जर्मनी जाने से पहले लगा लाखों का झटका! फेसबुक पर मिली रूम बुकिंग, पैसे मिलते ही गायब हुए कथित ठग
ठाणे। विदेश में रहने की जगह ऑनलाइन तलाशना महाराष्ट्र की एक 21 वर्षीय छात्रा को महंगा पड़ गया। जर्मनी में एक महीने के ठहरने के लिए कमरा बुक कराने की कोशिश के दौरान छात्रा कथित साइबर ठगों के संपर्क में आ गई। आरोप है कि फेसबुक पेज के जरिए शुरू हुई बातचीत ईमेल और व्हाट्सऐप तक पहुंची, जिसके बाद बुकिंग के नाम पर उससे कुल 2.4 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रकम मिलने के बाद संपर्क करने वाले लोग जवाब देना बंद कर गए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पेज के जरिए शुरू हुआ संपर्क
पुलिस के मुताबिक, ठाणे शहर के कलवा इलाके में रहने वाली छात्रा सनीता संजय गायकवाड़ जर्मनी में एक महीने के लिए ठहरने की जगह खोज रही थी। इसी दौरान उसे फेसबुक पर ‘बर्लिन स्टूडेंट्स अकॉमोडेशन ग्रुप’ नाम का एक पेज दिखाई दिया। छात्रा ने रहने की जगह की जानकारी लेने के लिए संपर्क किया। इसके बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने फेसबुक, ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से उससे बातचीत शुरू की। उन्होंने अपनी पहचान विविएन रोशफोर्ट, स्टुअर्ट जेम्स और लॉरेंट लिफ्टैट के रूप में बताई।
बुकिंग के नाम पर अलग-अलग तरीकों से पैसे ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार, संपर्क करने वाले लोगों ने जर्मनी में ठहरने की जगह उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे के आधार पर छात्रा को अलग-अलग माध्यमों से रकम भेजने के लिए कहा गया। छात्रा ने कथित तौर पर कुल 2.4 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन भुगतान के बाद न तो बुकिंग की पुष्टि हुई और न ही संबंधित लोगों से संपर्क हो सका। इसके बाद छात्रा को धोखाधड़ी की आशंका हुई और उसने पुलिस से शिकायत की।
ईमेल और विदेशी नंबरों की भी जांच
पुलिस को दी गई शिकायत में संपर्क के लिए इस्तेमाल किए गए ईमेल पते और फोन नंबरों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियां फेसबुक पेज, ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिए हुई बातचीत तथा पैसों के लेनदेन से संबंधित जानकारियों की पड़ताल कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपर्क करने वाले लोगों की वास्तविक पहचान क्या है, रकम किन खातों में पहुंची और कथित ठगी में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
विदेश में ठहरने की बुकिंग करते समय बरतें सावधानी
विदेश में पढ़ाई, नौकरी या यात्रा के लिए रहने की जगह तलाशते समय सोशल मीडिया पर मिले अनजान पेजों पर तुरंत भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। भुगतान से पहले आवास की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना, आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क विवरण जांचना तथा बैंक खाते के लाभार्थी की जानकारी सत्यापित करना जरूरी है। ठाणे की छात्रा के मामले में अब पुलिस की जांच पर नजर है। फिलहाल, जर्मनी में ठहरने की जगह तलाशने से शुरू हुआ मामला कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी की जांच तक पहुंच गया है।
