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                <title>राज्य - National Jagat Vision</title>
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                <description>राज्य RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Noida Alert: श्रमिकों के प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, पुलिस कमिश्नर ने ग्राउंड पर लिया सुरक्षा का जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नोएडा: </strong>नोएडा में संभावित श्रमिक प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सेंट्रल नोएडा जोन के थाना फेस-2 क्षेत्र का दौरा कर औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान उन्होंने मदरसन कंपनी समेत कई औद्योगिक इकाइयों के आसपास की स्थिति का आकलन किया और तैनात पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा गया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए लगातार पेट्रोलिंग,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/noida-alert-high-alert-police-commissioner-took-stock-of-security/article-9547"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/noida-worker-check-1777717222163_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नोएडा: </strong>नोएडा में संभावित श्रमिक प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने सेंट्रल नोएडा जोन के थाना फेस-2 क्षेत्र का दौरा कर औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान उन्होंने मदरसन कंपनी समेत कई औद्योगिक इकाइयों के आसपास की स्थिति का आकलन किया और तैनात पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा गया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए लगातार पेट्रोलिंग, इंटेलिजेंस इनपुट और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को प्राथमिकता दी जाए।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-02-at-15.45.29-1777717404017.jpeg" alt="WhatsApp-Image-2026-05-02-at-15.45.29-1777717404017" width="1500" height="1000"></img></p>
<p>प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संभावित प्रदर्शन के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आम जनता और औद्योगिक गतिविधियों पर कोई असर न पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 16:54:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Pune Crime Shocker: मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, फास्ट-ट्रैक ट्रायल की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पुणे।</strong> महाराष्ट्र के पुणे जिले में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। वारदात सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में नागरिक सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने स्थानीय पुलिस चौकी का घेराव करते हुए आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा, विशेष रूप से फांसी की मांग की। घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/pune-crime-shocker-after-the-brutal-murder-of-an-innocent/article-9544"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/protest-against.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे।</strong> महाराष्ट्र के पुणे जिले में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। वारदात सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में नागरिक सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने स्थानीय पुलिस चौकी का घेराव करते हुए आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा, विशेष रूप से फांसी की मांग की। घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों द्वारा की गई तलाश के दौरान सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले, जिससे पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।</p>
<p>घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए Supriya Sule ने इसे “मानवता को शर्मसार करने वाली घटना” बताते हुए लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की। वहीं Anil Deshmukh ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और आरोपी को जल्द सख्त सजा दिलाने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की बात कही है।</p>
<p>प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष और तेजी से पूरी की जाएगी तथा दोषी को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सख्त कानून और प्रभावी अमल की मांग उठ रही है, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों पर रोक लगाई जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 15:36:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>West Bengal Re-Polling 2026: गड़बड़ी के आरोपों के बाद 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग, सुबह 11 बजे तक 36.99% मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>Election Commission of India के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान सामने आई अनियमितताओं और शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया था। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है और सुबह 11 बजे तक करीब 36.99% मतदान दर्ज किया गया है।</p>
<p>आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सभी उम्मीदवारों को पुनर्मतदान की सूचना औपचारिक रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/west-bengal-re-polling-2026-after-allegations-of-irregularities-re-voting-at/article-9543"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/bengalvoting-1777705496462_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>Election Commission of India के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान सामने आई अनियमितताओं और शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया था। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है और सुबह 11 बजे तक करीब 36.99% मतदान दर्ज किया गया है।</p>
<p>आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सभी उम्मीदवारों को पुनर्मतदान की सूचना औपचारिक रूप से देने को कहा गया है। अधिकारियों के मुताबिक मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। पुनर्मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:53:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Supreme Court on EC Petition: ‘केंद्रीय कर्मचारियों पर अविश्वास सही नहीं’, TMC की याचिका खारिज, चुनाव आयोग को राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>Supreme Court ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए TMC को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने Election Commission of India के खिलाफ हस्तक्षेप से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर संदेह जताना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि अधिकारी केंद्र सरकार से जुड़े हैं, उनकी निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।</p>
