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                <title>अपराध - National Jagat Vision</title>
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                <description>अपराध RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Blood For Mobile EMI: मोबाइल की EMI नहीं चुकाई तो युवक को बनाया बंधक! खून बेचने के लिए ब्लड बैंक ले जाने का आरोप, पुलिस पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मोबाइल की EMI वसूली को लेकर कथित प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव के रहने वाले नेवल के परिवार ने आरोप लगाया है कि मोबाइल की किश्त का भुगतान न होने पर कुछ लोगों ने युवक को जबरन अपने साथ ले जाकर बंधक बना लिया। परिवार का दावा है कि उसे ब्लड बैंक ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाया गया और इसके बाद कई दिनों तक एक मकान में कैद रखकर उससे मजदूरी कराई गई।</p>
<p>मामला तब और गंभीर हो गया जब परिजनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/blood-for-mobile-emi-young-man-held-hostage-for-not/article-12486"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/lucknow_mobile_emi_forced_blood_extraction_news_1789455668.webp" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मोबाइल की EMI वसूली को लेकर कथित प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव के रहने वाले नेवल के परिवार ने आरोप लगाया है कि मोबाइल की किश्त का भुगतान न होने पर कुछ लोगों ने युवक को जबरन अपने साथ ले जाकर बंधक बना लिया। परिवार का दावा है कि उसे ब्लड बैंक ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाया गया और इसके बाद कई दिनों तक एक मकान में कैद रखकर उससे मजदूरी कराई गई।</p>
<p>मामला तब और गंभीर हो गया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक को छोड़ने के बदले उनसे मोबाइल की किश्त के नाम पर पैसे मांगे गए और भुगतान नहीं करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। परिवार के मुताबिक, स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित की बुजुर्ग मां डीसीपी दक्षिणी के पास पहुंचीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने मुकदमा दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>₹21,500 के मोबाइल से शुरू हुआ विवाद</strong><br />परिवार के मुताबिक, करीब एक साल पहले नेवल ने निगोहां कस्बे की एक मोबाइल दुकान से लगभग 21,500 कीमत का Samsung मोबाइल फोन फाइनेंस पर खरीदा था। बताया गया कि फोन के लिए जीरो डाउन पेमेंट की व्यवस्था थी और हर महीने 2,799 की 12 किश्तें चुकानी थीं। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में ही एक किश्त बकाया हो गई थी। इसके बाद दुकान से जुड़े लोग उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर मोबाइल फोन अपने साथ ले गए। परिवार का दावा है कि फोन वापस ले लिए जाने के बावजूद कुछ समय बाद फिर से बकाया रकम को लेकर दबाव बनाया जाने लगा। यहीं से शुरू हुआ किश्त का विवाद बाद में कथित तौर पर युवक को बंधक बनाए जाने तक पहुंच गया।</p>
<p><strong>8 सितंबर को युवक को घर से ले जाने का आरोप</strong><br />पीड़ित के भाई राजकुमार और मां जदूराई के अनुसार, 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से उनके गांव पहुंचे। परिवार का आरोप है कि दोनों ने नेवल को अपने साथ चलने के लिए कहा और उसे जबरन अपने साथ ले गए। परिजनों को शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि युवक को कहां ले जाया गया है। परिवार के मुताबिक, बाद में उन्हें पता चला कि नेवल को एक ब्लड बैंक ले जाया गया था।</p>
<p><strong>'EMI के बदले खून' निकलवाने का आरोप</strong><br />परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि नेवल को ब्लड बैंक ले जाकर उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। परिजनों का दावा है कि यह सब उसकी इच्छा के खिलाफ किया गया और इसे मोबाइल की किश्त के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो मामला केवल EMI वसूली या मोबाइल फाइनेंस विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें जबरन ले जाने, अवैध तरीके से रोकने, धमकी देने और अन्य गंभीर अपराधों के पहलुओं की जांच की जरूरत होगी। हालांकि, युवक से रक्त किस परिस्थिति में लिया गया, ब्लड बैंक में उसकी सहमति किस तरह दर्ज हुई और रक्त लेने की पूरी प्रक्रिया क्या थी, इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच और संबंधित संस्थान के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।</p>
<p><strong>ब्लड बैंक के बाद मकान में बंधक बनाने का दावा</strong><br />परिजनों के अनुसार, ब्लड बैंक ले जाने के बाद नेवल को सदर इलाके के एक मकान में रखा गया। परिवार का आरोप है कि युवक को कई दिनों तक वहां से बाहर नहीं निकलने दिया गया और उससे जबरन मजदूरी भी कराई गई। इस दौरान परिवार उसकी स्थिति को लेकर परेशान रहा। आरोप है कि युवक से संपर्क सीमित रखा गया और परिजनों को भी उसकी सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। मामले का यह पहलू पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यदि युवक को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी स्थान पर रखा गया था तो पुलिस को उसके बयान, उस मकान की पहचान, वहां मौजूद लोगों और CCTV या अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करनी होगी।</p>
<p><strong>भाई को फोन कर मांगे 2,799, जान से मारने की धमकी का आरोप</strong><br />पीड़ित के भाई राजकुमार का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों की ओर से उन्हें फोन किया गया। कथित तौर पर मोबाइल की किश्त के नाम पर 2,799 की मांग की गई। परिवार का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर नेवल को जान से मारने की धमकी दी गई। उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया कि अगर रकम नहीं दी गई तो युवक की हत्या कर उसे गोमती नदी में फेंक दिया जाएगा। इन धमकियों की सत्यता और फोन कॉल की वास्तविकता की जांच पुलिस के लिए अहम होगी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, ऑडियो रिकॉर्डिंग या अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p><strong>पांच दिन बाद रैपिडो कैब से थाने भेजने का आरोप</strong><br />पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का दावा है कि उन्होंने निगोहां थाने में शिकायत की थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद करीब पांचवें दिन नेवल को Rapido कैब के जरिए थाने भेजा गया। परिवार का आरोप है कि कैब का किराया भी उनसे ही भरवाया गया। जब बदहवास हालत में नेवल थाने पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार का दावा है कि उन्हें कार्रवाई का भरोसा देने के बजाय पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उन्हें ही फंसाने की धमकी दी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की भूमिका की जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी और उसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।</p>
<p><strong>बुजुर्ग मां पहुंचीं DCP के पास</strong><br />स्थानीय थाने से अपेक्षित मदद नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पीड़ित की बुजुर्ग मां जदूराई ने उच्च पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई। वह DCP दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पास पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी दी। DCP ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास करने और स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच करने को कहा गया है। अब मामले की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि युवक को किन लोगों ने अपने साथ लिया, उसे कहां-कहां ले जाया गया, रक्त कहां और किन परिस्थितियों में लिया गया तथा उसे कथित तौर पर कितने समय तक बंधक बनाकर रखा गया।</p>
