश भी शुरू हो गई है।
