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                <title>छत्तीसगढ़ - National Jagat Vision</title>
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                <description>छत्तीसगढ़ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अरपा भैंसाझार घोटाला..10 दागी SDM'S को अभयदान, केवल नियम का पालन करने वाले अफसर को किया टारगेट...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  बिलासपुर। क्या आपने कभी सुना है कि जो अधिकारी सरकारी खजाने की रक्षा करे, उसे ही सूली पर चढ़ा दिया जाए? और जिन अधिकारियों ने करोड़ों की बंदरबांट की हो, वे वातानुकूलित कमरों में मौज करें? जी हां, बिलासपुर के अरपा भैंसाझार परियोजना के 27 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले में बिल्कुल ऐसा ही हुआ है। किसानों के खेतों की प्यास बुझाने के लिए बनी यह योजना भ्रष्ट अफसरों और भू-माफियाओं के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन गई।</p>
<p>सिस्टम की अंधेरगर्दी देखिए, इस घोटाले में 10 एसडीएम (SDM) स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता दस्तावेजों में साफ -</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/arpa-buffalo-scam-10-tainted-sdms-given-immunity-only-rule/article-11424"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/20260801_193816.jpg" alt=""></a><br /><p> बिलासपुर। क्या आपने कभी सुना है कि जो अधिकारी सरकारी खजाने की रक्षा करे, उसे ही सूली पर चढ़ा दिया जाए? और जिन अधिकारियों ने करोड़ों की बंदरबांट की हो, वे वातानुकूलित कमरों में मौज करें? जी हां, बिलासपुर के अरपा भैंसाझार परियोजना के 27 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले में बिल्कुल ऐसा ही हुआ है। किसानों के खेतों की प्यास बुझाने के लिए बनी यह योजना भ्रष्ट अफसरों और भू-माफियाओं के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन गई।</p>
<p>सिस्टम की अंधेरगर्दी देखिए, इस घोटाले में 10 एसडीएम (SDM) स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता दस्तावेजों में साफ - साफ दर्ज है, लेकिन पूरी गाज गिराई गई सिर्फ तत्कालीन SDM आनंद स्वरूप तिवारी पर। इस पूरे मामले ने प्रशासन की तथाकथित निष्पक्ष जांच की पोल खोलकर रख दी है।</p>
<h5><strong>ईमानदारी की सजा: जिसने खजाना लुटाने से रोका, उन्हीं को बनाया निशाना...</strong></h5>
<p>इस महाघोटाले की पटकथा किसी फिल्मी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है। 104 गांवों की जमीन अधिग्रहण की इस जटिल प्रक्रिया में 11 अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) ने काम किया। लेकिन हैरत की बात यह है कि जिस आनंद स्वरूप तिवारी को बलि का बकरा बनाया गया है, उनकी भूमिका केवल एक गांव 'सकरी' तक सीमित थी।</p>
<p>दस्तावेज कहते हैं कि सकरी गांव में <strong>धारा 11</strong> का प्रकाशन 18 जनवरी 2019 को तत्कालीन एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर ने किया था। इसके बाद <strong>धारा 19 </strong>का प्रकाशन 19 जुलाई 2019 (19/07/2019) को आशुतोष चतुर्वेदी द्वारा किया गया। धारा 21 की कार्यवाही सुमित अग्रवाल ने पूरी की। यानी तिवारी के प्रभार संभालने से बहुत पहले ही वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी थी। फिर 11 अधिकारियों के सामूहिक 'खेल' की सजा एक अकेले तिवारी को क्यों?</p>
<h5><strong>ब्लैकमेलिंग का खेल: अवैध कब्जाधारियों ने रची साजिश</strong></h5>
<p>इस पूरे फर्जीवाड़े की जड़ में जलसंसाधन विभाग के एक बड़े रसूखदार अधिकारी के रिश्तेदार और पेशे से ठेकेदार पवन अग्रवाल  जिसने नियम-कानून को ताक पर रखकर सरकारी पैसों पर डाका डालने की कोशिश की।</p>
<h6><strong>नियम साफ है: मुआवजा सिर्फ जमीन के असली और पंजीकृत मालिक को मिलता है।</strong></h6>
<p> </p>
<p>बी.एन. मिश्रा का फर्जीवाड़ा: बी.एन. मिश्रा ने तो सीधे सरकारी जमीन पर ही कब्जा कर रखा था और उसी अवैध कब्जे के आधार पर मुआवजे की मांग कर रहा था।</p>
<p> <strong>पवन अग्रवाल  ने की धोखाधड़ी</strong> : राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार <strong>खसरा नंबर 19</strong> की असली मालकिन शारदा देवी अग्रवाल थीं (जिन्हें नियमतः मुआवजा मिला)। लेकिन पवन अग्रवाल इस खसरा नंबर 19 पर अनाधिकृत और अवैध कब्जे का दावा ठोक कर मुआवजे की मांग कर रहा था। पवन की खुद की जमीन (खसरा नंबर 40/08) बन रही नहर से कोसों दूर थी।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-08/img_20260801_193957.jpg" alt="IMG_20260801_193957" width="7870" height="2912"></img></p>
<p>जब तत्कालीन एसडीएम आनंद स्वरूप तिवारी के पास यह मामला आया, तो उन्होंने नियमों का सख्ती से पालन करते हुए इन दोनों कब्जाधारियों को सरकारी खजाने से फूटी कौड़ी देने से साफ मना कर दिया। इसी बौखलाहट में पवन अग्रवाल ने अधिकारी को नौकरी से निकलवाने की धमकी दी और झूठी शिकायतों का पुलिंदा तैयार कर दिया। 23 फरवरी 2023 को अतिरिक्त कलेक्टर की जांच समिति ने भी माना कि पवन अग्रवाल की जमीन नहर से प्रभावित ही नहीं है, फिर भी सिस्टम ने ईमानदार अफसर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-08/img_20260801_194235.jpg" alt="IMG_20260801_194235" width="6258" height="2912"></img></p>
<h5><strong>करोड़ों डकारने वाले 10 'लाडले' अफसरों की  करतूतें</strong></h5>
<p>प्रशासन ने उन 10 अफसरों की तरफ से पूरी तरह आंखें मूंद रखी हैं, जिन्होंने बिना किसी वैधानिक प्रकाशन के मुआवजे की रेवड़ियां बांटी। सरकारी रिकॉर्ड के पन्ने पलटें तो सिस्टम का असली भ्रष्टाचार सामने आता है:</p>
<p> <strong>कीर्तिमान सिंह राठौर</strong>: 27 गांवों के 107 खसरों को बिना धारा 11 और 19 के जोड़ दिया, 70 खसरों का रकबा मनमाने ढंग से बढ़ा दिया।</p>
<p> <strong>दिलेराम डाहिरे: </strong>16 गांवों के 72 खसरों को बिना प्रकाशन जोड़ा, 42 का रकबा बढ़ाया।</p>
<p> <strong>आशुतोष चतुर्वेदी:</strong> 7 गांवों के 82 खसरे बिना प्रकाशन शामिल, 42 का रकबा बढ़ाया।</p>
<p> <strong>देवेंद्र पटेल:</strong> 7 गांवों के 60 खसरे मुआवजे की सूची में डाले।</p>
<p> <strong>अखिलेश साहू:</strong> 7 गांवों के 30 खसरे जोड़े।</p>
<p> <strong>एस.पी. वैद्य</strong>: 6 गांवों के 23 खसरे शामिल किए।</p>
<p> <strong>राजेंद्र गुप्ता</strong> (3 गांव - 5 खसरे), <strong>नूतन कंवर</strong> (2 गांव - 5 खसरे), <strong>देवेश कुमार ध्रुव</strong> (13 खसरे) और <strong>वीरेंद्र लकड़ा</strong> (5 खसरे): इन सबने बिना किसी वैधानिक प्रकाशन के अपात्रों को मुआवजा सूची में घुसा दिया।इन 10 अफसरों ने मिलकर शासन को 27 करोड़ का चूना लगाया, लेकिन आज तक इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई!</p>
<p> </p>
<p><strong>ईडी (ED) की एंट्री से उड़ी नींद, पर जांच पर अभी भी सवाल</strong></p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय (ED) का पत्र आते ही बिलासपुर प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूट गई है। आनन-फानन में संभागायुक्त ने अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और राजस्व अधिकारियों की 4 सदस्यीय नई जांच समिति बना दी है। समिति को 15 दिन में रिपोर्ट देनी है।</p>
<p>लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है: प्रशासन आखिर किसको बचाना चाहता है? वर्तमान में जांच का दायरा सिर्फ 'सकरी' गांव तक समेटने की साजिश रची जा रही है। जबकि यह महाघोटाला एक-दो नहीं, बल्कि सभी प्रभावित गांवों में फैला है।</p>