<p><strong>पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब तलाशना जरूरी</strong><br />इस पूरे मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा</p>
<ul>
<li>नेवल को घर से कौन-कौन लोग लेकर गए?</li>
<li>क्या उसे उसकी इच्छा के खिलाफ कहीं ले जाया गया?</li>
<li>ब्लड बैंक में रक्त लेने की प्रक्रिया कैसे हुई?</li>
<li>क्या उसके पास रक्तदान की सहमति से संबंधित कोई रिकॉर्ड था?</li>
<li>उसे जिस मकान में रखने का आरोप है, वह किसका था?</li>
<li>वहां कितने समय तक युवक को रखा गया?</li>
<li>क्या उससे जबरन मजदूरी कराई गई?</li>
<li>₹2,799 मांगने वाले फोन कॉल किस नंबर से किए गए?</li>
<li>स्थानीय थाने में शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई?</li>
<li>क्या पुलिसकर्मियों की ओर से किसी तरह की लापरवाही हुई?</li>
</ul>
<p>इन सभी बिंदुओं की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में घटनाक्रम क्या था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे?</p>
<p><strong>EMI वसूली के नाम पर ऐसी कार्रवाई पर बड़ा सवाल</strong><br />मोबाइल या किसी अन्य सामान की EMI का भुगतान न होना एक वित्तीय विवाद हो सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति को कथित तौर पर जबरन ले जाना, बंधक बनाना, धमकी देना या उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक प्रक्रिया कराना बेहद गंभीर आरोप हैं। ऐसे मामलों में वसूली की वैध प्रक्रिया और कथित दबाव या हिंसा के बीच अंतर करना जरूरी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपी पक्ष का बयान और ब्लड बैंक सहित अन्य संबंधित संस्थानों के रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, परिवार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में आरोप साबित होना बाकी है। पुलिस जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:11:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अदिती मजुमदार ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनेन्द्रगढ़ में कैम्पा के 5.34 करोड़ कागजों में ही स्वाहा, RTI ने खोली घोटाले की पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मनेन्द्रगढ़ । : छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में एक ऐसा घोटाला सामने आया है, जो बताता है कि सरकारी खजाने में सेंधमारी कैसे की जाती है। मामला है कैम्पा मद के करोड़ों रुपयों का। बिना एक ईंट खिसकाए, बिना कोई गड्ढा खोदे, कागजों पर 5.34 करोड़ रुपये की बंदरबांट का आरोप लगा है। गजब तो ये है कि एक तरफ करोड़ों का नकद भुगतान दिखाया गया, वहीं सूचना के अधिकार (RTI) में खुद वन विभाग कह रहा है- "हुजूर, हमने तो कोई काम ही नहीं कराया!"</p>
<p>  </p>
<p>अंबिकापुर के एसएन दुबे ने इस पूरे गोलमाल की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री विष्णु देव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/in-manendragarh-swaha-rti-exposed-the-scam-in-534-crore/article-12479"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/image_search_1789444743943.jpg" alt=""></a><br /><p>मनेन्द्रगढ़ । : छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में एक ऐसा घोटाला सामने आया है, जो बताता है कि सरकारी खजाने में सेंधमारी कैसे की जाती है। मामला है कैम्पा मद के करोड़ों रुपयों का। बिना एक ईंट खिसकाए, बिना कोई गड्ढा खोदे, कागजों पर 5.34 करोड़ रुपये की बंदरबांट का आरोप लगा है। गजब तो ये है कि एक तरफ करोड़ों का नकद भुगतान दिखाया गया, वहीं सूचना के अधिकार (RTI) में खुद वन विभाग कह रहा है- "हुजूर, हमने तो कोई काम ही नहीं कराया!"</p>
<p> </p>
<p>अंबिकापुर के एसएन दुबे ने इस पूरे गोलमाल की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कर दी है। उन्होंने अफसरों पर साठगांठ कर सरकारी रकम डकारने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के साथ-साथ पैसों की वसूली की मांग की है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा खेल</strong></p>
<p>शिकायत के मुताबिक, मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में दिसंबर 2021 में डब्ल्यू.बी.एम. (वाटर बाउंड मैकाडम) और दूसरे निर्माण कार्यों के नाम पर यह खेल खेला गया। आरोप की सुई परिक्षेत्राधिकारी (केल्हारी) एस.एस. कंवर, उप वनमंडलाधिकारी (केल्हारी) विवेकानंद झा, मनेन्द्रगढ़ के तत्कालीन वनमंडलाधिकारी और सरगुजा वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक अनुराग श्रीवास्तव की तरफ घूम रही है। बताया जा रहा है कि डिहुली से कैलाशपुर पार्ट-2 और बंजरावावा से हनुमानघाट पार्ट-2 में निर्माण कार्य सिर्फ फाइलों में हुए। जमीन पर झाड़ी तक नहीं काटी गई।</p>
<p><strong>स्थानीय मजदूरों का हक मारा, 'बाहरी' मजदूरों ने नाम पर फर्जीवाड़ा</strong></p>
<p>हैरानी की बात यह है कि इस 'कागजी काम' में स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय 'कैंपिंग श्रमिकों' (बाहरी मजदूरों) के नाम पर फर्जी मास्टर रोल (हाजिरी रजिस्टर) बना डाले गए। आरोप है कि छत्तीसगढ़ के वित्तीय नियम 82 की धज्जियां उड़ाते हुए अनपेड प्रमाणकों को कैंपा के मासिक लेखे में खपा कर करीब 2.60 करोड़ रुपये पार कर दिए गए।</p>
<p><strong>नकद भुगतान पर बड़ा झोल</strong></p>
<p>सबसे बड़ा झोल नकद भुगतान को लेकर है। नियमों के मुताबिक, आप किसी को 500 रुपये तक ही नकद दे सकते हैं। लेकिन साहबों ने 500 रुपये प्रति मजदूर के हिसाब से 2 करोड़ 22 लाख 83 हजार 225 रुपये का नकद भुगतान दिखा दिया। इतनी बड़ी रकम नकद बांटना, वो भी बिना बैंक खातों के... सीधा गबन की चुगली कर रहा है। शिकायत में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच कैंपा और अन्य मजदूरों के नाम पर 5.34 करोड़ का फर्जी नकद भुगतान हुआ। इसमें दिसंबर 2021 में 2.60 करोड़ और फरवरी 2022 में 2.55 करोड़ का भुगतान शामिल है।</p>
<p><strong>RTI ने उधेड़ दी बखिया</strong></p>
<p>इस पूरे खेल की पोल विभाग के ही एक लेटर ने खोल दी है। दुबे ने जब RTI लगाकर जानकारी मांगी, तो मनेन्द्रगढ़ वनमंडलाधिकारी के ऑफिस से 12 फरवरी 2025 (लेटर नंबर 297) को जो जवाब आया, वो चौंकाने वाला था। इसमें साफ लिखा है कि "जून 2020 से अक्टूबर 2023 तक कैम्पा मद से लेन्टाना उन्मूलन और नरवा विकास कार्य के तहत कोई काम नहीं हुआ है।"</p>
<p>एक तरफ RTI कह रही है कि काम नहीं हुआ, दूसरी तरफ 15 नवंबर 2022 का दस्तावेज चीख-चीख कर कह रहा है कि करोड़ों का नकद भुगतान हुआ है। यह विरोधाभास बता रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। शिकायतकर्ता ने अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री को यह शिकायत देकर पूरे गड़बड़झाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/in-manendragarh-swaha-rti-exposed-the-scam-in-534-crore/article-12479</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 09:29:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में राशन वाले डकार गए पौने तीन करोड़ की बोरियां: 10 लाख बारदाने बांटे, 5 लाख का कोई अता-पता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का बड़ा अजब खेल सामने आया है। राशन दुकानों में गरीबों का चावल तो बंट गया, लेकिन जिन बोरियों में वह चावल आया था, उन्हें ही राशन वाले डकार गए। पूरा मामला 2 करोड़ 75 लाख रुपए के बारदानों (बोरियों) के गोलमाल का है।</p>
