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                <title>प्रशासनिक  - National Jagat Vision</title>
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                <description>प्रशासनिक  RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मालगाड़ी हुई बेपटरी , रेलवे महकमे में तहलका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर : </strong>बिलासपुर रेलवे स्टेशन के समीप शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी का वैगन अचानक पटरी से उतर गयाl जिसके बाद रेलवे प्रशासन में तहलका मच गया। घटना की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग , ऑपरेशन विभाग और परिचालन विभाग की टीम मौके पर पहुँच कर सुधार कार्य शुरू किया।</p><p>दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में शनिवार को रेलवे स्टेशन के पास शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर चल रही मालगाड़ी का एक वैगन अचानक पटरी से नीचे उतर गया हो गया। घटना के बाद इंजीनियरिंग , ऑपरेशन विभाग और परिचालन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/administrative/goods-train-derailed/article-11003"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/5e94fc1d-a9d3-4730-8c6a-20f2bd557028-(1).png" alt=""></a><br /><p><strong>बिलासपुर : </strong>बिलासपुर रेलवे स्टेशन के समीप शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी का वैगन अचानक पटरी से उतर गयाl जिसके बाद रेलवे प्रशासन में तहलका मच गया। घटना की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग , ऑपरेशन विभाग और परिचालन विभाग की टीम मौके पर पहुँच कर सुधार कार्य शुरू किया।</p><p>दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में शनिवार को रेलवे स्टेशन के पास शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर चल रही मालगाड़ी का एक वैगन अचानक पटरी से नीचे उतर गया हो गया। घटना के बाद इंजीनियरिंग , ऑपरेशन विभाग और परिचालन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य शुरू कर दिया l मालगाड़ी धीमी रफ्तार से गुजर रही थी, जिस कारण बड़ा हादसा टल गया। वैगन के पटरी से उतरते ही रेलवे ने तत्काल प्रभावित ट्रैक को सुरक्षित कर ट्रैफिक बहाली का काम शुरू कर दिया।</p><p>रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना का असर ट्रेनों की आवाजाही पर सीमित रहा। कुछ ट्रेनों का संचालन सावधानी के तौर पर धीमी गति से कराया गया, जबकि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए रेल यातायात को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की गई। रेलवे ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। ट्रैक, व्हील, सस्पेंशन और प्वाइंट्स समेत सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वैगन के बेपटरी होने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।</p><p>रेलवे की इंजीनियरिंग टीम और दुर्घटना राहत कर्मी मौके पर ट्रैक को दुरुस्त करने और बेपटरी हुए वैगन को हटाने के काम में जुटे रहे। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने के बाद ही सामान्य गति से ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।</p><p><br /></p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 16:21:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मार्ट संचालक की प्रताड़ना से आरक्षक की बेटी ने दी जान, राष्ट्रीय जनजाति आयोग सख्त; DGP, कलेक्टर और SP को </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बैकुंठपुर/कोरिया। शहर के आईसी मार्ट (IC Mart) के संचालक द्वारा चोरी का झूठा आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी की आत्महत्या के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने मामले को  गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP), कोरिया कलेक्टर, कोरिया एसपी और आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव से 3 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।</p>
<p><strong>स्कूटी जब्त कर मांगे थे 50 हजार रुपए</strong></p>
<p>यह पूरी घटना बैकुंठपुर की है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/constables-daughter-commits-suicide-due-to-torture-by-mart-operator/article-10995"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image_search_1783834594644.jpg" alt=""></a><br /><p>बैकुंठपुर/कोरिया। शहर के आईसी मार्ट (IC Mart) के संचालक द्वारा चोरी का झूठा आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी की आत्महत्या के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने मामले को  गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP), कोरिया कलेक्टर, कोरिया एसपी और आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव से 3 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।</p>
<p><strong>स्कूटी जब्त कर मांगे थे 50 हजार रुपए</strong></p>
<p>यह पूरी घटना बैकुंठपुर की है। मृतका एक पुलिस आरक्षक की बेटी थी। जानकारी के मुताबिक, आईसी मार्ट के संचालक ने किशोरी पर चोरी का झूठा आरोप मढ़ दिया था। इसके बाद मार्ट संचालक ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब संचालक ने किशोरी की स्कूटी जब्त कर ली और मामले को रफा-दफा करने के एवज में 50 हजार रुपए की अवैध मांग की। इस ब्लैकमेलिंग, धमकी और सामाजिक बदनामी के डर से किशोरी इतनी आहत हुई कि उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।</p>