<p>अब प्रश्न यह है कि जब भ्रष्टाचार 104 गांवों में हुआ है, तो जांच केवल सकरी गांव की क्यों? जांच सभी गांवों की होनी चाहिए! जब तक इस जांच के दायरे में बिना प्रकाशन के खसरे जोड़ने वाले सभी 10 पूर्व एसडीएम नहीं आते और संपूर्ण गांवों के अवार्ड पारित होने की प्रक्रिया की फाइलें नहीं खुलतीं, तब तक यह जांच सिर्फ एक दिखावा मात्र है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:43:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'सीएमओ' लिखी स्कोडा कार ने बाइक को मारी टक्कर, दो की मौत, CMO लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर :</span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong> </strong>बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया । </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमओ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखी एक स्कोडा कार ने सामने से आ रही बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सवार दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया । हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया । पुलिस को घटनास्थल से टूटी हुई </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमओ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखी नंबर प्लेट</span></span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> मिली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे जब्त कर मामले की जांच शुरू</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/cmo-wrote-that-skoda-car-hit-the-bike-two-died/article-11423"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/3f9d5dba-f7f7-4a3e-8515-173b00e8de4c.png" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर :</span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong> </strong>बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया । </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमओ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखी एक स्कोडा कार ने सामने से आ रही बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सवार दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया । हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया । पुलिस को घटनास्थल से टूटी हुई </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमओ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखी नंबर प्लेट</span></span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> मिली है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="ar-sa" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंगेली कांग्रेस जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद तखतपुर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अमरेश सिंह अपने एक साथी के साथ स्कोडा कार से तखतपुर लौट रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार रात करीब </span>11 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे जरहागांव थाना क्षेत्र के मुंगेली-पथरिया मोड़ के पास उनकी कार की सामने से आ रही बाइक से आमने-सामने भिड़ंत हो गई । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार तेज रफ्तार में थी और टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई । हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="ar-sa" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">दो महिलाओं की मौके पर मौत</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">युवक की हालत गंभीर</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">हादसे के समय बाइक पर ग्राम मझगांव निवासी <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">भुनेश्वर साहू (</span></strong></span><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;">32)</span></strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;" xml:lang="hi">किरण बांसोड़ (</span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">36)</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">और <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">हेमलता साहू (</span></strong></span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">39)</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">सवार थे । टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर दूर जा गिरे । सिर में गंभीर चोट लगने से किरण बांसोड़ और हेमलता साहू की मौके पर ही मौत हो गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि भुनेश्वर साहू गंभीर रूप से घायल हो गये । प्राथमिक उपचार के बाद उसे इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="ar-sa" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">घटनास्थल पर मिली </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">'<span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">सीएमओ</span>' <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">लिखी नंबर प्लेट</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">हादसे के बाद पुलिस को घटनास्थल से कार की आगे लगी </span><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमओ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखी नंबर प्लेट</span></span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"> टूटी हुई अवस्था में मिली । प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार कथित तौर पर सीएमओ स्वयं चला रहे थे । हालांकि</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि दुर्घटना के समय वाहन कौन चला रहा था ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="ar-sa" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">नगर पालिका परिसर में मिली क्षतिग्रस्त कार</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">सीएमओ का नहीं लगा सुराग</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हादसे के कुछ समय बाद संबंधित स्कोडा कार नगर पालिका परिसर में क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी मिली । वहीं कार से जुड़े अधिकारी अमरेश सिंह का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है । इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि हादसे के बाद चालक मौके से क्यों फरार हुआ ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="ar-sa" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">पुलिस जांच में जुटी</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">चालक की तलाश जारी</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">घटना की सूचना मिलते ही जरहागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची । पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और घायल का उपचार जारी है । घटनास्थल से मिले साक्ष्यों</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">टूटी नंबर प्लेट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर फरार चालक की तलाश की जा रही है ।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस का कहना है कि <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">अभी यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि दुर्घटना के समय वाहन कौन चला रहा था ।</span></strong> जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 17:58:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>LPG उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट : 16 अगस्त तक करा लें ई-केवाईसी, नहीं तो बंद हो सकती है सब्सिडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;" xml:lang="hi"><span><strong>डेस्क :</strong> </span></span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अगर आपके घर में एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है और आप सरकारी सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है । सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">आधार सत्यापन</span></strong> की प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">16 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">तय कर दी है । </span></span></p>
<p><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निर्धारित समय तक सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद हो सकती है । इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें घरेलू रियायती दर पर सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत आ सकती है । इसके साथ ही </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">से</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/alert-for-lpg-consumers-get-e-kyc-done-by-16th-august/article-11418"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/images-(4).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;" xml:lang="hi"><span><strong>डेस्क :</strong> </span></span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अगर आपके घर में एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है और आप सरकारी सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है । सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">आधार सत्यापन</span></strong> की प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">16 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">तय कर दी है । </span></span></p>
