राहुल गांधी को विजय शर्मा की खुली चुनौती, नक्सलवाद पर सार्वजनिक बहस के लिए ललकारा; बोले- क्या चुनौती स्वीकार करने का साहस है?
रायपुर। देश और प्रदेश की राजनीति में इन दिनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। एक ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी ताकतों से कथित कनेक्शन और देशद्रोह के आरोपों को लेकर सार्वजनिक मंच पर बहस करने की चुनौती दी है। वहीं, राहुल गांधी की इस चुनौती के 24 घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली बहस के लिए ललकार दिया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा है कि वह नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी भी जगह, किसी भी प्लेटफॉर्म और किसी भी समय सार्वजनिक बहस करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वह इस चुनौती को स्वीकार करने का साहस दिखाएंगे?
नक्सलवाद के मुद्दे पर विजय शर्मा ने राहुल गांधी को घेरा
विजय शर्मा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता नक्सलियों को अपना हीरो बताते हैं। उन्होंने झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इसी हमले में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की हत्या कर दी गई थी।

उप मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब नक्सली हमले में कांग्रेस के ही नेताओं की जान गई थी, तब नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है? उन्होंने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखने की चुनौती दी।
विजय शर्मा का कहना है कि नक्सलवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे में इस विषय पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रूप से अपनी बात रखनी चाहिए।
राहुल गांधी की चुनौती के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। इस चुनौती में उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों और देशद्रोह जैसे आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री से सीधे सवाल-जवाब करने की बात कही थी।
राहुल गांधी की इस चुनौती के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बहस का नया मुद्दा सामने आ गया है। विजय शर्मा ने नक्सलवाद को लेकर राहुल गांधी को घेरते हुए उन्हें सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने चर्चा करने का न्योता दिया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नेताओं के बीच इस तरह की खुली बहस की चुनौतियां आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती हैं। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में नक्सलवाद का मुद्दा लंबे समय से राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र में रहा है।
क्या राहुल गांधी स्वीकार करेंगे विजय शर्मा की चुनौती
विजय शर्मा की चुनौती के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी नक्सलवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार होंगे? क्या कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी?
फिलहाल, विजय शर्मा ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी जगह और किसी भी समय बहस के लिए तैयार हैं। अब देखना होगा कि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में राहुल गांधी और विजय शर्मा के बीच संभावित बहस की यह चुनौती आने वाले दिनों में सियासी चर्चा का बड़ा विषय बन सकती है।