<p><strong> डॉ. साय की शिकायत पर संज्ञान</strong></p>
<p>इस संवेदनशील मामले में मिडिया में प्रकाशित प्रमुख खबर चोरी का आरोप लगा मार्ट संचालक ने स्कूटी जब्त कर मांगे 50 हजार रुपए, किशोरी ने लगा ली फांसी"* और वरिष्ठ  नेता डॉ. नंदकुमार साय द्वारा की गई शिकायत के बाद जनजाति आयोग तुरंत हरकत में आया। आयोग के सहायक निदेशक प्रदीप कुमार दास ने  आधिकारिक नोटिस जारी किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 11:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर साल 100 करोड़ खर्च, फिर भी नहरें जर्जर: लगातार शिकायतों के बाद जल संसाधन विभाग की तैयारी, 108 ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, अब टेंडर प्रक्रिया से होंगे काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। जल संसाधन विभाग में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना लगातार गड़बड़ी की भेंट चढ़ रही है। विभाग हर साल करीब 100 करोड़ रुपए सिर्फ 'पीस वर्क' यानी टुकड़ों में काम करवाने के नाम पर खर्च कर रहा है। इसके तहत प्रतिवर्ष 4,000 से 5,000 छोटे-छोटे काम ठेकेदारों को बांटे जाते हैं। लेकिन धरातल पर जाकर देखने से पता चलता है कि अधिकांश नहरें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। वे गाद और झाड़ियों से पटी पड़ी हैं। कार्य की सही निगरानी न होने की वजह से रबी फसल के समय होने वाले 60 प्रतिशत 'इमरजेंसी रिपेयर'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/every-year-rs-100-crore-is-spent-yet-the-canals/article-10994"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image_search_1783830406283.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। जल संसाधन विभाग में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना लगातार गड़बड़ी की भेंट चढ़ रही है। विभाग हर साल करीब 100 करोड़ रुपए सिर्फ 'पीस वर्क' यानी टुकड़ों में काम करवाने के नाम पर खर्च कर रहा है। इसके तहत प्रतिवर्ष 4,000 से 5,000 छोटे-छोटे काम ठेकेदारों को बांटे जाते हैं। लेकिन धरातल पर जाकर देखने से पता चलता है कि अधिकांश नहरें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। वे गाद और झाड़ियों से पटी पड़ी हैं। कार्य की सही निगरानी न होने की वजह से रबी फसल के समय होने वाले 60 प्रतिशत 'इमरजेंसी रिपेयर' कार्य धरातल के बजाय केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।</p>
<p>लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब जल संसाधन विभाग जांच के दायरे में आ गया है। विभागीय ऑडिट और शिकायतों के आधार पर इस पूरे मामले में चार बड़े खुलासे सामने आए हैं।</p>
<p><strong>जांच के दायरे में विभाग: 4 बड़ी गड़बड़ियां</strong></p>
<p> फिंगेश्वर-महासमुंद इलाके में 1 करोड़ रुपए के फर्जी आहरण की शिकायत सामने आई है, और मामले से जुड़ी फाइलें ही गायब कर दी गई हैं।गड़बड़ी करने वाले 40 से ज्यादा ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। इसके साथ ही 108 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी विभाग कर रहा है।</p>
<p> विभागीय ऑडिट में इस बात की पुष्टि हो गई है कि 40 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्यों को जानबूझकर टुकड़ों में बांटा गया।</p>
<p>सिर्फ कागजी मस्टररोल बनाने और फर्जी लेबर पेमेंट करने की 50 से अधिक शिकायतें विभाग में दर्ज की गई हैं।</p>
<p><strong>ग्राउंड रिपोर्ट: 3 जिलों में भ्रष्टाचार के लाइव केस की हकीकत</strong></p>
<p>नहरों के काम में कैसे खर्च हो रहा है, यह इन तीन जगहों की स्थिति से समझा जा सकता है:</p>
<p> <strong>बालोद (करहीभदर-मुजगहन नहर)</strong></p>
<p>तांदुला और महानदी को जोड़ने वाली यह नहर बीच से टूट चुकी है। इसे मरम्मत के बजाय केवल मिट्टी-मुरम की बोरियों से टिकाया गया है। हकीकत यह है कि पिछले 5 साल में 6 बार मरम्मत दिखाकर 2 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वाहा की गई है।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/image_search_1783830384818.jpg" alt="image_search_1783830384818" width="1200" height="900"></img></p>
<p> <strong>धमतरी (नगरी वितरक नहर - सॉदूर बांध)</strong></p>
<p> भगतपुर-लालपुर खार में नहर पूरी तरह उखड़ी पड़ी है। यहां काम के नाम पर सिर्फ मुरम भरकर खानापूर्ति की गई है। 5 साल में 4 बार पीस वर्क पर 2 करोड़ खर्च हुए, और अब फिर 2.66 करोड़ रुपए स्वीकृत कर लिए गए हैं।</p>
<p> </p>
<p> <strong>कवर्धा (सूतियापाट नहर)</strong></p>
<p>यहां पहले 1 से 1.5 करोड़ रुपए का खर्च बताया गया। फिलहाल 10 किमी का नया काम जारी है। हकीकत में पुरानी जर्जर लाइनिंग, गाद और टूटी टाइल्स वैसे ही दबी हैं, जिनके ऊपर सीमेंट की परत चढ़ाई जा रही है जो बारिश में छिप जाएंगी।</p>
<p><strong>टुकड़ों के बजाय अब टेंडर प्रक्रिया की प्लानिंग</strong></p>
<p>इस पूरे मामले में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो का कहना है कि नहरों के पीस वर्क का काम एनुअल रिपेयरिंग के तहत एचओडी स्तर पर होता है। लगातार टुकड़ों में काम होने के कारण ही काम में गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं। आगे काम पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए विभाग अब टेंडर प्रक्रिया अपनाने और सख्त मॉनिटरिंग की प्लानिंग कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 09:58:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल , डीएसपी विशेष शाखा समेत 13 पुलिस अधिकारियों का तबादला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर :</strong> राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डीएसपी, विशेष शाखा के अधिकारियों और सहायक सेनानियों के तबादले कर दिए हैं। आदेश के अनुसार कुल 13 पुलिस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। तबादला सूची में डीएसपी विशेष शाखा और सहायक सेनानियों के नाम शामिल हैं। </p>
