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                <description>RSS Feed of National Jagat Vision</description>
                
                            <item>
                <title>रायपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: मैग्नेटो मॉल के KFC से लिया राइस बॉल का सैंपल, मिलावटखोरों पर विभाग की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राजधानी रायपुर में जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम शहर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रही है। इसी अभियान के तहत मैग्नेटो मॉल स्थित मशहूर फास्ट फूड प्रतिष्ठान KFC से राइस बॉल का विधिक नमूना संग्रहित किया गया है।</p>
<p>त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने मिलावटी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-action-of-food-department-in-raipur-sample-of-rice/article-13471"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-31-at-9.37.57-am.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर। </strong>त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राजधानी रायपुर में जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम शहर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रही है। इसी अभियान के तहत मैग्नेटो मॉल स्थित मशहूर फास्ट फूड प्रतिष्ठान KFC से राइस बॉल का विधिक नमूना संग्रहित किया गया है।</p>
<p>त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री के निर्माण, बिक्री और थोक व्यापार पर विशेष निगरानी शुरू की है। खाद्य सुरक्षा टीम को निर्देश दिए गए हैं कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।</p>
<h5><strong>मैग्नेटो मॉल के KFC से लिया गया राइस बॉल का सैंपल</strong></h5>
<p>खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने रायपुर शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विधिक नमूने एकत्र किए गए। इसी क्रम में टीम मैग्नेटो मॉल स्थित KFC पहुंची, जहां से राइस बॉल का विधिक नमूना लिया गया।</p>
<p>खाद्य पदार्थों के नमूने लेने का उद्देश्य उनकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच करना है। नमूनों की जांच के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, फिलहाल KFC के राइस बॉल के नमूने में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है। केवल नमूना संग्रहित किए जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<h5><strong>मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश</strong></h5>
<p>खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) ने जिले की खाद्य सुरक्षा टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के निर्माण, विक्रय और थोक कारोबार में संलग्न प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।</p>
<p>उन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विभाग का विशेष ध्यान ऐसे प्रतिष्ठानों पर है, जहां खाद्य पदार्थों के भंडारण, निर्माण और बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।</p>
<h5><strong>त्योहारों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष नजर</strong></h5>
<p>दीपावली समेत अन्य त्योहारों के दौरान मिठाइयों, नमकीन, डेयरी उत्पादों, मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले मावे, तेल और अन्य खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। अधिक मांग का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बाजार में बेचने की कोशिश करते हैं। इससे लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।</p>
<p>इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा रायपुर जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अभियान के तहत अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।</p>
<p>विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है। आने वाले दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और नमूना संग्रहण की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।</p>
<p>फिलहाल मैग्नेटो मॉल स्थित KFC से राइस बॉल का नमूना लिए जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। रिपोर्ट में यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 09:39:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में रफ्तार का कहर! स्कोडा की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, महिला और दो बच्चे अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>राजधानी रायपुर</strong> में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक पर आधी रात को हुए भीषण सड़क हादसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में शामिल स्कोडा कार में सवार चार युवक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने स्कोडा कार को जब्त कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/speed-havoc-in-raipur-elderly-man-dies-due-to-collision/article-13470"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-31-at-9.20.57-am.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>राजधानी रायपुर</strong> में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक पर आधी रात को हुए भीषण सड़क हादसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में शामिल स्कोडा कार में सवार चार युवक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने स्कोडा कार को जब्त कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।</p>
<h5><strong>अग्रसेन धाम चौक पर आधी रात हुआ भीषण हादसा</strong></h5>
<p>जानकारी के मुताबिक, घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक की है। आधी रात के दौरान एक तेज रफ्तार स्कोडा कार ने सामने से जा रही बलेनो कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बलेनो कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के अगले और पिछले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बलेनो कार के परखच्चे उड़ गए।</p>
<p>टक्कर के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और मदद के लिए संबंधित एजेंसियों को सूचना दी। हादसे में बलेनो कार सवार सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए।</p>
<h5><strong>60 वर्षीय नरेंद्र सिंह भसीन की मौके पर मौत</strong></h5>
<p>इस भीषण दुर्घटना में बलेनो कार चला रहे 60 वर्षीय नरेंद्र सिंह भसीन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके साथ कार में सवार एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि घायल महिला और दोनों बच्चे श्याम नगर के निवासी हैं। हादसे के समय परिवार नया रायपुर से एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहा था। परिवार अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के बाद घर जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए इस दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।</p>
<h5><strong>स्कोडा कार में सवार चार युवक हादसे के बाद फरार</strong></h5>
<p>हादसे में स्कोडा कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। बताया जा रहा है कि स्कोडा कार में चार युवक सवार थे। दुर्घटना में वे भी घायल हुए, लेकिन हादसे के बाद सभी युवक अपनी कार मौके पर छोड़कर फरार हो गए।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कोडा कार को जब्त कर लिया है। फरार युवकों की पहचान और तलाश के लिए पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसे के वक्त कार कौन चला रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।</p>
<h5><strong>ड्रंक एंड ड्राइव के एंगल से भी जांच की जरूरत</strong></h5>
<p>इस घटना को ड्रंक एंड ड्राइव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, स्कोडा चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फरार युवकों की तलाश के साथ हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।</p>
<p>राजधानी में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच और फरार युवकों की गिरफ्तारी के बाद ही दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।</p>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/speed-havoc-in-raipur-elderly-man-dies-due-to-collision/article-13470</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 09:21:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>51 करोड़ के काम पर बिना मंजूरी फूंक दिए 90 करोड़, फिर भी खेतों तक नहीं पहुंचा एक बूंद पानी</title>
                                    <description><![CDATA[सीएजी रिपोर्ट में जल संसाधन विभाग का बड़ा गोलमाल: बिना पुनरीक्षित स्वीकृति के धड़ल्ले से जारी हुए टेंडर, 70 गांवों की 7000 हेक्टेयर जमीन आज भी प्यासी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/90-crores-without-approval-for-work-worth-51-crores-still/article-13469"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/img_20261031_091349.png" alt=""></a><br /><p><strong>कागजों में दफन हुईं 10 सिंचाई योजनाएं, अफसर भरते रहे जेब, किसानों के हिस्से आई सिर्फ धूल और कंटीली झाड़ियां</strong></p>
<p>अंबिकापुर/कोरिया | सरकारी खजाने में सेंधमारी और कागजों पर विकास का मायाजाल देखना हो, तो सरगुजा संभाग के जल संसाधन विभाग से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता। यहां के अफसरों ने किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के नाम पर ऐसा खेल खेला कि योजनाएं तो फाइलों में सरपट दौड़ पड़ीं, लेकिन असल में खेतों की दरारें आज तक नहीं भरीं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बिना किसी सरकारी मंजूरी के मनमाने ढंग से 38.59 करोड़ रुपए अतिरिक्त बांट दिए। आलम यह है कि जिन 10 सिंचाई योजनाओं का मूल बजट 51.58 करोड़ था, उन पर 90.18 करोड़ रुपए फूंक दिए गए, लेकिन खेतों की प्यास नहीं बुझी।</p>
<p>यह पूरा भ्रष्टाचार सखेन नावा, गेजरा, उमका, चेरा, लोथा, धरमी, चिड़मिरी, सिंघोर, मैनी और कुड़मुड़ुआ जैसी 10 पुरानी सिंचाई योजनाओं में किया गया। 2007 से 2013 के बीच इन योजनाओं का ढिंढोरा पीटा गया था। दावा था कि 70 गांवों के 7000 हेक्टेयर खेतों में रबी और खरीफ की फसल लहलहाएगी। किसान बीते 13-14 साल से इसी उम्मीद में आसमान ताक रहे हैं। जब बारिश नहीं होती, तो वे इन सूखी नहरों को देखकर खुद को कोसते हैं। पानी पहुंचना तो दूर, खेतों के आसपास से गुजरने वाली इन अधूरी नहरों की जगह सिर्फ कंटीली झाड़ियां, ढही हुई दीवारें और धूल के गुबार नजर आते हैं।</p>
<p>सीएजी (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट से इस पूरी लूट का पर्दाफाश हुआ है। कायदे से मूल बजट से एक भी रुपया ज्यादा खर्च करने के लिए शासन से 'पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति' लेना अनिवार्य है। लेकिन कार्यपालन अभियंताओं ने इसकी रत्ती भर भी परवाह नहीं की। मनमाने तरीके से एस्टिमेट बदले गए, टेंडर जारी हुए और चहेते ठेकेदारों को धड़ल्ले से करोड़ों का भुगतान हो गया</p>
<p>फोटो कैप्शन: करोड़ों की लागत से बनी नहरों का हाल। खेतों की प्यास बुझाने के बजाय नहरें खुद खंडहर में तब्दील हो गई हैं। पानी की जगह उगीं कंटीली झाड़ियां और धूल फांकती दरारें बयां कर रही हैं भ्रष्टाचार की पूरी कहानी।</p>
<p>सीएजी ऑडिट के आंकड़ों के अनुसार, उमका, चेरा व लोथा जैसी योजनाओं में निर्माण के दौरान ही लागत बढ़ा दी गई। फाइलों में दावा किया गया कि नहरों की गाद निकाली जा रही है और तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है। पर जमीनी हकीकत यह थी कि खेतों के बजाय ठेकेदारों के बैंक खातों की सिंचाई हो रही थी। पहली ही बारिश में घटिया निर्माण की पोल खुल गई और सीमेंट की दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी वन विभाग की रोक के नाम पर काम अधूरा पड़ा है। अब इन जर्जर योजनाओं को पूरा करने का बजट 100 करोड़ के पार पहुंच गया है, फिर भी गारंटी नहीं है कि किसानों को पानी मिलेगा।</p>
<p><strong>हनुमान की पूंछ की तरह बढ़ रही लागत, मौन सहमति से चल रहा खेल</strong></p>
<blockquote class="format2">
<p>प्रशासनिक स्वीकृति के बाद यदि योजनाएं सालों-साल पूरी नहीं होती हैं, तो यह सीधे तौर पर गंभीर वित्तीय अनियमितता है। कायदे से स्वीकृत राशि के भीतर योजनाओं को समय पर पूरा कराने की सीधी जिम्मेदारी मुख्य अभियंता की होती है। लेकिन यहां योजनाओं की लागत हनुमान की पूंछ की तरह लगातार बढ़ती ही जा रही है। बिना मंजूरी के करोड़ों बंट गए और दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसका सीधा मतलब है कि शीर्ष स्तर से ही इस गड़बड़ी को रोकने का प्रयास नहीं हुआ और मौन सहमति से यह खेल चल रहा है।</p>
<p>- <strong>विजय जामनिक, रिटायर्ड कार्यपालन अभियंता</strong></p>
</blockquote>
<p><strong>आंखों में धूल: जानिए कैसे 51 करोड़ की योजनाएं 90 करोड़ निगल गईं </strong></p>
<p>अफसरों की मनमानी का यह सबसे पुख्ता सुबूत है। बिना पानी दिए ठेकेदारों पर लुटाए गए सरकारी पैसों का हिसाब कुछ यूं है:</p>
<ul>
<li> सखेन नावा योजना: 2007 में मंजूरी मिली। लागत तय थी 4.85 करोड़, लेकिन बिना पूछे खर्च कर दिए 8.20 करोड़ रुपए।</li>
<li> लोथा और धरमी योजना: 2010 में शुरू। लागत थी 5.90 करोड़, इसे बढ़ाकर 10.12 करोड़ कर दिया गया।</li>
<li> गेजरा योजना: 2008 में उम्मीद जगी। लागत 6.12 करोड़ थी, लेकिन बिल 10.45 करोड़ के फाड़े गए।</li>
<li> उमका और चेरा योजना: 2011 में स्वीकृत। लागत 7.80 करोड़ थी, चुपचाप 13.10 करोड़ फूंक दिए गए।</li>
<li>  चिड़मिरी और सिंघोर योजना: 2009 में पास। लागत 8.40 करोड़, लेकिन खर्च कर दिए गए 14.20 करोड़।</li>
<li> मैनी व कुड़मुड़ुआ योजना: 2012 का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट। लागत 18.50 करोड़, लेकिन 34.10 करोड़ रुपए स्वाहा कर दिए गए और नहरों में सिर्फ झाड़ियां बचीं।</li>
</ul>
<p>इन परियोजनाओं को शुरू हुए काफी समय बीत चुका है। पुरानी योजनाओं की जमीनी हकीकत की नए सिरे से पड़ताल कराई जाएगी। कुछ योजनाओं के रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। शासन से स्वीकृति और बजट मिलता है, तो कामों को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।"</p>
<p><strong>रजत शिलानंद तिर्की, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/90-crores-without-approval-for-work-worth-51-crores-still/article-13469</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 09:16:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की 448 पदों की भर्ती होगी बहाल, 3 महीने में नियुक्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर।</strong> छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 448 पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के फैसले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने पुरानी भर्ती प्रक्रिया तत्काल बहाल करने और तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिली है।</p>
<p>यह मामला अंबिकापुर स्थित राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में होने वाली नियुक्तियों से जुड़ा है। बिलासपुर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में जस्टिस बिभु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-decision-of-chhattisgarh-high-court-recruitment-of-448-posts/article-13468"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-31-at-9.03.52-am.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>बिलासपुर।</strong> छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 448 पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के फैसले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने पुरानी भर्ती प्रक्रिया तत्काल बहाल करने और तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिली है।</p>
<p>यह मामला अंबिकापुर स्थित राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में होने वाली नियुक्तियों से जुड़ा है। बिलासपुर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने शासन के भर्ती निरस्त करने के फैसले को मनमाना और अनुचित मानते हुए संबंधित आदेश और पत्र को निरस्त कर दिया।</p>
<h5><strong>जुलाई 2022 में जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन</strong></h5>
<p>मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 448 पदों पर भर्ती के लिए जुलाई 2022 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें तृतीय श्रेणी के 63 और चतुर्थ श्रेणी के 385 पद शामिल थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और अभ्यर्थियों की मेरिट सूची भी तैयार कर ली गई थी।</p>
<p>इसके बाद अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। अगस्त 2023 में दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। हालांकि, इसके बाद भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद अप्रैल 2025 में सामान्य सभा की बैठक में पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का निर्णय ले लिया गया।</p>
<p>शासन ने पुरानी भर्ती रद्द कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के माध्यम से नए सिरे से भर्ती कराने का फैसला किया था। इससे उन अभ्यर्थियों को झटका लगा, जो पहले ही चयन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण पूरे कर चुके थे।</p>
<h5><strong>11 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दी चुनौती</strong></h5>
<p>सरकार के इस फैसले के खिलाफ आदित्य सैनी सहित 11 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती निरस्त करने के निर्णय को चुनौती देते हुए कहा कि जब मेरिट सूची तैयार हो चुकी थी और दस्तावेज सत्यापन भी पूरा हो गया था, तब पूरी प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं था।</p>
<p>मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से दलील दी गई कि भर्ती में अत्यधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही थी। इसी वजह से पुरानी भर्ती निरस्त कर नई प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।</p>
<h5><strong>आवेदनों की संख्या को लेकर सामने आया अंतर</strong></h5>
<p>सुनवाई के दौरान मेडिकल कॉलेज के डीन की ओर से जून 2025 में भेजे गए पत्र का भी उल्लेख किया गया। इस पत्र में स्पष्ट किया गया था कि भर्ती के लिए कुल 55,335 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें तृतीय श्रेणी के 63 पदों के लिए 10,374 आवेदन और चतुर्थ श्रेणी के 385 पदों के लिए 44,961 आवेदन शामिल थे।</p>
<p>वहीं, सामान्य सभा की बैठक में एक लाख से अधिक आवेदन मिलने की बात कही गई थी। आवेदनों की वास्तविक संख्या और शासन के दावे में अंतर को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया।</p>
<h5><strong>हाईकोर्ट ने तीन महीने में प्रक्रिया पूरी करने को कहा</strong></h5>
<p>अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल दस्तावेज सत्यापन होने से किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल जाता, लेकिन भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के लिए ठोस और उचित कारण होना जरूरी है। शासन की ओर से ऐसा कोई पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे पुरानी भर्ती निरस्त करना आवश्यक साबित हो सके।</p>
<p>हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी साबित नहीं हुई है। ऐसे में अचानक पूरी प्रक्रिया रद्द करने से अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक भर्ती अटके रहने से कुछ उम्मीदवारों की निर्धारित आयु सीमा भी समाप्त हो सकती है।</p>
<p>अदालत ने सरकार के भर्ती निरस्त करने संबंधी फैसले को रद्द करते हुए पुरानी प्रक्रिया उसी चरण से शुरू करने का निर्देश दिया है, जहां उसे रोका गया था। अब अधिकारियों को अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच कर तुलनात्मक मेरिट सूची तैयार करनी होगी। इसके बाद नियमानुसार पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>जॉब/शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 09:05:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तबादला आदेश जारी होते ही भुगतान पर ताला जल संसाधन विभाग में एमआईएस प्रभारी ने बिना चार्ज हैंडओवर के ब्लॉक की कार्यपालन अभियंताओं की आईडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सूबे के मुखिया के विभाग में अफसरशाही का खुला खेल नियम विरुद्ध रोके गए करोड़ों के बिल</strong></p>