<p>नागरिक आपूर्ति निगम के ऑफिस से अप्रैल से अगस्त महीने के बीच जिले की 720 पीडीएस (राशन) दुकानों को करीब 10 लाख नग बारदाने भेजे गए थे। कायदा यह है कि राशन बांटने के बाद खाली बोरी वापस करनी होती है। लेकिन जब हिसाब-किताब की बारी आई, तो बाबू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/ration-sellers-belched-in-raipur-sacks-worth-rs-3-crores/article-12478"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/20260915_090615.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का बड़ा अजब खेल सामने आया है। राशन दुकानों में गरीबों का चावल तो बंट गया, लेकिन जिन बोरियों में वह चावल आया था, उन्हें ही राशन वाले डकार गए। पूरा मामला 2 करोड़ 75 लाख रुपए के बारदानों (बोरियों) के गोलमाल का है।</p>
<p>नागरिक आपूर्ति निगम के ऑफिस से अप्रैल से अगस्त महीने के बीच जिले की 720 पीडीएस (राशन) दुकानों को करीब 10 लाख नग बारदाने भेजे गए थे। कायदा यह है कि राशन बांटने के बाद खाली बोरी वापस करनी होती है। लेकिन जब हिसाब-किताब की बारी आई, तो बाबू लोगों के पसीने छूट गए। 10 लाख में से सिर्फ 5 लाख बोरियां ही विभाग को लौटाई गईं। बाकी 5 लाख बारदानों को मानो जमीन खा गई या आसमान निगल गया।</p>
<p><strong>251 दुकानदारों ने दिखाई ढिठाई, कुछ नहीं लौटाया</strong></p>
<p>सबसे ज्यादा ताज्जुब तो इस बात का है कि जिले के 251 दुकानदारों ने पूरी ढिठाई दिखाते हुए बोरी का एक टुकड़ा तक वापस नहीं किया। इनकी वापसी का आंकड़ा शून्य है। मतलब करीब 35 प्रतिशत दुकानों ने सारा का सारा बारदाना ही हजम कर लिया। बाकी बचे 469 दुकानदारों ने जैसे-तैसे 5 लाख नग लौटाए हैं।</p>
<p><strong>खजाने पर ऐसे पड़ रही तगड़ी चपत</strong></p>
<p>अब समझिए कि इस गोलमाल से सरकारी खजाने पर कैसे चोट पड़ती है। पीडीएस से वापस आने वाले इन्हीं पुराने बारदानों से धान खरीदी का बड़ा काम निपटाया जाता है। जब राशन वाले पुरानी बोरी लौटाते हैं, तो उन्हें इसके एवज में 25 रुपए प्रति बोरी दिए जाते हैं। पर जब ये बोरियां गायब कर दी जाती हैं, तो सरकार को मजबूरी में नई बोरी खरीदनी पड़ती है। बाजार में नई बोरी का भाव 50 से 55 रुपए प्रति नग बैठता है। इस गणित से देखें, तो जो 5 लाख बोरियां गायब हैं, उनकी कुल कीमत 2 करोड़ 75 लाख रुपए तक पहुंच जाती है।</p>
<p><strong>नोटिस का भी नहीं दे रहे जवाब</strong></p>
<p>बड़ा मुद्दा यह है कि आखिर इतनी भारी तादाद में बारदाने गए कहां? क्या इन्हें दुकानों के गोदामों में सड़ा दिया गया? या फिर औने-पौने दाम पर बाजार में खपा कर अपनी जेबें गरम कर ली गई हैं?</p>
<p>लापरवाही की इंतहा देखिए कि जब विभाग ने इन राशन वालों से जवाब-तलब किया और नोटिस थमाया, तो उन्होंने जवाब देने की जहमत तक नहीं उठाई।</p>
<p>नागरिक आपूर्ति निगम के डीएमओ जशवीर सिंह बघेल का कहना है कि जिन दुकानों से बारदाना वापस नहीं आया है, वहां नोटिस भेजा गया है। तय समय पर बारदाने नहीं लौटाए गए, तो नियमों के तहत कड़ा एक्शन लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/ration-sellers-belched-in-raipur-sacks-worth-rs-3-crores/article-12478</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 09:06:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरपा-भैंसाझार बैराज घोटाला: ईपीसी का ठेका तोड़ा, अलग टेंडर निकाला और पहली ही बारिश में बह गए करोड़ों, अब रिटेनिंग वॉल में फिर वही खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिलासपुर जिले में जल संसाधन विभाग की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में शुमार अरपा-भैंसाझार बैराज प्रोजेक्ट फिर कटघरे में है। यह प्रोजेक्ट ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर जल संसाधन संभाग कोटा के तहत चल रहा है। इसका मकसद बैराज के साथ मुख्य नहर, माइनर, पुल-पुलिया का पूरा काम करके तीन विकासखंडों के 102 गांवों की करीब 25,000 हेक्टेयर जमीन को पानी देना था। शुरुआत में इसकी लागत 606 करोड़ रुपये थी। 25 नवंबर 2024 को राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1,141.90 करोड़ रुपये कर दिया। अब तक निर्माण एजेंसी को 317.59 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/arpa-bhainsajhar-barrage-scam-epc-contract-broken-separate-tender-floated-and/article-12477"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/20260915_083555.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर जिले में जल संसाधन विभाग की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में शुमार अरपा-भैंसाझार बैराज प्रोजेक्ट फिर कटघरे में है। यह प्रोजेक्ट ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर जल संसाधन संभाग कोटा के तहत चल रहा है। इसका मकसद बैराज के साथ मुख्य नहर, माइनर, पुल-पुलिया का पूरा काम करके तीन विकासखंडों के 102 गांवों की करीब 25,000 हेक्टेयर जमीन को पानी देना था। शुरुआत में इसकी लागत 606 करोड़ रुपये थी। 25 नवंबर 2024 को राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1,141.90 करोड़ रुपये कर दिया। अब तक निर्माण एजेंसी को 317.59 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मूल अनुबंध (क्रमांक डी.एल.07/13.09.2013) राधेश्याम अग्रवाल/सुनील अग्रवाल के नाम पर है, जिन्हें बैराज और उससे लगे सारे सुरक्षा काम निपटाने थे।</p>
<h5><strong>ठेके की शर्तों से खिलवाड़ और नया टेंडर</strong></h5>
<p>हमारे पास मौजूद सरकारी दस्तावेज गवाही दे रहे हैं कि अफसरों ने मूल शर्त को किनारे कर दिया। बैराज की सुरक्षा का काम — डाउन-स्ट्रीम बैंक/फ्लड प्रोटेक्शन — मूल ठेके से बाहर खींच लिया गया। इसके लिए पूरी तरह अलग अनुबंध (क्रमांक 10/डी.एल./2020-21) बनाकर नई निविदा बुलाई गई और काम दूसरी एजेंसी को थमा दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह कारनामा तत्कालीन कार्यपालन अभियंता आई.ए. सिद्दीकी ने तत्कालीन मुख्य अभियंता अजय सोमवार की मिलीभगत से किया। जबकि कायदे से यह काम उसी मूल ईपीसी ठेकेदार को करना था। प्रशासकीय मंजूरी के टुकड़े करके अलग से तकनीकी स्वीकृति लेते हुए करोड़ों की नई निविदा किस बिना पर बुलाई गई, यह बड़ा मुद्दा बन गया है।</p>
<h5><strong>पहली बारिश में खुल गई पोल</strong></h5>
<p>हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर के मुख्य अभियंता जे.के. नेताम ने 22 अप्रैल 2026 को चेकिंग रिपोर्ट बनाई। इस रिपोर्ट में स्पष्ट दर्ज है कि नए ठेके के तहत बैराज के नीचे नदी के दोनों किनारों पर 500 मीटर लंबाई में जो बैंक प्रोटेक्शन बना था, वह जुलाई 2025 की बाढ़ में 112 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा हिस्सा पानी में बह गया। मुआयने में पता चला कि यह टूटा हुआ हिस्सा स्कावरिंग गेट के वाटर-वे (जल प्रवाह क्षेत्र) में बना था। पानी के तेज बहाव ने इसे उखाड़ फेंका। पीसीसी ब्लॉक के नीचे फिल्टर डाला ही नहीं गया था, जिससे मिट्टी बही और ब्लॉक धंस गए। रिपोर्ट में लिखा है कि मरम्मत कराने पर भी यह फिर टूटेगा—यानी पूरी की पूरी डिजाइन ही खोट वाली थी।</p>
<p>इसी निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी है कि मूल अनुबंध के तहत बना होइस्ट ब्रिज और गेट कई जगह से जंग खा रहे हैं। बायें किनारे पर स्टोन पिचिंग और बोल्डर टो का काम आज तक अधूरा पड़ा है। यह विभागीय निगरानी की सुस्ती की पोल खोलने के लिए काफी है।</p>
<h5><strong>ठेकेदार ने खुद मानी डिजाइन की गलती</strong></h5>
<p>निर्माण एजेंसी मेसर्स द्वारका इंफ्रास्ट्रक्चर ने कोटा के कार्यपालन अभियंता को 19 जनवरी 2026 को पत्र लिखा। ठेकेदार ने खुद मान लिया है कि स्कावरिंग गेट के ढलान को ठीक गेट के सामने रखना, स्लूस के डाउन-स्ट्रीम स्लोप की गलत डिजाइन और पानी के तेज वेग से निपटने का इंतजाम न होना—ये सब तकनीकी खामियां हैं। इसके लिए ठेकेदार ने अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लिया है। उसका कहना है कि पीसीसी ब्लॉक की जगह मजबूत प्रोटेक्शन वॉल बननी चाहिए थी। कुल मिलाकर, गलत डिजाइन पास की गई और नतीजा यह हुआ कि करोड़ों की सरकारी रकम पहली ही बरसात में खाक हो गई।</p>