<p>  </p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-10-at-3.19.28-pm.jpeg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-10-at-3.19.28-PM" width="656" height="889" /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-10-at-3.19.35-pm.jpeg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-10-at-3.19.35-PM" width="656" height="889" /></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/administrative-reshuffle-in-the-police-department/article-10966"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/3d7f5707-b710-4d22-851e-6788769ea8bc.png" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर :</strong> राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डीएसपी, विशेष शाखा के अधिकारियों और सहायक सेनानियों के तबादले कर दिए हैं। आदेश के अनुसार कुल 13 पुलिस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। तबादला सूची में डीएसपी विशेष शाखा और सहायक सेनानियों के नाम शामिल हैं। </p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-10-at-3.19.28-pm.jpeg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-10-at-3.19.28-PM" width="656" height="889"></img></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-10-at-3.19.35-pm.jpeg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-10-at-3.19.35-PM" width="656" height="889"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/administrative-reshuffle-in-the-police-department/article-10966</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 18:06:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महादेव सट्टा घोटाला: सीबीआई ने पेश की 6 चार्जशीट, 72 लोगों पर शिकंजा, लेकिन प्रोटेक्शन मनी लेने वाले पुलिस अधिकारी जांच से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में एक साथ छह नए आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश किए हैं। इन चार्जशीट में मुख्य सरगना सहित कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सट्टे का कारोबार चलाने के लिए अफसरों को प्रोटेक्शन मनी दी जा रही थी। इसके अलावा फर्जी खातों के जरिए सट्टे की रकम विदेश भेजी गई। लेकिन, इस पूरे खुलासे के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जांच में जिन पुलिस अफसरों को प्रोटेक्शन मनी देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/mahadev-betting-scam-cbi-presented-6-chargesheets-crackdown-on-72/article-10943"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/file_00000000240072079e9727f8c88f55aa.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में एक साथ छह नए आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश किए हैं। इन चार्जशीट में मुख्य सरगना सहित कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सट्टे का कारोबार चलाने के लिए अफसरों को प्रोटेक्शन मनी दी जा रही थी। इसके अलावा फर्जी खातों के जरिए सट्टे की रकम विदेश भेजी गई। लेकिन, इस पूरे खुलासे के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जांच में जिन पुलिस अफसरों को प्रोटेक्शन मनी देने की बात कही गई है, उनके नाम इस चार्जशीट में कहीं नहीं हैं।</p>
<p><strong>डेढ़ साल की जांच, फिर भी अफसर महफूज</strong></p>
<p>महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व में ईडी और ईओडब्ल्यू ने भी कार्रवाई की थी। उस समय कई राजनेताओं और राज्य के बड़े पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए थे। इसी वजह से मामले की पूरी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को 21 लोगों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। इस दौरान सीबीआई ने राज्य के कई पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। इन छापों में आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी और टीआई स्तर के अधिकारी शामिल थे। पूछताछ के लिए इन अधिकारियों को रायपुर पुलिस लाइन के ऑफिसर मेस और दिल्ली तक बुलाया गया था। करीब डेढ़ साल की लंबी जांच के बाद अब सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है, लेकिन इसमें एक भी बड़े अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। जांच एजेंसी ने उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया है, जिन पर अन्य एजेंसियां पहले ही कार्रवाई कर चुकी हैं। इससे सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p><strong>6 प्रमुख आरोपी और ट्रेवल एजेंसी का खेल</strong></p>
<p>सीबीआई ने एक आरोप पत्र भ्रष्टाचार के मामले में दायर किया है, जिसमें छह मुख्य आरोपियों का उल्लेख है। इनमें असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धम्मानी और भोपाल के विशाल आहूजा तथा धीरज आहूजा शामिल हैं। विशाल और धीरज ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। इन दोनों पर महादेव ऐप के प्रमोटरों, उनके परिवार और सहयोगियों के लिए हवाई टिकट बुक करने का आरोप है। इन्होंने मुख्य टिकट प्रदाताओं के पास वॉलेट बैलेंस जमा किया और उसी का उपयोग घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय टिकटों की बुकिंग के लिए किया। इन आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के साथ भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।</p>