<p>सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने दलील दी कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में केंद्रीय कर्मियों की भूमिका को लेकर विसंगतियां हैं, जिससे राज्य की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/supreme-court-on-ec-petition-distrust-on-central-employees-is/article-9542"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2025-10/06_10_2025-supreme_court_24071963.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>Supreme Court ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए TMC को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने Election Commission of India के खिलाफ हस्तक्षेप से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर संदेह जताना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि अधिकारी केंद्र सरकार से जुड़े हैं, उनकी निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।</p>
<p>सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने दलील दी कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में केंद्रीय कर्मियों की भूमिका को लेकर विसंगतियां हैं, जिससे राज्य की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगता है। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था मौजूद होती है, जैसे काउंटिंग एजेंट, सुपरवाइजर और माइक्रो ऑब्जर्वर इसलिए केवल एक वर्ग के अधिकारियों को लेकर पूर्वाग्रह बनाना तर्कसंगत नहीं है।</p>
<p>यह मामला Calcutta High Court के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें वोटों की गिनती के दौरान केंद्रीय और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों की तैनाती को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए संकेत दिया कि चुनाव आयोग को अपने विवेक से व्यवस्थाएं तय करने का अधिकार है, बशर्ते प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:42:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: करिश्मा कपूर के बच्चों को राहत, संजय कपूर की हजारों करोड़ की संपत्तियों पर यथास्थिति बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है, जहां दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की हजारों करोड़ की संपत्तियों को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के अंतिम निर्णय तक संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि किसी भी पक्ष को अपूरणीय नुकसान न हो।</p>
<p>कोर्ट ने अंतरिम आदेश में प्रिया कपूर को निर्देश दिया है कि वे कंपनियों में मौजूद इक्विटी, शेयरहोल्डिंग या अन्य वित्तीय हिस्सेदारी को न बेचें, न ट्रांसफर करें और न ही किसी तरह का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/big-order-of-delhi-high-court-relief-to-karisma-kapoors/article-9520"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/14_05_2025-high_court_23937826-1777540577119_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है, जहां दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की हजारों करोड़ की संपत्तियों को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के अंतिम निर्णय तक संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि किसी भी पक्ष को अपूरणीय नुकसान न हो।</p>
<p>कोर्ट ने अंतरिम आदेश में प्रिया कपूर को निर्देश दिया है कि वे कंपनियों में मौजूद इक्विटी, शेयरहोल्डिंग या अन्य वित्तीय हिस्सेदारी को न बेचें, न ट्रांसफर करें और न ही किसी तरह का वित्तीय लेनदेन करें। साथ ही, निजी संपत्तियों जैसे कलाकृतियां या अन्य मूल्यवान वस्तुओं के निपटान पर भी रोक लगाई गई है। यह फैसला उस याचिका के बाद आया है, जिसमें करिश्मा कपूर के बच्चों ने वसीयत की वैधता पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वसीयत की प्रमाणिकता का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान होगा, लेकिन तब तक संपत्ति को सुरक्षित रखना आवश्यक है। इस आदेश से फिलहाल संपत्ति से जुड़े किसी भी प्रकार के बदलाव पर रोक लग गई है, जिससे पूरे मामले में कानूनी संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। यह फैसला हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवादों में अदालत के हस्तक्षेप की अहम मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/big-order-of-delhi-high-court-relief-to-karisma-kapoors/article-9520</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 16:24:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग गर्भपात केस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “बच्ची को पढ़ना चाहिए, मां बनाना अन्याय है”</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली में Supreme Court ने नाबालिग गर्भपात मामले की सुनवाई के दौरान बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि एक 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को मां बनने के लिए मजबूर करना न्यायसंगत नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे मामलों में पीड़िता की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्थिति को प्राथमिकता देना आवश्यक है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान All India Institute of Medical Sciences द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि मां के स्वास्थ्य को स्थायी खतरा नहीं है, तो गर्भपात की प्रक्रिया पूरी की जानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/supreme-courts-strict-comment-on-minor-abortion-case-child-should/article-9513"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2025-11/court.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली में Supreme Court ने नाबालिग गर्भपात मामले की सुनवाई के दौरान बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि एक 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को मां बनने के लिए मजबूर करना न्यायसंगत नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे मामलों में पीड़िता की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्थिति को प्राथमिकता देना आवश्यक है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान All India Institute of Medical Sciences द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि मां के स्वास्थ्य को स्थायी खतरा नहीं है, तो गर्भपात की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि यह केवल एक मेडिकल निर्णय नहीं, बल्कि पीड़िता के जीवन और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जहां उसकी शिक्षा और मानसिक स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p>कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में अंतिम निर्णय पीड़िता और उसके माता-पिता का होना चाहिए। साथ ही AIIMS को निर्देश दिया गया कि वह परिवार की काउंसलिंग कर उन्हें सभी संभावित जोखिमों और विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दे। अदालत ने दोहराया कि किसी भी महिला या बच्ची पर अनचाही गर्भावस्था नहीं थोपी जा सकती।</p>