<h5><strong>फिर वही पैंतरा: रिटेनिंग वॉल के नाम पर नई तैयारी</strong></h5>
<p>इस बड़े नुकसान के बाद भी किसी पर गाज नहीं गिरी। उल्टे तत्कालीन मुख्य अभियंता और अब प्रमुख अभियंता जितेंद्र नेताम ने मौका मुआयना करके फरमान सुना दिया कि टूटे हुए बैंक प्रोटेक्शन की जगह अब स्कावरिंग गेट के बाहर रिटेनिंग वॉल बनाई जाए। इसका नया एस्टिमेट तुरंत ऑफिस में पेश करने को कहा गया है। यह फ्लड प्रोटेक्शन या रिटेनिंग वॉल बैराज का ही हिस्सा है, जिसे मूल एजेंसी को करना था। इसे दोबारा अलग टेंडर निकालकर किसी और को सौंपने की पूरी पटकथा तैयार है। अगर ऐसा हुआ तो सरकारी खजाने की बर्बादी का दूसरा राउंड शुरू होगा और पुराने सबूत भी मिट्टी में मिल जाएंगे।</p>
<p><strong>किसकी क्या जवाबदेही</strong></p>
<p>कागजों और हालात के मुताबिक तीन स्तर पर अफसरों की भूमिका संदिग्ध है:</p>
<ul>
<li> तत्कालीन कार्यपालन अभियंता आई.ए. सिद्दीकी: आरोप है कि इन्होंने मूल ईपीसी मंजूरी तोड़कर बैराज सुरक्षा का काम दूसरे ठेकेदार को दिया।</li>
<li> तत्कालीन मुख्य अभियंता अजय सोमवार: जिन्होंने सिद्दीकी का साथ देते हुए इस अलग काम को तकनीकी मंजूरी दी।</li>
<li> वर्तमान प्रमुख अभियंता जितेंद्र नेताम: जो गलत डिजाइन पकड़ने के बाद भी किसी को जिम्मेदार ठहराए बिना, दोबारा नया एस्टिमेट बनवाकर अलग एजेंसी से काम कराने की फिराक में हैं।</li>
<li>  इनके अलावा वे सभी इंजीनियर भी घेरे में हैं जिन्होंने इस खोट वाली डिजाइन का प्रस्ताव रखा और उसे पास किया।</li>
</ul>
<h5><strong>शिकायतकर्ता की मांग....</strong></h5>
<ul>
<li> <strong>आई.ए. सिद्दीकी को तुरंत सस्पेंड कर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो।</strong></li>
<li><strong>गलत डिजाइन पास करने वाले अजय सोमवार समेत सभी अफसरों पर विभागीय कार्रवाई हो और डूबे हुए पैसों की वसूली की जाए</strong></li>
<li><strong>बैराज सुरक्षा का बचा हुआ कोई भी काम चाहे फ्लड प्रोटेक्शन हो या रिटेनिंग वॉल—बिना नया टेंडर निकाले मूल एजेंसी से ही कराया जाए </strong></li>
<li><strong> प्रमुख अभियंता जितेंद्र नेताम के रोल की भी निष्पक्ष जांच हो, ताकि पुरानी गड़बड़ियां न दोहराई जाएं।</strong></li>
<li><strong>जल संसाधन विभाग के सचिव स्तर पर पूरे मामले को परखा </strong><strong>जाए ताकि पब्लिक के पैसे की लूट पर लगाम लगे।</strong></li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 08:37:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CG News: IPS के बेटे से भिड़ना पड़ा भारी! 2 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने हथकड़ी लगाकर निकाला जुलूस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अंबिकापुर।</strong> शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में IPS अधिकारी के बेटे के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोतवाली थाने से मुख्य मार्ग होते हुए कोर्ट तक पैदल ले जाकर जुलूस निकाला। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/09/13/dbgifmagic-4_1789322843.gif" alt="पुलिस अधिकारियों ने अभियान चलाकर कार्रवाई की है।" /></p>
<p><strong>नाम लेकर बुलाने पर शुरू हुआ विवाद</strong><br />पुलिस के मुताबिक घटना 7 सितंबर की रात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/had-to-fight-heavily-with-son-of-cg-news-ips/article-12466"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/image-(1).png" alt=""></a><br /><p><strong>अंबिकापुर।</strong> शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में IPS अधिकारी के बेटे के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोतवाली थाने से मुख्य मार्ग होते हुए कोर्ट तक पैदल ले जाकर जुलूस निकाला। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/09/13/dbgifmagic-4_1789322843.gif" alt="पुलिस अधिकारियों ने अभियान चलाकर कार्रवाई की है।"></img></p>
<p><strong>नाम लेकर बुलाने पर शुरू हुआ विवाद</strong><br />पुलिस के मुताबिक घटना 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे की है। IPS अधिकारी रवि कुर्रे के बेटे लेखांश कुर्रे अपने दोस्तों विशाल सोनी और रोमी खान के साथ बौरीपारा तालाब के पास रिंग रोड पर रुके थे। बताया गया कि वे अपने दोस्त प्रिंस गुप्ता के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों से उनका विवाद हो गया। शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान लेखांश ने गोलू गणेश का नाम लेकर उसे संबोधित किया। आरोप है कि इसी बात पर गोलू ने आपत्ति जताई और विवाद बढ़ गया। इसके बाद कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/09/13/dbgifmagic-2_1789322758.gif" alt="dbgifmagic-2_1789322758.gif"></img></p>
<p><strong>‘पिता पुलिस अधिकारी है तो क्या कर लेगा’ कहने का आरोप</strong><br />शिकायत में लेखांश ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उसके पिता के पुलिस अधिकारी होने का जिक्र करते हुए उसे धमकाया। आरोप है कि इसी दौरान यह भी कहा गया कि पिता पुलिस में होने से उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मारपीट में लेखांश के कान, कंधे, सिर और गले में चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के बाद उसने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(1), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/09/13/dbgifmagic-3_1789322786.gif" alt="पुलिस अधिकारियों ने अभियान चलाकर कार्रवाई की है।"></img></p>
<p><strong>दो गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी</strong><br />पुलिस ने मामले में गोलू गणेश और आशुतोष गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हथकड़ी लगाकर कोतवाली थाने से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए न्यायालय तक ले जाया। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देना भी माना जा रहा है।<img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/09/13/image-3_1789322855.jpg" alt="पुलिस अधिकारियों ने अभियान चलाकर कार्रवाई की है।"></img></p>
<p><strong>गोलू गणेश पर पहले से भी मामला दर्ज</strong><br />पुलिस के अनुसार, आरोपी गोलू गणेश का नाम इससे पहले सौरभ मिश्रा के घर के सामने वाहनों में तोड़फोड़ और घर में घुसकर मारपीट से जुड़े मामले में भी सामने आया था। उस मामले में वह फरार बताया जा रहा था। अब IPS के बेटे से मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों मामलों में उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/had-to-fight-heavily-with-son-of-cg-news-ips/article-12466</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 14:05:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अदिती मजुमदार ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RTO चालान के नाम पर भेजी APK, व्हाट्सएप हैक कर परिचितों से ऐंठे हजारों रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> साइबर ठगों ने लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नया तरीका अपनाया है। अब फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर मोबाइल और वाट्सएप हैक किए जा रहे हैं। इसके बाद हैकर्स पीड़ित की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का मैसेज भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में ठेकेदार का वाट्सएप हैक करने के बाद उसके परिचितों से हजारों रुपए की ठगी कर ली गई।</span></p>