<p>  रायपुर। जल संसाधन विभाग महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को जारी एक स्थानांतरण आदेश ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभाग में हावी अफसरशाही की पोल खोल दी है। उप सचिव रवीन्द्र मेढेकर के डिजिटल हस्ताक्षर से 15 अभियंताओं के तबादले का आदेश ईएसटीबी 38140 जारी होते ही एमआईएस प्रकोष्ठ के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजय पाठक ने नियम विरुद्ध तरीके से तत्कालीन कार्यपालन अभियंताओं की ऑनलाइन भुगतान आईडी बंद कर दी। बिना विधिवत कार्यभार हस्तांतरण और बैंक में नए</p>
<p><strong>बिना</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/as-soon-as-the-transfer-order-was-issued-the-mis/article-13467"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/image_search_1793417149097.png" alt=""></a><br /><p><strong>सूबे के मुखिया के विभाग में अफसरशाही का खुला खेल नियम विरुद्ध रोके गए करोड़ों के बिल</strong></p>
<p> रायपुर। जल संसाधन विभाग महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को जारी एक स्थानांतरण आदेश ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभाग में हावी अफसरशाही की पोल खोल दी है। उप सचिव रवीन्द्र मेढेकर के डिजिटल हस्ताक्षर से 15 अभियंताओं के तबादले का आदेश ईएसटीबी 38140 जारी होते ही एमआईएस प्रकोष्ठ के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजय पाठक ने नियम विरुद्ध तरीके से तत्कालीन कार्यपालन अभियंताओं की ऑनलाइन भुगतान आईडी बंद कर दी। बिना विधिवत कार्यभार हस्तांतरण और बैंक में नए आहरण अधिकारी के हस्ताक्षर सत्यापित हुए बिना ही आईडी ब्लॉक होने से संभागों में ठेकेदारों वेंडरों और सप्लायरों के करोड़ों रुपये के भुगतान पूरी तरह से ठप हो गए हैं।</p>
<p><strong>बिना सचिव के आदेश के मौखिक फरमान पर चला चाबुक </strong></p>
<p><strong><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/grok_1793416231767.jpg" alt="grok_1793416231767" width="1168" height="784"/><br /></strong></p>
<p>विभागीय सूत्रों के अनुसार स्थानांतरण आदेश जारी होने के तुरंत बाद संबंधित संभागों के ऑनलाइन भुगतान एकतरफा रोक दिए गए। न तो कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिकारी पहुंचे थे और न ही कोई चार्ज शीट तैयार हुई थी। जब प्रभावित कार्यपालन अभियंताओं ने इस एकतरफा कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई तो उन्हें एमआईएस प्रभारी संजय पाठक द्वारा मौखिक रूप से बताया गया कि यह कार्रवाई सचिव के आदेश से की गई है। विभाग में ऐसा कोई भी लिखित आदेश मौजूद नहीं है जिससे अधिकारी अब संजय पाठक के इस कदम को तानाशाही बता रहे हैं। स्थापित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार नया कार्यपालन अभियंता जब चार्ज लेने पहुंचता है तब दोनों अधिकारी कैश बुक बंद कर रिपोर्ट तैयार करते हैं। इसके बाद वरिष्ठ कार्यालयों और जिला कोषालय को सूचना दी जाती है और बैंक में नए अधिकारी के हस्ताक्षर सत्यापित होने के बाद ही पुरानी आईडी बंद की जाती है। इस बार इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया।</p>
<p><strong>वर्षा ऋतु में भरोसे पर कराए गए कार्यों का फंसा पेमेंट</strong></p>
<p>इस मनमानी ने विभाग के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ महीनों से विभाग में आवंटन का भारी संकट चल रहा था। वर्षा ऋतु में बांधों और नहरों की मरम्मत के लिए जब फंड नहीं था तब कई कार्यपालन अभियंताओं ने ठेकेदारों से आपसी भरोसे यानी गुड फेथ पर काम कराए थे। अब जब विभाग में आवंटन आया तो उसी के साथ तबादला आदेश आ गया और तुरंत आईडी बंद कर दी गई। जिन अधिकारियों ने काम कराए वे अब भुगतान करने में असमर्थ हो गए हैं और ठेकेदार अपने पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।</p>
<p><strong>रिटायरमेंट से सिर्फ सात दिन पहले नियम विरुद्ध तबादला</strong></p>
<p>इस पूरे प्रकरण में मनेन्द्रगढ़ भरतपुर संभाग के कार्यपालन अभियंता एनसी सिंह का मामला सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। एनसी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ट्रांसफर पालिसी 2025 की कंडिका 1.6 में साफ लिखा है कि जिन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम का समय बचा हो उनका तबादला सिर्फ उनके विकल्प पर ही किया जाएगा। इसके बावजूद रिटायरमेंट से ठीक सात दिन पहले उनका तबादला मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना बिलासपुर कर दिया गया। उन्हें अंतिम दिनों में पेंडिंग बिल क्लियर कर दायित्वों से मुक्त होना था लेकिन आईडी ब्लॉक होने से वह भी फंस गए हैं। हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी यह कार्रवाई की गई है।</p>
<h5><strong>आदेश में शामिल 15 अभियंताओं की सूची</strong></h5>
<p><strong><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/grok_1793416250770.jpg" alt="grok_1793416250770" width="1168" height="784"/></strong></p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ कार्य विभाग नियमावली 2006 का खुला उल्लंघन</strong></p>
<p>नियमावली के खंड एक की कंडिका 1.095 से 1.103 के अनुसार प्रभार हस्तांतरण के दिन दोनों अधिकारियों के हस्ताक्षर से नकद शेष और चेक का नोट दर्ज होता है। कार्यमुक्त होने वाला अधिकारी लंबित बिलों की सूची सौंपता है। बिना उत्तराधिकारी के आए मुख्यालय नहीं छोड़ा जा सकता। एमआईएस प्रभारी ने यह वित्तीय दायित्व बिना चार्ज रिपोर्ट के ही छीनकर सिविल सेवा कार्यग्रहण अवधि नियम 1982 की धज्जियां उड़ा दी हैं।</p>
<p><strong>प्रभारी की सख्त हिदायत के बाद भी अफसरशाही बेलगाम</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री के विभाग में यह अफसरशाही तब सामने आई है जब इसी सप्ताह 25 और 26 अक्टूबर को भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने रायपुर में बैठक ली थी। बैठक में पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने स्पष्ट कहा था कि प्रदेश में अफसरशाही हावी है और जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होती। इस सख्त हिदायत के बाद भी जल संसाधन विभाग के एमआईएस प्रकोष्ठ का यह रवैया बता रहा है कि अफसरों पर संगठन की बैठकों का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं हो रहा है।</p>
<p>विभागीय वेंडर और सप्लायर इस रवैये के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। आने वाले दिनों में ठेकेदार संघ इस पूरे प्रकरण और एमआईएस प्रभारी की मनमानी की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है जिसके बाद विभाग के आला अधिकारियों से जवाब तलब किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                            <category>ब्यूरोक्रेट्स</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/as-soon-as-the-transfer-order-was-issued-the-mis/article-13467</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 08:56:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का राशिफल 31 अक्टूबर 2026: मेष-वृषभ समेत इन राशियों की चमकेगी किस्मत, नौकरी की तलाश होगी खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> आज 31 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए कई नए अवसर और संभावनाएं लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव लोगों के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता और खुशियों से भरा रह सकता है, जबकि कुछ जातकों को अपने फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी।</p>
<p>आज मेष और वृषभ राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/horoscope/todays-horoscope-31-october-2026-the-luck-of-these-zodiac/article-13466"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-31-at-8.38.02-am.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> आज 31 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए कई नए अवसर और संभावनाएं लेकर आया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव लोगों के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता और खुशियों से भरा रह सकता है, जबकि कुछ जातकों को अपने फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी।</p>
<p>आज मेष और वृषभ राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं।</p>
<p><strong>मेष राशि:</strong> आज का दिन आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा।</p>
<p><strong>वृषभ राशि:</strong> आज भाग्य आपका साथ दे सकता है। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।</p>
<p><strong>मिथुन राशि:</strong> आज आपको कामकाज में थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ने की संभावना है। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>कर्क राशि:</strong> आज का दिन पारिवारिक और आर्थिक मामलों में अनुकूल रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पुराने विवाद समाप्त होने के संकेत हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। किसी भी काम में धैर्य बनाए रखें।</p>
<p><strong>सिंह राशि:</strong> आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। अपनी वाणी पर संयम रखें।</p>
<p><strong>कन्या राशि:</strong> आज आपको योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। किसी पुराने परिचित से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।</p>
<p><strong>तुला राशि:</strong> आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रह सकता है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन संबंधी मामलों में लाभ की संभावना है। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि:</strong> आज आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में न लें। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। धैर्य से काम लें।</p>
<p><strong>धनु राशि:</strong> आज आपके लिए नए अवसर सामने आ सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के लिए दिन अच्छा रह सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। कारोबार में लाभ के संकेत हैं। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें।</p>
<p><strong>मकर राशि:</strong> आज कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है। आपकी मेहनत और लगन से महत्वपूर्ण काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।</p>
<p><strong>कुंभ राशि:</strong> आज का दिन नए विचारों और योजनाओं के लिए अच्छा रह सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।</p>
<p><strong>मीन राशि:</strong> आज आपको भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। अपनी सेहत और दिनचर्या पर ध्यान दें।</p>
<p><strong>आज का विशेष संदेश:</strong> 31 अक्टूबर का दिन कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। हालांकि, सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सही निर्णय जरूरी हैं। राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के रूप में लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/horoscope/todays-horoscope-31-october-2026-the-luck-of-these-zodiac/article-13466</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Oct 2026 08:39:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धमतरी में निवेश के नाम पर बड़ा खेल, 81 लाख की ठगी समेत करोड़ों का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>धमतरी।</strong> छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर निवेशकों से 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले फरार मुख्य आरोपी को धमतरी पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा बनवाता था और सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-game-in-the-name-of-investment-in-dhamtari-fraud/article-13465"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-10.20.13-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>धमतरी।</strong> छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर निवेशकों से 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले फरार मुख्य आरोपी को धमतरी पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा बनवाता था और सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रम सिंह शाह (37 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से धमतरी का रहने वाला है और वर्तमान में रायपुर में रह रहा था। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को इंदौर में घेराबंदी कर पकड़ा। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 29 अक्टूबर 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।</p>
<h4><strong>ऐसे निवेशकों को बनाता था ठगी का शिकार</strong></h4>
<p>मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी विक्रम सिंह शाह धमतरी के कलेक्ट्रेट रोड स्थित अपने 'वेल्थ ट्रैकर' कार्यालय के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बदले वह हर महीने 4 प्रतिशत ब्याज या मुनाफा देने का वादा करता था।</p>
<p>निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपी बाकायदा स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता था। साथ ही सुरक्षा के तौर पर बैंक के चेक भी देता था। इसी भरोसे में आकर शिवकुमार साहू और उनके परिवार ने कुल 25 लाख रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में आरोपी ने कुछ रकम मुनाफे के रूप में लौटाई, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो गया। लेकिन बाद में वह मूलधन और मुनाफे की रकम लौटाए बिना फरार हो गया।</p>
<h4><strong>कई निवेशकों से लाखों रुपये की ठगी</strong></h4>
<p>पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर बड़ी रकम जमा की थी। अब तक की विवेचना में 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।</p>
<p>प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से 81 लाख रुपये, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख रुपये, भूषण सिन्हा से 28 लाख रुपये, चेतन सिन्हा से 16 लाख रुपये और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अन्य निवेशकों से भी रकम लेने की बात जांच में सामने आई है।</p>
<h4><strong>इंदौर में घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा</strong></h4>
<p>शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/2026, धारा 420 भादंवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटनास्थल धमतरी के सिटी कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण मामले की विवेचना धमतरी पुलिस को सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई। पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से उसकी लोकेशन इंदौर में मिली, जिसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निवेशकों से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम कहां रखी गई और किन माध्यमों से स्थानांतरित की गई। इस धोखाधड़ी में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।</p>
<h4><strong>पुलिस ने निवेशकों से की सतर्क रहने की अपील</strong></h4>
<p>धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम समय में निश्चित और असामान्य मुनाफा देने वाली निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी भी कंपनी, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 22:23:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरबा में दर्दनाक हादसा: नहर में बहे युवक की चौथे दिन मिली लाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोरबा।</strong> छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी में चार दिन पहले नहर में बहे युवक का शव आखिरकार शुक्रवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक का शव सीतामणी नहर के साइफन में फंसा हुआ मिला। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<h4><strong>चार दिन से युवक की तलाश में जुटे थे परिजन</strong></h4>
<p>मिली जानकारी के अनुसार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/tragic-accident-in-korba-dead-body-of-young-man-found/article-13464"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-10.00.08-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>कोरबा।</strong> छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी में चार दिन पहले नहर में बहे युवक का शव आखिरकार शुक्रवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक का शव सीतामणी नहर के साइफन में फंसा हुआ मिला। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<h4><strong>चार दिन से युवक की तलाश में जुटे थे परिजन</strong></h4>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी निवासी सतीश रजक चार दिन पहले नहर में बह गया था। घटना के बाद से ही उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। शव नहीं मिलने के कारण परिवार के लोग और बस्ती के निवासी काफी परेशान थे। गुरुवार सुबह भी परिजनों ने कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस से युवक की तलाश तेज करने की गुहार लगाई थी।</p>
<p>शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर नहर के साइफन में फंसे एक शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। शव की पहचान सतीश रजक के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।</p>
<h4><strong>घर से नहर की ओर गया था युवक</strong></h4>
<p>परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन सतीश ने पहले अपने बच्चों को खाना खिलाया और खुद भी भोजन किया था। इसके बाद वह घर के पास स्थित नहर की तरफ एक व्यक्ति के साथ गया था। इसी दौरान सीतामणी बसोड़ मोहल्ले के सामने नहर के पास उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बह गया।</p>
<p>साथ मौजूद व्यक्ति ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार के लोग और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर डायल 112 और कोतवाली थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची थी।</p>
<h4><strong>तीन दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन</strong></h4>
<p>युवक के नहर में बहने की सूचना के बाद पुलिस ने जिला नगर सेना की गोताखोर टीम को बुलाया था। इसके बाद लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। गोताखोरों ने नहर के अलग-अलग हिस्सों में युवक की तलाश की, लेकिन पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण अभियान में लगातार दिक्कतें आती रहीं।</p>
<p>तेज बहाव और पानी की गहराई के चलते गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगातार तीन दिनों तक तलाश के बावजूद युवक का पता नहीं चल सका। आखिरकार चौथे दिन शुक्रवार सुबह उसका शव नहर के साइफन में फंसा मिला।</p>
<h4><strong>पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया सतीश</strong></h4>
<p>बताया जा रहा है कि मृतक सतीश रजक हमाली का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। बच्चों की उम्र महज 11 साल और 3 साल है। पिता की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस परिवार को सतीश के सुरक्षित मिलने की उम्मीद थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।</p>
<p>कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक किन परिस्थितियों में नहर में बहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h4><strong>पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील</strong></h4>
<p>घटना के बाद कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने लोगों से नहर के आसपास जाने, नहाने और घूमने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल नहर में पानी का बहाव काफी तेज है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस लगातार स्थानीय लोगों को समझाइश दे रही है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/tragic-accident-in-korba-dead-body-of-young-man-found/article-13464</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 22:03:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिर्जापुर: द मूवी की OTT पर धमाकेदार एंट्री, प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई फिल्म; फिर दिखेगा कालीन भैया और गुड्डू पंडित का भौकाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मशहूर फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' एक बार फिर दर्शकों के बीच लौट आई है। इस बार दर्शकों को वेब सीरीज के बजाय फिल्म के जरिए पूर्वांचल की सत्ता, दुश्मनी और गैंगवार की दुनिया देखने को मिल रही है। 'मिर्जापुर: द मूवी' का एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर अमेजन प्राइम वीडियो पर हो गया है। फिल्म भारत समेत दुनिया के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में स्ट्रीम की जा रही है। इसके साथ ही कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया जैसे चर्चित किरदारों की दुनिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/entertainment/mirzapur-the-movies-explosive-entry-on-ott-the-film-will/article-13463"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-9.38.25-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मशहूर फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' एक बार फिर दर्शकों के बीच लौट आई है। इस बार दर्शकों को वेब सीरीज के बजाय फिल्म के जरिए पूर्वांचल की सत्ता, दुश्मनी और गैंगवार की दुनिया देखने को मिल रही है। 'मिर्जापुर: द मूवी' का एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर अमेजन प्राइम वीडियो पर हो गया है। फिल्म भारत समेत दुनिया के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में स्ट्रीम की जा रही है। इसके साथ ही कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया जैसे चर्चित किरदारों की दुनिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।</p>
