धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़, फेसबुक में पोस्ट कर मचा रहा था बवाल, मोबाइल और सिम सहित आरोपी गिरफ्तार
जशपुर : सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में जशपुर जिले की कुनकुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी हेमंत कुमार बेदी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर फेसबुक के माध्यम से हिंदू धर्मग्रंथों, देवी-देवताओं और ऋषियों के संबंध में अशोभनीय टिप्पणियां करने का आरोप है। मामले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
फेसबुक में आपत्तिजनक पोस्ट, मामला पहुंचा थाने
17 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह (54) ने थाना कुनकुरी में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस को उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को फेसबुक पर हेमंत बेदी नामक व्यक्ति के अकाउंट से एक पोस्ट देखी, जिसमें हिंदू धर्मग्रंथों, देवी-देवताओं और ऋषियों के संबंध में आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियां की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस पोस्ट से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई और लोगों में आक्रोश की स्थिति निर्मित हुई। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
अपराध दर्ज कर पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत के आधार पर कुनकुरी पुलिस ने आरोपी हेमंत कुमार बेदी के खिलाफ बीएनएस की धारा 199 एवं 299 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी, टीम ने पकड़ा
जांच के दौरान आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस पहुंचाने के लिए पुलिस टीम उसके पास पहुंची। टीम को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट से हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किया है। मामले में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर 17 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार गंभीर विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने या समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किए जाने पर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
