Korba News: धर्मांतरण के आरोपों पर कोरबा में तनाव, बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी; पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र के ओमपुर में रविवार सुबह एक निजी मकान में आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कथित धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और घर के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पास्टर पीतांबर सिंह समेत कुछ लोगों को हिरासत में लेकर चौकी ले गई। फिलहाल, धर्मांतरण के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
प्रार्थना सभा की सूचना पर मौके पर पहुंचे कार्यकर्ता
बजरंग दल के अनुसार, ओमपुर में पीतांबर सिंह नामक व्यक्ति के निजी आवास पर प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की सूचना मिली थी। संगठन ने आरोप लगाया कि सभा में हिंदू समुदाय के लोगों को भी शामिल किया जा रहा था और इस गतिविधि की जांच की जानी चाहिए। सूचना मिलने के बाद रजगामार प्रखंड के सह-संयोजक प्रवीण राठौर सहित अभिषेक, सोनू, विवेक चंदेल, मयंक साहू, यश दास, हीरा, निखिल, राहुल और अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इसके बाद मकान के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। संगठन ने कथित गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पास्टर समेत कई लोगों को हिरासत में लिया
विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस पास्टर पीतांबर सिंह समेत कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर चौकी ले गई। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या, पूछताछ के निष्कर्ष और उनके खिलाफ दर्ज किसी मामले की विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी प्रार्थना सभा का आयोजन अपने आप में अवैध धर्मांतरण का प्रमाण नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी
बजरंग दल के जिला संयोजक राणा मुखर्जी ने कथित प्रार्थना सभा और धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
ओमपुर में प्रार्थना सभा को लेकर उठे विवाद के बाद अब पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान पर निगाहें टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सभा किन परिस्थितियों में आयोजित की गई थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है।
