छत्तीसगढ़ के हजारों NHM संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद, मेडिकल लीव से वेतन वृद्धि तक कई मांगों पर बनी सहमति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे एनएचएम कर्मचारियों को अब बड़ी उम्मीद जगी है। 3 नवंबर 2026 को राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति (EC) की बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा हुई और सहमति बनी। इन प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों की लंबित मांगों के पूरा होने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के लगातार प्रयासों के बाद आयोजित इस बैठक में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, चिकित्सा अवकाश, वेतन वृद्धि और भविष्य निधि जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर चर्चा की गई। बैठक में लिए गए सकारात्मक निर्णयों से प्रदेशभर में कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
सवैतनिक मेडिकल लीव और नई मानव संसाधन नीति पर सहमति
बैठक में एनएचएम कर्मचारियों को सवैतनिक चिकित्सकीय अवकाश (Paid Medical Leave) देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। अब तक चिकित्सा अवकाश से जुड़ी सुविधाओं को लेकर कर्मचारियों के बीच लंबे समय से मांग उठती रही है। ऐसे में इस प्रस्ताव को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही नई मानव संसाधन नीति 2026 (HR Policy 2026) लागू करने पर भी सहमति बनी है। इस नीति के लागू होने से एनएचएम कर्मचारियों की सेवा संबंधी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और स्पष्ट बनाने की उम्मीद है।
बैठक में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम 2013 को एनएचएम की मानव संसाधन नीति में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक सहमति बनी। इससे कर्मचारियों को चिकित्सा परिचर्या से संबंधित नियमों और सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
मूल्यांकन के आधार पर वेतन वृद्धि का मिलेगा लाभ
एनएचएम कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव वार्षिक कार्य आधारित मूल्यांकन से जुड़ा रहा। बैठक में ऐसे कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ देने पर सहमति बनी, जिन्हें वार्षिक कार्य मूल्यांकन के आधार पर सेवा वृद्धि मिलती है। यह लाभ आरओपी (Record of Proceedings) के अनुसार दिए जाने का प्रस्ताव स्वीकार किया गया।
इसके अलावा 1 जुलाई 2023 से पहले नियुक्त हुए उन कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित हैं। बैठक में ऐसे कर्मचारियों को एरियर्स (बकाया राशि) सहित 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का लाभ देने पर सहमति बनी है। इससे लंबे समय से अपने बकाया लाभ की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
EPF को लेकर भी लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए। इसमें ईपीएफ के सदस्य कर्मचारियों के खातों में भविष्य निधि की नियमित कटौती सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
साथ ही ऐसे कर्मचारियों को भी ईपीएफ की सुविधा से जोड़ने पर विचार किया गया, जिनका मासिक मानदेय 25 हजार रुपये से अधिक है, लेकिन वे अभी तक ईपीएफ के सदस्य नहीं बने हैं। इस पहल से पात्र कर्मचारियों को भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारी संघ ने सरकार का जताया आभार
बैठक में बनी सहमति को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे, प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पुरन दास और डॉ. आलोक दुबे ने इसे कर्मचारियों की एकजुटता और सरकार की सकारात्मक पहल का परिणाम बताया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में इन कर्मचारियों का योगदान बेहद अहम है। ऐसे में उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति बनना उत्साहजनक कदम है।
संघ ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी है, उनके संबंध में जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाएंगे और कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
कुल मिलाकर 3 नवंबर की बैठक एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। हालांकि, इन प्रस्तावों का वास्तविक लाभ कर्मचारियों को संबंधित आदेश जारी होने और उनके क्रियान्वयन के बाद ही मिल सकेगा।
