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                <title>छत्तीसगढ़ - National Jagat Vision</title>
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                <description>छत्तीसगढ़ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ के कोरिया में खूनी संघर्ष: रेत खनन विवाद में भाजपा नेता को फॉर्च्यूनर सहित जिंदा जलाया; 4 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<ul style="list-style-type:square;">
<li><strong>कटगोड़ी गांव में मंगलवार रात 11 बजे हुआ सनसनीखेज हत्याकांड।</strong></li>
<li><strong>टिपर से फॉर्च्यूनर को मारी टक्कर, पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप।</strong></li>
<li>  <strong>मृतक भाजपा कार्यकर्ता भरत सिंह और आरोपी त्रिपाठी परिवार के बीच पुराना था विवाद।</strong></li>
</ul>
<p>अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन और पत्थर क्रशर के विवाद ने मंगलवार रात हिंसक रूप ले लिया। सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में कुछ लोगों ने भाजपा के स्थानीय नेता को कार के अंदर जिंदा जलाकर मार डाला। वारदात में कार सवार तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।</p>
<p>मृतक की पहचान भाजपा कार्यकर्ता भरत सिंह गहरवार (लल्ला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/bloody-conflict-in-chhattisgarhs-koriya-bjp-leader-burnt-alive-along/article-10435"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/file_00000000c5e87208807378e2dad6eaa7.png" alt=""></a><br /><ul style="list-style-type:square;">
<li><strong>कटगोड़ी गांव में मंगलवार रात 11 बजे हुआ सनसनीखेज हत्याकांड।</strong></li>
<li><strong>टिपर से फॉर्च्यूनर को मारी टक्कर, पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप।</strong></li>
<li> <strong>मृतक भाजपा कार्यकर्ता भरत सिंह और आरोपी त्रिपाठी परिवार के बीच पुराना था विवाद।</strong></li>
</ul>
<p>अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन और पत्थर क्रशर के विवाद ने मंगलवार रात हिंसक रूप ले लिया। सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में कुछ लोगों ने भाजपा के स्थानीय नेता को कार के अंदर जिंदा जलाकर मार डाला। वारदात में कार सवार तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।</p>
<p>मृतक की पहचान भाजपा कार्यकर्ता भरत सिंह गहरवार (लल्ला सिंह) के रूप में हुई है। वारदात की सूचना मिलते ही सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रात में ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/12_1781665059.webp" alt="12_1781665059" width="360" height="270"></img></p>
<p> </p>
<h5><strong>टिपर से मारी टक्कर, जाम हुए दरवाजे</strong></h5>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, यह वारदात मंगलवार रात करीब 11 बजे की है। भरत सिंह गहरवार अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी से नवगई गांव जा रहे थे। रास्ते में हमलावरों ने भारी टिपर वाहन से उनकी फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी।</p>
<p>टक्कर इतनी भयानक थी कि फॉर्च्यूनर के दरवाजे जाम हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कार सवार जब शीशा तोड़कर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी हमलावरों ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों के साथ मारपीट भी की गई।</p>
<p> </p>
<h5><strong>दोपहर में भी हुई थी तीखी झड़प</strong></h5>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/screenshot_20260617_133139_patrika-news.jpg" alt="Screenshot_20260617_133139_Patrika News" width="977" height="635"></img></p>
<p>इस हमले में भाजपा नेता भरत सिंह की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी में फंसे उनके तीन साथियों को गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी भी भाजपा से जुड़े हुए हैं।</p>
<p> </p>
<p>जांच में सामने आया है कि मृतक भरत और आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच रेत कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश थी। मंगलवार दोपहर को भी दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई थी। रात में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद भरत सिंह वहां गए और यह हिंसक टकराव हो गया।</p>
<p> </p>
<h5><strong>फॉरेंसिक टीम कर रही गाड़ी की जांच</strong></h5>
<p> </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि भरत सिंह और मनोज त्रिपाठी का परिवार मूल रूप से नगोई गांव का रहने वाला है। भरत सिंह वर्तमान में बैकुंठपुर में रहते थे, लेकिन कटगोड़ी में उनका कारोबार था।</p>
<p>हमले के दौरान पीड़ित पक्ष की गाड़ी सड़क किनारे एक बिजली के खंभे से भी टकराई थी। पुलिस ने गाड़ी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। एक्सपर्ट्स अब यह पता लगा रहे हैं कि गाड़ी में आग पेट्रोल डालने से लगी या खंभे से टकराने के कारण। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/bloody-conflict-in-chhattisgarhs-koriya-bjp-leader-burnt-alive-along/article-10435</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:46:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा! लैंडिंग के दौरान एअर इंडिया विमान से टकराया पक्षी, ढाई घंटे तक चला निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर। </strong>राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया है। दिल्ली से रायपुर पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट की चपेट में आ गई। विमान के पक्षी से टकराने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन प्रबंधन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार विमान सुबह करीब 8 बजकर 8 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतर रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान पक्षी के टकराने की घटना हुई। विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विमान को तत्काल तकनीकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/major-accident-averted-at-raipur-airport-bird-collides-with-air/article-10434"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/air-india-flight-1781680519361_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर। </strong>राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया है। दिल्ली से रायपुर पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान बर्ड हिट की चपेट में आ गई। विमान के पक्षी से टकराने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन प्रबंधन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार विमान सुबह करीब 8 बजकर 8 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतर रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान पक्षी के टकराने की घटना हुई। विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विमान को तत्काल तकनीकी जांच के लिए रोक दिया गया।</p>