<p><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निर्धारित समय तक सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद हो सकती है । इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें घरेलू रियायती दर पर सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत आ सकती है । इसके साथ ही </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">से रसोई गैस और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े कई नए नियम भी लागू हो गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका असर करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा ।</span></span></p>
<p><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">16 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त तक नहीं कराया ई-केवाईसी तो रुक सकती है सब्सिडी</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सरकारी तेल कंपनियों ने उन सभी एलपीजी उपभोक्ताओं को अंतिम चेतावनी वाले एसएमएस भेजने शुरू कर दिए हैं</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने अभी तक अपना <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">ई-केवाईसी </span></strong>पूरा नहीं कराया है । कंपनियों का कहना है कि घरेलू गैस कनेक्शन को सक्रिय रखने और सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य है । </span></span></p>
<p><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कई उपभोक्ताओं को भेजे गए संदेश में स्पष्ट किया गया है कि </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">16 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद बिना <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">ई-केवाईसी</span></strong> वाले कनेक्शनों पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे उपभोक्ताओं को तब तक सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक वे अपना सत्यापन पूरा नहीं कराते ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">महंगे रेट पर खरीदना पड़ सकता है सिलेंडर</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">यदि कोई उपभोक्ता निर्धारित समय सीमा तक <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">ई-केवाईसी </span></strong>नहीं कराता है</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे घरेलू रियायती दर के बजाय सामान्य बाजार दर पर एलपीजी सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है । इससे हर सिलेंडर पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है । तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपने नजदीकी गैस एजेंसी या अधिकृत माध्यम से <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">ई-केवाईसी</span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;"> </span></strong>की प्रक्रिया पूरी कर लें ।</span></span></p>
<h2><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त से उज्ज्वला योजना के नियमों में बड़ा बदलाव</span></span></strong></h2>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सरकार ने <strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना </span></strong>के तहत मिलने वाली सब्सिडी व्यवस्था में भी संशोधन किया है । </span><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अब तक योजना के लाभार्थियों को एक वित्तीय वर्ष में </span><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;">9 <span lang="hi" xml:lang="hi">एलपीजी सिलेंडरों</span></span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"> पर सब्सिडी का लाभ मिलता था</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">अगस्त </span>2026</span></strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">से यह सीमा घटाकर </span><strong><span style="font-family:Mangal, serif;font-weight:normal;">4 <span lang="hi" xml:lang="hi">सिलेंडर प्रति वर्ष</span></span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> कर दी गई है । </span></span><span lang="ar-sa" style="font-size:11pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="ar-sa">इसका मतलब है कि चार सब्सिडी वाले सिलेंडर लेने के बाद लाभार्थियों को आगे के सिलेंडर सामान्य घरेलू कीमत पर खरीदने होंगे ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 17:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 लाख का फर्जी मेडिकल बिल घोटाला : 10 महीने बाद जागी पुलिस, अब सवाल—क्या सिर्फ शिक्षक नेता ही दोषी या अफसर भी होंगे बेनकाब?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बिलासपुर </span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>:</strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> शिक्षा विभाग के बहुचर्चित फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में आखिरकार </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने की लंबी खामोशी के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने शिक्षक नेता एवं संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही सबसे बड़ा प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि क्या इतने बड़े फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड केवल एक शिक्षक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर पूरा सिस्टम उसके साथ खड़ा था </span>?</span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि बीईओ कार्यालय से लेकर डीईओ कार्यालय तक कई जिम्मेदार अधिकारियों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/fake-medical-bill-scam-of-rs-30-lakh-police-woke/article-11415"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/siksha-vibhag.png" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बिलासपुर </span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>:</strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> शिक्षा विभाग के बहुचर्चित फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में आखिरकार </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने की लंबी खामोशी के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने शिक्षक नेता एवं संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही सबसे बड़ा प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि क्या इतने बड़े फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड केवल एक शिक्षक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर पूरा सिस्टम उसके साथ खड़ा था </span>?</span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि बीईओ कार्यालय से लेकर डीईओ कार्यालय तक कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच किए बिना इस घोटाले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी । आखिर करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये के फर्जी मेडिकल बिल बिना कई स्तरों की जांच और अनुमोदन के कैसे पास हो गए </span><span style="font-family:Mangal, serif;">?</span></p>