<p><strong>अली फजल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु की दमदार वापसी</strong></p>
<p>'मिर्जापुर: द मूवी' में अली फजल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इन तीनों कलाकारों ने अपनी शानदार अदाकारी से मिर्जापुर फ्रेंचाइजी को अलग पहचान दिलाई है। फिल्म में इनके अलावा रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, श्वेता त्रिपाठी शर्मा और सोनल चौहान भी अहम किरदारों में दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>फिल्म में पुराने लोकप्रिय चेहरों के साथ कहानी को नए अंदाज में पेश किया गया है। यही वजह है कि लंबे समय से मिर्जापुर फ्रेंचाइजी का इंतजार कर रहे दर्शकों के बीच इसे लेकर खास उत्सुकता बनी हुई है।</p>
<p><strong>पहले सीजन के दौर में लौटेगी कहानी</strong></p>
<p>फिल्म की सबसे खास बात इसकी कहानी है। 'मिर्जापुर: द मूवी' दर्शकों को वेब सीरीज के पहले सीजन के दौर में लेकर जाती है। इसमें एक बार फिर सत्ता पर कब्जे की लड़ाई, पुरानी दुश्मनी और मिर्जापुर की गद्दी हासिल करने का संघर्ष देखने को मिलेगा।</p>
<p>कहानी का दायरा पूर्वांचल से लेकर रेगिस्तान तक फैला हुआ है। ऐसे में दर्शकों को मिर्जापुर की पुरानी दुनिया के साथ नए घटनाक्रम और रोमांचक मोड़ देखने को मिलेंगे। फिल्म में सत्ता की राजनीति, आपसी टकराव और किरदारों के बीच बदलते रिश्तों को भी अहम जगह दी गई है।</p>
<p><strong>एक्सटेंडेड कट में मिलेंगे अनदेखे सीन</strong></p>
<p>फिल्म का एक्सटेंडेड कट भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण है। इसके जरिए प्रशंसकों को कुछ ऐसे अतिरिक्त दृश्य देखने का मौका मिलेगा, जो पहले सामने नहीं आए थे। इन दृश्यों से कहानी की गहराई और किरदारों के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>फिल्म की पटकथा पुनीत कृष्णा ने लिखी है, जबकि इसका निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। दोनों पहले भी मिर्जापुर फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे हैं। ऐसे में फिल्म में फ्रेंचाइजी के पुराने अंदाज और नए सिनेमाई अनुभव का मेल देखने को मिलता है।</p>
<p><strong>फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने संभाली निर्माण की जिम्मेदारी</strong></p>
<p>'मिर्जापुर: द मूवी' का निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने किया है। फिल्म को अमेजन MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रस्तुत किया है।</p>
<p>कुल मिलाकर, मिर्जापुर की दुनिया में दिलचस्पी रखने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म एक नया अनुभव लेकर आई है। अब देखना होगा कि कालीन भैया, गुड्डू पंडित और दूसरे चर्चित किरदारों की यह सिनेमाई वापसी दर्शकों के बीच कितना भौकाल मचाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/entertainment/mirzapur-the-movies-explosive-entry-on-ott-the-film-will/article-13463</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 21:41:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुकेश केस में नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें! 2 नवंबर को कोर्ट में होना होगा पेश, सरकारी गवाह के तौर पर दर्ज होगा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बॉलीवुड</strong> अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही एक बार फिर महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को समन जारी करते हुए 2 नवंबर 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि इस बार नोरा को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष के सरकारी गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।</p>
<p>न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल तीसरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/entertainment/mahathug-sukeshs-bollywood-connection-nora-fatehi-gets-court-summons-important/article-13462"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-9.09.13-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>बॉलीवुड</strong> अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही एक बार फिर महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को समन जारी करते हुए 2 नवंबर 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि इस बार नोरा को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि अभियोजन पक्ष के सरकारी गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।</p>
<p>न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर यह आदेश जारी किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस मामले में नोरा फतेही का बयान महत्वपूर्ण हो सकता है। अदालत में उनके बयान से सुकेश चंद्रशेखर के कथित ठगी नेटवर्क और उससे जुड़े लेनदेन की कड़ियों को समझने में मदद मिल सकती है।</p>
<h4><strong>200 करोड़ की ठगी से जुड़ा है पूरा मामला</strong></h4>
<p>दरअसल, यह पूरा मामला साल 2020-21 के दौरान दिल्ली की रोहिणी जेल से संचालित कथित रंगदारी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल में रहते हुए खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह को अपने झांसे में लिया था।</p>
<p>सुकेश ने कथित तौर पर अदिति सिंह को उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने और कानूनी मदद दिलाने का भरोसा दिया था। इसी बहाने उसने उनसे करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की। इस मामले में ED लंबे समय से जांच कर रही है और सुकेश के आर्थिक नेटवर्क, संपत्तियों तथा बॉलीवुड से जुड़े संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।</p>
<h4><strong>नोरा को मिले थे महंगे गिफ्ट, ED ने की थी पूछताछ</strong></h4>
<p>जांच के दौरान नोरा फतेही का नाम भी सामने आया था। ED ने उनसे कई बार पूछताछ की थी। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर या उसके सहयोगियों की ओर से नोरा को लग्जरी गाड़ियां, महंगे बैग और ज्वेलरी जैसे कीमती उपहार दिए गए थे।</p>
<p>जांच एजेंसी की पूछताछ में नोरा ने एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की लग्जरी कार मिलने की बात स्वीकार की थी। यह कार उन्हें वर्ष 2020 में चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गिफ्ट की गई थी। इसके अलावा सुकेश और नोरा को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा चुकी है।</p>
<p>हालांकि, नोरा फतेही ने लगातार किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है। उनका कहना रहा है कि वह खुद इस पूरे मामले में पीड़ित रही हैं और उन्हें सुकेश के कथित ठगी के पैसे से जुड़े किसी अपराध की जानकारी नहीं थी।</p>
<h4><strong>जैकलीन फर्नांडिस भी मामले में आरोपी</strong></h4>
<p>इस हाईप्रोफाइल मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। ED की जांच के मुताबिक, सुकेश ने जैकलीन से नजदीकियां बढ़ाने के बाद उन पर सात करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे। आरोप है कि उसने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए थे।</p>
<p>इन उपहारों में लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, चार पर्शियन बिल्लियां और करीब 57 लाख रुपये का घोड़ा शामिल बताया गया है। इसके अलावा जैकलीन के परिवार के सदस्यों को भी महंगी गाड़ियां देने का आरोप है। इनमें बहरीन में रह रहे उनके माता-पिता के लिए पोर्श और मसेराटी जैसी गाड़ियां तथा उनके भाई-बहन को वाहन देने की बात शामिल है।</p>
<p>ED ने जैकलीन को इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया है। वहीं, नोरा फतेही को सरकारी गवाह के रूप में अदालत में बुलाया गया है।</p>
<h4><strong>2 नवंबर की पेशी पर टिकी निगाहें</strong></h4>
<p>अब इस पूरे मामले में 2 नवंबर 2026 की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नोरा फतेही अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगी। उनके बयान से सुकेश चंद्रशेखर के कथित रंगदारी नेटवर्क, महंगे उपहारों और उससे जुड़े लोगों के संबंध में अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल सभी की निगाहें राउज एवेन्यू कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।</p>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 21:11:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर नया विवाद, आधी रात को प्रतिमा की गहराई जांचने पहुंची तकनीकी टीम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उज्जैन। </strong>मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मंदिर का मुख्य ढांचा हटाए जाने के करीब डेढ़ महीने बाद प्रशासनिक अधिकारियों और भोपाल से पहुंची तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मंगलवार देर रात मंदिर में स्थापित प्रतिमा और उसके बेस की जांच की। इस दौरान आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से प्रतिमा की स्कैनिंग कर उसकी गहराई और संरचनात्मक स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया गया। हालांकि, जांच के दौरान मशीनों में तकनीकी खराबी आने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/law/new-controversy-regarding-hanuman-temple-standing-in-ujjain-technical-team/article-13461"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-8.37.57-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>उज्जैन। </strong>मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मंदिर का मुख्य ढांचा हटाए जाने के करीब डेढ़ महीने बाद प्रशासनिक अधिकारियों और भोपाल से पहुंची तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मंगलवार देर रात मंदिर में स्थापित प्रतिमा और उसके बेस की जांच की। इस दौरान आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से प्रतिमा की स्कैनिंग कर उसकी गहराई और संरचनात्मक स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया गया। हालांकि, जांच के दौरान मशीनों में तकनीकी खराबी आने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।</p>
<h4><strong>आधी रात को मंदिर पहुंची प्रशासनिक टीम</strong></h4>
<p>जानकारी के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे एसडीएम लक्ष्मीनारायण गर्ग के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मंदिर पहुंची। इस टीम में उज्जैन नगर निगम, पुलिस प्रशासन के अधिकारी और भोपाल से आई आठ सदस्यीय तकनीकी विशेषज्ञों की टीम शामिल थी।</p>
<p>विशेषज्ञों ने मंदिर में स्थापित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा और उसके आधार यानी बेस की आधुनिक उपकरणों से स्कैनिंग की। जांच का मुख्य उद्देश्य प्रतिमा के नीचे बने आधार की वास्तविक गहराई और उसकी संरचनात्मक स्थिति का पता लगाना बताया जा रहा है।</p>
<h4><strong>जांच के दौरान मशीनों में आई तकनीकी खराबी</strong></h4>
<p>प्रतिमा की गहराई मापने के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि जांच प्रक्रिया के दौरान मशीन में खराबी आ गई और कुछ उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। इससे जांच प्रभावित हुई।</p>
<p>हालांकि, मशीनों में खराबी आने की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर प्रशासन या तकनीकी विशेषज्ञों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कुछ लोग इसे चमत्कार से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, तकनीकी खराबी को चमत्कार बताने की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h4><strong>डेढ़ महीने पहले हटाया गया था मंदिर का मुख्य ढांचा</strong></h4>
<p>दरअसल, उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में 172 मकान-दुकान और करीब 10 धार्मिक स्थल आए थे। नगर निगम प्रशासन ने चौड़ीकरण के लिए संबंधित निर्माणों को हटाने और शिफ्ट करने की कार्रवाई की थी।</p>
<p>इसी कार्रवाई के तहत करीब डेढ़ महीने पहले प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर का मुख्य ढांचा भी हटा दिया गया था। हालांकि, मंदिर में स्थापित प्रतिमा को नहीं हटाया जा सका था। इसके बाद से ही प्रतिमा के आधार और उसकी स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं।</p>
<h4><strong>आधी रात को जांच कराने पर हिंदू संगठनों की आपत्ति</strong></h4>
<p>मंगलवार देर रात हुई जांच का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी देखने को मिली। विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने आधी रात को जांच किए जाने पर आपत्ति जताई। वहीं भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने भी कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए।</p>
<p>उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की तकनीकी जांच दिन के समय भी कराई जा सकती थी। ऐसे में प्रशासन को आधी रात का समय चुनने की जरूरत क्यों पड़ी, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।</p>
<h4><strong>तकनीकी रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति</strong></h4>
<p>फिलहाल प्रतिमा की गहराई, उसके बेस की संरचनात्मक स्थिति और मशीनों में आई खराबी को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। प्रशासन ने भी जांच के उद्देश्य और उसके निष्कर्षों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।</p>
<p>अब सभी की नजर तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा का आधार कितना गहरा है और सड़क चौड़ीकरण के बीच मंदिर की प्रतिमा को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>धर्म कला संस्कृति</category>
                                            <category>कानून</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 20:55:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर! ओवरस्पीडिंग चालान पर गडकरी का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के चालान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की निर्धारित गति से वाहन चलाने वालों को चालान या पेनल्टी नोटिस नहीं भेजे जाएं। इतना ही नहीं, उन्होंने निर्धारित स्पीड लिमिट से 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त गति पर भी रियायत देने की बात कही है।</p>
<p>गडकरी के इस बयान के बाद 120</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/national/6ae4adbe00bb9/article-13460"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-8.31.16-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के चालान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की निर्धारित गति से वाहन चलाने वालों को चालान या पेनल्टी नोटिस नहीं भेजे जाएं। इतना ही नहीं, उन्होंने निर्धारित स्पीड लिमिट से 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त गति पर भी रियायत देने की बात कही है।</p>
<p>गडकरी के इस बयान के बाद 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट वाले एक्सप्रेसवे पर 144 किलोमीटर प्रति घंटे तक चालान नहीं काटे जाने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इसे स्पीड लिमिट में आधिकारिक बदलाव नहीं समझना चाहिए। सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करना अब भी जरूरी है।</p>
<h4><strong>CII के कार्यक्रम में दिया अहम बयान</strong></h4>
<p>भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक हाईवे पर वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग के कई नोटिस मिल रहे थे। कुछ चालकों की शिकायत थी कि निर्धारित गति सीमा के आसपास वाहन चलाने के बावजूद उनके मोबाइल पर चालान के मैसेज पहुंच जाते हैं।</p>
<p>इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति के लिए पेनल्टी नोटिस नहीं भेजे जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित गति से 20 प्रतिशत तक अधिक रफ्तार पर भी चालकों को राहत दी जानी चाहिए।</p>
<h4><strong>120 की लिमिट पर 144 KM तक का गणित</strong></h4>
<p>गडकरी के बयान के अनुसार, यदि किसी एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है, तो उसमें 20 प्रतिशत अतिरिक्त मार्जिन जोड़ने पर यह आंकड़ा 144 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाता है। यानी उनके बताए गए मार्जिन के हिसाब से इस गति तक चालान नहीं भेजने की बात कही गई है।</p>
<p>हालांकि, वाहन चालकों को यह समझना जरूरी है कि 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को कानूनी स्पीड लिमिट नहीं माना जा सकता। यह चालान और कार्रवाई में छूट को लेकर दिया गया निर्देश है। सड़क सुरक्षा के लिहाज से निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाना सबसे सुरक्षित है।</p>
<h4><strong>AI तकनीक से होगी हाईवे पर निगरानी</strong></h4>
<p>कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने देश के बढ़ते हाईवे नेटवर्क पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने निजी कंपनियों और उद्योग जगत से इस तकनीक को विकसित करने और लागू करने में सरकार का सहयोग करने की अपील की। AI आधारित सिस्टम के माध्यम से हाईवे पर लेन अनुशासन का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान करना आसान हो सकेगा। इससे यातायात नियमों की निगरानी बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।</p>
<h4><strong>E20 पेट्रोल की आलोचना को बताया पेड प्रोपेगैंडा</strong></h4>
<p>नितिन गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने E20 ईंधन की आलोचनाओं को पेड प्रोपेगैंडा बताते हुए कहा कि साल 2022 से देश में लगभग 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन E20 मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस ईंधन से वाहनों के इंजन को बड़े स्तर पर नुकसान हो रहा होता, तो अब तक इसके स्पष्ट मामले सामने क्यों नहीं आए? गडकरी ने कहा कि कुछ महीने पहले इथेनॉल को लेकर काफी विवाद हुआ था, लेकिन अब यह बहस शांत हो चुकी है।</p>
<p>गौरतलब है कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। सरकार इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देकर पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>कुल मिलाकर, गडकरी के बयान में एक्सप्रेसवे पर चालान को लेकर राहत, AI तकनीक से ट्रैफिक निगरानी और इथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा देने जैसे तीन महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं। अब वाहन चालकों की नजर इस बात पर रहेगी कि स्पीड लिमिट में छूट से जुड़े निर्देशों को संबंधित अधिकारी किस तरह लागू करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/national/6ae4adbe00bb9/article-13460</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 20:32:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ की हुंकार, दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था रवाना हो गया है। प्रदेशभर से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता 16 बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर पत्रकारों से चर्चा की। चक्रवात अर्नब से प्रभावित किसानों की परेशानी, पटवारियों की हड़ताल, चुनाव प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती को लेकर उन्होंने सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/16-buses-of-chhattisgarh-congress-left-for-vote-bachao-desh/article-13458"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-7.26.06-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था रवाना हो गया है। प्रदेशभर से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता 16 बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर पत्रकारों से चर्चा की। चक्रवात अर्नब से प्रभावित किसानों की परेशानी, पटवारियों की हड़ताल, चुनाव प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-7.26.06-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-10-30 at 7.26.06 PM (1)" width="1600" height="1064"/></p>