<p>बर्ड हिट को विमानन क्षेत्र में बेहद गंभीर घटना माना जाता है, क्योंकि इससे इंजन और विमान के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। यही कारण रहा कि विशेषज्ञों की टीम ने विमान का विस्तृत निरीक्षण शुरू किया। करीब ढाई घंटे तक चली जांच के दौरान विमान के प्रत्येक महत्वपूर्ण हिस्से की बारीकी से जांच की गई।</p>
<p>निर्धारित समय पर दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली यह फ्लाइट सुरक्षा मंजूरी मिलने तक एयरपोर्ट पर ही खड़ी रही। तकनीकी परीक्षण पूरा होने और विमान को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद आखिरकार सुबह करीब 11:35 बजे इसे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। हालांकि इस पूरी घटना में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विमानन सुरक्षा में छोटी सी चूक भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है, इसलिए हर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:31:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैस एजेंसी में बड़ा खेल उजागर! स्टॉक में सैकड़ों सिलेंडरों की गड़बड़ी, उपभोक्ताओं से बदसलूकी के आरोप भी पाए गए सही </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बलौदाबाजार। </strong>बलौदाबाजार जिले की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी में सामने आई अनियमितताओं ने उपभोक्ता हितों और निगरानी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार शिकायतों के बाद जब प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त जांच टीम ने एजेंसी का निरीक्षण किया, तब रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच चौंकाने वाली अनियमितता सामने आईं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी के संचालन में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि अंतिम नतीजा विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड कुछ और, हकीकत कुछ और!</strong><br />जांच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-game-exposed-in-gas-agency-hundreds-of-cylinders-in/article-10432"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/gas_agency_s_negligence_exposed_1781670807.webp" alt=""></a><br /><p><strong>बलौदाबाजार। </strong>बलौदाबाजार जिले की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी में सामने आई अनियमितताओं ने उपभोक्ता हितों और निगरानी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार शिकायतों के बाद जब प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त जांच टीम ने एजेंसी का निरीक्षण किया, तब रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच चौंकाने वाली अनियमितता सामने आईं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी के संचालन में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि अंतिम नतीजा विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड कुछ और, हकीकत कुछ और!</strong><br />जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है। रिपोर्ट के अनुसार, 346 भरे हुए गैस सिलेंडर रिकॉर्ड के मुकाबले कम पाए गए, जबकि 296 खाली सिलेंडर निर्धारित संख्या से अधिक मिले है। इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की गड़बड़ी सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह अंतर कैसे पैदा हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या निगरानी तंत्र समय रहते इन अनियमितता को पकड़ने में विफल रहा?<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/gas_agency_s_negligence_exposed_1781670841.webp" alt="Gas_agency_s_negligence_exposed_1781670841" width="1200" height="675"></img></p>
<p><strong>उपभोक्ताओं की शिकायतों ने खोली एजेंसी की कार्यप्रणाली की परतें</strong><br />जांच केवल स्टॉक तक सीमित नहीं रही। उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से किए जा रहे दुर्व्यवहार और अव्यवस्थित सेवा संबंधी आरोपों की भी पड़ताल की गई है। जांच टीम को कई शिकायतें प्रथम दृष्टया सही मिलीं, जिसके बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर और अधिक सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>प्रशासन की कार्रवाई के बाद बढ़ी संचालक की मुश्किलें</strong><br />अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद एजेंसी संचालक के खिलाफ एलपीजी (प्रदाय एवं वितरण) विनियमन, 2000 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही पूरी जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) को भेज दी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या उपभोक्ताओं को हुई कथित परेशानियों के लिए जवाबदेही तय की जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-game-exposed-in-gas-agency-hundreds-of-cylinders-in/article-10432</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:39:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंगल में मिला तेंदुए का शव, वन विभाग पर उठे सवाल! क्या वन्यजीवों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लोरमी। </strong>मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिलने से वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जंगल में मृत अवस्था में मिले तेंदुए ने न केवल वन विभाग की निगरानी प्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर भी