<p><strong><span style="font-family:Mangal, serif;">10 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने तक किसने दबाकर रखी एफआईआर</span>?</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सबसे हैरानी की बात यह है कि संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा के आदेश</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट और बीईओ की शिकायत के बावजूद करीब </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने तक एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई । इस दौरान प्रश्न उठते रहे कि आखिर आरोपी को बचाने की कोशिश कौन कर रहा था </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के कारण कार्रवाई टलती रही </span>?<span lang="hi" xml:lang="hi"> अब जब एफआईआर दर्ज हुई है तो यह चर्चा भी तेज हो गई है कि अगर शुरुआत में ही कार्रवाई हो जाती तो शायद पहले ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता था ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मृत शिक्षक के नाम पर भी नहीं आई शर्म</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी साधेलाल पटेल ने मृत सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार चौधरी के नाम पर भी फर्जी मेडिकल प्रतिपूर्ति का खेल खेला हैं । बताया गया कि करीब </span><span style="font-family:Mangal, serif;">33 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये के वास्तविक मेडिकल बिल में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे</span> 5.33 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपये का बना दिया गया । यही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भुगतान हो जाने के बाद भी दस्तावेजों में कथित कूटरचना कर दोबारा राशि निकालने की कोशिश की गई । जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी पत्नी और अन्य शिक्षकों के नाम पर भी फर्जी मेडिकल प्रतिपूर्ति के बिल लगाकर करीब </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपये के घोटाले को अंजाम दिया ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फर्जी बिल</span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फर्जी रसीदें और सरकारी खजाने पर डाका</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीईओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्वयं के नाम पर लगभग</span><span style="font-family:Mangal, serif;"> 7<span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>73 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये का मेडिकल दावा प्रस्तुत किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि मूल बिल करीब</span> 77 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये का था । पत्नी राजकुमारी पटेल के नाम पर </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi">हजार और बाद में </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>32<span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये के मेडिकल दावे लगाए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि वास्तविक बिल कुछ हजार रुपये के बताए गए । अन्य शिक्षकों के नाम पर भी मेडिकल प्रतिपूर्ति राशि में कथित छेड़छाड़ कर लाखों रुपये के दावे पेश किए गए । जांच में कई मेडिकल बिलों और रसीदों में कूटरचना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशि बढ़ाने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ की पुष्टि होने की बात कही गई है ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्या अफसरों की मिलीभगत से खेला खेल </span><span style="font-family:Mangal, serif;">?</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यही वह प्रश्न है जो पूरे मामले को और गंभीर बना देता है । मेडिकल प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में फाइलें स्कूल</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संकुल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीईओ कार्यालय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीईओ कार्यालय और कोषालय जैसे कई स्तरों से गुजरती हैं । ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि क्या किसी कर्मचारी या अधिकारी ने दस्तावेजों की जांच नहीं की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं </span>?<span lang="hi" xml:lang="hi"> अगर फर्जी दस्तावेज इतने लंबे समय तक पास होते रहे तो जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति पर तय करना पर्याप्त होगा या पूरे तंत्र की भूमिका की भी जांच होगी </span>?</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संयुक्त संचालक ने किया था निलंबित</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा ने साधेलाल पटेल को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय रतनपुर बीईओ कार्यालय निर्धारित किया था । आदेश में उनके कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के विपरीत गंभीर </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अनैतिक कार्य</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> माना गया ।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बीईओ ने </span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;">2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">में ही लिख दी थी एफआईआर की चिट्ठी</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बिल्हा के तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने</span><span style="font-family:Mangal, serif;"> 13 <span lang="hi" xml:lang="hi">अक्टूबर </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">को ही सिटी कोतवाली पुलिस को पत्र लिखकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था । पत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए । इसके बावजूद मामला महीनों तक आगे नहीं बढ़ा ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने किया मामला दर्ज </span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएसपी बिलासपुर गगन कुमार के अनुसार</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से फर्जी मेडिकल बिल और दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि निकालने की शिकायत प्राप्त हुई थी । जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की समकक्ष धाराओं (पूर्व आईपीसी की धारा </span>420, 467, 468, 471 <span lang="hi" xml:lang="hi">एवं </span>34 <span lang="hi" xml:lang="hi">के अनुरूप) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एफआईआर के बाद बढ़ीं उम्मीदें</span>,</strong><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> </span></strong><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरू हुई पुलिस की अग्निपरिक्षा </span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एफआईआर दर्ज होना कार्रवाई की शुरुआत है</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंत नहीं । अब पूरे जिले की नजर इस बात पर है कि क्या तत्कालीन बीईओ और डीईओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ होगी </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फर्जी बिल किस स्तर पर पास हुए </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी खजाने से निकली रकम की वसूली कैसे होगी </span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">और सबसे बड़ा प्रश्न यह हैं कि क्या इस घोटाले के पीछे बैठे </span></span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुखौटाधारी लोग </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भी बेनकाब होंगे और कानून के शिकंजे में आएंगे या फिर पूरा मामला केवल एक शिक्षक तक ही सीमित कर दिया जाएगा </span><span style="font-family:Mangal, serif;">? </span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब यह जांच तय करेगी कि कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित रहती है या शिक्षा विभाग के भीतर छिपे पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का भी पर्दाफाश होता है ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/fake-medical-bill-scam-of-rs-30-lakh-police-woke/article-11415</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 16:06:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक तस्वीर! स्कूल कार्यालय में कथित शराब पार्टी का VIDEO वायरल, दो शिक्षक जांच के घेरे में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गरियाबंद। </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से शिक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। मैनपुर विकासखंड के एक सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों का स्कूल कार्यालय के भीतर कथित रूप से शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। </p>
<p><strong>स्कूल कार्यालय में कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरल</strong><br />जानकारी के अनुसार, मामला शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) का है। वायरल वीडियो में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/shameful-picture-in-the-temple-of-education-video-of-alleged/article-11413"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/sharabi-shikshak.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गरियाबंद। </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से शिक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। मैनपुर विकासखंड के एक सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों का स्कूल कार्यालय के भीतर कथित रूप से शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। </p>