<p class="isselectedend"><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मित्र के चालान की बात सुनकर खोली फाइल</span></strong></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले एक बिजली विभाग के लाइनमैन का मोबाइल</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/hacked-whatsapp-sent-apk-in-the-name-of-rto-challan/article-12465"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/fcd98e10-8b93-4c3b-8787-1d82674e41ef.png" alt=""></a><br /><p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> साइबर ठगों ने लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नया तरीका अपनाया है। अब फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर मोबाइल और वाट्सएप हैक किए जा रहे हैं। इसके बाद हैकर्स पीड़ित की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का मैसेज भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में ठेकेदार का वाट्सएप हैक करने के बाद उसके परिचितों से हजारों रुपए की ठगी कर ली गई।</span></p>
<p class="isselectedend"><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मित्र के चालान की बात सुनकर खोली फाइल</span></strong></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले एक बिजली विभाग के लाइनमैन का मोबाइल साइबर ठगों ने हैक कर लिया था। इसके बाद उसके वाट्सएप से जुड़े सभी परिचितों को आरटीओ चालान के नाम पर एक फर्जी एपीके फाइल भेजी गई। यही फाइल बिजली ठेकेदार अनिल भोजवानी के मोबाइल पर भी पहुंची। उन्होंने कुछ दिनों तक फाइल को नहीं खोला। बताया गया कि एक दिन अनिल के एक मित्र ने आरटीओ चालान आने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर आई फाइल को चेक करने की कोशिश की। फाइल खोलने के प्रयास के साथ ही उनके मोबाइल पर लगातार </span>OTP <span lang="hi" xml:lang="hi">आने लगे। उन्होंने </span>OTP <span lang="hi" xml:lang="hi">की प्रक्रिया को कैंसिल कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में उनका वाट्सएप हैक हो गया।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;"><strong>‘2000 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए अर्जेंट डाल दो</span>’</strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong> का भेजा मेसेज</strong></span></span></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">वाट्सएप का एक्सेस मिलते ही साइबर ठगों ने उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद परिचितों और दोस्तों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। मैसेज में लिखा गया कि </span><strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;">‘2000 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए अर्जेंट डाल दो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रात </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक लौटा दूंगा।</span>’</span></strong><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">परिचितों को लगा कि अनिल को वास्तव में पैसों की जरूरत है। कई लोगों ने बिना फोन पर बात किए ही पैसे भेज दिए। किसी ने </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए भेजे तो किसी ने </span>4 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए। एक परिचित ने तो </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए तक भेज दिए। एक व्यक्ति ने ठेकेदार के मोबाइल नंबर पर सीधे </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए भेजे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उनके खाते में पहुंच गया। वहीं अन्य लोगों से साइबर ठगों ने स्कैनर के जरिए रकम मंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सीधे उनके खाते में चली गई।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">साइबर सेल पहुंचने के बाद खुला पूरा मामला</span></strong></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल की टीम ने मोबाइल में मौजूद संदिग्ध ऐप्स को हटवाया और सुरक्षा के लिए मोबाइल को पूरी तरह फॉर्मेट कराने की सलाह दी।</span></p>
<p class="isselectedend"><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">अब शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर भी एपीके</span></strong></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">साइबर ठग अब आरटीओ चालान के अलावा शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर भी एपीके फाइल भेज रहे हैं। मैसेज में शादी का निमंत्रण बताते हुए एक फाइल या लिंक भेजा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड या इंस्टॉल करता है</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोबाइल में मौजूद जानकारी और वाट्सएप तक अनधिकृत पहुंच का खतरा बढ़ जाता है। इसके बाद ठग उसी मोबाइल से जुड़े संपर्कों को मैसेज भेजकर ठगी का प्रयास करते हैं।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">साइबर विशेषज्ञों के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनजान नंबर से आने वाली एपीके फाइल को किसी भी स्थिति में डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। आरटीओ चालान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली बिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादी का कार्ड या किसी अन्य जरूरी दस्तावेज के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।</span></span><br /><br /><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 13:39:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीमार छात्रा से कुर्सी साफ कराने पर हेडमास्टर पर गिरी गाज, जरी हुआ नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में बीमार छात्रा से कुर्सी साफ कराने का मामला अब शिक्षा विभाग की जांच के घेरे में आ गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की प्रधानपाठक भारती खांडे को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बुखार से पीड़ित छात्रा से उल्टी साफ़ कराने का <span style="font-family:Mangal, serif;">आरोप</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बताया गया है कि स्कूल में एक छात्रा पहले से बुखार से पीड़ित थी। इसी दौरान</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/headmaster-slammed-for-cleaning-chair-from-sick-student-notice-issued/article-12462"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/deo--ofc-ka-noties.png" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में बीमार छात्रा से कुर्सी साफ कराने का मामला अब शिक्षा विभाग की जांच के घेरे में आ गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की प्रधानपाठक भारती खांडे को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बुखार से पीड़ित छात्रा से उल्टी साफ़ कराने का <span style="font-family:Mangal, serif;">आरोप</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बताया गया है कि स्कूल में एक छात्रा पहले से बुखार से पीड़ित थी। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे उल्टी हो गई। आरोप है कि छात्रा को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाने के बजाय उल्टी से गंदी हो गई कुर्सी उसी से साफ कराई गई। इसी दौरान किसी छात्र ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">वीडियो पहुंचा कलेक्टर तक, तत्काल नोटिस जारी</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी कलेक्टर संजय अग्रवाल तक पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद डीईओ कार्यालय से प्रधानपाठक को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में वायरल वीडियो और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर शाला संचालन तथा प्रशासनिक नियंत्रण में घोर लापरवाही प्रतीत होने का उल्लेख किया गया है। इसे अपने पद की जिम्मेदारियों और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के प्रतिकूल बताया गया है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">तीन दिन में देना होगा जवाब</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;font-weight:normal;"><strong>, </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>नहीं तो एकतरफा कार्रवाई तय</strong></span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">डीईओ ने प्रधानपाठक को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्ट</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लिखित एवं शपथपत्र सत्यापित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार एकतरफा कठोर प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से साफ है कि स्कूल में बच्चों के साथ व्यवहार और शाला संचालन में लापरवाही को लेकर विभाग गंभीर है। अब प्रधानपाठक के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 13:21:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाठी-डंडों से युवक को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत, चार आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम लोखंडी में युवक से मारपीट के बाद उसकी मौत के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्के और लाठी-डंडों से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल युवक ने रायपुर के डीकेएस अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे भी जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">घर से निकला था युवक</span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><strong>, </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>रात में मिली मारपीट की खबर</strong></span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार ग्राम लोखंडी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/young-man-brutally-beaten-with-sticks-died-during-treatment-four/article-12461"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/sakri-murdar.jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर :</strong> सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम लोखंडी में युवक से मारपीट के बाद उसकी मौत के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्के और लाठी-डंडों से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल युवक ने रायपुर के डीकेएस अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे भी जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">घर से निकला था युवक</span></strong><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><strong>, </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>रात में मिली मारपीट की खबर</strong></span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार ग्राम लोखंडी निवासी </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">19 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षीय शेख इस्माईल </span>7 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर की रात करीब </span>9 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। रात करीब </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे परिजनों को सूचना मिली कि गांव के कुछ युवकों ने शेख इस्माईल के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की है। मारपीट में उसके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थी। डायल-</span>112 <span lang="hi" xml:lang="hi">की मदद से उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">इलाज के दौरान बिगड़ी हालत</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रायपुर में मौत</span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">घटना के बाद परिजनों की रिपोर्ट पर सकरी पुलिस ने अपराध क्रमांक </span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">839/2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कर धारा </span>296, 351(3), 115(2) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>3(5) <span lang="hi" xml:lang="hi">बीएनएस के तहत जांच शुरू की। हालत गंभीर होने पर घायल शेख इस्माईल को रायपुर के डीकेएस अस्पताल ले जाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या से संबंधित धारा </span>103(2) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>324 <span lang="hi" xml:lang="hi">बीएनएस भी जोड़ दी।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>हथियार समेत चारों आरोपी गिरफ्तार</strong></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सकरी पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अक्षय कुमार गढ़ेवाल (</span><span style="font-family:Mangal, serif;color:#000000;">21), <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदुम श्रीवास उर्फ पदुम (</span>29), <span lang="hi" xml:lang="hi">दिलीप कुमार निर्मलकर (</span>32) <span lang="hi" xml:lang="hi">और गोविंद पटेल उर्फ दौलत (</span>22) <span lang="hi" xml:lang="hi">को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल लाठी-डंडे भी जब्त किए हैं। पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद चारों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 12:49:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा से सस्ते दाम में खरीदकर मटियारी क्षेत्र में खपाने की थी तैयारी, 13 किलो गांजा सहित 4 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर : </strong>अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीसीयू और मस्तूरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">13 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलो गांजा के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब </span>6 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए कीमत का गांजा और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, 13 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार लोग जयरामनगर रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज के नीचे गांजा लेकर खड़े हैं। वे गांजा लेकर सीपत थाना क्षेत्र के</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/four-accused-arrested-along-with-13-kg-ganja/article-12460"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/ganja-taskari.jpg" alt=""></a><br /><p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi"><strong>बिलासपुर : </strong>अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीसीयू और मस्तूरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">13 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलो गांजा के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब </span>6 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए कीमत का गांजा और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, 13 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार लोग जयरामनगर रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज के नीचे गांजा लेकर खड़े हैं। वे गांजा लेकर सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मटियारी जाने के लिए ऑटो या बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसीसीयू और मस्तूरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बैग की तलाशी की तो निकला गांजा</span></strong></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपियों के पास मौजूद पिट्ठू बैग और झोले की तलाशी ली। जिसमे कुल </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">13 <span lang="hi" xml:lang="hi">किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बलांगीर जिले से सस्ते दाम में खरीदकर लाया गया था। जिसे ग्राम मटियारी और सीपत क्षेत्र में महंगे दाम पर बेचने की तैयारी थी। </span></span></p>