बहस छेड़ दी है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक स्तर पर शिकार की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वन विभाग ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और जांच पूरी होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/dead-body-of-leopard-found-in-forest-raises-questions-on/article-10430"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/leopard_found_dead_in_lormi_forest_1781673776.webp" alt=""></a><br /><p><strong>लोरमी। </strong>मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिलने से वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जंगल में मृत अवस्था में मिले तेंदुए ने न केवल वन विभाग की निगरानी प्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर भी बहस छेड़ दी है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक स्तर पर शिकार की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वन विभाग ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की बात कही है।</p>
<p><strong>जंगल का राजा नहीं, अब जंगल में भी सुरक्षित नहीं?</strong><br />ग्रामीणों की सूचना पर जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो जंगल में तेंदुए का शव मिला है। सवाल यह है कि यदि वन क्षेत्र में नियमित निगरानी और गश्त की व्यवस्था है, तो एक संरक्षित वन्यजीव की मौत की जानकारी विभाग को ग्रामीणों से क्यों मिली? स्थानीय लोगों का कहना है कि वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। वहीं वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि ऐसी घटनाएं संरक्षण तंत्र की कमजोरियों की ओर संकेत करती हैं।</p>
<p><strong>शिकार की आशंका ने बढ़ाई चिंता</strong><br />हालांकि वन विभाग ने आधिकारिक तौर पर शिकार की पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रारंभिक जांच में इस संभावना से इनकार भी नहीं किया गया है। यदि जांच में शिकार की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार गिरोहों को लेकर गंभीर चिंता का विषय होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुआ जैसे संरक्षित वन्यजीव की मौत केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरे का संकेत हो सकती है।</p>
<p><strong>पहले भी उठते रहे हैं सवाल</strong><br />वन्यजीवों की मौत, मानव-वन्यजीव संघर्ष और अवैध शिकार को लेकर प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का सामने आना यह संकेत देता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी और संरक्षण उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें</strong><br />फिलहाल, वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक कारण है। लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है, यदि जंगलों में भी तेंदुए जैसे वन्यजीव सुरक्षित नहीं हैं, तो वन्यजीव संरक्षण के दावों की वास्तविक स्थिति क्या है?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:36:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कोरिया में दिल दहला देने वाली वारदात: रेत विवाद में भाजपा नेता की जिंदा जलकर मौत, आरोपियों में भी सत्ताधारी दल से जुड़े नाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोरिया। </strong>छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सामने आई एक भयावह घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रेत कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनहत क्षेत्र में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जिंदा जलकर मौत के मामले ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक को झकझोर कर दिया है।</p>
<p>इस घटना को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि मृतक और आरोपी पक्ष, दोनों के सत्ताधारी दल से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि रेत कारोबार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/heart-wrenching-incident-in-korea-bjp-leader-burnt-alive-in-sand/article-10428"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/fire.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोरिया। </strong>छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सामने आई एक भयावह घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रेत कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनहत क्षेत्र में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जिंदा जलकर मौत के मामले ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक को झकझोर कर दिया है।</p>
<p>इस घटना को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि मृतक और आरोपी पक्ष, दोनों के सत्ताधारी दल से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि रेत कारोबार, राजनीतिक संरक्षण और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई को लेकर भी बहस तेज हो गई है।</p>
<p><strong>रेत विवाद से शुरू हुआ खूनी अंत?</strong><br />प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से रेत उत्खनन और उससे जुड़े कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले भी दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस तक पहुंची थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि विवाद की जानकारी पहले से थी, तो क्या समय रहते कोई प्रभावी कदम उठाया गया? क्या संभावित हिंसा को रोका जा सकता था?<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/fire-01-1.jpg" alt="fire-01-1" width="1200" height="675"></img></p>
<p><strong>फॉर्च्यूनर को टक्कर, फिर आग... मौत में बदल गई दुश्मनी</strong><br />पुलिस के अनुसार, आरोप है कि फॉर्च्यूनर वाहन को पहले भारी वाहन से टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया गया और बाद में उसमें आग लगा दी गई। इस घटना में भरत सिंह गहरवार की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह हाल के वर्षों की सबसे सनसनीखेज और निर्मम घटनाओं में से एक मानी जाएगी।</p>