<p><strong>स्कूल कार्यालय में कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरल</strong><br />जानकारी के अनुसार, मामला शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) का है। वायरल वीडियो में दो शिक्षक मनोज कुमार भारद्वाज और कमल सिंह दीवान स्कूल कार्यालय में कथित रूप से शराब पीते और नाश्ता करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है।<img src="https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/08/schoo-me-jam.jpg" alt="schoo-me-jam.jpg"></img></p>
<p><strong>आरोप- पढ़ाई छोड़ कार्यालय में बैठे थे शिक्षक</strong><br />स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय स्कूल के तीन शिक्षक अवकाश पर थे, जबकि मौजूद दो शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाने के बजाय कार्यालय में बैठे थे।यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड के अनुरूप वेशभूषा में नहीं थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p><strong>वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल</strong><br />वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि विद्यालय के अनुशासन और छात्रों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला है।<img src="https://lalluram.com/wp-content/uploads/2026/08/school-3-1024x576.jpg" alt="school-3-1024x576.jpg"></img></p>
<p><strong>जांच के बाद तय होगी कार्रवाई</strong><br />प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, शिक्षा विभाग की ओर से मामले की विस्तृत जांच का इंतजार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/shameful-picture-in-the-temple-of-education-video-of-alleged/article-11413</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 13:26:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेमेतरा बैंक स्कैम: फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल, पूर्व बैंक मैनेजर तमिलनाडु से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बेमेतरा। </strong>छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सामने आए 14.56 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की बेमेतरा शाखा में हुए कथित फर्जी लोन घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</p>
<p><strong>180 खातों में संदिग्ध</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/bemetara-bank-scam-former-bank-manager-arrested-from-tamil-nadu/article-11412"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/accused_in_police_custody_1785558774.webp" alt=""></a><br /><p><strong>बेमेतरा। </strong>छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सामने आए 14.56 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की बेमेतरा शाखा में हुए कथित फर्जी लोन घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</p>
<p><strong>180 खातों में संदिग्ध तरीके से बांटे गए करोड़ों के लोन</strong><br />पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारियों और कथित बिचौलियों की मिलीभगत से करीब 180 खातों में नियमों को दरकिनार कर ऋण स्वीकृत किए गए।जांच के अनुसार, कई ऐसे लोगों और इकाइयों के नाम पर लोन जारी किए गए जो या तो अस्तित्व में नहीं थीं या पहले ही बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजनाओं के तहत भी निर्धारित सीमा से अधिक ऋण स्वीकृत किए जाने के आरोप हैं।</p>
<p><strong>फर्जी दस्तावेजों के सहारे तैयार किया गया पूरा नेटवर्क</strong><br />प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।</p>
<ul>
<li>पुलिस के अनुसार फर्जी GST दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए गए।</li>
<li>कई मामलों में नकली अभिलेख और अधूरे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।</li>
<li>बिना उचित मूल्यांकन के लोन पास किए गए।</li>
<li>कुछ मामलों में जिस जमीन को गिरवी दिखाया गया, उसका स्वामित्व ही उधारकर्ताओं के नाम पर नहीं था।</li>
<li>मत्स्य विभाग के नाम से कथित फर्जी स्वीकृति पत्र लगाकर भी ऋण स्वीकृत किए जाने के आरोप हैं।</li>
</ul>
<p><strong>बिचौलियों की भूमिका भी जांच के घेरे में</strong><br />जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे कथित घोटाले में बिचौलियों की भूमिका भी अहम रही। पुलिस के मुताबिक, ये लोग बैंक और आवेदकों के बीच सक्रिय रहकर ऋण स्वीकृत कराने में मदद करते थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि स्वीकृत लोन की राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में तो नहीं किया गया।</p>
<p><strong>2022 में दर्ज हुई थी शिकायत</strong><br />इस मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई, जब इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार ने अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास, कमलेश सिन्हा, जोहन वर्मा, नागेश वर्मा और टीकाराम माथुर के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, धोखाधड़ी और गबन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।</p>
<p><strong>धन की रिकवरी और अन्य आरोपियों की तलाश जारी</strong><br />बेमेतरा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, धन के प्रवाह (Money Trail) और संभावित रिकवरी की दिशा में जांच जारी है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 13:08:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Surguja HIV Alert: नशे के लिए साझा इंजेक्शन बना जानलेवा, सरगुजा संभाग में 175 लोग HIV संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अंबिकापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में नशे की बढ़ती लत अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नशीले इंजेक्शन के लिए एक ही सुई का सामूहिक उपयोग करने के कारण 175 लोग HIV संक्रमित पाए गए हैं। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज जारी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साझा इंजेक्शन का इस्तेमाल न करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के दौरान एक ही इंजेक्शन कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने से एचआईवी सहित अन्य रक्तजनित संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>साझा इंजेक्शन</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/surguja-hiv-alert-shared-injection-for-drug-addiction-becomes-fatal/article-11411"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/hiv_positive_1785559360.webp" alt=""></a><br /><p><strong>अंबिकापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में नशे की बढ़ती लत अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नशीले इंजेक्शन के लिए एक ही सुई का सामूहिक उपयोग करने के कारण 175 लोग HIV संक्रमित पाए गए हैं। सभी संक्रमित मरीजों का इलाज जारी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साझा इंजेक्शन का इस्तेमाल न करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के दौरान एक ही इंजेक्शन कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने से एचआईवी सहित अन्य रक्तजनित संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>साझा इंजेक्शन बना संक्रमण की बड़ी वजह</strong><br />स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शनों का उपयोग करने वाले कई लोग एक ही सुई को आपस में साझा कर रहे हैं। यही HIV संक्रमण फैलने की प्रमुख वजह बनकर सामने आई है। विभाग वर्षों से "एक मरीज–एक सुई" अभियान के माध्यम से जागरूकता फैला रहा है, लेकिन नशे के आदी लोगों तक इसका अपेक्षित असर नहीं पहुंच पा रहा है।</p>
<p><strong>175 संक्रमितों में सबसे ज्यादा मरीज सूरजपुर से</strong><br />स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साझा इंजेक्शन के उपयोग से संक्रमित 175 पंजीकृत मरीजों में:</p>
<ul>
<li>सूरजपुर – 108 मरीज</li>