<p><strong>66 अन्य लोगों पर सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप</strong></p>
<p>सट्टेबाजी नेटवर्क के मामले में 66 अन्य लोगों के खिलाफ पांच और आरोप पत्र पेश किए गए हैं। इनमें सट्टेबाजी सिंडिकेट पैनल के कई सदस्य शामिल हैं। इन लोगों ने अवैध सट्टेबाजी से मिली अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) में बड़ी भूमिका निभाई। सिंडिकेट ने अलग-अलग राज्यों में सट्टेबाजी पैनल स्थापित किए और डिजिटल विज्ञापनों के माध्यम से देश भर में लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया। इन पांचों आरोप पत्रों को भारतीय दंड संहिता तथा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत अदालत में पेश किया गया है।</p>
<p><strong>प्रमोटरों को भारत लाने की कोशिश तेज</strong></p>
<p>सीबीआई ने मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी कुछ अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए हैं। जांच के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी भारत छोड़कर पश्चिम एशियाई देशों में रह रहे हैं और वहीं से पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। इंटरपोल इनके खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है। इन्हें भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद ली जा रही है और भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, ताकि देश में मौजूद इनकी संपत्तियां जब्त की जा सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:30:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफएसएल में 85 लाख की डीएनए किट पहुंची, नियमों के विपरीत नियुक्त संचालक हटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में पिछले कुछ समय से चल रही खामियों पर अब बड़ा सुधार देखने को मिला है। प्रयोगशाला में संचालक की नियुक्ति से लेकर डीएनए जांच किट की कमी तक के मुद्दे को मीडिया द्वारा लगातार उठाया गया था। अब इन दोनों ही मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई की है। 154 से अधिक डीएनए जांच के रुके हुए मामले अब जल्द सुलझ सकेंगे, क्योंकि विभाग ने 85 लाख रुपये की नई किट खरीद ली है।</p>
<p><strong>नियुक्ति पर उठे सवालों की हुई जांच</strong></p>
<p>23 मई को प्रमुखता से यह खुलासा किया गया था कि एफएसएल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/dna-kit-worth-85-lakh-reached-fsl-operators-appointed-against/article-10942"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image_search_1783658123012.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में पिछले कुछ समय से चल रही खामियों पर अब बड़ा सुधार देखने को मिला है। प्रयोगशाला में संचालक की नियुक्ति से लेकर डीएनए जांच किट की कमी तक के मुद्दे को मीडिया द्वारा लगातार उठाया गया था। अब इन दोनों ही मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई की है। 154 से अधिक डीएनए जांच के रुके हुए मामले अब जल्द सुलझ सकेंगे, क्योंकि विभाग ने 85 लाख रुपये की नई किट खरीद ली है।</p>
<p><strong>नियुक्ति पर उठे सवालों की हुई जांच</strong></p>
<p>23 मई को प्रमुखता से यह खुलासा किया गया था कि एफएसएल में संचालक पद पर नियुक्ति निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं की गई है। खबर में विस्तार से बताया गया था कि नियुक्ति के समय नियमों का पालन नहीं हुआ है। इस खबर के बाद गृह विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच पूरी होने के बाद तत्कालीन संचालक सुशील द्विवेदी को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह पर अब अंकित गर्ग को प्रभारी संचालक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।</p>
<p><strong>154 गंभीर मामलों की जांच थी लंबित</strong></p>
<p>संचालक की नियुक्ति के अलावा प्रयोगशाला में एक और बड़ी परेशानी चल रही थी। यह बात भी उजागर की गई थी कि पिछले तीन माह से डीएनए जांच के लिए आवश्यक केमिकल किट की कमी बनी हुई है। इस केमिकल किट की कमी के कारण हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित 154 से अधिक डीएनए जांच के मामले प्रयोगशाला में लंबित पड़े थे। इन मामलों की जांच रुकी होने के कारण पुलिस को भी परेशानी आ रही थी और न्याय मिलने में देरी हो रही थी।</p>
<p><strong>85 लाख की किट खरीदी गई</strong></p>
<p>लगातार 12 और 23 मई को खबर प्रकाशित होने के बाद एफएसएल प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया। डीएनए केमिकल किट की खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई गई। विभाग ने काम करते हुए अब तक करीब 85 लाख रुपये की डीएनए जांच के लिए आवश्यक केमिकल किट की खरीदी पूरी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार केमिकल उपलब्ध होने के बाद अब डीएनए जांचों का तेजी से निष्पादन किया जाएगा। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे का रास्ता खुल गया है।</p>
<p><strong>पुलिस विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया को मिलेगी गति</strong></p>