<p><strong>सत्ता से जुड़े नाम और बढ़े सवाल</strong><br />मामले में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके भी राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की चर्चा है। हालांकि पुलिस जांच अभी जारी है और दोष तय होना बाकी है, लेकिन घटना ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब किसी गंभीर आपराधिक मामले में सत्ताधारी दल से जुड़े नाम सामने आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक निष्पक्षता और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े होने लगते हैं।</p>
<p><strong>कांग्रेस का हमला, सरकार पर संरक्षण के आरोप</strong><br />घटना के बाद कांग्रेस ने इसे रेत कारोबार से जुड़े कथित संघर्ष का परिणाम बताते हुए सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में रेत कारोबार को लेकर हिंसक घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार ऐसे मामलों को रोकने में विफल साबित हो रही है।  हालांकि कांग्रेस के ये आरोप राजनीतिक बयान हैं और इनकी पुष्टि किसी जांच एजेंसी द्वारा नहीं की गई है।</p>
<p><strong>सरकार का जवाब – दोषियों पर होगी कार्रवाई</strong><br />वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कांग्रेस पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया है।</p>
<p><strong>कानून-व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल</strong><br />इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रेत कारोबार को लेकर विवाद इतनी हिंसक घटनाओं में क्यों बदल रहे हैं? क्या अवैध उत्खनन, आर्थिक हितों और स्थानीय प्रभाव की लड़ाई ने हालात को खतरनाक बना दिया है? फिलहाल, पुलिस जांच जारी है, कई आरोपी हिरासत में हैं और कुछ की तलाश की जा रही है। लेकिन भरत सिंह गहरवार की मौत ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया है कि क्या रेत का कारोबार अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि खूनी संघर्ष का कारण भी बनता जा रहा है?</p>
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                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 10:52:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! आचार संहिता उल्लंघन मामले में राहत नहीं, अब आरोपों पर होगी सीधी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनावी विवाद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज कराने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। हाईकोर्ट ने याचिका निरस्त करने की मांग ठुकराते हुए मामले की मेरिट पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। अब अदालत में उन आरोपों पर विस्तार से सुनवाई होगी, जिनमें विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता और चुनावी नियमों के उल्लंघन का दावा किया गया है।</p>
<p><strong>चुनाव जीत के पीछे नियम उल्लंघन का आरोप</strong><br />दुर्ग सांसद और पाटन विधानसभा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-blow-to-bhupesh-baghel-from-the-high-court-no/article-10427"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-02/bhupesh-baghel-ex-cm-chhattisgarh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिलासपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनावी विवाद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज कराने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। हाईकोर्ट ने याचिका निरस्त करने की मांग ठुकराते हुए मामले की मेरिट पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। अब अदालत में उन आरोपों पर विस्तार से सुनवाई होगी, जिनमें विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता और चुनावी नियमों के उल्लंघन का दावा किया गया है।</p>
<p><strong>चुनाव जीत के पीछे नियम उल्लंघन का आरोप</strong><br />दुर्ग सांसद और पाटन विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार बंद होने की अवधि में भी भूपेश बघेल ने चुनावी गतिविधियों में हिस्सा लिया था। याचिका के अनुसार, मतदान से ठीक पहले समर्थकों के साथ रैली और रोड शो आयोजित किए गए, चुनावी नारे लगाए गए और मतदाताओं से समर्थन मांगा गया था। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और अदालत में सुनवाई के बाद ही सच सामने आएगा।</p>
<p><strong>राहत की कोशिश पर कोर्ट ने लगाई रोक</strong><br />सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से अदालत में यह तर्क रखा गया कि चुनाव याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और आरोपों के समर्थन में पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने माना कि मामले में सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं और याचिका को सीधे खारिज नहीं किया जा सकता है। अदालत के इस फैसले के बाद अब पूरा मामला मेरिट के आधार पर आगे बढ़ेगा।</p>
<p><strong>बढ़ सकती हैं राजनीतिक मुश्किलें</strong><br />हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे पूर्व मुख्यमंत्री के लिए बड़ा कानूनी और राजनीतिक झटका बता रहा है, जबकि कांग्रेस का पक्ष है कि अंतिम फैसला आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल, अदालत ने केवल यह माना है कि याचिका में उठाए गए मुद्दे सुनवाई योग्य हैं। आरोप साबित हुए हैं या नहीं, इस पर कोई फैसला नहीं दिया गया है। लेकिन इतना तय है कि अब भूपेश बघेल को अदालत में इन आरोपों का विस्तार से सामना करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>23 जून पर टिकी निगाहें</strong><br />मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है। इस सुनवाई में अदालत चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों पर आगे विचार करेगी। राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से यह मामला आने वाले दिनों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-blow-to-bhupesh-baghel-from-the-high-court-no/article-10427</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 10:29:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ आबकारी ओवर रेटिंग घोटाला: हाऊस और कमिश्नर के नाम पर दागी इंस्पेक्टरों को संरक्षण, निलंबन की फाइलें दबाए बैठे अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र 'बैगा आदिवासियों' को फर्जी मुकदमों की धमकी, कोरे कागज पर दस्तखत कराने का वीडियो वायरल।</strong></p>