<li>कोरिया – 40 मरीज</li>
<li>एमसीबी – 15 मरीज</li>
<li>सरगुजा – 11 मरीज</li>
<li>बलरामपुर – 1 मरीज</li>
</ul>
<p>अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई संक्रमित लोगों की अभी जांच नहीं हो सकी है।</p>
<p><strong>पुलिस लगातार चला रही कार्रवाई </strong><br />नशीले इंजेक्शनों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। विभिन्न जिलों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। इसके बावजूद इनकी उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।</p>
<p><strong>डॉक्टर बोले- समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव</strong><br />जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि एक ही इंजेक्शन का कई लोगों द्वारा इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक है और इससे HIV समेत कई गंभीर संक्रमण फैल सकते हैं। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति नियमित रूप से एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की दवाएं लेकर लंबा और सामान्य जीवन जी सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह आने वाले समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य विभाग की अपील</strong><br />स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि</p>
<ul>
<li>किसी भी स्थिति में साझा सुई या इंजेक्शन का उपयोग न करें।</li>
<li>नशे की लत से बचें और जरूरत पड़ने पर नशामुक्ति केंद्रों से संपर्क करें।</li>
<li>HIV की आशंका होने पर समय पर जांच और उपचार कराएं।</li>
<li>संक्रमित व्यक्ति भी नियमित इलाज से स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकता है।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/surguja-hiv-alert-shared-injection-for-drug-addiction-becomes-fatal/article-11411</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 13:04:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kawardha News: वनांचल के छात्रावास में छात्रा की मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप; जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कवर्धा। </strong>छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित एक कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा कई दिनों से बीमार थी, लेकिन छात्रावास प्रबंधन ने समय पर उन्हें सूचना नहीं दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते इलाज मिलता तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद छात्रावास की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p><strong>बीमार छात्रा की हालत बिगड़ी, रास्ते में हुई मौत</strong><br />परिजनों के अनुसार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/kawardha-news-girl-student-died-in-vananchal-hostel-family-members/article-11410"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/kawardha_student_dies_hostel_remote_1785565273.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कवर्धा। </strong>छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित एक कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा कई दिनों से बीमार थी, लेकिन छात्रावास प्रबंधन ने समय पर उन्हें सूचना नहीं दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते इलाज मिलता तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद छात्रावास की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।</p>
<p><strong>बीमार छात्रा की हालत बिगड़ी, रास्ते में हुई मौत</strong><br />परिजनों के अनुसार, बबीता पद्राम अमेरा कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उनका दावा है कि छात्रा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थी। आरोप है कि रात में उसकी तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद ही परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिवार तत्काल छात्रावास पहुंचा और उसे अस्पताल लेकर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही छात्रा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन छात्रा का शव अपने गांव ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।</p>
<p><strong>छात्रावास प्रबंधन पर उठे सवाल</strong><br />परिजनों का आरोप है कि घटना के समय छात्रावास अधीक्षिका मौजूद नहीं थीं। उनका कहना है कि यदि छात्रा को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती और समय पर परिवार को सूचना दी जाती, तो स्थिति अलग हो सकती थी। इन आरोपों की प्रशासनिक जांच की जा रही है।</p>
<p><strong>वनांचल के छात्रावासों की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल</strong><br />घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सुखनंदन धुर्वे ने वनांचल क्षेत्रों के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग से छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निगरानी की मांग की।</p>
<p><strong>जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित </strong><br />घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर की अनुशंसा पर डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की जा रही है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार</strong><br />मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/kawardha-news-girl-student-died-in-vananchal-hostel-family-members/article-11410</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 12:30:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kulgam Terror Attack: कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला, छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत; सुरक्षा बलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर/श्रीनगर। </strong>जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। दक्षिण कश्मीर के केल्लाम इलाके में शुक्रवार शाम आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों पर हमला कर दिया, जिसमें छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त तलाशी अभियान चला रही हैं।</p>
<p><strong>शाम को गोलियों की आवाज से दहला केल्लाम इलाका</strong><br />प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/kulgam-terror-attack-terrorist-attack-on-migrant-laborers-in-kulgam/article-11407"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/search_operation_underway_after_the_attack_1785556105.webp" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर/श्रीनगर। </strong>जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। दक्षिण कश्मीर के केल्लाम इलाके में शुक्रवार शाम आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों पर हमला कर दिया, जिसमें छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त तलाशी अभियान चला रही हैं।</p>
<p><strong>शाम को गोलियों की आवाज से दहला केल्लाम इलाका</strong><br />प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे केल्लाम इलाके में अचानक गोलीबारी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले में घायल दोनों मजदूरों को स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दीपक रात्रे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।</p>
<p><strong>पूरे इलाके की घेराबंदी, आतंकियों की तलाश तेज</strong><br />हमले की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान, उनके भागने के रास्तों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों ने दोषियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ली घटना की जानकारी</strong><br />जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें जल्द कानून के दायरे में लाने के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया शोक</strong><br />छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मृतकों के परिजनों से लगातार संपर्क में रहने, हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>हमले की जिम्मेदारी को लेकर दावा, आधिकारिक पुष्टि नहीं</strong><br />प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)' ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।</p>