<h4><strong>किसानों की फसल बर्बादी पर कर्ज माफी की मांग</strong></h4>
<p>दिल्ली रवाना होने से पहले दीपक बैज ने चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हुई बारिश और फसल नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बस्तर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने से किसान आर्थिक संकट और चिंता का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।</p>
<p>बैज ने मांग की कि सरकार चक्रवात से प्रभावित किसानों का कर्ज माफ करे। उन्होंने पटवारियों की जारी हड़ताल पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि जब पटवारी हड़ताल पर हैं, तो फसलों के नुकसान का सर्वे कौन करेगा? सरकार को तत्काल पटवारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने बीमा कंपनियों को भी जल्द से जल्द सर्वे कराने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश देने की मांग की। बैज ने कहा कि प्रभावित किसानों को फसल बीमा की राशि का भुगतान बिना देरी के किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।</p>
<h4><strong>जेपी नड्डा की पदयात्रा पर भी साधा निशाना</strong></h4>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की पदयात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक बैज ने चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र को बचाना है तो सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर विचार होना चाहिए।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-7.26.05-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-10-30 at 7.26.05 PM" width="1065" height="1600"/></p>
<p>बैज ने आरोप लगाया कि वोट चोरी और एसआईआर (SIR) के नाम पर मतदाताओं के वोट काटने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा को लोकतंत्र की बात करने से पहले चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।</p>
<h4><strong>116 जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती पर सरकार से सवाल</strong></h4>
<p>दीपक बैज ने प्रदेश में 116 जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नक्सलवाद समाप्त होने का दावा कर रही है, लेकिन दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा कम की जा रही है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किन आधारों पर किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की एनएसजी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाया। बैज ने पूछा कि क्या उनकी सुरक्षा हटाने के लिए भी कोई सिफारिश की गई है? इसके साथ ही उन्होंने बस्तर के नेताओं को उपलब्ध कराई गई सीआरपीएफ सुरक्षा को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।</p>
<p>प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि सुरक्षा में कटौती की जा रही है तो यह सभी के लिए समान रूप से लागू होनी चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री से पूछा कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की सुरक्षा में भी इसी तरह कटौती की जाएगी?</p>
<p>कुल मिलाकर, दिल्ली में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं, चुनाव प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। अब 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में इन मुद्दों पर कांग्रेस की आगे की रणनीति और पार्टी का रुख क्या रहता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 19:29:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे छह नए न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शुक्रवार 30 अक्टूबर को हुई बैठक में हाईकोर्ट के लिए छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। कॉलेजियम की इस मंजूरी के बाद अब इन नामों पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।</p>
<p>          सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, अधिवक्ता वर्ग से आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुष्टि (आरएन पुष्टि या रतन पुष्टि), शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा</p>
<p>छत्तीसगढ़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/law/chhattisgarh-high-court-will-get-six-new-judges-supreme-court/article-13457"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/image_search_1793368637528.png" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शुक्रवार 30 अक्टूबर को हुई बैठक में हाईकोर्ट के लिए छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। कॉलेजियम की इस मंजूरी के बाद अब इन नामों पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।</p>
<p>     सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, अधिवक्ता वर्ग से आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुष्टि (आरएन पुष्टि या रतन पुष्टि), शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा के नामों को हरी झंडी दी गई है। न्यायिक अधिकारियों की श्रेणी से रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा को भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने पर सहमति जताई गई है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वर्तमान में स्वीकृत पदों की संख्या 22 है। हाल की कुछ नियुक्तियों के बाद भी कई पद रिक्त चल रहे हैं। नए न्यायाधीशों के आने से अदालत की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य की राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से न्याय प्रक्रिया और सुचारू होगी।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/image-2026-10-30t190756.805.webp" alt="image-2026-10-30T190756.805" width="1080" height="1453"/></p>
<p>कॉलेजियम की मंजूरी के बाद इन छह नामों को लेकर अब कानून मंत्रालय की फाइल आगे बढ़ेगी। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने के बाद ये नए न्यायाधीश अपना पदभार ग्रहण करेंगे। इससे हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लंबित मामलों का बोझ कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>कानूनी जानकारों का कहना है कि अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों दोनों वर्गों से नाम आने से अदालत में विविध अनुभव वाले न्यायाधीश शामिल होंगे। अधिवक्ता वर्ग के चार नाम स्थानीय बार से जुड़े होने के कारण छत्तीसगढ़ की कानूनी व्यवस्था से अच्छी तरह परिचित हैं। वहीं न्यायिक अधिकारी पहले से जिला अदालतों में काम कर चुके हैं, इसलिए उन्हें प्रक्रिया और प्रशासन का अच्छा अनुभव है।</p>
<p>यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश भर की हाईकोर्टों में न्यायाधीशों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भी इससे अछूता नहीं था। कॉलेजियम की इस मंजूरी से राज्य की न्यायपालिका को नई ऊर्जा मिलेगी। अब इन नामों पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार है, जिसके बाद हाईकोर्ट में नए न्यायाधीशों का स्वागत होगा। इससे आम आदमी को समय पर न्याय मिलने की राह और आसान हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/law/chhattisgarh-high-court-will-get-six-new-judges-supreme-court/article-13457</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 19:28:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार; 7.50 लाख का गांजा जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 7 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने ओड़िशा से गांजा लाकर रायपुर में बेचने की योजना की जानकारी दी है।</p>
<p>पुलिस की इस कार्रवाई में गंज थाना पुलिस के साथ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम शामिल रही। मुखबिर से मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-revelation-of-ganja-smuggling-in-raipur-truck-driver-gets/article-13456"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-7.07.34-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 7 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने ओड़िशा से गांजा लाकर रायपुर में बेचने की योजना की जानकारी दी है।</p>
<p>पुलिस की इस कार्रवाई में गंज थाना पुलिस के साथ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम शामिल रही। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।</p>
<h4><strong>मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने की कार्रवाई</strong></h4>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, गंज थाना पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ओड़िशा से गांजा लेकर रायपुर पहुंचे हैं और शहर में इसकी बिक्री करने की तैयारी में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गंज थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम बनाई गई।</p>
<p>टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से लगभग 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।</p>
<h4><strong>राजस्थान के दो युवक और रायपुर की महिला गिरफ्तार</strong></h4>
<p>क्राइम एंड साइबर डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि गांजा तस्करी के मामले में एक महिला समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजेंद्र पांचाल, नीरज तोमर और शबाना लोधी के रूप में हुई है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, गजेंद्र पांचाल और नीरज तोमर मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। वहीं, महिला आरोपी शबाना लोधी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र की निवासी बताई गई है। तीनों आरोपियों पर ओड़िशा से गांजा लाकर रायपुर में खपाने की तैयारी करने का आरोप है।</p>
<h4><strong>7.50 लाख रुपये का गांजा जब्त</strong></h4>
<p>पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की बाजार कीमत लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(B) के तहत कार्रवाई की गई है।</p>
<p>पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा ओड़िशा में कहां से लाया गया था और रायपुर में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। इसके अलावा तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा सकती है।</p>
<h4><strong>नशे के कारोबार पर पुलिस की नजर</strong></h4>
<p>राजधानी रायपुर में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा है।</p>
<p>फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का उद्देश्य गांजा सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाना है, ताकि नशे के अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-revelation-of-ganja-smuggling-in-raipur-truck-driver-gets/article-13456</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 19:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में त्योहारों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा, बाजारों में पुलिस की बढ़ेगी पेट्रोलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। अब बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स का सहयोग लेगी। इसके लिए ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाने तथा चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए चेकिंग तेज करने को कहा गया है।</p>
<p>रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश कुमार मिश्रा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/law/tight-security-on-festivals-in-raipur-police-patrolling-will-increase/article-13455"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-6.54.35-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। अब बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स का सहयोग लेगी। इसके लिए ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाने तथा चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए चेकिंग तेज करने को कहा गया है।</p>
<p>रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को आयोजित रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा एवं समन्वय बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, CSP, DSP और रक्षित निरीक्षक शामिल हुए। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<h4><strong>व्यापारियों के सहयोग से बनेगी ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था</strong></h4>
<p>त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। इसके कारण प्रमुख सड़कों, बाजारों और चौराहों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनती है। इस समस्या को दूर करने के लिए IG ने व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि व्यापारियों के सहयोग से ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे बाजारों में यातायात को व्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा प्रमुख सड़कों और चौराहों पर लगे CCTV कैमरों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। इससे यातायात व्यवस्था की निगरानी के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।</p>
<h4><strong>बाजारों में बढ़ेगी पुलिस की गश्त, चोरी-उठाईगिरी पर नजर</strong></h4>
<p>त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व चोरी और उठाईगिरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसे देखते हुए IG ने पुलिस अधिकारियों को बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया। पुलिस को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।</p>
<h4><strong>थानों के कामकाज की होगी नियमित समीक्षा</strong></h4>
<p>अपराध समीक्षा बैठक में थानों की कार्यप्रणाली और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही पर भी चर्चा हुई। IG अमरेश कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी तय करने और वरिष्ठ अधिकारियों को थानों के कामकाज की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।</p>
<p>CSP और DSP स्तर के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर अपराधों की जांच और कानून-व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया। लंबित अपराधों की समयबद्ध जांच पूरी करने, निर्धारित समयसीमा में चालान पेश करने और पुराने मामलों का जल्द निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>इसके अलावा समन और वारंट की तामिली के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत करने तथा न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।</p>
<h4><strong>साइबर ठगी और जमीन विवादों पर भी सख्ती</strong></h4>
<p>बैठक में साइबर अपराध और जमीन विवादों को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। IG ने कहा कि साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।</p>
<p>वहीं जमीन विवादों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया, जिससे विवाद बढ़ने से रोके जा सकें। गंभीर अपराधों की गुणवत्तापूर्ण जांच करने और आरोपियों को जमानत मिलने की स्थिति में प्रभावी विरोध करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>IG ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करने, पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रखने और नागरिकों को समय पर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की हिदायत दी। पुलिस की इस तैयारी का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजारों में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 18:55:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ विधायक का निधन, 78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>रायपुर : </strong>छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">78 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और हैदराबाद के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। गौरतलब है कि महज दो दिन</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-blow-to-bjp-chhattisgarh-mla-passes-away-breathed-his/article-13454"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/विधायक-का-निधन.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>रायपुर : </strong>छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">78 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और हैदराबाद के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। गौरतलब है कि महज दो दिन पहले ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">शिक्षक से विधायक</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनता के बीच बनाई पहचान</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का राजनीतिक सफर संघर्ष</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संगठन के प्रति निष्ठा और सामाजिक सक्रियता की मिसाल रहा। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद वे यहां के पहले विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष </span>2008 <span lang="hi" xml:lang="hi">के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद वे दो बार अहिवारा से विधायक चुने गए। वर्ष </span>2013 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">में टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">1972 <span lang="hi" xml:lang="hi">में शिक्षक बने</span>, 1998 <span lang="hi" xml:lang="hi">में व्याख्याता पद से हुए सेवानिवृत्त</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">12 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>1948 <span lang="hi" xml:lang="hi">को बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम भेंडरा में जन्मे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने एमए (राजनीति विज्ञान) के बाद बीएड की पढ़ाई की थी। उन्होंने वर्ष </span>1972 <span lang="hi" xml:lang="hi">में गुंडरदेही ब्लॉक की प्राथमिक शाला साजा से सहायक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष </span>1987 <span lang="hi" xml:lang="hi">में उच्च श्रेणी शिक्षक बने और </span>1998 <span lang="hi" xml:lang="hi">में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षा के क्षेत्र में लंबी सेवा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">राजनीति के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी रहे सक्रिय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">कोर्सेवाड़ा का जुड़ाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग के उपाध्यक्ष रहे। इसके अलावा दुर्ग जिला सतनामी कल्याण संघ के महामंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गिरौदपुरी मेला समिति के सदस्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरु घासीदास मंदिर समिति चौरेल के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ पंथी नृत्य अकादमी के संरक्षक के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाई। वे मोतीकला साहित्य विकास समिति के संचालक और अनुसूचित जाति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग से जुड़े विधिक सहायता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष </span>1999 <span lang="hi" xml:lang="hi">में दुर्ग लोकसभा सांसद के निजी सहायक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">राष्ट्रपति डॉ कलाम के हाथों मिला था गुरु घासीदास सम्मान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सामाजिक चेतना और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2006 <span lang="hi" xml:lang="hi">में उन्हें गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ था। सतनामी समाज में उनके योगदान और सक्रियता के लिए उन्हें राजमहंत पद से भी नवाजा गया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">परिवार में पत्नी</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक पुत्र और दो पुत्रियां</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का विवाह </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">4 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>1970 <span lang="hi" xml:lang="hi">को कमला कोर्सेवाड़ा से हुआ था। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पार्थिव शरीर को शनिवार को उनके गृह क्षेत्र अहिवारा लाए जाने की जानकारी दी गई है। उनके निधन से भाजपा ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सतनामी समाज ने सामाजिक गतिविधियों से जुड़े एक सक्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 18:07:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेल में था निरीक्षक, विभाग ने सुने बिना थमा दिया बर्खास्तगी का फरमान, हाई कोर्ट ने किया निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जेल की सलाखों के पीछे होने का मतलब यह नहीं कि किसी कर्मचारी से अपना पक्ष रखने का अधिकार भी छीन लिया जाए। विभागीय कार्रवाई में निष्पक्ष सुनवाई के इसी सिद्धांत को अहमियत देते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सीआरपीएफ के एक निरीक्षक की बर्खास्तगी को निरस्त कर दिया है। विभाग ने निरीक्षक को जेल में रहते हुए अपना बचाव रखने का पर्याप्त अवसर दिए बिना ही सेवा से बाहर कर दिया था। जस्टिस ए के प्रसाद की सिंगल बेंच ने विभाग की इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए बर्खास्तगी और अपील खारिज</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/the-inspector-was-in-jail-the-department-handed-over-the/article-13453"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/hight-court5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जेल की सलाखों के पीछे होने का मतलब यह नहीं कि किसी कर्मचारी से अपना पक्ष रखने का अधिकार भी छीन लिया जाए। विभागीय कार्रवाई में निष्पक्ष सुनवाई के इसी सिद्धांत को अहमियत देते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सीआरपीएफ के एक निरीक्षक की बर्खास्तगी को निरस्त कर दिया है। विभाग ने निरीक्षक को जेल में रहते हुए अपना बचाव रखने का पर्याप्त अवसर दिए बिना ही सेवा से बाहर कर दिया था। जस्टिस ए के प्रसाद की सिंगल बेंच ने विभाग की इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए बर्खास्तगी और अपील खारिज करने के आदेश रद्द कर दिए। कोर्ट ने निरीक्षक वाई के सोलोमन को बिना पिछले वेतन के सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है। हालांकि</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग को नियमानुसार नए सिरे से विभागीय जांच करने की छूट भी दी गई है।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">प्रशिक्षण के दौरान विवाद</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मारपीट के बाद हुई थी मौत</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मणिपुर निवासी वाई के सोलोमन सीआरपीएफ में निरीक्षक के पद पर पदस्थ था। वर्ष </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2015 <span lang="hi" xml:lang="hi">में अंबिकापुर में प्रशिक्षण के दौरान </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त को उनका संजय सिंह नामक व्यक्ति से विवाद हो गया था। विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई और उपचार के दौरान </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">अक्टूबर </span>2015 <span lang="hi" xml:lang="hi">को संजय सिंह की मौत हो गई। इस मामले में सोलोमन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जेल में रहते हुए मांगा था सुनवाई का मौका</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग ने नहीं मानी बात</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">आपराधिक मामले के बीच सीआरपीएफ ने भी सोलोमन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी। विभाग का आरोप था कि उन्होंने घटना की जानकारी छिपाई और इस आचरण से बल की छवि प्रभावित हुई। इस दौरान सोलोमन न्यायिक हिरासत में थे। उन्होंने विभाग को लिखित रूप से जानकारी देते हुए बताया कि जेल में रहते हुए अपना बचाव करना और जांच में प्रभावी ढंग से शामिल होना संभव नहीं है। उन्होंने जमानत पर रिहा होने के बाद विभागीय जांच शुरू करने का अनुरोध भी किया था। लेकिन विभाग ने उनके इस अनुरोध पर विचार नहीं किया। उनकी अनुपस्थिति में ही विभागीय जांच पूरी कर ली गई और जांच रिपोर्ट के आधार पर </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">3 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के खिलाफ उनकी अपील भी </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">को खारिज कर दी गई।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">आपराधिक मामले में बरी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी बहाली नहीं</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">इस बीच आपराधिक मामले में सोलोमन को राहत मिली। अंबिकापुर के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">नवंबर </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">को उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इसके बाद उन्होंने सेवा में बहाली के लिए विभाग के समक्ष अपील की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">को उनकी अपील खारिज कर दी गई। आखिरकार उन्होंने विभाग के दोनों आदेशों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">हाई कोर्ट: अपना पक्ष रखने का वास्तविक अवसर मिलना जरूरी</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जब वह न्यायिक हिरासत में थे</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब विभाग को स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि जेल में रहते हुए अपना बचाव करना संभव नहीं है। इसके बावजूद विभाग ने उनकी परेशानी और जांच स्थगित करने के अनुरोध पर विचार किए बिना एकतरफा कार्रवाई कर दी। वहीं केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि सोलोमन ने घटना की जानकारी विभाग को नहीं दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए विभागीय कार्रवाई उचित थी। यह भी दलील दी गई कि याचिकाकर्ता को वैकल्पिक अपील का रास्ता अपनाना चाहिए था।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस ए के प्रसाद की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामले में संदेह का लाभ मिलने से विभागीय कार्रवाई अपने आप समाप्त नहीं हो जाती। आपराधिक मुकदमे और विभागीय जांच में साक्ष्य के मूल्यांकन तथा प्रमाण के मानक अलग-अलग होते हैं। इसलिए आपराधिक मामले में बरी होने का आधार अकेले विभागीय कार्रवाई को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बचाव का मौका दिए बिना गंभीर दंड देना उचित नहीं</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">कोर्ट ने पाया कि निरीक्षक सोलोमन ने न्यायिक हिरासत में रहते हुए विभाग को जवाब भेजा था और अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सुनवाई टालने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद विभाग ने उनके अनुरोध पर उचित विचार किए बिना जांच पूरी कर बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के विपरीत माना। </span><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का उल्लेख करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को गंभीर दंड देने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का वास्तविक और प्रभावी अवसर दिया जाना आवश्यक है। केवल औपचारिक रूप से जांच की प्रक्रिया पूरी कर देना निष्पक्ष सुनवाई की कसौटी पर पर्याप्त नहीं है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बर्खास्तगी और अपील के आदेश निरस्त</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहाली का रास्ता साफ</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">हाई कोर्ट ने </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">3 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के बर्खास्तगी आदेश और </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">के अपील आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निरीक्षक वाई के सोलोमन को सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें पिछला वेतन (बैक वेजेस) नहीं मिलेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग चाहे तो कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देते हुए नए सिरे से विभागीय जांच कर सकता है।</span></span><span style="line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>हाईकोर्ट</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 15:50:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संजू त्रिपाठी हत्याकांड में आया फैसला, सबूतों के अभाव में भाई कपिल समेत सभी 22 आरोपी बरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में जिला अदालत के फैसले ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। जिस हत्याकांड ने दिसंबर </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पूरे प्रदेश को दहला दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी मामले में शुक्रवार को अदालत ने मुख्य आरोपी बनाए गए संजू के सगे भाई कपिल त्रिपाठी समेत सभी </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वकील के अनुस्सर पुलिस की ओर से</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/law/verdict-in-sanju-tripathi-murder-case-acquitted-all-22-accused/article-13452"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/jila-court-bilaspur-cg1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में जिला अदालत के फैसले ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। जिस हत्याकांड ने दिसंबर </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पूरे प्रदेश को दहला दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी मामले में शुक्रवार को अदालत ने मुख्य आरोपी बनाए गए संजू के सगे भाई कपिल त्रिपाठी समेत सभी </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वकील के अनुस्सर पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं थे।</span></span></p>
<p><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">पारिवारिक संपत्ति विवाद को </span>पुलिस ने बताया था हत्याकांड की वजह</span></span></strong></p>
<p><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/sanju-tripathi-murder-case.jpeg" alt="sanju tripathi murder case" width="639" height="480"/></span></span></strong></p>
<p><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">14 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">की दोपहर बिलासपुर के सकरी बाइपास पर संजू त्रिपाठी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस सनसनीखेज वारदात से प्रदेश की कानून-व्यवस्था में हड़कंप मचा दिया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने हत्या के पीछे पारिवारिक संपत्ति विवाद को बड़ी वजह बताया था। पुलिस की जांच के अनुसार संजू त्रिपाठी और उनके भाई कपिल त्रिपाठी के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों का नाम शहर की विवादित जमीनों के कारोबार से भी जुड़ता रहा था। पुलिस का दावा था कि इसी विवाद के चलते कपिल ने अपने भाई की हत्या की साजिश रची और यूपी के शूटरों को सुपारी देकर बुलाया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">चार गाड़ियों में निकले थे आरोपी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सकरी बाइपास पर घेरकर बरसाई गोलियां</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस ने अपनी जांच में वारदात की जो कहानी सामने रखी थी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके अनुसार </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर को आरोपी अलग-अलग चार गाड़ियों में कपिल त्रिपाठी के फार्म हाउस से सकरी बाइपास की ओर निकले थे। आरोपियों की योजना संजू त्रिपाठी की गाड़ी को रोककर उन पर हमला करने की थी। शूटर दानिश अंसारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पप्पू दाढ़ी और एजाज उर्फ सोनू हथियारों से लैस होकर एक नीली बलेनो कार में सवार थे। विनय द्विवेदी उर्फ गुरुजी इस कार को चला रहा था। वहीं दूसरी गाड़ी में प्रसीन गुप्ता के साथ भरत तिवारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आशीष तिवारी और राजेंद्र ठाकुर सवार थे। सकरी बाइपास पर पहुंचने के बाद शूटरों को संजू त्रिपाठी की सफेद रंग की एमजी हेक्टर कार की जानकारी दी गई। इसके बाद उनकी गाड़ी को रोकने की योजना बनाई गई। पुलिस की कहानी के अनुसार जैसे ही संजू की गाड़ी रुकी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। ड्राइविंग सीट पर बैठे संजू त्रिपाठी पर सबसे पहले दानिश अंसारी ने गोली चलाई। इसके बाद एजाज उर्फ सोनू</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पप्पू दाढ़ी और विनय द्विवेदी ने भी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा था कि संजू की मौत की पुष्टि होने के बाद आरोपी अलग-अलग गाड़ियों से यूपी की ओर फरार हो गए।</span></span></p>
<p><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">22 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों की गिरफ्तारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अदालत में नहीं टिके आरोप</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने कपिल त्रिपाठी के अलावा उसके पिता जयनारायण त्रिपाठी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पत्नी सुचित्रा त्रिपाठी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंहबोली बहन कल्याणी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जीजा भरत तिवारी समेत कई रिश्तेदारों और परिचितों को आरोपी बनाया था। इसके अलावा शूटरों और यूपी से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी। पुलिस ने कुल </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जांच एजेंसियों ने संपत्ति विवाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कथित सुपारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हथियारों की व्यवस्था और वारदात में अलग-अलग लोगों की भूमिका को जोड़ते हुए हत्या की साजिश का पूरा घटनाक्रम पेश किया था। लेकिन अदालत में अभियोजन पक्ष इन आरोपों को ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर साबित नहीं कर पाया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">चार साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड का चौंकाने वाला अंजाम</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">शुक्रवार को आए फैसले में अदालत ने मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी सहित सभी </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">22 <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों को बरी कर दिया। बचाव पक्ष के वकील ने फैसले के बाद कहा कि पुलिस हत्या की साजिश और आरोपियों की भूमिका साबित करने में असफल रही। अभियोजन की ओर से ऐसे पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया जा सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कानून</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 15:16:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेडिंग एप पर 19.85 लाख का मुनाफा दिखाया, खाते में नहीं आया 1 भी रुपया, दो लोगों से 15.20 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच ऐसा जाल बन गया कि निवेशक अपनी जमा-पूंजी गंवा बैठे हैं। साइबर ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग एप और सेबी में रजिस्टर्ड होने का भरोसा दिलाकर बिलासपुर के दो लोगों को </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">15.20 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए का चूना लगा दिया। ठगों ने एक पीड़ित के खाते में पांच महीने तक लाखों रुपए का काल्पनिक मुनाफा दिखाया। जब स्क्रीन पर रकम </span>19.85 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए तक पहुंची तो पीड़ित को लगा कि उसकी किस्मत चमक गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन असली झटका तब लगा जब रकम निकालने की कोशिश की। निकासी रोक दी गई और </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/profit-of-rs-1985-lakh-shown-on-trading-app-not/article-13451"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/35e2c58c2e01fdcd89da6527551a1bd81659870397_original3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच ऐसा जाल बन गया कि निवेशक अपनी जमा-पूंजी गंवा बैठे हैं। साइबर ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग एप और सेबी में रजिस्टर्ड होने का भरोसा दिलाकर बिलासपुर के दो लोगों को </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">15.20 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए का चूना लगा दिया। ठगों ने एक पीड़ित के खाते में पांच महीने तक लाखों रुपए का काल्पनिक मुनाफा दिखाया। जब स्क्रीन पर रकम </span>19.85 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए तक पहुंची तो पीड़ित को लगा कि उसकी किस्मत चमक गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन असली झटका तब लगा जब रकम निकालने की कोशिश की। निकासी रोक दी गई और </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन में सेटलमेंट का भरोसा देने वाले ठग फोन बंद कर गायब हो गए। दूसरे मामले में सीए फाइनल के छात्र को ट्रेडिंग टिप्स और प्रीमियम सर्विस के नाम पर </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए की चपत लगाई गई।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">5 हजार से शुरू कराया निवेश</span></strong><span style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><strong>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर </span>99 </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>हजार तक की कराई किस्तें जमा</strong></span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सरकंडा के अशोक विहार चांटीडीह निवासी अश्वनी एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं। </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">25 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिसंबर </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">को उनके मोबाइल पर श्रिया यादव नाम की महिला का फोन आया। उसने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया और एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया। शुरुआत में कम रकम निवेश करने की सलाह दी गई। अश्वनी ने पहली बार पांच हजार रुपए लगाए। एप पर निवेश बढ़ता दिखाई देने लगा तो उनका भरोसा भी मजबूत होता गया। इसके बाद दिसंबर </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">से मई </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच उनसे </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">किस्तों में कुल </span>7.20 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए जमा कराए गए। रकम अभिषेक कुमार और अविनाश कुमार के यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर कराई गई। शुरुआत छोटी रकम से हुई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बाद में </span>99 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए तक की किस्तें जमा कराई गई। इस दौरान फर्जी एप पर उनकी निवेश राशि और मुनाफा लगातार बढ़ता दिखाया जाता रहा। देखते ही देखते स्क्रीन पर बैलेंस </span>19.85 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए पहुंच गया।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>मुनाफा निकलते समय निकासी की रोक दी प्रक्रिया</strong></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अश्वनी ने जब अपनी रकम निकालनी चाही तो एप में निकासी की प्रक्रिया रोक दी गई। आरोपियों ने </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">15 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन के भीतर सेटलमेंट करने का भरोसा दिया। पीड़ित इंतजार करता रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद मिले। जिस कार्यालय का पता बताया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह भी फर्जी निकला। तब पीड़ित को समझ आया कि ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ सुनियोजित साइबर ठगी हुई है।