<p>  </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पिछली सरकार के शराब घोटाले का राजदार आबकारी इंस्पेक्टर वर्तमान सत्ता के शीर्ष 'हाऊस' का ले रहा नाम।</strong></span></p>
<p>  </p>
<p>रायपुर।छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री और ओवर-रेटिंग का सिंडिकेट एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार जहां एक ओर सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के भीतर बैठे कुछ रसूखदार अफसर सरकार की साख को बट्टा लगाने में जुटे हैं।</p>
<p>विभाग ने दिखावे के लिए कुछ कनिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/chhattisgarh-excise-scam-officers-sitting-on-files-for-suspension-of/article-10426"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/file_0000000046e87207bad26edefb94af2e.png" alt=""></a><br /><p><strong> राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र 'बैगा आदिवासियों' को फर्जी मुकदमों की धमकी, कोरे कागज पर दस्तखत कराने का वीडियो वायरल।</strong></p>
<p> </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पिछली सरकार के शराब घोटाले का राजदार आबकारी इंस्पेक्टर वर्तमान सत्ता के शीर्ष 'हाऊस' का ले रहा नाम।</strong></span></p>
<p> </p>
<p>रायपुर।छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री और ओवर-रेटिंग का सिंडिकेट एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार जहां एक ओर सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के भीतर बैठे कुछ रसूखदार अफसर सरकार की साख को बट्टा लगाने में जुटे हैं।</p>
<p>विभाग ने दिखावे के लिए कुछ कनिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की गाज तो गिरा दी है, लेकिन जिनकी जड़ें सत्ता के गलियारों तक फैली हैं, उन्हें खुलेआम बचाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दो दागी आबकारी इंस्पेक्टरों के निलंबन की दो अलग-अलग फाइलें आबकारी कमिश्नर के दफ्तर में कई दिनों से धूल फांक रही हैं, लेकिन रसूख के दबाव में कमिश्नर साहब कोई एक्शन नहीं ले पा रहे हैं।</p>
<p> </p>
<h5><strong>संरक्षित बैगा आदिवासियों को धमकी, वीडियो वायरल</strong></h5>
<p> </p>
<p>यह पूरा मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। इन दागी आबकारी इंस्पेक्टरों पर आरोप है कि ये राष्ट्रपति द्वारा गोद ली गई संरक्षित बैगा जनजाति के भोले-भाले आदिवासियों को सरेआम डरा-धमका रहे हैं।</p>
<p>आदिवासियों को आबकारी के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं और उनसे कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। इस पूरी गुंडागर्दी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिसके बाद भी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।</p>
<h5><strong>हाऊस और मंत्री कनेक्शन का खुला दावा</strong></h5>
<p>आखिर इन अफसरों को किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक बड़ा सवाल है। इसका जवाब खुद इन दागी अफसरों के बयानों और हरकतों में साफ छिपा नजर आता है।</p>
<p>विभाग के सूत्रों का कहना है कि ये इंस्पेक्टर बंद कमरों में खुलेआम दावा कर रहे हैं कि उनका संबंध सीधे कमिश्नर से लेकर 'हाऊस' तक है। उनका कहना है कि कोई भी रसूखदार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।</p>
<h5><strong>बिना ट्रेनिंग सीधे मलाईदार पोस्टिंग</strong></h5>
<p>इस अफसर के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के बाद इसने आज तक अनिवार्य फील्ड ट्रेनिंग ही नहीं की। पिछली सरकार के दौरान मात्र छह महीने के भीतर इसे सुकमा से सीधे बिलासपुर की 'वेलकम डिस्टलरी' का मलाईदार प्रभार मिल गया था।</p>
<p>उस वक्त शराब घोटाले में आरोपी कवासी लखमा आबकारी मंत्री थे। बताया जाता है कि तत्कालीन मंत्री ने सीधे आबकारी सचिव को फोन घुमाया और इस अफसर की मनचाही पोस्टिंग हो गई।</p>
<p> </p>
<h5><strong>सत्ता बदली पर नहीं बदला रुतबा</strong></h5>
<p> </p>
<p>राज्य में सत्ता बदल गई, लेकिन इस दागी अफसर का रुतबा कम नहीं हुआ। अब विभाग के गलियारों में यह अफवाह उड़ाई जा रही है कि वर्तमान गृहमंत्री, हाऊस के करीबियों और कमिश्नर से इसके सीधे और मधुर संबंध हैं।</p>
<p>इस तरह की धौंस और अफवाहों से नई सरकार की साफ-सुथरी छवि पर सीधा दाग लग रहा है। यह इंस्पेक्टर पिछली सरकार में हुए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले का मुख्य राजदार भी माना जा रहा है, जो अब उसी काली कमाई के दम पर खुद को बचाने का खेल खेल रहा है।</p>
<p> </p>
<h5><strong>उड़नदस्ते की छापेमारी में खुली थी पोल</strong></h5>
<p> </p>
<p>हाल ही में आबकारी विभाग के उड़नदस्ता दल ने प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान रायपुर, धमतरी, खैरागढ़, गंडई, हिरमी और कुरूद में शराब प्रेमियों से एमआरपी से 60 रुपये तक ज्यादा की अवैध वसूली पकड़ी गई थी।</p>
<p>इस बड़ी अनियमितता के बाद विभाग ने चार उप निरीक्षकों कौशल किशोर सोनी, प्रभाकर सिरमौर, मनराखन नेताम और पुरुषोत्तम सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही निरूपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, राजेश कुमार शर्मा और जेबा खान समेत आठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।</p>
<p> </p>
<h5><strong>क्या दागियों की संपत्ति की जांच करेगी सरकार?</strong></h5>
<p> </p>
<p>कार्रवाई के दौरान आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने सख्त लहजे में कहा था कि उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली एक गंभीर भ्रष्टाचार है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन जब बात इन दो रसूखदार इंस्पेक्टरों की आती है, तो आबकारी कमिश्नर के सारे नियम-कानून और दावे धरे के धरे रह जाते हैं।ठोस साक्ष्य और वायरल वीडियो सामने होने के बाद भी फाइलों को दबाकर बैठना सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/chhattisgarh-excise-scam-officers-sitting-on-files-for-suspension-of/article-10426</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:58:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ी नियुक्ति: बस्तर के नक्सल विरोधी अभियानों के चेहरा IPS सुंदरराज पी बने NIA के नए IG</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है।</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी की यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर की गई है। मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।</p>
