Raigarh News: राशन के हिसाब में बड़ा अंतर! सोनबरसा दुकान से चावल और नमक गायब, जांच के बाद FIR दर्ज
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र स्थित सोनबरसा गांव की सरकारी राशन दुकान में खाद्यान्न के स्टॉक को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है। खाद्य विभाग की जांच में 10.84 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी का खुलासा होने की बात कही गई है। मामले में खाद्य निरीक्षक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकान के दो संचालकों धनराज साहू और गोवर्धन दास महंत के खिलाफ FIR दर्ज की है।
जांच में चावल और नमक की कमी मिली
खाद्य विभाग की जांच के दौरान राशन दुकान के रिकॉर्ड और उपलब्ध स्टॉक की पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दुकान में 251.58 क्विंटल चावल और 3.20 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। खाद्यान्न की इस कमी को विभाग ने गंभीर अनियमितता मानते हुए आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को रिपोर्ट सौंपी।
विभागीय जांच में सामने आई कमी के आधार पर कुल गड़बड़ी का मूल्य 10.84 लाख रुपये से अधिक बताया गया है। हालांकि, खाद्यान्न की कमी किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
दो राशन दुकान संचालकों के खिलाफ FIR
खाद्य निरीक्षक की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर खरसिया थाने में धनराज साहू और गोवर्धन दास महंत के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो चुके हैं। मामले में दोनों संचालकों की भूमिका और खाद्यान्न की कमी से जुड़े तथ्यों की जांच की जानी बाकी है।



सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी राशन दुकानें पात्र हितग्राहियों तक अनाज पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में स्टॉक में बड़ी कमी सामने आने से राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी और रिकॉर्ड के सत्यापन पर सवाल उठते हैं। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि इसका असर राशन पाने वाले हितग्राहियों पर पड़ा या नहीं। फिलहाल, खरसिया पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
