CG High Court Order: आत्मानंद स्कूलों में अब LKG की पढ़ाई, हाईकोर्ट ने सभी जिलों में तत्काल कक्षाएं शुरू करने के दिए निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। बेमेतरा जिले के साजा तहसील के सुदर्शन लोढ़ी समेत 12 पालकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी जिलों में LKG कक्षाएं शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत ने विशेष रूप से बेमेतरा जिले में इस व्यवस्था को तत्काल लागू करने को कहा है, ताकि बच्चों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में प्रवेश और पढ़ाई से वंचित न होना पड़े।
जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार और संबंधित विभागीय अधिकारियों को LKG संचालन के लिए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद अधिकतम चार सप्ताह के भीतर आवश्यक संसाधन, बुनियादी सुविधाएं और प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए।
बेमेतरा के बच्चों को दूसरे जिलों के समान अवसर
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत के समक्ष यह मुद्दा रखा गया था कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्री-प्राइमरी स्तर की शिक्षा को लेकर जिलों के बीच समान व्यवस्था नहीं होने से कुछ बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना शुरू की है, तो उसके लाभ का दायरा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं किया जा सकता। बेमेतरा के बच्चों को भी प्रदेश के अन्य जिलों में रहने वाले विद्यार्थियों के समान शैक्षणिक अवसर मिलना चाहिए।
चार सप्ताह में पूरी करनी होगी तैयारी
अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को सिर्फ LKG कक्षाएं शुरू करने का निर्देश ही नहीं दिया, बल्कि इसके लिए जरूरी तैयारियों की समयसीमा भी तय की है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार स्कूलों में LKG के संचालन के लिए कक्षाएं, आवश्यक आधारभूत ढांचा और प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया चार सप्ताह के भीतर पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा में जिले के आधार पर अंतर पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा के अवसरों में क्षेत्रीय असमानता को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि बुनियादी शिक्षा जैसे विषय में केवल जिले या क्षेत्र के आधार पर बच्चों को अलग-अलग सुविधाएं मिलना उचित नहीं है। अदालत के मुताबिक, जब सरकार किसी कल्याणकारी शैक्षणिक योजना को पूरे राज्य में लागू करने की नीति बनाती है, तो उसके क्रियान्वयन में भी समानता और गैर-भेदभाव का सिद्धांत दिखाई देना चाहिए।
अनुच्छेद 14 और 21 का भी दिया हवाला
हाईकोर्ट ने शिक्षा के समान अवसर को संविधान में मिले अधिकारों से जोड़ते हुए अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के अवसरों में समानता मिलना संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, शिक्षा संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची की प्रविष्टि 25 में शामिल होने का उल्लेख करते हुए अदालत ने सार्वजनिक शिक्षा तक समान और गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी की ओर भी ध्यान दिलाया।
आदेश के बाद अब स्कूलों में LKG शुरू करने की तैयारी
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी जिलों में आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में LKG संचालन की व्यवस्था पर काम करना होगा। बेमेतरा जिले को लेकर कोर्ट ने विशेष रूप से तत्काल कदम उठाने को कहा है। अब संबंधित विभाग के सामने तय समयसीमा के भीतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कक्षाओं और प्रवेश प्रक्रिया की व्यवस्था पूरी करने की चुनौती है, ताकि छोटे बच्चों को इसी शैक्षणिक सत्र से प्री-प्राइमरी अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का लाभ मिल सके।