<p><strong>बस्तर में नक्सल</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-appointment-ips-sunderraj-p-becomes-the-face-of-anti-naxal/article-10425"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/file_000000000270720b8ebf653c41fedc24.png" alt=""></a><br /><p> नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है।</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी की यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर की गई है। मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।</p>
<p><strong>बस्तर में नक्सल उन्मूलन के रहे प्रमुख रणनीतिकार</strong></p>
<p>सुंदरराज पी लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील बस्तर रेंज के आईजी के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्हें राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों के सबसे प्रभावशाली और अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।</p>
<p>उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कड़े अभियान चलाकर माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति में कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक बदलाव देखने को मिले।</p>
<p><strong>सशस्त्र कार्रवाई के साथ खुफिया तंत्र को किया मजबूत</strong></p>
<p>उन्होंने केवल सशस्त्र सैन्य कार्रवाई पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया। इसके साथ ही स्थानीय आदिवासी युवाओं को सुरक्षा व्यवस्था से सक्रिय रूप से जोड़ने का काम किया गया।</p>
<p>उनके दिशा-निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने और अंदरूनी विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया गया। बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे के विस्तार में भी उनकी भूमिका अग्रिम रही।</p>
<p><strong>अबूझमाड़ में कैंप और रिकॉर्ड आत्मसमर्पण</strong></p>
<p>उनकी बनाई रणनीति के चलते सुरक्षा बलों की पहुंच उन सुदूर इलाकों तक बढ़ी जहां पहले पहुंचना अत्यंत कठिन माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, उनके कार्यकाल में रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा को चुना।</p>
<p>अबूझमाड़ जैसे सबसे दुर्गम और कोर नक्सली क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित कर सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति सुनिश्चित करने में उनका बड़ा योगदान रहा। इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली।</p>
<p><strong>देशव्यापी सुरक्षा जांच में निभाएंगे अहम भूमिका</strong></p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा उन्हें NIA जैसी देश की शीर्ष जांच एजेंसी में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना उनके लंबे अनुभव और उत्कृष्ट कार्यकुशलता का सीधा प्रमाण है।</p>
<p>नई भूमिका में वे देशभर में होने वाली आतंकवादी और आंतरिक सुरक्षा संबंधी गंभीर जांचों में मुख्य भूमिका निभाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा महकमे में नए प्रशासनिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:27:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों का फर्जीवाड़ा: 6.93 करोड़ की बोगस बिलिंग मामले में स्टील कारोबारी गिरफ्तार, 5 महीने से था फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। रायपुर में फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। वस्तु व सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने 6.93 करोड़ रुपए के घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने ओम किरण इस्पात उद्योग के पार्टनर हरीश वाधवानी को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>आरोपी कारोबारी लंबे समय से जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था। पिछले करीब पांच महीने से फरार हरीश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन, वहां से भी राहत न मिलने के बाद आखिरकार वह जांच एजेंसी के हत्थे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/steel-businessman-arrested-in-bogus-billing-case-of-crores-of/article-10424"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/file_0000000014c4720bb6b9563af51e392f.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। रायपुर में फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। वस्तु व सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने 6.93 करोड़ रुपए के घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने ओम किरण इस्पात उद्योग के पार्टनर हरीश वाधवानी को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>आरोपी कारोबारी लंबे समय से जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था। पिछले करीब पांच महीने से फरार हरीश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन, वहां से भी राहत न मिलने के बाद आखिरकार वह जांच एजेंसी के हत्थे चढ़ गया।</p>
<p> </p>
<h5><strong>फर्जी कंपनियों का बिछाया था जाल</strong></h5>
<p> </p>
<p>DGGI की जांच में सामने आया है कि हरीश वाधवानी की फर्म ने बिना कोई वास्तविक व्यापार किए सिर्फ कागजों पर फर्जी बिल तैयार किए। इन बोगस बिलों के आधार पर करीब 6.93 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल कर लिया गया।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, ओम किरण इस्पात उद्योग काफी समय से उनके रडार पर था। यह फर्म फर्जी, अस्तित्वहीन और पूरी तरह से बंद हो चुकी कंपनियों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए अवैध तरीके से टैक्स का फायदा उठा रही थी।</p>
<p> </p>
<p>दस्तावेजों की जांच में खुली पोल</p>
<p> </p>
<p>घोटाले की परतें तब खुलीं जब जांच टीम ने फर्म के जीएसटी रिटर्न और GSTR-2A जैसे अहम दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।</p>
<p>अधिकारियों ने पाया कि भारी मात्रा में आईटीसी ऐसे जीएसटी नंबरों से लिया गया था, जिन्हें विभाग ने पहले ही निलंबित या रद्द कर दिया था। सबूत पुख्ता होने के बाद से ही आरोपी की तलाश तेज कर दी गई थी।</p>