<p class="isselectedend"><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीपत थाना के ग्राम मटियारी निवासी आकाश सिसोदिया (</span>21), <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी पत्नी पूर्वा मालिया (</span>20), <span lang="hi" xml:lang="hi">कृष्णा पाण्डेय (</span>23), <span lang="hi" xml:lang="hi">और मप्र के जिला उमरिया स्थित झाड़ू मोहल्ला निवासी नीरज नायक (</span>19) <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में हुई है। चारों के खिलाफ मस्तूरी थाने में अपराध क्रमांक </span>640/2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा </span>20(<span lang="hi" xml:lang="hi">बी)</span>, 29 <span lang="hi" xml:lang="hi">में कार्रवाई की गई है।</span></span></p>
<p class="isselectedend"><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">कार्रवाई में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मस्तूरी थाना प्रभारी निरीक्षक सलीम खाका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उप निरीक्षक सुजान जगत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उप निरीक्षक कमलेश बंजारे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 12:32:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग में संविदा अफसर की मनमानी: रिटायरमेंट के बाद 4 साल से कुर्सी पर जमे, 2003 बैच के इंजीनियरों का नियमितीकरण रोका, 42 लाख के घोटाले की फाइल भी दबाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  <strong>जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता के 42 लाख के मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल मामले में कार्रवाई शून्य।</strong></p>
<p>  </p>
<p>रायपुर। जल संसाधन विभाग में संविदा पर जमे अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) की मनमानी जोरो पर है। बता दें कि सेवानिवृत्ति के बाद पिछले 4 वर्षों से लगातार अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) के पद पर संविदा में जमे प्रसून शर्मा अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। राज्य शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि संविदा अधिकारी या कर्मचारी शासकीय सेवक की श्रेणी में नहीं आता है। नियमानुसार एवं हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार किसी भी संविदा में पदस्थ व्यक्ति को वित्तीय एवं प्रशासनिक पद पर बैठने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/regularization-of-2003-batch-engineers-stuck-in-the-chair-for/article-12453"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/20260914_102321.jpg" alt=""></a><br /><p> <strong>जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता के 42 लाख के मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल मामले में कार्रवाई शून्य।</strong></p>
<p> </p>
<p>रायपुर। जल संसाधन विभाग में संविदा पर जमे अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) की मनमानी जोरो पर है। बता दें कि सेवानिवृत्ति के बाद पिछले 4 वर्षों से लगातार अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) के पद पर संविदा में जमे प्रसून शर्मा अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। राज्य शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि संविदा अधिकारी या कर्मचारी शासकीय सेवक की श्रेणी में नहीं आता है। नियमानुसार एवं हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार किसी भी संविदा में पदस्थ व्यक्ति को वित्तीय एवं प्रशासनिक पद पर बैठने का अधिकार ही नहीं है। परंतु यह व्यक्ति लेनदेन कर प्रशासनिक पद पर शोभायमान हो रहा है और मनमर्जी कर रहा है। अधिकारी अपनी पेंशन के अतिरिक्त डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह का भारी भरकम वेतन ले रहा है।</p>
<p><strong>नियम विरुद्ध शर्त जोड़कर नियमितीकरण रोका</strong></p>
<p>जल संसाधन विभाग में उप अभियंता एवं सहायक अभियंताओं की नियुक्ति वर्ष 2003 में की गई थी। इन पदों पर नियुक्ति के दौरान 3 वर्ष के प्रोबेशन की शर्त रखी गई थी। व्यवस्था थी कि सफलतम प्रोबेशन के पश्चात उन्हें नियमित सेवा में पद स्थापित किया जाना था। इनके नियुक्ति आदेश में यही शर्त थी परंतु अधीक्षण अभियंता प्रशासन ने इन्हें नियमित करने से इनकार कर दिया है। अधिकारी ने यह शर्त अपने मन से जोड़ दी है कि वह विभागीय परीक्षा पास करेंगे तभी इन्हें नियमित किया जावेगा।</p>
<p>विशेष यह है कि विगत चार वर्षो से विभाग में कोई विभागीय परीक्षा हुई ही नहीं है। जब परीक्षा हुई ही नहीं है तो फिर प्रोबेशन के अन्य अधिकारियों पर अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) प्रसून शर्मा किस हक से यह कह रहे हैं कि इन्हें नियमित नहीं किया जाएगा। इस रवैये से स्पष्ट हो रहा है कि अधीक्षण अभियंता प्रशासन की मंशा कुछ और ही है।</p>
<p><strong>शिकायतों की फाइलें कार्यालय में खा रहीं धूल</strong></p>
<p>अधीक्षक अभियंता प्रशासन ने अपने संविदा के कार्यकाल में भारी लूट मचा कर रखी है। यदि कोई शिकायत आती है तो उसे नीचे जांच करने के लिए भेज देते हैं। वह फाइल वर्षों तक धूल खाते हुए पड़े रहती है और यह न जाने क्या करते रहते हैं।</p>
<p><strong>जगदलपुर कार्यपालन अभियंता का 42 लाख का मामला</strong></p>
<p>विदित हो कि जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता ने अपने पेंशनर माता-पिता के नाम से 42 लाख का मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल आहरण कर लिया। यह आहरण सर्वथा नियम विरुद्ध है। जिसकी शिकायत इसी साल फरवरी 2026 में की गई थी। लेकिन प्रमाणित दस्तावेजों के बावजूद भी मामले को ठंडा बस्ती में डाल दिया गया, आरोप है कि फर्जी मेडिकल बिल घोटाले के आरोपी कार्यपालन अभियंता को बचाने शर्मा ने बड़ी डील की</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/regularization-of-2003-batch-engineers-stuck-in-the-chair-for/article-12453</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आबकारी के करोड़पति लिपिक का नया कारनामा : अपना ट्रांसफर रुकवाने बॉस के नाम से मंत्रालय भेजा फर्जी पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिलासपुर का आबकारी विभाग इन दिनों किसी सस्पेंस फिल्म की तरह नजर आ रहा है। मामला सिर्फ सामान्य क्लर्क के ट्रांसफर का नहीं है बल्कि इसके पीछे छिपे करोड़ों के काले साम्राज्य को बचाने का है।</p>
<p>  इसी सल्तनत को सुरक्षित रखने फर्जी लेटर का खेल खेला गया है। ऊपर बैठे अधिकारी आश्चर्यचकित हैं कि आखिर अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक अपने अधिकारी के नाम की फर्जी चिट्ठी किसने पहुंचा दी। आखिर वह कौन है जो सरकार की आंखों में धूल झोंक रहा है?</p>
<p>कहानी ने ट्विस्ट तब आया जब मंत्रालय में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/the-new-exploit-of-the-millionaire-excise-clerk-sent-a/article-12452"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/img-20260912-wa0026.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर का आबकारी विभाग इन दिनों किसी सस्पेंस फिल्म की तरह नजर आ रहा है। मामला सिर्फ सामान्य क्लर्क के ट्रांसफर का नहीं है बल्कि इसके पीछे छिपे करोड़ों के काले साम्राज्य को बचाने का है।</p>