<p>एफएसएल में हुए इन प्रशासनिक और तकनीकी सुधारों से अब हत्या, दुष्कर्म, संदिग्ध मौत, साइबर अपराध और अन्य गंभीर मामलों की लंबित जांचों में तेजी आने की उम्मीद है। डीएनए रिपोर्ट किसी भी अपराध को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाती है। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से पुलिस की जांच रुक जाती है। अब किट आ जाने से पुलिस विवेचना समय पर पूरी हो सकेगी। समय पर रिपोर्ट मिलने से चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालयीन प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/dna-kit-worth-85-lakh-reached-fsl-operators-appointed-against/article-10942</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एटीएम  देगा  अनाज , पीडीएस का राशन अब 24 घंटे होगा  उपलब्ध , जल्द शुरू होगी वितरण की नई व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर : </strong>छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी , सुविधायुक्त , और सुगम बनाने के लिए सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। सरकार बैंक एटीएम की तरह अब ग्रेन एटीएम की शुरुआत करने जा रही है, जिसके बाद राशन कार्डधारक 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार अनाज ले सकेंगे l इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग से की जा रही है।</p>
<p>सरकार बिलासपुर के सीपत रोड स्थित पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पास ग्रेन एटीएम स्थापित करने जा रही हैं , यह योजना अपने अंतिम चरण पर पहुँच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/cg-news--new-system-of-grain-distribution-on-the-lines-of-bank-atm--grain-atm-will-start-soon--pds-ration-will-be-available-24-hours-anytime/article-10926"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/jal-ma-jaltha-shanpr-haga-ananaparata-garana-etaema-ka-savathha_39cf82a6b4dbfc993cf3bdcdb86f29c3.webp" alt=""></a><br /><p><strong>बिलासपुर : </strong>छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी , सुविधायुक्त , और सुगम बनाने के लिए सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। सरकार बैंक एटीएम की तरह अब ग्रेन एटीएम की शुरुआत करने जा रही है, जिसके बाद राशन कार्डधारक 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार अनाज ले सकेंगे l इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग से की जा रही है।</p>
<p>सरकार बिलासपुर के सीपत रोड स्थित पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पास ग्रेन एटीएम स्थापित करने जा रही हैं , यह योजना अपने अंतिम चरण पर पहुँच गया हैं और अगले एक सप्ताह में इसके लोकार्पण की तैयारी की जा रही है। मशीन में राशन कार्ड या आधार नंबर दर्ज कर बायोमेट्रिक सत्यापन करने के बाद निर्धारित मात्रा में अनाज सीधे थैले या बोरी में मिल जाएगा।</p>
<p>इस व्यवस्था से राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी l  दुकान खुलने व बंद होने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार योजना सफल रहने पर इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।</p>
<p>खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि ग्रेन एटीएम पूरी तरह स्वचालित होगा और पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से राशन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p>कम राशन की शिकायत होगी दूर </p>
<p>कई बार देखा गया हैं कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कम अनाज देने, दुकान समय पर ना खुलने जैसे कई शिकायते मिलती रहती हैं l इस योजना के बाद ये शिकायते भी दूर हो जाएगी और सभी को उनकी पात्रता के आनुसार राशन मिल सकेगा l </p>
<p> योजना सफल होने पर सभी क्षेत्रों में होगी शुरू </p>
<p>यदि यह योजना सफल रही तो जल्द ही प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शुरू होगी l </p>
<p>कैसे करेगा ये काम </p>
<p>ग्रेन एटीएम के स्क्रीन में हितग्राही अपना राशन कार्ड या आधार नंबर  दर्ज करेंगे l मशीन उपयोगकर्ता का  बोमेट्रिक  स्कैन होगा l सत्यापन पूरा होने के बाद मशीन तय मात्र में आनाज सीधे बोरी में गिरा देगा l इसमें बिजली की खपत भी बहुत कम होगी l इसे सौर उर्जा से भी चला सकेंगे l </p>
<p>  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/cg-news--new-system-of-grain-distribution-on-the-lines-of-bank-atm--grain-atm-will-start-soon--pds-ration-will-be-available-24-hours-anytime/article-10926</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:52:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान के भरोसे था 540 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड! गिरफ्तारी से बचने देशभर के मंदिरों में कराता रहा 'विशेष पूजा', बेटे पर आंच आई तो EOW दफ्तर में टेक दिए घुटने</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर।कहते हैं जब इंसान के पाप का घड़ा भर जाता है, तो ईश्वरीय दरबार में भी उसकी कोई मन्नत काम नहीं आती। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 540 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले में भी ठीक ऐसा ही देखने को मिला। पिछले तीन सालों से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल आखिरकार ईओडब्ल्यू (EOW) के शिकंजे में आ गए हैं। इस गिरफ्तारी की इनसाइड स्टोरी बेहद दिलचस्प है। पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए करोड़ों के घोटाले का यह आरोपी देश भर के मंदिरों की खाक छान रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/the-mastermind-of-the-rs-540-crore-scam-had-faith/article-10915"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/file_000000005dc07208a0692b1b76d83860.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर।कहते हैं जब इंसान के पाप का घड़ा भर जाता है, तो ईश्वरीय दरबार में भी उसकी कोई मन्नत काम नहीं आती। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 540 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले में भी ठीक ऐसा ही देखने को मिला। पिछले तीन सालों से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल आखिरकार ईओडब्ल्यू (EOW) के शिकंजे में आ गए हैं। इस गिरफ्तारी की इनसाइड स्टोरी बेहद दिलचस्प है। पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए करोड़ों के घोटाले का यह आरोपी देश भर के मंदिरों की खाक छान रहा था और अपनी सलामती के लिए 'विशेष अनुष्ठान' करा रहा था।</p>