<p><strong>हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी गतिविधियां</strong><br />यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे पहले अनंतनाग में हुए हमले में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई थी। सुरक्षा एजेंसियां घाटी में आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं और कुलगाम हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/kulgam-terror-attack-terrorist-attack-on-migrant-laborers-in-kulgam/article-11407</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:43:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chhattisgarh Rain Alert: बाढ़ में डूबे नारायणपुर के BSF कैंप, पेड़ों और छतों पर फंसे जवानों का रेस्क्यू; प्रदेश में 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नारायणपुर जिले में बाढ़ का पानी BSF के कई कैंपों तक पहुंच गया, जिससे जवानों को जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर शरण लेनी पड़ी। बाद में राहत एवं बचाव दल ने सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर भी साझा किया है। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chhattisgarh-rain-alert-bsf-camp-of-narayanpur-submerged-in-flood/article-11406"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/image.png" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नारायणपुर जिले में बाढ़ का पानी BSF के कई कैंपों तक पहुंच गया, जिससे जवानों को जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर शरण लेनी पड़ी। बाद में राहत एवं बचाव दल ने सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर भी साझा किया है। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।</p>
<p><strong>नारायणपुर में बाढ़ का कहर, BSF कैंप जलमग्न</strong><br />लगातार हो रही बारिश के कारण नारायणपुर में कई नदियां और नाले उफान पर हैं। बाढ़ का पानी BSF के कैंपों में घुस गया, जिससे जवानों को सुरक्षित स्थान नहीं मिल पाया। स्थिति बिगड़ने पर कई जवान पेड़ों और कैंप की छतों पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और सभी जवानों को सुरक्षित निकाल लिया। अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू अभियान सफल रहा और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</p>
<p><strong>आरंग में बाढ़ के बीच परिवार का रेस्क्यू</strong><br />रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में भी बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया। एक ही परिवार के छह सदस्य चारों ओर से पानी में घिर गए थे। सूचना मिलने पर SDRF की टीम मोटरबोट के साथ मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।</p>
<p><strong>दो दिन तक बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट</strong><br />मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटे तक मौसम सक्रिय रहेगा।</p>
<ul>
<li>कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।</li>
<li>कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी।</li>
<li>निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह।</li>
</ul>
<p>मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अभी सक्रिय है। इसके साथ गुजर रही मानसून ट्रफ के कारण छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा हो रही है।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/08/01/whatsapp-image-2026-08-01-at-84937-am1_1785557765.jpg" alt="रस्सी के सहारे जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।"></img></p>
<p><strong>रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?</strong><br />राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।</p>
<ul>
<li>अधिकतम तापमान: 33°C</li>
<li>न्यूनतम तापमान: 25°C</li>
</ul>
<p>मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।</p>
<p><strong>सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश</strong><br />मानसून सीजन में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा है।</p>
<ul>
<li>कुल वर्षा: 769.1 मिमी</li>
<li>सामान्य से 76% अधिक बारिश</li>
</ul>
<p><strong>प्रदेश के वर्षा आंकड़ों के अनुसार:</strong></p>
<ul>
<li>1 जिले में 60% से अधिक अतिरिक्त वर्षा।</li>
<li>5 जिलों में सामान्य से 20–59% अधिक बारिश।</li>
<li>16 जिलों में सामान्य वर्षा।</li>
<li>11 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chhattisgarh-rain-alert-bsf-camp-of-narayanpur-submerged-in-flood/article-11406</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:37:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Janjgir-Champa News: सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर बच्चों के सामने अशोभनीय हरकत का आरोप, छात्राओं की शिकायत के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में, देखे वीडियो </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जांजगीर-चांपा। </strong>छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर पर बच्चों के सामने कथित तौर पर अशोभनीय हरकत करने और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की कोशिश करने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद छात्रों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हेडमास्टर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी। मामला पामगढ़ ब्लॉक के डोंगाकोहरौद शासकीय प्राथमिक शाला का बताया जा रहा है।</p>
<p><strong>बच्चों ने परिजनों को बताई पूरी घटना</strong><br />जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/janjgir-champa-news-government-school-headmaster-accused-of-indecent-behavior-in/article-11405"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-08/ba938a49-e58d-4b31-b8d0-154a226a47f51785505291110_1785509996.webp" alt=""></a><br /><p><strong>जांजगीर-चांपा। </strong>छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर पर बच्चों के सामने कथित तौर पर अशोभनीय हरकत करने और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की कोशिश करने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद छात्रों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हेडमास्टर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी। मामला पामगढ़ ब्लॉक के डोंगाकोहरौद शासकीय प्राथमिक शाला का बताया जा रहा है।</p>
<p><strong>बच्चों ने परिजनों को बताई पूरी घटना</strong><br />जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल की कक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान चौथी और पांचवीं कक्षा के कुछ बच्चों ने कथित तौर पर हेडमास्टर को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। बच्चों का आरोप है कि उनके सामने अशोभनीय हरकत की गई और कुछ छात्राओं को अपने पास बुलाने की भी कोशिश की गई। घटना से घबराए बच्चों ने स्कूल से घर लौटकर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/07/31/comp-1-29_1785509973.gif" alt="स्कूल की छात्राओं ने हेडमास्टर की करतूत के बारे में दी जानकारी"></img></p>
<p><strong>स्कूल पहुंचे अभिभावक, बनाया वीडियो</strong><br />बच्चों की बात सुनने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां उन्होंने हेडमास्टर को अनुचित अवस्था में देखा। परिजनों ने घटना का वीडियो भी बनाया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल डायल-112 और पामगढ़ पुलिस को सूचना दी।</p>
<p><strong>पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया</strong><br />सूचना मिलते ही पुलिस टीम स्कूल पहुंची और आरोपी हेडमास्टर को थाने ले गई। पुलिस ने छात्राओं और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज किए हैं।अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय स्कूल में क्या परिस्थितियां थीं और उपलब्ध वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/07/31/comp-1-27_1785509962.gif" alt="बच्चों की शिकायत के बाद परिजन स्कूल पहुंचे तो हेडमास्टर उनके सामने पहनने लगा पैंट"></img></p>
<p><strong>कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश</strong><br />घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने भी स्वतंत्र विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/07/31/comp-1-28_1785509919.gif" alt="जांजगीर-चांपा के स्कूल में हेडमास्टर पर गंभीर आरोप। - Dainik Bhaskar"></img></p>