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सेबी रजिस्टर्ड बताकर छात्र को प्लैटिनम प्लान में फंसाया</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">ठगी का दूसरा मामला तोरवा क्षेत्र का है। यहां सीए फाइनल के छात्र वुगराला राव को शेयर ट्रेडिंग टिप्स और प्रीमियम सर्विस देने के नाम पर निशाना बनाया गया। </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">21 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताते हुए ट्रेडिंग में बेहतर कमाई कराने का दावा किया। उसने सिल्वर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोल्ड और प्लैटिनम नाम से तीन प्लान बताए। ज्यादा लाभ की उम्मीद में छात्र ने प्लैटिनम प्लान चुन लिया। इसके बाद </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर से </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">अक्टूबर के बीच अलग-अलग किस्तों में </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">बार ऑनलाइन भुगतान कराया गया। इस तरह छात्र से कुल </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। रकम लेने के बाद न तो वादा की गई सर्विस मिली और न ही पैसे वापस किए गए। लगातार टालमटोल और रकम लौटाने से इनकार किए जाने पर छात्र ने साइबर हेल्पलाइन नंबर </span>1930 <span lang="hi" xml:lang="hi">पर शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार को तोरवा पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">स्क्रीन पर लाखों का मुनाफा</span><span style="font-size:11pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हकीकत में खाली हाथ</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">दोनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भरोसा जीतने के लिए शेयर बाजार में कम समय में मोटा मुनाफा को हथियार बनाया गया। एक मामले में फर्जी एप पर फर्जी बैलेंस बढ़ाकर निवेशक को लगातार पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरे में सेबी रजिस्टर्ड होने का दावा कर प्रीमियम ट्रेडिंग सर्विस के नाम पर रकम वसूली गई।</span></span><span style="line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 14:54:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवती की आत्महत्या के मामले में आरोपी को हाई कोर्ट से राहत, सात साल की सजा रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;"><strong> :</strong> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">नहाते समय चोरी-छिपे वीडियो बनाना</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाना, जिससे एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। इन आरोपों को लेकर निचली अदालत ने आरोपी को सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोषसिद्धि और सजा का आदेश निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपी ने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया था या आत्महत्या से पहले उसे लगातार इस तरह प्रताड़ित किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/in-the-case-of-girls-suicide-the-accused-gets-relief/article-13450"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/hight-court4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;"><strong> :</strong> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">नहाते समय चोरी-छिपे वीडियो बनाना</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाना, जिससे एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। इन आरोपों को लेकर निचली अदालत ने आरोपी को सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोषसिद्धि और सजा का आदेश निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपी ने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया था या आत्महत्या से पहले उसे लगातार इस तरह प्रताड़ित किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुई। जस्टिस एन के चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने आरोपी मोबारक अंसारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">ब्लैकमेल कर </span><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गम्हरिया निवासी मोबारक अंसारी और युवती पुनीता एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। आरोप था कि एक दिन युवती जब वॉशरूम में नहा रही थी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी दौरान मोबारक ने उसका वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो दिखाकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा। मांग पूरी नहीं करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी गई।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">गांव में हुई थी बैठक</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गलती स्वीकारने का था दावा</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">इस मामले को लेकर </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">13 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">को गांव में बैठक भी हुई थी। अभियोजन का दावा था कि बैठक के दौरान मोबारक ने अपनी गलती स्वीकार की थी। उसने मोबाइल से वीडियो डिलीट करने और भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने का आश्वासन भी दिया था। इसके बावजूद युवती की आत्महत्या के बाद मामला गंभीर आपराधिक प्रकरण में तब्दील हो गया। निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मोबारक को दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जेल से अधिवक्ता के जरिए हाई कोर्ट में दी चुनौती</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सत्र न्यायालय के फैसले के बाद आरोपी जेल में सजा काट रहा था। इसी दौरान उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपील दायर कर दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी। अपील में मामले के साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों पर सवाल उठाए गए।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप नहीं हुआ सिद्ध</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अपील की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन यह स्थापित नहीं कर सका कि आरोपी ने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया था। यह भी प्रमाणित नहीं हुआ कि आत्महत्या से पहले आरोपी की ओर से लगातार ऐसी प्रताड़ना की गई थी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा संबंध युवती के आत्मघाती कदम से साबित हो सके। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने सत्र न्यायालय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बलरामपुर-रामानुजगंज के दोषसिद्धि और सजा संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने आरोपी मोबारक अंसारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया। इस फैसले के साथ ही सात साल की सजा काट रहे आरोपी को कानूनी राहत मिल गई।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>हाईकोर्ट</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 14:14:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE ने 10वीं में बदला नियम, जिससे बदल गया छात्रों की बोर्ड परीक्षा का पूरा पैटर्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>नई दिल्ली :</strong> दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए सीबीएसई ने विषय योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए शैक्षणिक सत्र </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2027-28 <span lang="hi" xml:lang="hi">से दसवीं कक्षा में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को पर्यावरण शिक्षा नहीं पढ़नी होगी। इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड ने विषयों के चयन से लेकर परीक्षा और रिजल्ट तक के नियमों में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था में पढ़ाई का बोझ कम करने के साथ विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य के करियर के मुताबिक विषय चुनने का अवसर देने पर जोर दिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पांच विषयों की परीक्षा देना अनिवार्य</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छठे</span></span></strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/job-education/cbse-changed-the-rules-in-class-10th-which-changed-the/article-13449"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/cbse1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>नई दिल्ली :</strong> दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए सीबीएसई ने विषय योजना में बड़ा बदलाव किया है। नए शैक्षणिक सत्र </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2027-28 <span lang="hi" xml:lang="hi">से दसवीं कक्षा में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को पर्यावरण शिक्षा नहीं पढ़नी होगी। इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड ने विषयों के चयन से लेकर परीक्षा और रिजल्ट तक के नियमों में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था में पढ़ाई का बोझ कम करने के साथ विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य के करियर के मुताबिक विषय चुनने का अवसर देने पर जोर दिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पांच विषयों की परीक्षा देना अनिवार्य</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छठे में मिलेगी पसंद की आजादी</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सीबीएसई की नई व्यवस्था के अनुसार शैक्षणिक सत्र </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2027-28 <span lang="hi" xml:lang="hi">से दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पांच विषय अनिवार्य होंगे। इनमें पहली भाषा (आर</span>-1), <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी भाषा (आर</span>-2), <span lang="hi" xml:lang="hi">गणित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। इन सभी विषयों में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा देनी होगी और उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को एक वैकल्पिक विषय चुनने का मौका मिलेगा। वे अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार उन्नत गणित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत विज्ञान अथवा व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत उपलब्ध कौशल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">22 <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विषयों से खुलेंगे करियर के नए रास्ते</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">नई विषय योजना में बोर्ड ने व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को भी महत्व दिया है। इसके तहत विद्यार्थियों के पास सूचना प्रौद्योगिकी</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डाटा साइंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हेल्थ केयर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकिंग एवं बीमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खुदरा कारोबार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर तथा डिजाइन थिंकिंग एवं नवाचार जैसे कुल </span>22 <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विषयों में से चयन का विकल्प होगा। खास बात यह है कि कौशल विषय चुनने वाले विद्यार्थियों को इसके लिए अलग से बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इन विषयों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को किताबी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">गणित-विज्ञान में कमजोर हुए तो कौशल विषय बन सकता है सहारा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू विषय प्रतिस्थापन का नियम है। यदि कोई विद्यार्थी गणित</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में न्यूनतम </span>33 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत अंक हासिल करने में असफल रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसके चुने हुए कौशल विषय में उत्तीर्ण अंक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो निर्धारित नियमों के तहत संबंधित मुख्य विषय को कौशल विषय से बदला जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को एक विषय में कमजोर प्रदर्शन के कारण परिणाम प्रभावित होने से राहत मिल सकती है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सुविधा बोर्ड के निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार ही मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">9 वीं के पाठ्यक्रम से भी हटाए गए कई विषय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बोर्ड ने केवल दसवीं की विषय योजना ही नहीं बदली है</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र </span>2026-27 <span lang="hi" xml:lang="hi">में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में भी संशोधन किया है। इसके तहत </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">विषय के साथ </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मॉड्यूल ऑफ कम्प्यूटेशनल थिंकिंग</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े मॉड्यूल को भी हटाया गया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन बदलावों का असर वर्तमान में दसवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर नहीं पड़ेगा। उनके लिए पहले से लागू विषय योजना ही जारी रहेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सीबीएसई की नई पहल में दसवीं की पढ़ाई को पारंपरिक विषयों तक सीमित रखने के बजाय कौशल आधारित शिक्षा की ओर बढ़ाने का संकेत मिलता है। अब विद्यार्थियों के सामने केवल बोर्ड परीक्षा पास करने की चुनौती नहीं होगी</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपनी रुचि के अनुसार भविष्य की तैयारी करने का विकल्प भी होगा।</span></span><span style="line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>जॉब/शिक्षा</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 13:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तलाक के बाद बदला नाम तो डिग्रियों में भी मिलेगी पहचान, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><strong> :</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">शादी के बाद बदला नाम और तलाक के बाद फिर अपनी पुरानी पहचान पाने की जद्दोजहद सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक महिला के अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और भविष्य से जुड़ा मामला है। इस मामला पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि वैवाहिक स्थिति बदलने के बाद किसी महिला को उसके मूल नाम से पहचान पाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं किया जा सकता। डिग्रियों में नाम सुधारने के लिए नियमों की आड़ लेकर इनकार करना उचित नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जस्टिस ए के प्रसाद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/if-name-is-changed-after-divorce-then-recognition-will-be/article-13448"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/hight-court3.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर</span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><strong> :</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">शादी के बाद बदला नाम और तलाक के बाद फिर अपनी पुरानी पहचान पाने की जद्दोजहद सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक महिला के अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और भविष्य से जुड़ा मामला है। इस मामला पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि वैवाहिक स्थिति बदलने के बाद किसी महिला को उसके मूल नाम से पहचान पाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं किया जा सकता। डिग्रियों में नाम सुधारने के लिए नियमों की आड़ लेकर इनकार करना उचित नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जस्टिस ए के प्रसाद की एकलपीठ ने बिलासपुर के शासकीय बिलासा कन्या महाविद्यालय के उस फैसले को निरस्त कर दिया है</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें महिला के शैक्षणिक दस्तावेजों में उसका मूल नाम बहाल करने की मांग खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने कॉलेज प्रबंधन को जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर संशोधित डिग्रियां जारी करने का निर्देश दिया है। इसके लिए 6 सप्ताह की समयसीमा भी तय की गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सुहाना से बनी सुरभि</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाक के बाद फिर अपनाया पुराना नाम</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मामला बिलासपुर निवासी सुरभि यादव से जुड़ा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मूल नाम सुरभि यादव से पूरी की थी। वर्ष </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">2012 <span lang="hi" xml:lang="hi">में राजिक अहमद अंसारी से विवाह के बाद उनका नाम बदलकर सुहाना अंसारी हो गया। इसके बाद उन्होंने इसी नाम से शासकीय बिलासा कन्या महाविद्यालय से बीएससी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एमएससी और अन्य डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज से जारी सभी शैक्षणिक दस्तावेजों में उनका नाम सुहाना अंसारी दर्ज हो गया, लेकिन वर्ष </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">में फैमिली कोर्ट ने उनकी शादी को कानूनी रूप से निरस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने सरकारी दस्तावेजों में अपनी पुरानी पहचान बहाल कराने की प्रक्रिया शुरू की। आधार कार्ड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों में उनका नाम फिर सुरभि यादव दर्ज हो गया। परेशानी तब खड़ी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब शैक्षणिक डिग्रियों में नाम बदलवाने की बारी आई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">एक नाम, दो दस्तावेज, नौकरी की राह में बाधा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सरकारी दस्तावेजों में सुरभि यादव और शैक्षणिक डिग्रियों में सुहाना अंसारी नाम दर्ज होने से उनकी पहचान को लेकर विसंगति पैदा हो गई। इसका सीधा असर उनके रोजगार के अवसरों पर पड़ने लगा। सरकारी नौकरी के आवेदन और दस्तावेज सत्यापन के दौरान अलग-अलग नाम होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिस पढ़ाई और योग्यता के दम पर उन्हें आगे बढ़ना था</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही डिग्रियां उनके लिए अड़चन बन गईं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सुरभि ने कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय के समक्ष नाम संशोधन की मांग रखी</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। पहले हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी कॉलेज की शासी निकाय ने उनका आवेदन निरस्त कर दिया। आखिरकार उन्हें दोबारा हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस बार अधिवक्ता अविनाश के मिश्रा ने उनकी ओर से पक्ष रखते हुए बताया कि वैवाहिक स्थिति बदलने के बाद मूल नाम बहाल हो चुका है और शैक्षणिक दस्तावेजों में अलग नाम बने रहने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">नियमों से बड़ा नहीं व्यक्ति का कानूनी अधिकार</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के लिए अपने रिकॉर्ड की प्रामाणिकता बनाए रखना जरूरी है</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि किसी व्यक्ति की बदली हुई कानूनी स्थिति को नजरअंदाज कर दिया जाए। केवल इसलिए नाम संशोधन से इनकार नहीं किया जा सकता कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बदलाव के लिए नियमों में स्पष्ट प्रावधान नहीं है। अदालत ने यह भी महत्वपूर्ण बात कही कि नाम में संशोधन से महिला की शैक्षणिक योग्यता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्राप्त अंक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्रेणी या पढ़ाई की अवधि में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसे में वास्तविक परिस्थितियों और कानूनी स्थिति को देखते हुए उसके आवेदन पर विचार करना जरूरी है। संस्थान प्रक्रिया और औपचारिकताओं का पालन करा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन महज नियमों की अनुपस्थिति को आवेदन खारिज करने का आधार नहीं बना सकते।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">6 सप्ताह में पूरी करनी होगी प्रक्रिया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">हाईकोर्ट ने बिलासा कन्या महाविद्यालय के आवेदन निरस्त करने संबंधी फैसले को खारिज करते हुए निर्देश दिया है कि कॉलेज प्रबंधन आवश्यक शपथ पत्र</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्धारित शुल्क और राजपत्र (गजट) प्रकाशन जैसी औपचारिकताएं पूरी कराकर सुरभि यादव के मूल नाम से संशोधित शैक्षणिक डिग्रियां जारी करे। अटल विश्वविद्यालय को भी इस प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने आदेश की प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर पूरी कार्यवाही करने की समयसीमा तय की है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:normal;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">यह फैसला उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आया है</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें विवाह के बाद बदली पहचान और तलाक के बाद मूल नाम की बहाली के बीच सरकारी व शैक्षणिक दस्तावेजों में विसंगति का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट के फैसले ने यह संदेश दिया है कि किसी महिला की कानूनी पहचान और उसके अधिकारों को केवल संस्थागत नियमों की आड़ में अधर में नहीं छोड़ा जा सकता।</span></span><span style="line-height:107%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>हाईकोर्ट</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 13:33:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में ED की बड़ी कार्रवाई, 3 से 4 ठिकानों पर एक साथ दबिश, अनवर ढेबर के घर भी पहुंची टीम , बिलासपुर के अलका एवेन्यू में कोल व्यापारी के घर दबिश.....</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शराब घोटाला मामले को लेकर फिर सक्रिय हुई प्रवर्तन निदेशालय की टीम, सुबह से दस्तावेजों की जांच जारी</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 से 4 अलग अलग ठिकानों पर दबिश दी.ED की टीम चर्चित शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर के निवास पर भी पहुंची. सुबह से ही अधिकारियों की अलग अलग टीमें संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच और पड़ताल में जुटी हुई हैं.</p>