<p><strong>गिरफ्तारी के डर से 'तीर्थयात्रा' पर निकले रामगोपाल</strong></p>
<p>पूछताछ में जो प्रारंभिक खुलासे हुए हैं, वे हैरान करने वाले हैं। रायपुर से भागने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने सबसे पहले ओडिशा का रुख किया। वहां पुरी और भुवनेश्वर के रिसॉर्ट्स में छिपकर रहे और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कराई। जब वहां सुरक्षित महसूस नहीं हुआ तो उनका अगला ठिकाना उत्तर प्रदेश बना। काशी (वाराणसी) और प्रयागराज जैसे पवित्र शहरों में भी उन्होंने भगवान की शरण ली। इसके बाद उनका यह 'अंडरग्राउंड' सफर तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली तक चलता रहा। हालांकि, इस फरारी के दौरान भी उनका नेटवर्क सक्रिय था। वे लगातार अपने परिवार, प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं और रसूखदार कारोबारियों के संपर्क में बने हुए थे।</p>
<p><strong>बेटे को उठाया तो टूट गया तिलिस्म</strong></p>
<p>रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत से स्थायी वारंट जारी हो चुका था। EOW की टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं, लेकिन वे हाथ नहीं आ रहे थे। ऐसे में EOW ने अपनी रणनीति बदली और दबाव बनाने के लिए मंगलवार को रामगोपाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। वैभव से लगातार दो दिनों तक सघन पूछताछ हुई। बेटे के पकड़े जाने की खबर जैसे ही रामगोपाल तक पहुंची, उनका सारा तिलिस्म और पुलिस को छकाने का आत्मविश्वास टूट गया। बुधवार की दोपहर, भगवान के भरोसे बचने की उम्मीद छोड़ चुके रामगोपाल खुद EOW मुख्यालय पहुंचे और सरेंडर कर दिया। उनकी गिरफ्तारी की कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रात करीब 8:30 बजे उनके बेटे वैभव को छोड़ दिया गया।</p>
<p><strong>बोरियों और कार्टन में आता था 800 करोड़ का कैश</strong></p>
<p>यह केवल एक फरारी का खेल नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। जांच में यह बात सामने आई है कि पार्टी फंड के नाम पर रामगोपाल ने करीब 800 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की। यह रकम इतनी बड़ी थी कि इसे ठिकाने लगाने के लिए बोरियों और कार्टन का इस्तेमाल किया जाता था। कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल के निज सहायक देवेंद्र डड़सेना ने भी अपने बयानों में स्पष्ट किया है कि कोल घोटाले का यह काला पैसा सीधे कांग्रेस भवन आता था। इसके बाद रामगोपाल के जरिए इस पूरी रकम को हवाला के नेटवर्क से 'दिल्ली' के आकाओं तक पहुंचाया जाता था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:50:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुबई में जेल और बेल खेलता रहा सट्टा किंग, अब ओमान में कसा शिकंजा: खाकी और खादी के साये में ऐसे खड़ा हुआ हजारों करोड़ का साम्राज्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। महादेव सट्टा ऐप... एक ऐसा सिंडिकेट जिसने देश से लेकर विदेश तक जांच एजेंसियों की नींद उड़ा रखी है। पुलिस और नेताओं की छत्रछाया में इस सट्टेबाजी के नेटवर्क ने ऐसा मकड़जाल बुना कि हजारों करोड़ का साम्राज्य खड़ा हो गया। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर पिछले ढाई साल से इंटरनेशनल लेवल पर भारतीय एजेंसियों के साथ 'पकड़म-पकड़ाई' खेल रहा था। दुबई में वह दो बार धराया, लेकिन दोनों बार वहां के सिस्टम का फायदा उठाकर बाहर आ गया और बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चलाता रहा। अब तीसरी बार ओमान में वह एजेंसियों के जाल में फंसा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/satta-king-kept-playing-jail-and-bail-in-dubai-now/article-10913"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image_search_1783568021190.webp" alt=""></a><br /><p>रायपुर। महादेव सट्टा ऐप... एक ऐसा सिंडिकेट जिसने देश से लेकर विदेश तक जांच एजेंसियों की नींद उड़ा रखी है। पुलिस और नेताओं की छत्रछाया में इस सट्टेबाजी के नेटवर्क ने ऐसा मकड़जाल बुना कि हजारों करोड़ का साम्राज्य खड़ा हो गया। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर पिछले ढाई साल से इंटरनेशनल लेवल पर भारतीय एजेंसियों के साथ 'पकड़म-पकड़ाई' खेल रहा था। दुबई में वह दो बार धराया, लेकिन दोनों बार वहां के सिस्टम का फायदा उठाकर बाहर आ गया और बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चलाता रहा। अब तीसरी बार ओमान में वह एजेंसियों के जाल में फंसा है। दावा किया जा रहा है कि इस बार कानूनी घेराबंदी इतनी पुख्ता है कि उसका भारत आना तय है।</p>
<p><strong>दुबई को बनाया था 'सेफ हेवन'</strong></p>
