वेतन के बिना त्योहार की तैयारी कैसे करें? कोरिया में नगरपालिका कर्मचारियों का आक्रोश, काम बंद कर धरने पर बैठे
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के शिवपुर-चरचा नगरपालिका परिषद में वेतन भुगतान में देरी को लेकर कर्मचारियों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने से परेशान कार्यालयीन कर्मचारियों और सफाईकर्मियों ने काम बंद कर धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मेहनत का पैसा नहीं मिल रहा है। त्योहारों के बीच वेतन अटकने से परिवार का खर्च चलाना और जरूरी तैयारियां करना मुश्किल हो गया है।
दो महीने से वेतन लंबित, बढ़ती जा रही आर्थिक परेशानी
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के मुताबिक, उन्हें बीते दो महीनों से वेतन का इंतजार है। दशहरा जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान भी भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। अब नवरात्रि सहित अन्य त्योहारों के बीच भी वेतन नहीं मिलने से घरेलू बजट बिगड़ने लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित खर्च, घर की जरूरतों और त्योहारों की तैयारियों के लिए वेतन बेहद जरूरी है। इसके बावजूद भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बैंक में आगामी छुट्टियों को लेकर भी कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में त्योहारों से जुड़ी जरूरतें पूरी करना और मुश्किल हो सकता है।
पूजा-पाठ की सामग्री खरीदना भी मुश्किल
धरने में शामिल एक महिला सफाईकर्मी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण इस बार नवरात्रि और दशहरा मनाने में भी कठिनाई हो रही है। उनका कहना है कि कई महिला कर्मचारी नौ दिनों का व्रत रख रही हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते पूजा-पाठ के लिए जरूरी सामग्री खरीदना भी मुश्किल हो गया है। महिला कर्मचारी के अनुसार, वे अभी तक त्योहारों के लिए खरीदारी नहीं कर पाई हैं। उनका दर्द केवल वेतन मिलने में देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों और धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ रहा है।
वेतन मिलने तक काम पर नहीं लौटने की चेतावनी
बकाया वेतन से नाराज कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खातों में वेतन की राशि जमा नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इस फैसले के बाद नगरपालिका परिषद के सामने कर्मचारियों की मांग पर समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। कर्मचारियों का आंदोलन अब वेतन भुगतान के मुद्दे पर केंद्रित है। ऐसे में नगरपालिका परिषद प्रबंधन की भूमिका अहम हो गई है। फिलहाल कर्मचारियों को अपने बकाया वेतन के भुगतान का इंतजार है।
नगरपालिका प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर
दो महीने से वेतन लंबित रहने का मामला कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है। त्योहारों के दौरान भुगतान में देरी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि नगरपालिका परिषद प्रबंधन बकाया वेतन के भुगतान को लेकर क्या कदम उठाता है और कर्मचारियों की समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।
