साइबर ठगों की रकम खपाने का खेल बेनकाब, म्यूल बैंक खाते का मालिक गिरफ्तार
बिलासपुर : साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर खपाने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध म्यूल बैंक खाते का खुलासा करते हुए एसीसीयू बिलासपुर और चौकी मल्हार पुलिस की संयुक्त टीम ने खाताधारक को गिरफ्तार किया है। संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध ऑनलाइन माध्यम से पांच साइबर शिकायतें दर्ज मिली थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर पेश किया है।
पांच साइबर शिकायतों से खुला संदिग्ध बैंक खाते का राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर से प्राप्त निर्देशों के तहत संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एसीसीयू बिलासपुर और थाना मस्तूरी अंतर्गत चौकी मल्हार पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय (जेएमआईएस) के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के संदिग्ध बैंक खाते क्रमांक ****418740 की जानकारी जुटाई गई। पोर्टल की जांच में सामने आया कि उक्त खाते के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित पांच ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। इसके बाद पुलिस ने खाते के लेन-देन और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की।
यूपीआई और एटीएम से किया जा रहा था रकम का लेन-देन
बैंक खाते के स्टेटमेंट की जांच में पता चला कि खाते में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों की रकम के अलावा अन्य राशि भी जमा हुई थी। खाते से यूपीआई और एटीएम के माध्यम से रकम का हस्तांतरण एवं आहरण किए जाने की जानकारी भी सामने आई। जांच में संदिग्ध खाते का संबंध बलवान घृतलहरे, पिता शत्रुहन घृतलहरे (उम्र 31 वर्ष), निवासी स्कूल पारा, परसाडीह, वार्ड क्रमांक 04, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, छत्तीसगढ़ से पाया गया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और हस्तांतरण में किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। मामले में अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
संदिग्ध बैंक खाते और उससे संबंधित साइबर शिकायतों की जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी बलवान घृतलहरे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61, 317(5) और 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के विरुद्ध आरोपों से संबंधित साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया। पुलिस अब खाते में जमा और हस्तांतरित हुई राशि, संबंधित लेन-देन तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच कर रही है। इस कार्रवाई में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, उपनिरीक्षक अवधेश सिंह, चौकी प्रभारी मल्हार तथा आरक्षक सतीश भारद्वाज और रमेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
बिलासपुर पुलिस की अपील: अपना बैंक खाता किसी और के इस्तेमाल के लिए न दें
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई और बैंकिंग संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में रकम जमा कराने, दूसरे के पैसे अपने खाते से ट्रांसफर करने या कमीशन के लालच में बैंक खाते का इस्तेमाल कराने से बचें। ऐसा करना साइबर अपराधियों को ठगी की रकम छिपाने और हस्तांतरित करने में मददगार हो सकता है तथा खाताधारक को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