<p>सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम जैसे प्रमोटर सात साल से पुलिस की रडार पर थे। जब शिकंजा कसने लगा, तो ये सब दुबई भाग निकले। 2022 में ईडी की एंट्री और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने के बाद इनकी तलाश तेज हुई। सौरभ की हिमाकत देखिए, दिसंबर 2023 में उसे दुबई में पहली बार पकड़ा गया। वह महीने भर हिरासत में रहा और फिर छूट गया। अक्टूबर 2024 में दोबारा उसे नजरबंद किया गया। भारतीय एजेंसियों ने इंटरपोल के जरिए उसे लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हैरानी की बात यह है कि हर बार रिहा होने के बाद वह दुबई से ही अपने सट्टे का कारोबार बेखौफ चलाता रहा। बचने के लिए उसने इंटरपोल तक में अपना रेड कॉर्नर नोटिस रद्द कराने की अर्जी लगा दी थी।</p>
<p> <strong>वर्दी और सत्ता का फुल सपोर्ट</strong></p>
<p>आखिर यह पूरा नेटवर्क इतना विशाल कैसे हो गया? इसका सीधा जवाब है- वर्दी और रसूखदारों का खुला संरक्षण। महादेव ऐप मामले में राज्य पुलिस 70 से ज्यादा केस दर्ज कर 210 से अधिक गुर्गों को पकड़ चुकी है। लेकिन असली खेल तब खुला जब ईडी ने जांच शुरू की। पहली बड़ी गिरफ्तारी एएसआई चंद्रभूषण वर्मा और सतीश चंद्राकर की हुई, जिससे साफ हो गया कि सट्टेबाजों को पुलिस का बैकअप मिल रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आधा दर्जन आईपीएस अफसर, विधायक और कई सफेदपोश नेता जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सीबीआई भी केस दर्ज कर चुकी है।</p>
<p><strong>4300 करोड़ की चोट, अब भारत लाने की तैयारी</strong></p>
<p>ईडी अब तक इस मामले में 74 लोगों को आरोपी बनाकर पांच चार्जशीट पेश कर चुकी है। 174 से ज्यादा ठिकानों पर पड़े छापों में 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जिसमें सौरभ की दुबई स्थित 940 करोड़ की प्रॉपर्टी भी शामिल है। दुबई के बाद अब ओमान में सौरभ की गिरफ्तारी ने सिंडिकेट में खलबली मचा दी है। एजेंसियों ने उसे भारत डिपोर्ट कराने की सारी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:04:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 61 सब इंस्पेक्टर का  इंस्पेक्टर में प्रमोशन    </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर : </strong>छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 61 सब इंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। सभी 2013 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। यह आदेश डीजीपी अरुण देव गौतम ने जारी किया है। पदस्थापना आदेश बाद में जारी किया जाएगा।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.07-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.07-PM" width="433" height="689" /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.11-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.11-PM" width="433" height="676" /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.16-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.16-PM" width="429" height="566" /></p>
<p>  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/61-sub-inspectors-became-inspectors/article-10910"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.07-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर : </strong>छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 61 सब इंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। सभी 2013 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। यह आदेश डीजीपी अरुण देव गौतम ने जारी किया है। पदस्थापना आदेश बाद में जारी किया जाएगा।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.07-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.07-PM" width="433" height="689"></img></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.11-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.11-PM" width="433" height="676"></img></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-08-at-6.29.16-pm.jpg" alt="WhatsApp-Image-2026-07-08-at-6.29.16-PM" width="429" height="566"></img></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/61-sub-inspectors-became-inspectors/article-10910</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:38:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नकटी गांव विस्थापन मामला: 80 परिवारों के घरों पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने के नाम पर विधायक कॉलोनी की तैयारी? 2024 के पत्र से हुआ सनसनीखेज खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। राजधानी के नकटी में गरीबों के आवास पर जो बुलडोजर गरजा, उसे लेकर अब सरकार और भाजपा नेताओं के दावों पर प्रश्न उठने लगे हैं। अब तक इस पूरी कार्रवाई को केवल अतिक्रमण हटाने की एक सीधी प्रक्रिया बताया जा रहा था। लेकिन, इस मामले में 2024 का एक सरकारी पत्र सामने आने के बाद पूरी कहानी में नया ट्विस्ट आ गया है। इस पत्र ने कब्जा हटाने की प्रशासनिक कारणों और उसकी वजह को लेकर कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरी तस्वीर उलट दिया है।</p>
<h5><strong>क्या लिखा है सरकारी पत्र में?</strong></h5>
<p><strong><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/img-20260708-wa0053(2).jpg" alt="IMG-20260708-WA0053(2)" width="1044" height="1200" /></strong></p>