<h5><strong>कोर्ट दर कोर्ट भटका, फिर भी नहीं मिली राहत</strong></h5>
<p> </p>
<p>खुद पर शिकंजा कसता देख आरोपी हरीश वाधवानी अंडरग्राउंड हो गया था। गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख उसने निचली अदालतों से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत के लिए याचिकाएं लगाईं।</p>
<p>उसे किसी भी अदालत से राहत नहीं मिली। जब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी उसकी अंतिम याचिका खारिज कर दी, तो DGGI की टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।</p>
<h5><strong>क्या होता है फर्जी ITC का खेल?</strong></h5>
<p> </p>
<p>इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) असल में वह व्यवस्था है, जिसमें कारोबारी अपनी खरीद पर चुकाए गए टैक्स को बिक्री पर लगने वाले टैक्स के साथ एडजस्ट करता है। इसका सीधा मकसद एक ही सामान पर बार-बार टैक्स लगने से रोकना है।</p>
<p>फर्जी आईटीसी के खेल में जालसाज बिना कोई माल खरीदे-बेचे सिर्फ फर्जी बिलों का पुलिंदा तैयार करते हैं। इसके जरिए कागजों पर व्यापार दिखाकर सरकार से टैक्स क्रेडिट क्लेम कर लिया जाता है और सरकारी खजाने को करो</p>
<p>ड़ों का चूना लगाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:01:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंबिकापुर में ईडी की कार्रवाई देर शाम तक जारी पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के प्रतिष्ठान पर दिनभर खंगाले गए दस्तावेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंबिकापुर में सरगुजा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानसून एग्रो एजेंसी पर प्रवर्तन निदेशालय की छापामार कार्रवाई मंगलवार देर शाम तक लगातार जारी रही। अलसुबह से शुरू हुई इस सघन जांच प्रक्रिया ने पूरे दिन शहर के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में भारी बेचैनी बनाए रखी। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के भीतर मौजूद एक-एक दस्तावेज की बारीकी से पड़ताल की और शाम ढलने के बाद भी टीम के कई सदस्य वहां डटे हुए हैं। प्रतिष्ठान के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों का कड़ा पहरा शाम तक उसी मुस्तैदी के साथ कायम रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/eds-action-in-ambikapur-continued-till-late-evening-documents-were/article-10422"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/mansoon-agro.jpeg" alt=""></a><br /><p>अंबिकापुर में सरगुजा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानसून एग्रो एजेंसी पर प्रवर्तन निदेशालय की छापामार कार्रवाई मंगलवार देर शाम तक लगातार जारी रही। अलसुबह से शुरू हुई इस सघन जांच प्रक्रिया ने पूरे दिन शहर के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में भारी बेचैनी बनाए रखी। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के भीतर मौजूद एक-एक दस्तावेज की बारीकी से पड़ताल की और शाम ढलने के बाद भी टीम के कई सदस्य वहां डटे हुए हैं। प्रतिष्ठान के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों का कड़ा पहरा शाम तक उसी मुस्तैदी के साथ कायम रहा जिससे अंदर चल रही जांच की गंभीरता का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।</p><p>दिनभर चली इस मैराथन कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने मुख्य रूप से वित्तीय लेन-देन से जुड़े पुराने और नए सभी रिकॉर्ड खंगाले। विभागीय सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जांच टीम ने कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव लैपटॉप कच्चे-पक्के एकाउंट्स के रजिस्टर और कई अहम बैंक पासबुक सहित डिजिटल व कागजी सबूतों को अपनी जांच के दायरे में लिया है। इसके अलावा प्रतिष्ठान के कर्मचारियों और राकेश गुप्ता के परिजनों से भी दिनभर पूछताछ का दौर चलता रहा ताकि व्यापारिक आय और निवेश के विभिन्न स्रोतों का सटीक मिलान किया जा सके। बहुचर्चित डीएमएफ घोटाले से जुड़े संभावित तारों को लेकर अधिकारियों ने वित्तीय अनियमितताओं और आय-व्यय के संदिग्ध आंकड़ों पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा।</p><p>इस लंबी और थका देने वाली कार्रवाई ने पूरे प्रदेश के कांग्रेसी खेमे में एक बार फिर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। चूंकि यह पूरा मामला पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन फंड के दुरुपयोग और कथित घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है इसलिए इस छापे को जांच की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। देर शाम तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जब्ती या गिरफ्तारी की पुष्टि जांच एजेंसी की तरफ से नहीं की गई है लेकिन यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि टीम जब अपनी कार्रवाई खत्म करेगी तो अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त करके ले जाएगी जिनका बाद में विभागीय मुख्यालय में विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।</p><p>फिलहाल पूरे अंबिकापुर शहर की नजरें रिंग रोड गंगापुर स्थित मानसून एग्रो एजेंसी पर टिकी हुई हैं और हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि ईडी की टीम के बाहर निकलने पर क्या नए तथ्य सामने आते हैं। स्थानीय पुलिस भी बाहरी सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। जांच पूरी होने और अधिकारियों की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा कि इस मैराथन छापे में जांच एजेंसी के हाथ कौन से पुख्ता सबूत लगे हैं और इस बड़े घोटाले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 20:15:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तबादला ब्रेकिंग...जनपद सीईओ सहित इन अफसरों के हुए तबादले, देखिये तबादला आदेश, किसे कहां भेजा गया…</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर 16 जून 2026। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में जनपद सीईओ के तबादले किये हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से जारी आदेश में जनपद सीईओ के अलावे सहायक परियोजना अधिकारी के भी तबादले किये हैं। देखिये आदेश…</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/img-20260616-wa0047.jpg" alt="IMG-20260616-WA0047" width="626" height="860" /></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/image-6.webp" alt="image-6" width="622" height="888" /></p>