<p></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ED के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई शुरू की. अनवर ढेबर के घर के बाहर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-action-of-ed-in-raipur-raid-at-3-to/article-13447"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/img_20261030_104749.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शराब घोटाला मामले को लेकर फिर सक्रिय हुई प्रवर्तन निदेशालय की टीम, सुबह से दस्तावेजों की जांच जारी</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 से 4 अलग अलग ठिकानों पर दबिश दी.ED की टीम चर्चित शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर के निवास पर भी पहुंची. सुबह से ही अधिकारियों की अलग अलग टीमें संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच और पड़ताल में जुटी हुई हैं.</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/vid-20261030-wa0021.mp4" controls=""></video>
<p>जानकारी के मुताबिक, ED के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई शुरू की. अनवर ढेबर के घर के बाहर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.फिलहाल जांच किन बिंदुओं और किन वित्तीय लेन देन को लेकर की जा रही है  इसे लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/img_20261030_104740.jpg" alt="IMG_20261030_104740" width="1260" height="684"/></p>
<p>गौरतलब है कि इससे पहले भी ED ने रायपुर और दुर्ग में कई स्थानों पर छापेमारी की थी.रायपुर के पंडरी क्षेत्र स्थित रवि नगर के सुशील विला में कारोबारी नितिन डागा के आवास पर अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की थी. वहीं दुर्ग के ऋषभ ग्रीन सिटी स्थित E-701 में ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े गुलशन बघेल के आवास पर भी ED की करीब 10 सदस्यीय टीम सुबह पहुंची थी.</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/img_20261030_104740.jpg" alt="IMG_20261030_104740" width="1260" height="684"/></p>
<p>लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच एक बार फिर चर्चा में है. फिलहाल ED की ताजा कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही इसके वास्तविक दायरे और निष्कर्षों की जानकारी सामने आ सकेगी.</p>
<p> </p>
<p><strong>बिलासपुर अलका एवेन्यू में कोयला व्यापारी शाहबाज खान के घर दबिश </strong></p>
<p>ED की टीम ने रायपुर राजनंदगांव सहित बिलासपुर अलका एवेन्यू स्थित शाहबाज खान के घर पर भी आज तड़के रायपुर से पहुंची  ED की विशेष जांच टीम ने  छापेमारी की। बताया जा रहा है कि कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि स्थानीय लोगों के सोकर उठने से पहले ही करीब आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम ने परिसर में दाखिल होकर दरवाजे बंद कर लिए और पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। फिलहाल, टीम के अधिकारी मौके पर ही डटे हुए हैं और अंदर दस्तावेजों व अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-action-of-ed-in-raipur-raid-at-3-to/article-13447</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 10:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चार्जशीट में एक और खुलासा: 2009 के एनीकट घोटाले में जिस अफसर पर एफआईआर, विभाग ने उसे ही थमा दी सबूतों वाले दफ्तर की चाबी; बिना दस्तावेजों के कोर्ट में खात्मा पेश</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग का भ्रष्टाचार • एसीबी के 6 रिमाइंडर के बाद भी जानकारी नहीं दी, प्रमोशन देकर बनाया दिया चीफ इंजीनियर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/another-revelation-in-the-charge-sheet-is-that-in-the/article-13446"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/img_20261030_100949.png" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर/कोटा। जल संसाधन विभाग के बहुचर्चित 'चांटापारा-II एनीकट कम काजवे' घोटाले में जांच एजेंसियों और विभागीय सिंडिकेट की सच्चाई परत दर परत सामने आ रही है। जिस तत्कालीन सहायक अभियंता आई.ए. सिद्दीकी पर धोखाधड़ी, कूटरचना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (अपराध क्रमांक 15/2018) के तहत एफआईआर दर्ज थी, विभाग ने उसे उसी कोटा संभाग का कार्यपालन अभियंता बना दिया, जहां इस घोटाले के सभी मूल दस्तावेज रखे हुए थे। हैरानी की बात यह है कि आरोपी के पदस्थ रहते हुए ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 26 मई 2023 को अदालत में सबूतों के अभाव वाली क्लोजर रिपोर्ट (खात्मा) पेश कर दी। इसके ठीक एक महीने बाद उसे प्रमोशन दे दिया गया। वर्तमान में यह अफसर शासन की विशेष मेहरबानी से मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) के प्रभार पर बैठा है। इस पूरे खेल ने विभाग की कार्यप्रणाली और एसीबी की जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p><strong>दागी को वहीं बैठाया, जहां दबाए जा सकते थे साक्ष्य </strong></p>
<p>एफआईआर में नामजद होने के बावजूद 30 सितंबर 2022 को श्री सिद्दीकी को जल संसाधन संभाग कोटा का कार्यपालन अभियंता नियुक्त कर दिया गया। वे 3 जनवरी 2025 तक इसी कुर्सी पर जमे रहे। विभागीय नियम के तहत एनीकट निर्माण से जुड़े सभी मूल अभिलेख, माप पुस्तिका (एमबी), ठेकेदार के देयक (बिल), निरीक्षण प्रतिवेदन और पत्राचार जैसे सभी अहम दस्तावेज इसी संभाग कार्यालय में सुरक्षित रहते हैं। शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत निर्णेजक ने आरोप लगाया है कि इस पदस्थापना का मुख्य उद्देश्य सबूतों को खुर्द-बुर्द करना था। आरोपी के हाथों में कार्यालय की कमान आते ही जरूरी अभिलेख गायब कर दिए गए और जानकारियां दबाई गईं। इसी कार्यकाल के बीच 26 मई 2023 को एसीबी का खात्मा प्रतिवेदन (क्र. 1/2023) न्यायालय में आरोपी के अनुकूल तैयार होकर प्रस्तुत हो गया। बिना मूल दस्तावेजों के तैयार की गई इस क्लोजर रिपोर्ट ने भ्रष्टाचार को संस्थागत संरक्षण देने की पोल खोल दी है।</p>
<p><strong>एसीबी के 19 सवालों पर विभाग ने साधी चुप्पी, 6 रिमाइंडर फाइलों में ....</strong></p>
<p>घोटाले  में लीपापोती करने के लिए विभाग ने एसीबी की जांच में पूरी तरह लापरवाही की । 25 जनवरी 2019 को एसीबी ने विभाग से प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, टेस्ट रिपोर्ट और अंतिम बिल समेत 19 अलग-अलग बिंदुओं के रिकार्ड मांगे थे। मामले की गंभीरता को भांपते हुए एसीबी ने विभाग को 6 बार रिमाइंडर भी भेजा मगर इसके बावजूद विभाग ने चुप्पी नहीं तोड़ी और न ही कोई  जानकारी साझा  की। गौरतलब है कि जब 4 अक्टूबर 2024 को कोर्ट में तत्कालीन विवेचक और रिटायर एसपी एस.पी. करोसिया ने इस बात को स्वीकार किया कि विभाग ने अग्रिम जांच के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। चौंकाने वाली बात यह है कि एसीबी ने सीआरपीसी की धारा 91 के तहत दस्तावेज जब्त करने के अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल किए बिना ही केस बंद कर दिया। जांच एजेंसी की यह कार्यप्रणाली खुद एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां, सह-आरोपियों की वेतनवृद्धि रोकी और मुख्य आरोपी को प्रमोशन</strong></p>
<p>विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में आरोपी को दी गई सतर्कता निकासी (विजिलेंस क्लीयरेंस) नियमों के बिलकुल विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट ने 'के.वी. जानकीरमन प्रकरण (1991)' में साफ निर्देश दिए हैं कि आपराधिक या विभागीय जांच लंबित होने पर संबंधित अधिकारी का प्रमोशन 'सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया' (Sealed Cover Procedure) के तहत रखा जाना चाहिए। इन निर्देशों को दरकिनार करते हुए 28 जून 2023 को सिद्दीकी को कार्यपालन अभियंता और फिर 25 फरवरी 2026 को अधीक्षण अभियंता (एसई) बना दिया गया। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इसी मामले में शामिल दो अन्य अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है, जबकि मुख्य आरोपी को प्रमोशन की सीढ़ियां चढ़ाई गईं। यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) का खुला उल्लंघन है।</p>
<p><strong>फाइलों से ऐसे गायब किया गया 'काजवे' </strong></p>
<p>यह पूरा फर्जीवाड़ा 17 सितंबर 2009 को शुरू हुआ था। सरकारी दस्तावेजों में प्रशासकीय स्वीकृति "चांटापारा-II एनीकट कम काजवे" के नाम से ली गई थी। योजना के तहत ऐसी संरचना बननी थी जिससे पानी भी रुके और ग्रामीण उस पर से आवाजाही भी कर सकें। लेकिन तकनीकी स्वीकृति के वक्त फाइलों में ऐसा खेल हुआ कि 'काजवे' शब्द ही गायब कर दिया गया। मौके पर सिर्फ एक साधारण एनीकट का निर्माण हुआ और काजवे के नाम पर स्वीकृत लाखों रुपये की भारी-भरकम राशि ठिकाने लगा दी गई। खात्मा रिपोर्ट में भी कूटरचना की इन धाराओं पर एसीबी ने कोई जांच नहीं की।</p>
<p><strong>तारीखों में दर्ज मेहरबानी का खेल </strong></p>
<ul style="list-style-type:square;">
<li>  01 सितंबर 2018: आरोपी अफसर पर एफआईआर दर्ज हुई।</li>
<li>  25 जनवरी 2019: एसीबी ने 19 बिंदुओं पर जानकारी मांगी, 6 रिमाइंडर भेजे गए।</li>
<li> 30 सितंबर 2022: आरोपी सिद्दीकी कोटा के ईई बने, जांच फाइलें उनके ही नियंत्रण में आईं।</li>
<li>  26 मई 2023: मूल दस्तावेजों के बिना एसीबी ने कोर्ट में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी।</li>
<li> 28 जून 2023: खात्मा पेश होने के महज एक महीने बाद सिद्दीकी का ईई पद पर प्रमोशन हुआ।</li>
<li>  25 फरवरी 2026: खात्मा स्वीकार होने के बाद अधीक्षण अभियंता बने, अब मुख्य अभियंता का प्रभार।</li>
</ul>
<p><strong>मूल अभिलेख सीलबंद करने और निलंबन की उठी मांग</strong></p>
<p>इस बड़े खुलासे के बाद अब शिकायतकर्ता ने शासन से मांग की है कि दागी अफसर की दोनों पदोन्नतियां और मुख्य अभियंता का प्रभार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर उन्हें निलंबित किया जाए। साथ ही, किस नियम के तहत एफआईआर में नामजद आरोपी को उसी संभाग में पदस्थ किया गया, उन उच्चाधिकारियों की भूमिका की भी उच्च स्तरीय जांच हो। परिवादी ने बचे हुए सभी मूल अभिलेखों को तत्काल जब्त कर सीलबंद करने की अपील की है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 10:10:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में मुस्लिम अधिकारियों की अहम जिम्मेदारी, भाजपा संगठन में भी मिल रहा प्रतिनिधित्व; सियासत में छिड़ी नई बहस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> देश की राजनीति में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधित्व और राजनीतिक-प्रशासनिक भागीदारी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासनकाल में अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के विपक्षी आरोपों के बीच भाजपा संगठन में मुस्लिम नेताओं की मौजूदगी और प्रशासनिक सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में भी कई मुस्लिम अधिकारी प्रशासनिक, तकनीकी और पुलिस विभागों में अहम पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p>भाजपा की ओर से 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत को अपनी नीतियों का आधार बताया जाता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/important-responsibility-of-muslim-officers-in-chhattisgarh-they-are-getting/article-13445"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/छत्तीसगढ़-विकास-में-मुस्लिम-अधिकारियों-की-भूमिका.png" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> देश की राजनीति में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधित्व और राजनीतिक-प्रशासनिक भागीदारी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासनकाल में अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के विपक्षी आरोपों के बीच भाजपा संगठन में मुस्लिम नेताओं की मौजूदगी और प्रशासनिक सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में भी कई मुस्लिम अधिकारी प्रशासनिक, तकनीकी और पुलिस विभागों में अहम पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p>भाजपा की ओर से 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत को अपनी नीतियों का आधार बताया जाता है। वहीं, विपक्षी दल मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक भागीदारी, सांसदों और मंत्रियों की संख्या को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर मुस्लिम अधिकारियों एवं नेताओं की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-10/whatsapp-image-2026-10-30-at-9.27.54-am.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-10-30 at 9.27.54 AM" width="1200" height="900"/></p>
<h4><strong>भाजपा संगठन में मुस्लिम नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी</strong></h4>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रमुख चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर का नाम प्रमुख है। उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके अनुभव को पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p>इसी तरह उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़े कुंवर बासित अली को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी अल्पसंख्यक समुदाय के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को समाज तक पहुंचाने की है।</p>
<h4><strong>छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण पदों पर मुस्लिम IAS अधिकारी</strong></h4>
<p>छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक तंत्र में भी मुस्लिम समुदाय के कई अधिकारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इनमें शम्मी आबिदी, मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, इफ्फत आरा और शहला निगार जैसे अधिकारियों के नाम शामिल हैं।</p>
<p>शम्मी आबिदी प्रशासनिक स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग सहित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। मोहम्मद कैसर अब्दुलहक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में सचिव स्तर पर सेवाएं दे चुके हैं। वहीं, इफ्फत आरा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत बताई गई हैं।</p>
<p>शहला निगार कृषि उत्पादन आयुक्त और कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग की सचिव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा डॉ. फरीहा आलम, रेना जमील और उम्मेजा खातून अंसारी जैसे नाम भी प्रशासनिक सेवाओं में मुस्लिम अधिकारियों की भागीदारी के उदाहरण के रूप में सामने आते हैं।</p>
<h4><strong>पुलिस और तकनीकी विभागों में भी निभा रहे जिम्मेदारी</strong></h4>
<p>पुलिस विभाग में भी मुस्लिम अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी आरिफ एच. शेख प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इनमें रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और बलौदाबाजार जैसे जिले शामिल हैं।</p>
<p>इसके अलावा आईए सिद्दीकी ने छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग में तकनीकी जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने रायपुर संभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में सब-डिविजनल ऑफिसर के रूप में भी काम किया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में थाना प्रभारी, तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर भी मुस्लिम अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<h4><strong>योग्यता और प्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक बहस</strong></h4>
<p>प्रशासनिक सेवाओं में अधिकारियों का चयन यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से निर्धारित नियमों के तहत होता है। अधिकारियों की पदस्थापना और विभागीय जिम्मेदारियां शासन के प्रशासनिक निर्णयों से तय होती हैं। इसलिए प्रशासनिक पदों पर मौजूदगी को सीधे किसी राजनीतिक दल की नियुक्ति या उपलब्धि के रूप में देखना उचित नहीं होगा।</p>
<p>वहीं, राजनीतिक संगठनों में प्रतिनिधित्व का आकलन संगठनात्मक पदों, चुनावी भागीदारी और नीतिगत निर्णयों में सहभागिता के आधार पर किया जा सकता है।</p>
