CG Coal Levy Scam: कोल लेवी केस में EOW की बड़ी कार्रवाई, 9500 पन्नों का छठा पूरक चालान पेश; 12 नए आरोपी नामजद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में मामले से जुड़ा छठा पूरक चालान पेश किया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह चालान करीब 9500 पन्नों का है और इसमें 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पूरक चालान में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। इससे पहले 3 अक्टूबर को विशेष अदालत ने देवेंद्र यादव समेत कुछ आरोपियों को पेशी के लिए समन जारी किया था।
12 लोगों के खिलाफ पेश किया गया पूरक चालान
EOW की ओर से पेश किए गए इस पूरक चालान में जिन 12 लोगों को आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है, उनमें देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय, पीयूष साहू, आरपी सिंह, जोगेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा, जेपी मौर्या, दीपेश टांक, रामगोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह और सुनील अग्रवाल के नाम शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चालान फिलहाल पेन ड्राइव के माध्यम से भी अदालत में प्रस्तुत किया गया है। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया है कि दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन किए जाने के बाद ही इसमें शामिल साक्ष्यों और गवाहों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
2020 से 2022 के बीच अवैध वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित कोल लेवी सिंडिकेट का मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी कथित अवैध वसूली से संबंधित है।आरोप है कि ऑनलाइन परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से अतिरिक्त रकम वसूले जाने का तंत्र तैयार हुआ। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में कोयला परिवहन और परमिट से जुड़ी प्रक्रिया का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध रकम जुटाने के लिए किया गया।मीडिया रिपोर्टों में जांच एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि वसूली का यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर संचालित होने का आरोप है।
500 करोड़ से ज्यादा की रकम का मामला
कोल लेवी प्रकरण में जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर करीब 500 से 570 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन/वसूली से जुड़े मामले की जांच की है। विभिन्न जांच रिपोर्टों में इस रकम और इसके वितरण को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। इसलिए अंतिम वित्तीय आंकड़ा अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित अवैध वसूली की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने, चुनावी गतिविधियों और अन्य खर्चों में किया गया। मामले में पहले से ही कई अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा चुकी है।
पहले भी पेश हो चुके हैं कई चालान
कोल लेवी मामले में EOW की जांच लंबे समय से जारी है। इससे पहले भी एजेंसी अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ चालान और पूरक चालान अदालत में पेश कर चुकी है। अब छठे पूरक चालान के जरिए जांच के दायरे में 12 और नाम सामने आए हैं। हालिया कार्रवाई के बाद मामले में आरोपियों की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की सुनवाई में आरोपों की स्थिति तय होगी।
देवेंद्र यादव समेत आरोपियों की कोर्ट में पेशी
इस मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत कई आरोपियों को विशेष अदालत में उपस्थित होने के लिए पहले ही समन जारी किया जा चुका था। 5 अक्टूबर को मामले में आरोपियों की पेशी की भी जानकारी सामने आई है। फिलहाल, EOW द्वारा पेश किए गए नए दस्तावेज मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया में अहम होंगे। यह ध्यान रखना जरूरी है कि चार्जशीट में आरोपी बनाए जाना दोष सिद्ध होना नहीं है। आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा।
