‘आज चुनाव हुए तो इनोवा में भागेंगे विधायक’, भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा हमला, धरमलाल का पलटवार
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए प्रदेश में भारी सत्ता विरोधी लहर होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में यदि आज चुनाव करा दिए जाएं, तो सत्ताधारी दल के विधायकों को जनता के आक्रोश से बचने के लिए इनोवा गाड़ियों में भागना पड़ेगा। बघेल ने सड़क, बिजली, महंगाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। वहीं, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार करते हुए कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल और कथित घोटालों की याद दिलाई।
खराब सड़कें बनीं सियासी हमले का हथियार
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सड़कें इतनी खराब हैं कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव तक स्कूटी से गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बघेल के मुताबिक, गड्ढों से भरी सड़कों के कारण आम लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार विकास के दावे करने में व्यस्त है। बघेल ने कहा कि जब प्रदेश की सड़कों की हालत ही ठीक नहीं है, तो विकास के दावों का आधार क्या है?
महंगाई पर घिरी सरकार
बघेल ने आरोप लगाया कि महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। बिजली की बढ़ती कीमतें, बस किराये में वृद्धि, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की महंगाई से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने राशन व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकार आम जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में नाकाम साबित हो रही है।
एग्रीस्टैक और बिजली कटौती से किसान परेशान: बघेल
किसानों की समस्याओं पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल और सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बिजली कटौती आरोप लगाया और कहा कि खेतों तक पर्याप्त बिजली पहुंचाने में सरकार विफल है और महंगी बिजली खरीदने की नौबत आ रही है। समस्याओं का सीधा असर किसानों और खेती-किसानी पर पड़ रहा है।
भर्ती परीक्षाओं पर निष्पक्ष जांच की मांग
सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सीजीपीएससी परीक्षा के उत्तरों और चयन प्रक्रिया पर आरोप लगते हुए पेपर लीक के मामलों का भी जिक्र किया। कवर्धा में बेरोजगार अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी आरोप लगाए। बघेल ने पुलिस, पीडब्ल्यूडी और अन्य सरकारी विभागों की भर्तियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। और कहा कि यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनियमितताओं पर कार्रवाई को लेकर गंभीर है, तो इन मामलों की जांच कर सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई जा रही है?
चुनाव आयोग और एसआईआर पर साधा निशाना
राष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए बघेल ने राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ दौरे और बजरंग दल की गतिविधियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा हैं।
मंत्रिमंडल पर तंज, उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
राज्य में मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और मंत्रियों की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए बघेल ने सरकार पर दिशाहीन तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार आम जनता के हितों की अनदेखी कर चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में जुटी है।
कांग्रेस का पांच साल का कार्यकाल जनता नहीं भूली: धरमलाल
भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार का काम बेहतर ढंग से चल रहा है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस के पिछले पांच साल के कार्यकाल को निशाने पर लिया। कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं और आम जनता ने कांग्रेस सरकार के पांच साल के कामकाज को करीब से देखा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस शासनकाल में शराब घोटाले से लेकर कोल लेवी घोटाले तक कई गंभीर मामले सामने आए, जिन्हें प्रदेश की जनता भूल नहीं सकती। सड़कों की बदहाली पर कौशिक ने कहा कि बारिश का सीजन समाप्त हो चुका है और अब प्रदेशभर में सड़कों का काम शुरू होगा।