<p>कुल मिलाकर मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है। संगठन, प्रशासन और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय की भागीदारी भी इस बहस का महत्वपूर्ण पहलू है। अब सवाल यह है कि आने वाले समय में राजनीतिक दल अल्पसंख्यक समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के साथ उनकी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 09:29:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाह रे जल संसाधन विभाग, तेरी माया अपरम्पार! पंचायत सचिव को बना दिया कार्यपालन अभियंता, नियम-कायदों की उड़ी धज्जियां</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर में प्रशासनिक नियमों की खुलेआम हत्या; 150 करोड़ के घोटाले पर पर्दा डालने के लिए 'स्वयंभू डॉन' की मेहरबानी से एक कनिष्ठ सहायक अभियंता को सौंप दी गई समूचे संभाग की कमान, वहीं लोक सेवा आयोग से चयनित वरिष्ठ अधिकारी हाशिए पर धक्के खाने को मजबूर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/wow-water-resources-department-your-illusion-has-made-the-panchayat/article-13444"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/img_20261030_090504.png" alt=""></a><br /><p>राष्ट्रीय जगत विजन। छत्तीसगढ़ का जल संसाधन विभाग इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली और विकास कार्यों से कम, बल्कि अपने काले कारनामों और भाई-भतीजावाद से ज्यादा चर्चा में है। यहाँ नियम-कानूनों की किताब को रद्दी की टोकरी में डालकर मनमर्जी और भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही है। एक ऐसा विभाग जहां लोक सेवा आयोग (पीएससी) की कठिन परीक्षा पास कर आए मेधावी अधिकारी न्याय, सम्मान और पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महकमे के भीतर "जुगाड़, पैसे और कृपा" के दम पर एक पंचायत सचिव स्तर का व्यक्ति सीधे कार्यपालन अभियंता (ईई) की कुर्सी पर काबिज हो जाता है। ऐसे हालात देखकर बरबस ही मुंह से निकलता है- वाह रे जल संसाधन विभाग, सच में तेरी माया अपरम्पार है!<br />यह पूरा मामला टीडीपीपी जल संसाधन संभाग, जगदलपुर का है, जो आज प्रशासनिक अंधेरगर्दी और व्यवस्था की विफलता का जीता-जागता स्मारक बन चुका है। <br />वर्तमान में यहाँ जिस भरत कुमार को कार्यपालन अभियंता का प्रभार सौंपा गया है, उसकी पृष्ठभूमि और नियुक्ति की क्रोनोलॉजी जानकर किसी भी ईमानदार अधिकारी और आम नागरिक का खून खौल उठेगा। भरत कुमार मूल रूप से महज एक सहायक अभियंता हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मात्र एक वर्ष पूर्व ही वे उप-अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत हुए हैं। उनके सेवाकाल का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) में पंचायत सचिव और उप-अभियंता के रूप में बीता है। जल संसाधन विभाग में उन्हें काम करते हुए अभी जुम्मा-जुम्मा चार दिन ही हुए हैं, और रातों-रात उन्हें एक पूरे संभाग का मुखिया बना दिया गया! क्या राज्य शासन में पदस्थापना का अब यही नया और भ्रष्ट मापदंड तय हो गया है?<br />राज्य शासन और सामान्य प्रशासन विभाग का यह अत्यंत स्पष्ट नियम है कि कोई भी वरिष्ठ अधिकारी, अपने से कनिष्ठ अधिकारी के अधीन कार्य नहीं कर सकता। ऐसा होने से न केवल प्रशासनिक पदानुक्रम (Hierarchy) टूटता है, बल्कि कार्य में सुगमता और अनुशासन भी पूरी तरह खत्म हो जाता है। लेकिन टीडीपीपी संभाग जगदलपुर में इन सरकारी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संभाग में श्री निर्मल पांडे जैसे अनेक वरिष्ठ अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) कार्यरत हैं, जिनका पूरा जीवन जल संसाधन विभाग की सेवा में ही बीता है। वे लोक सेवा आयोग से बकायदा चयनित होकर आए हैं। फिर भी, इन योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को एक अनुभवहीन, कनिष्ठ और बाहरी पृष्ठभूमि वाले अधिकारी के अधीन काम करने को मजबूर किया जा रहा है। आखिर यह कैसी प्रशासनिक व्यवस्था है? क्या सत्ताधीशों ने अपनी आँखें और कान दोनों मूंद लिए हैं?<br />इस पूरे गंदे खेल के पीछे का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद को जगदलपुर का 'स्वयंभू डॉन' और बस्तर का 'मुख्यमंत्री' समझने वाले अधिकारी वेद प्रकाश पांडे हैं। सूत्रों और विभागीय चर्चाओं की मानें तो यह सारी मेहरबानी किसी जनसेवा की भावना से नहीं हुई है। गंभीर आरोप हैं कि विगत दो वर्षों में वेद प्रकाश पांडे ने लगभग 150 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भ्रष्टाचार किया है। सरकारी खजाने में लगाई गई इस सेंधमारी और काली कमाई के खेल की पोल न खुल जाए, इसी सुनियोजित साजिश के तहत भरत कुमार जैसे एक कनिष्ठ और अपने इशारों पर नाचने वाले व्यक्ति को ईई की कुर्सी पर बिठाया गया है। क्या यह सीधे-सीधे सत्ता, सिस्टम और जनता के टैक्स के पैसों का मखौल नहीं है?<br />वेद प्रकाश पांडे की तानाशाही और मनमानी यहीं नहीं रुकती। उनके कार्यालय में कई ऐसे स्नातक (ग्रेजुएट) अभियंता हैं जो पीएससी से चयनित होकर पिछले तीन-चार वर्षों से अपनी शानदार सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन पांडे जी को उच्च शिक्षित, मेधावी और योग्य अधिकारियों से सख्त परहेज है, क्योंकि शायद वे उनके भ्रष्टाचार के रास्ते में रोड़ा बन सकते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने टी डी पीपी संभाग जगदलपुर में हमेशा डिप्लोमा धारी सहायक अभियंताओं को ही अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) बनाकर रखा। एक बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या स्नातक और योग्य अधिकारी केवल फाइलों में धूल फांकने के लिए नियुक्त किए गए हैं? जब राज्य शासन ने यह ढिंढोरा पीटा था कि बस्तर जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र के विकास के लिए उच्च कोटि के अभियंताओं की सेवाएं ली जाएंगी, तो क्या उस वादे का यही हश्र होना था?<br />यह भयावह स्थिति न केवल उन छोटे और ईमानदार कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ रही है जो अपनी मेहनत के दम पर एक न्यायसंगत प्रमोशन की राह देख रहे हैं, बल्कि यह पूरे सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाती है। योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर, एक पंचायत सचिव से सहायक अभियंता बने व्यक्ति को कार्यपालन अभियंता का प्रभार देना प्रशासनिक भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की पराकाष्ठा है।<br />अगर वर्तमान प्रशासन और जवाबदारों में थोड़ी भी नैतिकता, शर्म और जवाबदेही बची है, तो इस पूरे प्रकरण की अविलंब एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह तय होना चाहिए कि आखिर किन नियमों और दबावों के तहत एक कनिष्ठ अधिकारी को वरिष्ठों के सिर पर बिठाया गया? बस्तर का विकास, 150 करोड़ डकारने वाले स्वयंभू मुख्यमंत्रियों और उनके प्यादों के भरोसे हरगिज़ नहीं छोड़ा जा सकता। सुशासन और पारदर्शिता सिर्फ राजनीतिक भाषणों और सरकारी विज्ञापनों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखनी चाहिए। यदि इस मामले में तुरंत न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई, तो वह दिन दूर नहीं जब विभाग के ईमानदार कर्मचारी और आम जनता इस भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 09:05:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का असर: आज भी रायपुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के मौसम में बदलाव बना हुआ है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अब चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है। इसके चलते आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का बचा हुआ हिस्सा अब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/impact-of-cyclone-arnab-in-chhattisgarh-chances-of-rain-in/article-13443"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/cyclone-arnab_-chhattisgarh-weather-alert.png" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर। </strong>बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के मौसम में बदलाव बना हुआ है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अब चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है। इसके चलते आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।</p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का बचा हुआ हिस्सा अब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है।</p>
<h4><strong>रायपुर समेत कई इलाकों में आज बारिश की संभावना</strong></h4>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।</p>
<p>राजधानी रायपुर में आज आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने रायपुर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।</p>
<h4><strong>इन जिलों और इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश</strong></h4>
<p>गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।</p>
<p>इसके अलावा तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई।</p>
<p>वहीं माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के कुछ अन्य स्थानों पर भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।</p>
<h4><strong>18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा अवदाब</strong></h4>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में अवदाब लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम आगे भी उत्तर दिशा में बढ़ेगा। 30 अक्टूबर की सुबह तक इसके कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।</p>
<h4><strong>दुर्ग रहा सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान</strong></h4>
<p>गुरुवार को बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>फिलहाल मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 08:51:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 अक्टूबर 2026 राशिफल: मेष से मीन तक जानिए सभी 12 राशियों का हाल, किसे मिलेगा भाग्य का साथ और किसे रहना होगा सावधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>आज 30 अक्टूबर 2026, </strong>शुक्रवार का दिन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ता है। आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज का दिन कुछ राशि वालों के लिए नौकरी, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है, जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी।</p>
<p>किसी को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, तो किसी के लिए धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। वहीं पारिवारिक जीवन, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/horoscope/horoscope-30-october-2026-know-the-condition-of-all-12/article-13442"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/आज-का-राशिफल_-30-अक्टूबर-2026.png" alt=""></a><br /><p><strong>आज 30 अक्टूबर 2026, </strong>शुक्रवार का दिन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ता है। आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज का दिन कुछ राशि वालों के लिए नौकरी, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है, जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी।</p>
<p>किसी को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, तो किसी के लिए धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। वहीं पारिवारिक जीवन, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के मामले में भी आज का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। आइए जानते हैं मेष, वृषभ, मिथुन समेत सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।</p>
<h4><strong>मेष राशि (Aries)</strong></h4>
<p>मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में बड़ा निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में बजट का ध्यान रखें।</p>
<h4><strong>वृषभ राशि (Taurus)</strong></h4>
<p>वृषभ राशि के जातकों को आज धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापार में लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निवेश करने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह फायदेमंद साबित हो सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। स्वास्थ्य के लिए खानपान और आराम पर ध्यान दें।</p>
<h4><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong></h4>
<p>मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी संवाद शैली और समझदारी से लाभ मिल सकता है। किसी पुराने संपर्क से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।</p>
<h4><strong>कर्क राशि (Cancer)</strong></h4>
<p>कर्क राशि के जातकों को आज काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना होगा। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत से आप परिस्थितियों को संभाल लेंगे। व्यापार और धन के लेनदेन में सावधानी बरतें। परिवार के सदस्यों से बातचीत करने पर पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। मानसिक शांति के लिए खुद को समय दें।</p>
<h4><strong>सिंह राशि (Leo)</strong></h4>
<p>सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास आज मजबूत रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके विचारों और प्रयासों को महत्व मिलेगा। नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो सोच-समझकर कदम उठाएं। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। प्रेम संबंधों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।</p>
<h4><strong>कन्या राशि (Virgo)</strong></h4>
<p>कन्या राशि के लिए आज का दिन अधूरे काम पूरे करने और नई योजनाएं बनाने के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की सराहना हो सकती है। व्यापारियों को ग्राहकों और साझेदारों के साथ पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। पर्याप्त नींद और आराम पर ध्यान देना जरूरी होगा।</p>
<h4><strong>तुला राशि (Libra)</strong></h4>
<p>तुला राशि वालों को आज जीवन में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। व्यापार में नए अवसरों पर विचार कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। जीवनसाथी और परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।</p>
<h4><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)</strong></h4>
<p>वृश्चिक राशि के जातकों का ध्यान आज अपने लक्ष्यों को पूरा करने पर रहेगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण काम को लेकर व्यस्तता बढ़ सकती है। व्यापार में नई रणनीति बनाने के लिए दिन अनुकूल है, लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। खर्चों की समीक्षा करें। पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें और बातचीत से समस्याएं सुलझाने का प्रयास करें।</p>
<h4><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong></h4>
<p>धनु राशि वालों के लिए आज नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी। आर्थिक मामलों में पुरानी योजनाओं की समीक्षा करना लाभदायक रहेगा। यात्रा की योजना बना रहे हैं तो जरूरी तैयारियां पूरी रखें। सकारात्मक सोच बनाए रखें।</p>
<h4><strong>मकर राशि (Capricorn)</strong></h4>
<p>मकर राशि के जातकों को आज मेहनत और अनुशासन का अच्छा परिणाम मिल सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखें। व्यापार में लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। खर्च करते समय जरूरतों को प्राथमिकता दें। परिवार का सहयोग मिल सकता है। स्वास्थ्य और आराम का ध्यान रखें।</p>
<h4><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong></h4>
<p>कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन रचनात्मक विचारों और नए अनुभवों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके सुझावों की सराहना हो सकती है। व्यापार में नई योजना शुरू करने से पहले उसकी व्यवहारिकता जांच लें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम जीवन में भरोसा बनाए रखें।</p>
<h4><strong>मीन राशि (Pisces)</strong></h4>
<p>मीन राशि के जातकों को आज भावनाओं के साथ व्यावहारिकता का भी ध्यान रखना होगा। नौकरी में नया काम सीखने का अवसर मिल सकता है। व्यापार में धैर्य से आगे बढ़ें और जल्द लाभ के लालच से बचें। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार के किसी करीबी का सहयोग मिलेगा। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान का सहारा ले सकते हैं।</p>
<h4><strong>आज का राशिफल: दिनभर इन बातों का रखें ध्यान</strong></h4>
<p>30 अक्टूबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आ सकता है। किसी के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता के संकेत हैं, तो किसी को आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धैर्य, सकारात्मक सोच और समझदारी से लिए गए फैसले दिन को बेहतर बना सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/horoscope/horoscope-30-october-2026-know-the-condition-of-all-12/article-13442</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Oct 2026 08:30:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[गीता सिंह ]]></dc:creator>
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                <title>NTPC Lara News: 4800 मेगावाट क्षमता की ओर बढ़ रहा एनटीपीसी लारा, स्वच्छ ऊर्जा और क्षेत्रीय विकास पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायगढ़।</strong> छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी लारा बिजली उत्पादन के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी उन्नयन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4800 मेगावाट तक ले जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एनटीपीसी लारा के महाप्रबंधक सुभाष ठाकुर ने कहा कि आने वाले समय में यह संयंत्र देश के प्रमुख बिजली उत्पादक प्लांटों में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके लिए उत्पादन क्षमता में विस्तार, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और ऊर्जा क्षेत्र में नए विकल्पों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/ntpc-lara-news-ntpc-lara-moving-towards-4800-mw-capacity/article-13441"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-10/एनटीपीसी-लारा_-स्वच्छ-ऊर्जा-और-विकास.png" alt=""></a><br /><p><strong>रायगढ़।</strong> छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी लारा बिजली उत्पादन के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी उन्नयन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4800 मेगावाट तक ले जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एनटीपीसी लारा के महाप्रबंधक सुभाष ठाकुर ने कहा कि आने वाले समय में यह संयंत्र देश के प्रमुख बिजली उत्पादक प्लांटों में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके लिए उत्पादन क्षमता में विस्तार, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और ऊर्जा क्षेत्र में नए विकल्पों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<h4><strong>4800 मेगावाट क्षमता तक विस्तार की तैयारी</strong></h4>
<p>एनटीपीसी लारा की उत्पादन क्षमता में प्रस्तावित विस्तार ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महाप्रबंधक सुभाष ठाकुर के अनुसार, संयंत्र का लक्ष्य बिजली उत्पादन को बेहतर बनाने के साथ देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अधिक योगदान देना है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से भविष्य में बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में संयंत्र की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एनटीपीसी केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम कर रहा है।</p>
<h4><strong>स्वच्छ ऊर्जा और सौर ऊर्जा पर विशेष ध्यान</strong></h4>
<p>एनटीपीसी की ओर से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। ऊर्जा उत्पादन को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए तकनीकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।</p>
<p>स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदमों का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में नए विकल्प विकसित करना और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। एनटीपीसी लारा भी इसी व्यापक दृष्टिकोण के तहत तकनीकी सुधार और ऊर्जा उत्पादन की दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।</p>
<h4><strong>तकनीकी उन्नयन से उत्पादन व्यवस्था मजबूत</strong></h4>
<p>महाप्रबंधक सुभाष ठाकुर ने बताया कि एनटीपीसी लारा में संयंत्र के सुचारू संचालन और तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार, उपकरणों के उन्नयन और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं में सुधार और उन्नयन के चलते अब तक बिजली उत्पादन में किसी तरह का व्यवधान नहीं आया है। संयंत्र का प्रयास है कि संचालन की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाए। इससे देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में एनटीपीसी लारा का योगदान बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>
<h4><strong>टाउनशिप और प्रभावित गांवों के विकास पर जोर</strong></h4>
<p>एनटीपीसी लारा में औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ टाउनशिप के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। महाप्रबंधक के अनुसार, टाउनशिप को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वहां रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</p>
<p>इसके अलावा परियोजना से प्रभावित गांवों के विकास के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य औद्योगिक प्रगति के साथ आसपास के क्षेत्रों में विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाना और स्थानीय समुदायों तक इसका लाभ पहुंचाना है।</p>
<h4><strong>स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर</strong></h4>
<p>एनटीपीसी लारा की गतिविधियों से क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। सुभाष ठाकुर ने बताया कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर प्रयास किए जाते हैं। स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यों और तकनीकी गतिविधियों के लिए नियुक्तियां भी की जाती हैं।</p>
<p>कुल मिलाकर, एनटीपीसी लारा बिजली उत्पादन क्षमता के विस्तार, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी आधुनिकीकरण, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। आने वाले समय में 4800 मेगावाट क्षमता तक विस्तार की दिशा में होने वाली प्रगति पर क्षेत्र के लोगों और ऊर्जा क्षेत्र की नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/ntpc-lara-news-ntpc-lara-moving-towards-4800-mw-capacity/article-13441</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Oct 2026 19:25:26 +0530</pubDate>
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