<p>सामने आए सरकारी पत्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/nakti-village-displacement-case-bulldozers-run-on-the-houses-of/article-10909"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/file_00000000fda8722fba68599222607766.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। राजधानी के नकटी में गरीबों के आवास पर जो बुलडोजर गरजा, उसे लेकर अब सरकार और भाजपा नेताओं के दावों पर प्रश्न उठने लगे हैं। अब तक इस पूरी कार्रवाई को केवल अतिक्रमण हटाने की एक सीधी प्रक्रिया बताया जा रहा था। लेकिन, इस मामले में 2024 का एक सरकारी पत्र सामने आने के बाद पूरी कहानी में नया ट्विस्ट आ गया है। इस पत्र ने कब्जा हटाने की प्रशासनिक कारणों और उसकी वजह को लेकर कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरी तस्वीर उलट दिया है।</p>
<h5><strong>क्या लिखा है सरकारी पत्र में?</strong></h5>
<p><strong><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/img-20260708-wa0053(2).jpg" alt="IMG-20260708-WA0053(2)" width="1044" height="1306"></img></strong></p>
<p>सामने आए सरकारी पत्र में इस बात का जिक्र है कि नकटी गांव की लगभग 29.172 हेक्टेयर सरकारी भू भाग को जनप्रतिनिधियों की विशेष हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षित रखा गया था। इसी प्रोजेक्ट के तहत जिला प्रशासन को यह जमीन खाली कराने के निर्देश दिए जारी किए गए थे। अब प्रश्न उठ रहा है कि 29 जून को 80 से ज्यादा परिवारों के घरों पर जो बुलडोजर चलाया गया, क्या वह वास्तव में सिर्फ बेजा कब्जा हटाने की मुहिम थी या फिर जनप्रतिनिधियों की विधायक कॉलोनी के लिए रास्ता साफ करने का फंडा </p>
<h5><strong>आम लोगों से क्यों छिपाई गई बात?</strong></h5>
<p>अगर यह भूमि पहले से ही किसी सरकारी प्रोजेक्ट के लिए तय की गई थी, तो फिर नकटी वालों और स्थानीय लोगों को पूरी - पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई ? लोगों को यह सूचना क्यों नहीं दी गई कि उनके घर एक खास योजना के लिए हटाए जा रहे हैं? क्या इस पूरे मामले में नकटी के ग्रामीणों को मिसगाइड करने की कोशिश की गई है? 2024 के इस पत्र में दिए गए निर्देशों की असलियत क्या है, इसका जवाब अब हर कोई जानना चाहता है।</p>
<h5><strong>सियासत तेज, पार्टी के अंदर भी सुलगी आग...</strong></h5>
<p>इस पूरे मामले में पर राजनीति भी गर्म हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे सहित कई नेताओं ने पहले कांग्रेस पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया था। लेकिन, अब जो पत्र सामने आया है, उसने विपक्ष के हाथ में सरकार को घेरने का हथियार दे दिया है। सियासी हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि खुद सत्ताधारी पार्टी के भीतर भी इस कार्रवाई को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं। पार्टी के कुछ नेता इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि गरीबों को बेघर करके कोई वीआईपी योजना बनाई जाए। वे ऐसी किसी भी योजना से किनारा करने की बात कह रहे हैं।</p>
<h5><strong>क्या अब मांगी जाएगी माफी?</strong></h5>
<p>अब यह पूरा विषय सिर्फ जमीन का नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार की पारदर्शिता और नेताओं की राजनीतिक जवाबदारी की भी परीक्षा बन चुका है। ऐसे में अब प्रश्न यह है कि जिन नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार पर आरोप लगाए थे, क्या वे अब अपनी बात वापस लेंगे? जिस प्रकार नकटी के गरीब ग्रामीणों को धोखे में रखा गया, क्या अब यह सरकारी पत्र के सामने आने के बाद वे सत्ताधारी दल के नेता आगे आकर जनता और पूर्व मुख्यमंत्री से माफी मांगेंगे?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:05:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों के तबादले, निगम आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग में नई नियुक्तियां देखे आदेश....</title>
                                    <description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से 19 अधिकारियों के स्थानांतरण का नया आदेश जारी किया गया है।<br /><br /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/cg-transfer-list-1-2026-07-08-08-26-52.jpeg" alt="cg-transfer-list-1-2026-07-08-08-26-52" width="1080" height="1200" /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/cg-transfer-list-2026-07-08-08-26-52.jpeg" alt="cg-transfer-list-2026-07-08-08-26-52" width="1080" height="1200" /></p>
<p>  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/major-administrative-reshuffle-in-chhattisgarh-transfer-of-19-officers-of/article-10883"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/cg-transfer-list-1-2026-07-08-08-26-52.jpeg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से 19 अधिकारियों के स्थानांतरण का नया आदेश जारी किया गया है।<br /><br /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/cg-transfer-list-1-2026-07-08-08-26-52.jpeg" alt="cg-transfer-list-1-2026-07-08-08-26-52" width="1080" height="1491"></img></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-07/cg-transfer-list-2026-07-08-08-26-52.jpeg" alt="cg-transfer-list-2026-07-08-08-26-52" width="1080" height="1480"></img></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/major-administrative-reshuffle-in-chhattisgarh-transfer-of-19-officers-of/article-10883</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:04:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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