CG Weather Update: बस्तर में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, इंद्रावती उफान पर; सड़क से रेल तक प्रभावित हुआ संपर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से बने मौसम सिस्टम का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। बस्तर संभाग में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और कुछ मार्गों पर आवाजाही रोकनी पड़ी है। इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बारिश का असर सिर्फ सड़क परिवहन तक सीमित नहीं है। बस्तर में बारिश और भूस्खलन के कारण 25 सितंबर को यात्री रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। किरंदुल-पैसेंजर और किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को कोरापुट से वापस लौटाने का फैसला लिया गया है।
जगदलपुर में जगह-जगह जलभराव, निचले इलाकों पर नजर
जगदलपुर में लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। निचले क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। शहर से बाहर निकलने वाले कुछ प्रमुख रास्तों पर भी बारिश का असर पड़ा है।
डिमरापाल क्षेत्र के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी भरने के कारण आवागमन बाधित होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए SDRF तथा स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय किया गया है। प्रशासन नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
इंद्रावती के बढ़ते पानी ने बढ़ाई चिंता
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर इंद्रावती नदी पर नजर आ रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। बस्तर में पहले से जारी बारिश के बीच ओडिशा की ओर से आने वाले पानी ने भी नदी के जलस्तर को प्रभावित किया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
कांकेर में उफनते नदी-नालों ने रोके रास्ते
कांकेर जिले में भी लगातार बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नालों में पानी तेजी से बढ़ा है। कुछ मार्गों पर पानी आने के बाद आवाजाही रोकनी पड़ी है। पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर लोगों को पानी के तेज बहाव के बीच सड़क पार नहीं करने की चेतावनी दी है। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसे रास्तों पर है, जहां पुल-पुलियों या नालों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बन रही है।
बालोद में आज स्कूल बंद, परीक्षाओं का कार्यक्रम बदला
बारिश को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। 25 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षाओं को अब 28 सितंबर को उसी निर्धारित समय पर आयोजित करने की जानकारी दी गई है। जिले के कई हिस्सों में जलनिकासी भी बारिश के कारण प्रभावित हुई है और छोटे नाले उफान पर हैं।
धमतरी में बांधों का जलस्तर बढ़ा
धमतरी जिले में भी लगातार बारिश के चलते जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। गंगरेल समेत अन्य जलाशयों के जलस्तर पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग नजर बनाए हुए हैं। महानदी और उसके आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। लगातार बारिश के कारण जिले के कुछ नदी-नालों में तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की सूचनाओं के बीच प्रशासन संवेदनशील मार्गों की निगरानी कर रहा है।
दुर्ग में अंडरब्रिज बने परेशानी की वजह
दक्षिण छत्तीसगढ़ के साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। दुर्ग में लगातार वर्षा के कारण सुपेला और दक्षिण गंगोत्री क्षेत्र के अंडरब्रिज में पानी भर गया। इससे इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन रास्तों का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं, इसलिए जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
सड़क के साथ रेल और हवाई सेवा पर भी असर
बस्तर में मौसम की स्थिति का असर परिवहन के कई माध्यमों पर पड़ा है। बारिश और भूस्खलन के कारण रेलवे ट्रैक प्रभावित होने से यात्री ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा जगदलपुर-हैदराबाद हवाई सेवा भी मौसम की वजह से प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने नदी किनारे, निचले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल, सबसे ज्यादा चिंता दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और उससे प्रभावित हो रहे संपर्क मार्गों को लेकर है।