<p><strong>ग्रामीणों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग</strong><br />घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/janjgir-champa-news-government-school-headmaster-accused-of-indecent-behavior-in/article-11405</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:07:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वंदे भारत बनी 'जीवनदूत' : भारत में पहली बार ट्रेन से पहुंचा जीवित हृदय, बचेगी एक अनमोल जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> भारतीय रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐसा इतिहास रच दिया है</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने यह साबित कर दिया कि रेलवे केवल यात्रियों और माल ढुलाई का माध्यम ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी की जिंदगी बचाने का सबसे भरोसेमंद साथी भी बन सकता है । </span></span></p>
<p><span style="font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए एक जीवित हृदय का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया । यह ऐतिहासिक मिशन सूरत से अहमदाबाद के बीच संचालित </span>20901 <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई सेंट्रल</span>–<span lang="hi" xml:lang="hi">गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से पूरा किया गया ।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समय के साथ चल रही इस दौड़</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/vande-bharat-becomes-jeevandoot-for-the-first-time-in-india/article-11403"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/9fde77ae-69f5-43cb-98cb-4ca637cd9ac2.png" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> भारतीय रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐसा इतिहास रच दिया है</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने यह साबित कर दिया कि रेलवे केवल यात्रियों और माल ढुलाई का माध्यम ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी की जिंदगी बचाने का सबसे भरोसेमंद साथी भी बन सकता है । </span></span></p>
<p><span style="font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए एक जीवित हृदय का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया । यह ऐतिहासिक मिशन सूरत से अहमदाबाद के बीच संचालित </span>20901 <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई सेंट्रल</span>–<span lang="hi" xml:lang="hi">गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से पूरा किया गया ।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समय के साथ चल रही इस दौड़ में हर मिनट की अहमियत थी । डॉक्टरों की टीम</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे सुरक्षा बल और गुजरात पुलिस के बीच अभूतपूर्व समन्वय ने इस मिशन को सफलता दिलाई हैं । अहमदाबाद पहुंचने के बाद जीवित हृदय को तत्काल यू एन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर ले जाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इसका प्रत्यारोपण किया जाएगा ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हर सेकंड था अनमोल</span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रीन कॉरिडोर बना जीवन की राह</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हृदय को सुरक्षित और तय समय में अस्पताल पहुंचाने के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से अस्पताल तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया । प्लेटफॉर्म नंबर</span><span style="font-family:Mangal, serif;">1 <span lang="hi" xml:lang="hi">से निकलते ही आरपीएफ और गुजरात पुलिस की टीमों ने पूरे मार्ग को खाली कराया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सीधे अस्पताल पहुंच सकी ।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अंग प्रत्यारोपण जैसी प्रक्रिया में समय सबसे बड़ा कारक होता है । यदि कुछ मिनटों की भी देरी हो जाए तो पूरा प्रत्यारोपण प्रभावित हो सकता है । ऐसे में रेलवे और पुलिस का यह समन्वय किसी जीवनरक्षक अभियान से कम नहीं था ।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वंदे भारत की गति बनी जीवन बचाने का आधार</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस ने इस मिशन में अपनी तेज गति</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">समयपालन और विश्वसनीयता का शानदार परिचय दिया । जिस तेजी और सटीक समय पर ट्रेन ने हृदय को अहमदाबाद पहुंचाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने यह सिद्ध कर दिया कि भविष्य में भी गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों में रेलवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी । अब लंबी दूरी तक जीवनरक्षक अंगों के सुरक्षित परिवहन के लिए रेलवे भी एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है ।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिम्मेदारी नहीं</span></strong><strong><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मानवता ही हैं सर्वोच्च सेवा </span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंडल रेल प्रबंधक</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद वेद प्रकाश ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कहा कि भारतीय रेल के लिए यह गर्व का विषय है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से एक जीवित हृदय को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया गया । उन्होंने कहा कि ऐसे मिशन में हर क्षण महत्वपूर्ण होता है और भारतीय रेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरपीएफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात पुलिस तथा चिकित्सा टीमों के उत्कृष्ट समन्वय ने इसे संभव बनाया । किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में योगदान देना भारतीय रेल के लिए केवल जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा है ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देश के लिए नई उम्मीद</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस मिशन में भारतीय रेल के विभिन्न विभागों</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे सुरक्षा बल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात राज्य पुलिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉक्टरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों तथा अस्पताल प्रशासन ने मिलकर कार्य किया । सभी एजेंसियों के बीच त्वरित संवाद और सटीक योजना के कारण यह चुनौतीपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे ने बदल दी सेवा की परिभाषा</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह उपलब्धि केवल एक सफल परिवहन अभियान नहीं</span><span style="font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भारतीय रेल की बदलती भूमिका का प्रतीक भी है । आधुनिक तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेज गति और उत्कृष्ट समन्वय के बल पर भारतीय रेल अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देने लगी है । यह मिशन आने वाले समय में देशभर में अंग प्रत्यारोपण से जुड़े ऐसे अनेक जीवनरक्षक अभियानों के लिए प्रेरणा बनेगा ।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मानवता की जीत</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूरत से अहमदाबाद तक दौड़ती वंदे भारत एक्सप्रेस इस बार केवल यात्रियों को नहीं</span><span style="font-size:11pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक धड़कते दिल और किसी की नई जिंदगी की उम्मीद को अपने साथ लेकर चली । भारतीय रेल का यह ऐतिहासिक कदम आने वाले वर्षों तक मानवता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा और समर्पण के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा ।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>स्वास्थ्य </category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/vande-bharat-becomes-jeevandoot-for-the-first-time-in-india/article-11403</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 17:12:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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