<p>  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/transfer-breaking-see-the-transfers-of-these-officers-including-the/article-10421"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/image-51.webp" alt=""></a><br /><p>रायपुर 16 जून 2026। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में जनपद सीईओ के तबादले किये हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से जारी आदेश में जनपद सीईओ के अलावे सहायक परियोजना अधिकारी के भी तबादले किये हैं। देखिये आदेश…</p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/img-20260616-wa0047.jpg" alt="IMG-20260616-WA0047" width="626" height="860"></img></p>
<p><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/image-6.webp" alt="image-6" width="622" height="888"></img></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/transfer-breaking-see-the-transfers-of-these-officers-including-the/article-10421</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:24:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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                <title>हिंद एनर्जी का काला' खेल: अनपढ़ आदिवासी चपरासी के नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति, पुलिस बनी कठपुतली अब राष्ट्रपति भवन की एंट्री से मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोरबा/रायपुर।कॉरपोरेट की चालाकी और खाकी की शर्मनाक मिलीभगत का  सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। कोरबा की नामी कंपनी 'हिंद एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन (इंडिया) लिमिटेड ने अपने ही एक अशिक्षित  चपरासी को कागजों में डायरेक्टर बनाकर करोड़ों की बेनामी संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का खेल खेला। जब पाप का घड़ा भरा तो पीड़ित ने मामले की जानकारी सार्वजनिक की,  जिसके बाद पुलिस विभाग के अधिकारी भी मामले में शामिल हो गए और  कंपनी के बाउंसर की तरह काम करने लगे। लेकिन 2 साल तक फाइलें दबाए बैठे सिस्टम को अब पसीना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/black-game-of-hind-energy-benami-property-worth-crores-in/article-10419"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/file_00000000e96071f5a45dc17a43306ba0.png" alt=""></a><br /><p>कोरबा/रायपुर।कॉरपोरेट की चालाकी और खाकी की शर्मनाक मिलीभगत का  सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। कोरबा की नामी कंपनी 'हिंद एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन (इंडिया) लिमिटेड ने अपने ही एक अशिक्षित  चपरासी को कागजों में डायरेक्टर बनाकर करोड़ों की बेनामी संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का खेल खेला। जब पाप का घड़ा भरा तो पीड़ित ने मामले की जानकारी सार्वजनिक की,  जिसके बाद पुलिस विभाग के अधिकारी भी मामले में शामिल हो गए और  कंपनी के बाउंसर की तरह काम करने लगे। लेकिन 2 साल तक फाइलें दबाए बैठे सिस्टम को अब पसीना आ रहा है, क्योंकि मामले में सीधे राष्ट्रपति भवन की एंट्री हो गई है।</p><h5><strong>चपरासी को बनाया अरबपति डायरेक्टर</strong></h5><p>62 वर्षीय आदिवासी कांति कुमार प्रधान 2006 से हिंद एनर्जी में बतौर चपरासी कार्यरत थे। आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर - संजय अग्रवाल, पवन कुमार अग्रवाल, सतीश कुमार अग्रवाल, राजीव अग्रवाल समेत 12 निदेशकों—ने इस अनपढ़ बुजुर्ग की मजबूरी का सीधा फायदा उठाया। बिना उसे बताए, धोखे से कागजों पर उसे कंपनी का निदेशक बना दिया गया। इसके बाद उसके नाम का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपयों की बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं। </p><h5><strong>पुलिस ने दिखाई दादागिरी, ROC ने मूंदी आंखें</strong></h5><p>वर्ष 2020 में जब यह पूरा फर्जीवाड़ा आयकर विभाग की नजर में आया, तब  प्रधान को अपने नाम पर चल रहे इस फर्जीवाड़े का पता चला। उसने पुलिस की शरण ली, लेकिन यहां सिस्टम' पहले ही रसूखदारों के आगे नतमस्तक था। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी हरीशचंद्र टंडेकर और ASI मनोज मिश्रा ने एसपी के आदेश होने का झूठा खौफ दिखाकर बिना वारंट उस बुजुर्ग को जबरन उठाने और जान से मारने की कोशिश की। परिजनों के कड़े विरोध के चलते किसी तरह उसकी जान बची।<br />दूसरी ओर, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) छत्तीसगढ़ की भूमिका इस मामले में सबसे ज्यादा संदिग्ध है। पीड़ित ने 2 साल पहले मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी लेन-देन और फर्जी नियुक्ति के सारे पुख्ता सबूत ROC को सौंपे। कई बार ई-मेल और रजिस्टर्ड डाक भेजे, लेकिन अफसरों ने कंपनी के पहुंच के सामने के आगे अपनी आंखें मूंद लीं। और कोई भी नोटिस जारी नहीं हुआ।</p><h5><strong>राष्ट्रपति के दखल से बड़ी हलचल, मुख्य सचिव को कार्यवाई के  निर्देश</strong></h5><p>सिस्टम से हारकर इस बुजुर्ग ने 22 मई 2026 को सीधे राष्ट्रपति, मानवाधिकार आयोग (NHRC), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद 27 मई को ही राष्ट्रपति सचिवालय ने  <br />सख्ती बरतते हुए मामला सीधे छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को  कार्यवाही' के लिए अग्रेषित कर दिया है। साथ ही सख्त निर्देश दिए हैं कि की गई कार्रवाई की सूचना सीधे प्रार्थी को दी जाए।</p><h5><strong>प्रार्थी ने की CBI जांच की मांग</strong></h5><p>मामले में प्रार्थी कांति कुमार प्रधान ने <br /> पूरे मामले की जांच CBI या SFIO से करवाने की मांग की है अपने ज्ञापन पत्र में उसने <br />  धोखाधड़ी करने वाले 12 निदेशकों और मामले में दोषी तत्कालीन पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार करने और <br /> CRPF से सुरक्षा  और कंपनी के बैंक खाते सीज करने की मांग की है l साथ ही <br />  2 साल तक फाइल दबाकर बैठने वाले ROC छत्तीसगढ़ पर विभागीय करने आग्रह किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:55:48 +0530</pubDate>
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