<p> इसी सल्तनत को सुरक्षित रखने फर्जी लेटर का खेल खेला गया है। ऊपर बैठे अधिकारी आश्चर्यचकित हैं कि आखिर अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक अपने अधिकारी के नाम की फर्जी चिट्ठी किसने पहुंचा दी। आखिर वह कौन है जो सरकार की आंखों में धूल झोंक रहा है?</p>
<p>कहानी ने ट्विस्ट तब आया जब मंत्रालय में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और आबकारी मंत्री के दरबार में शिकायत पहुंचती है। पत्र भेजने वाले के स्थान पर प्रभारी सहायक आयुक्त (बिलासपुर) नवनीत तिवारी का नाम लिखा था। पत्र का प्रसंग ऐसा था जिसे पढ़कर अच्छे अच्छे के पसीने छूट जाएं। इस लेटर में वर्णित था कि मुख्य लिपिक दिनेश दुबे का ट्रांसफर बिलासपुर से बलरामपुर-रामानुजगंज कराने के लिए शीर्ष अधिकारियों को लाखों रुपए दिए गए थे। </p>
<p>जून 2026 को आदेश भी निकल गया, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसफर निरस्त हो गया। चिट्ठी में बड़ी धमकी दी गई कि ट्रांसफर रुकने के कारण लाखों रुपए डूब गए हैं, अतः दुबे का ट्रांसफर कहीं और किया जाए, वरना कोई भी 'एक्सट्रीम' कदम उठाया जाएगा।</p>
<p>पिक्चर अभी बाकी थी। जब इस वायरल लेटर की भनक बिलासपुर में पदस्थ नवनीत तिवारी को लगी, तो उनके पैरों तले जमीन हिल गई। उन्होंने तुरंत बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की लिखित शिकायत की। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। मतलब यह है कि किसी ने तिवारी को मोहरा बनाकर दुबे को बचाने और वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव बनाने का तगड़ा जाल बुना है। इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर आबकारी अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है।</p>
<p> </p>
<p>अब बात उस मोहरे की, जिसके चारों तरफ यह पूरा ताना-बाना बुना गया है—दिनेश दुबे। यह कोई आम बाबू नहीं है। इसके रसूख के आगे सिस्टम कैसे घुटने टेकता है, इसका ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है। कुदुदंड में आलीशान कोठी, गंगानगर में दो मंजिला मकान, व्यापार विहार में प्रॉपर्टी और मस्तूरी के पाराघाट में फार्म हाउस—ये सब बाबू की सरकारी सैलरी से कैसे बन गए?</p>
<p>मिर्जा शौकत बेग वाली पुरानी शिकायत याद कीजिए। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने छापा मारा था। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज हुई। लेकिन फिर रातों-रात ऐसा जादू हुआ कि बिना संपत्तियों की पूरी गिनती किए ही कोर्ट में खात्मा (क्लोजर) रिपोर्ट पेश कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कानूनी लड़ाई लड़ने वाला शिकायतकर्ता भी अचानक पीछे हट गया। परदे के पीछे क्या 'डील' हुई, यह आज भी राज है।</p>
<p>इस लिपिक का शातिर दिमाग नोटबंदी के वक्त भी दिखा था। अपनी काली कमाई सफेद करने के लिए इसने ऑफिस के चपरासियों—जीआर महार, हीरालाल, संतोष और नरेश के बैंक खातों को निजी एटीएम की तरह इस्तेमाल किया। लाखों की नकदी इधर से उधर घुमाई गई। पत्नी मीनाक्षी और बेटे आदित्य के खातों में भी माल डंप किया गया। अगस्त 2017 में पीएमओ तक शिकायत पहुंची, लेकिन दुबे का बाल भी बांका नहीं हुआ।</p>
<p> </p>
<p><strong>इनसाइड स्टोरी: वो राज जो फाइलों में दफ्न हैं</strong></p>
<ul>
<li>  लेटर बम किसने फोड़ा? अगर प्रभारी अधिकारी ने यह चिट्ठी नहीं लिखी, तो क्या बाबू ने खुद को चर्चा में लाने और ट्रांसफर रुकवाने के लिए यह चाल चली?</li>
<li> एसीबी की मेहरबानी क्यों? करोड़ों की नामी-बेनामी संपत्ति होने के बावजूद जांच एजेंसी ने बिना गिनती किए केस कैसे रफा-दफा कर दिया?</li>
<li> गॉडफादर कौन? हर बार बड़े मामलों से बेदाग निकल जाने वाले इस बाबू के सिर पर आखिर किस सफेदपोश का हाथ है?</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/crime/the-new-exploit-of-the-millionaire-excise-clerk-sent-a/article-12452</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 09:40:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीसीटीवी फुटेज से हुआ चोरी का खुलासा, सामान सहित आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">तोरवा थाना क्षेत्र में किराना दुकान का ताला तोड़कर नकदी और सिगरेट समेत करीब </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">10 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए का सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके साथ तीन अपचारी बालकों की भी पहचान की है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद किया गया है।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार हेमूनगर निवासी रवि शर्मा मसाला और डेली नीड्स की दुकान संचालित करता हैं। </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">8 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर की रात अज्ञात चोर दुकान से गल्ले में रखे </span>300 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए</span>, 67 <span lang="hi" xml:lang="hi">पैकेट सिगरेट और मिच्चर के पैकेट समेत करीब </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/cctv-footage-reveals-theft-accused-arrested-with-stolen-goods/article-12448"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-09/91751e8b-d3ca-4bb3-99bf-e2d086e28a5a.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">बिलासपुर : </span></strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">तोरवा थाना क्षेत्र में किराना दुकान का ताला तोड़कर नकदी और सिगरेट समेत करीब </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">10 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए का सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके साथ तीन अपचारी बालकों की भी पहचान की है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का सामान भी बरामद किया गया है।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस के अनुसार हेमूनगर निवासी रवि शर्मा मसाला और डेली नीड्स की दुकान संचालित करता हैं। </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">8 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर की रात अज्ञात चोर दुकान से गल्ले में रखे </span>300 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए</span>, 67 <span lang="hi" xml:lang="hi">पैकेट सिगरेट और मिच्चर के पैकेट समेत करीब </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपए का सामान चोरी कर ले गए थे। मामले में </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई।</span></span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में तीन संदिग्ध नजर आए। हुलिया के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान शुरू की तो मुख्य आरोपी की पहचान कोटा निवासी राहूल करेलिया (</span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">20) <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में हुई। उसके साथ तीन अपचारी बालकों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;" xml:lang="hi">पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो उनके कब्जे से चोरी किए गए </span><span style="font-size:11pt;font-family:Mangal, serif;color:#000000;">67 <span lang="hi" xml:lang="hi">पैकेट सिगरेट</span>, 300 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए नकद और मिच्चर के पैकेट बरामद किए गए। राहूल करेलिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में रिमांड के लिए पेश किया गया। वहीं तीनों अपचारी बालकों की सामाजिक पृष्ठभूमि तैयार कर उन्हें बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:06:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[स्वाति मिश्रा ]]></dc:creator>
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