शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 300 से अधिक शिक्षक-कर्मियों पर गिरेगी गाज, 24 डीईओ को मिला 15 दिन का अल्टीमेटम
रायपुर : लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षक-कर्मियों पर अब कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने प्रदेश के 24 डीईओ को पत्र जारी कर संबंधित लोकसेवकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र, घोषणा, अभिलेख सूची और साक्ष्य सूची तैयार कर संचालनालय को भेजनी होगी। इस निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
सालभर से अधिक अनुपस्थित रहने के मामले भी शामिल
डीपीआई की ऑनलाइन रिपोर्ट में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक और कर्मचारी सामने आए हैं, जिनकी उपस्थिति निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप दर्ज नहीं मिली। इनमें लंबे समय से स्कूल से अनुपस्थित रहने, बिना अनुमति अवकाश लेने और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का पालन नहीं करने जैसे मामले शामिल हैं। संचालनालय ने इन प्रकरणों को शासकीय निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता से जुड़ा मानते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई योग्य दस्तावेज मांगे हैं।
रायगढ़ सबसे आगे, बिलासपुर में 33 मामले
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रायगढ़ जिले में सबसे अधिक 48 मामले सामने आए हैं। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक बताई गई है। कांकेर में 41 मामले, बिलासपुर में 33 मामले, सूरजपुर और कोरिया में 17-17 मामले, बलौदाबाजार में 16 मामले, रायपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 15-15 मामले, राजनांदगांव में 13 मामले, महासमुंद में 12 मामले, बालोद और बस्तर में 11-11 मामले, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सुकमा में 10-10 मामले सामने आये हैं। अन्य जिलों में भी इस तरह के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। डीपीआई ने संबंधित डीईओ को निर्देश दिया है कि प्रत्येक मामले में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाए।
177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी भी सूची में शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में 177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और 44 प्रधान पाठक सहित अन्य श्रेणियों के लोकसेवक शामिल हैं। संचालनालय ने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण का रिकॉर्ड व्यवस्थित कर निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने को कहा है। अब संबंधित जिला कार्यालयों की जिम्मेदारी होगी कि वे मामलों की जांच कर नियमानुसार आरोप पत्र और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करें।
182 मामले स्कूल से गैरहाजिरी या अनधिकृत अवकाश के
रिपोर्ट में 182 प्रकरण स्कूल से अनुपस्थिति अथवा अनधिकृत अवकाश से संबंधित बताए गए हैं। इनमें लंबे समय तक स्कूल नहीं पहुंचना, मेडिकल लीव और असाधारण अवकाश जैसे मामले शामिल हैं। ऐसे प्रकरणों में यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि अनुपस्थिति स्वीकृत थी या संबंधित कर्मचारी ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
मोबाइल और तकनीकी दिक्कतों ने भी बढ़ाई परेशानी
ऑनलाइन उपस्थिति से जुड़े मामलों में 90 प्रकरण मोबाइल या तकनीकी समस्याओं से संबंधित बताए गए हैं। कुछ कर्मचारियों ने स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं होने और कीपैड फोन इस्तेमाल करने की बात कही है। वहीं, कुछ मामलों में आईफोन में वीएसके एप इंस्टॉल नहीं होने, पुराने एंड्रॉयड वर्जन, मोबाइल खराब होने या हैंडसेट गुम होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इसके अलावा 19 मामलों में निर्देश मिलने के बावजूद वीएसके एप पर पंजीयन नहीं कराने अथवा उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही का उल्लेख है। ऐसे मामलों में तकनीकी बाधा और जानबूझकर निर्देशों का पालन नहीं करने के बीच अंतर स्पष्ट करना भी जरूरी होगा।
15 दिन में दस्तावेज नहीं भेजे तो बढ़ सकती है जवाबदेही
डीपीआई ने संबंधित डीईओ से आरोप पत्र, अभिकथन, अभिलेख सूची और साक्ष्य सूची निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने को कहा है।
