Durg Murder Case: मुलाकात के बहाने बुलाया, फिर जानलेवा हमला! पुलिसकर्मी के बेटे की हत्या में तीन को उम्रकैद
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। यह हत्याकांड दिसंबर 2024 में सामने आया था। अभियोजन के अनुसार, चेतन को मिलने के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और उस पर जानलेवा हमला किया गया। करीब 10 महीने बाद आए फैसले में अदालत ने दोषियों को उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में भी सजा और अर्थदंड सुनाया है।
मिलने के लिए बुलाया, फिर हिंसक हो गया विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक, चेतन साहू दुर्ग की न्यू पुलिस लाइन में रहता था। रोशनी लकड़ा और चेतन की मां पुलिस विभाग में आरक्षक थीं। पुलिस लाइन में रहने के दौरान चेतन और रोशनी के बीच दोस्ती हुई थी। बाद में रोशनी की मां का तबादला सरगुजा हो गया, जिसके बाद रोशनी भी उनके साथ चली गई। जांच में सामने आया कि इस दौरान रोशनी की नजदीकियां एक अन्य युवक से बढ़ गई थीं। पुलिस के अनुसार, चेतन उससे लगातार संपर्क करने और मिलने की कोशिश कर रहा था।
29 दिसंबर 2024 की रात हुआ था जानलेवा हमला
पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2024 में रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी। इसी दौरान चेतन उससे मिलने का प्रयास कर रहा था। लगातार फोन आने से परेशान होकर रोशनी ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी को दी। जांच के मुताबिक, इसके बाद चेतन को कसारीडीह सिविल लाइन क्षेत्र में एक क्वार्टर के पास मिलने के लिए बुलाया गया। 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण चेतन की मौत हो गई।
पुलिस जांच में तीन आरोपी दोषी पाए गए
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू सहित अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए। पुलिस ने तीन नाबालिगों को भी पकड़ा था। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
आजीवन कारावास के साथ अलग-अलग धाराओं में सजा
उपलब्ध सजा वारंट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत दोषियों को आजीवन कारावास तथा 500-500 रुपये अर्थदंड दिया गया है। इसके अतिरिक्त धारा 191(2) के तहत दो वर्ष और धारा 191(3) तथा 118(1) के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। इन धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत के आदेश के मुताबिक, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यानी अलग-अलग धाराओं में दी गई कैद की अवधि एक के बाद एक जोड़कर नहीं चलाई जाएगी।
करीब 10 महीने बाद आया फैसला
चेतन साहू की हत्या के बाद शुरू हुई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में आया यह फैसला दुर्ग के चर्चित हत्याकांड की कानूनी कार्यवाही का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
