ईयरफोन में खोया रहा, नहीं सुन पाया मौत का हॉर्न, 13 साल के अमन की मौत से घर में पसरा मातम
कांकेर : गांव में मोबाइल नेटवर्क की कमजोर सिग्नल से बचने और बेहतर नेटवर्क पाने की चाह एक 13 वर्षीय किशोर की जिंदगी पर भारी पड़ गई। मोबाइल चलाने के लिए घर से करीब आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे पांच नाबालिग दोस्तों में से एक की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चार दोस्त ट्रेन का हॉर्न सुनते ही ट्रैक से हटकर भाग निकले, लेकिन कान में ईयरफोन लगाए मोबाइल देखने में लीन अमन कुलदीप को शायद खतरे का अहसास ही नहीं हुआ। देखते ही देखते खुशियों वाले गांव में मातम पसर गया।
घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे दल्लीराजहरा-रावघाट रेललाइन की है। ग्राम पंडरीपानी निवासी 13 वर्षीय अमन कुलदीप अपने चार दोस्तों के साथ गांव से लगभग आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचा था। गांव में मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं मिलने के कारण पांचों दोस्त बेहतर सिग्नल की तलाश में ट्रैक के पास बैठकर मोबाइल चलाने लगे। इसी दौरान अमन ने कान में ईयरफोन लगा रखा था और वह मोबाइल देखने में व्यस्त था। इसी बीच अंतागढ़ से भानुप्रतापपुर होते हुए रायपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन वहां पहुंच गई। लोको पायलट ने ट्रेन का हॉर्न बजाकर ट्रैक पर मौजूद बच्चों को सतर्क करने की कोशिश की। हॉर्न सुनते ही चारों बच्चे घबराकर वहां से भाग निकले, लेकिन अमन ईयरफोन लगाए बैठा रहा। आशंका है कि ईयरफोन के कारण उसे ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि अमन की मौके पर ही मौत हो गई।
रात में मानस गान, सुबह घर में मातम
गांव में रातभर मानस गान का कार्यक्रम चल रहा था। अमन भी अपने दोस्तों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुआ था। उसके बड़े पिताजी संतोष कुलदीप ने बताया कि उन्होंने रात करीब 3 बजे अमन को उसके साथियों के साथ पंडाल में देखा था। इसके बाद वह भोजन व्यवस्था देखने भंडारे की ओर चले गए। सुबह हादसे की खबर मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे, जहां गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर अमन का शव पड़ा था। संतोष कुलदीप ने बताया कि हादसा कैसे हुआ, यह समझ पाना मुश्किल है। अमन के साथ मौजूद दोस्त भी अब तक सामने नहीं आ रहे हैं। घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
एक छोटी-सी लापरवाही दे गई जिंदगी भर का दर्द
मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान होकर रेलवे ट्रैक पर बैठना और ईयरफोन लगाकर मोबाइल चलाना कितना खतरनाक हो सकता है, यह हादसा इसकी दर्दनाक मिसाल है। अमन की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। जिस किशोर को रात में गांव के कार्यक्रम में दोस्तों के साथ देखा गया था, सुबह उसकी मौत की खबर ने परिवार और ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया। एक तरफ गांव में धार्मिक आयोजन की रौनक थी, तो दूसरी तरफ सुबह होते-होते एक परिवार की दुनिया उजड़ गई।