<p>इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कानून में बदलाव पर विचार करने की सलाह दी है, ताकि दुष्कर्म पीड़िताओं को 20 हफ्ते की सीमा के बाद भी गर्भपात की अनुमति मिल सके। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे मामलों की सुनवाई तय समयसीमा में पूरी हो, ताकि पीड़िताओं को लंबी कानूनी प्रक्रिया के अतिरिक्त मानसिक आघात से बचाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:42:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाज की आस में ठगी का शिकार: एयर एंबुलेंस के नाम पर 8 लाख लूटे, देरी ने ले ली मरीज की जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जमशेदपुर। </strong>झारखंड के Jamshedpur में साइबर ठगी का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एयर एंबुलेंस सेवा के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित परिवार ने गंभीर रूप से बीमार मरीज को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाने की कोशिश की, लेकिन ठगों के झांसे में आने से न केवल उनकी रकम चली गई, बल्कि समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज की मौत भी हो गई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, मरीज को Tata Main Hospital में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद रेफर किया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/victim-of-fraud-in-hope-of-treatment-8-lakhs-looted/article-9510"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/thumb-airambulance.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जमशेदपुर। </strong>झारखंड के Jamshedpur में साइबर ठगी का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एयर एंबुलेंस सेवा के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित परिवार ने गंभीर रूप से बीमार मरीज को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाने की कोशिश की, लेकिन ठगों के झांसे में आने से न केवल उनकी रकम चली गई, बल्कि समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज की मौत भी हो गई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, मरीज को Tata Main Hospital में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद रेफर किया। जल्दबाजी में परिजनों ने इंटरनेट के जरिए एयर एंबुलेंस सेवा खोजी और एक नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने खुद को वैध सेवा प्रदाता बताकर 8 लाख रुपये की मांग की, जिसे परिजनों ने भरोसा कर तुरंत ट्रांसफर कर दिया।</p>
<p>रकम मिलते ही आरोपियों ने बहाने बनाकर एंबुलेंस भेजने में देरी शुरू कर दी। इस बीच मरीज की हालत बिगड़ती गई और वैकल्पिक व्यवस्था करने से पहले ही उनकी मौत हो गई। यह घटना न केवल साइबर अपराधियों की निर्दयता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आपात स्थिति में बिना सत्यापन के ऑनलाइन सेवाओं पर भरोसा कितना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि वे मेडिकल इमरजेंसी में केवल प्रमाणित सेवाओं का ही सहारा लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/victim-of-fraud-in-hope-of-treatment-8-lakhs-looted/article-9510</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:06:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई ‘लोन वुल्फ’ साजिश का सनसनीखेज खुलासा: गार्डों पर हमले के पीछे बड़ी प्लानिंग, नक्शे-नोट्स और कट्टरपंथी कनेक्शन ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ठाणे।</strong> महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गार्डों पर हमले के आरोपी की जांच में संभावित “लोन वुल्फ” साजिश के संकेत मिले हैं। आरोपी जैब जुबैर अंसारी को मीरारोड इलाके में चाकू से हमले के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। अब जांच में सामने आया है कि वह शहर के संवेदनशील इलाकों के नक्शों का अध्ययन कर रहा था, जिससे उसकी मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कट्टरपंथी ऑनलाइन कंटेंट से प्रभावित था और अकेले हमले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/lone-wolf-conspiracy-revealed-mumbai-attack-accused-had-maps-radical/article-9509"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/lone-wolf-1777526501642_v-1777527892113-1777527932205.webp" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे।</strong> महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गार्डों पर हमले के आरोपी की जांच में संभावित “लोन वुल्फ” साजिश के संकेत मिले हैं। आरोपी जैब जुबैर अंसारी को मीरारोड इलाके में चाकू से हमले के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। अब जांच में सामने आया है कि वह शहर के संवेदनशील इलाकों के नक्शों का अध्ययन कर रहा था, जिससे उसकी मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कट्टरपंथी ऑनलाइन कंटेंट से प्रभावित था और अकेले हमले (लोन वुल्फ अटैक) की रणनीतियों के बारे में जानकारी जुटा रहा था। सूत्रों के अनुसार, उसके पास से मिले दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस में ऐसे संकेत मिले हैं जो दर्शाते हैं कि वह किसी बड़े हमले की तैयारी के लिए खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार कर रहा था।</p>
<p>जांच एजेंसियों को आरोपी के घर से हस्तलिखित नोट्स, लैपटॉप और अन्य सामग्री मिली है, जिनमें आतंकी संगठन Islamic State से जुड़ी विचारधारा का उल्लेख है। इन नोट्स में उसने कथित तौर पर खुद को इस विचारधारा से जोड़ने और भविष्य में बड़े कदम उठाने की मंशा जताई थी। अधिकारियों को शक है कि गार्डों पर हमला महज एक परीक्षण हो सकता है, जिससे वह सुरक्षा व्यवस्था की प्रतिक्रिया क्षमता आंकना चाहता था।</p>
<p>मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और एजेंसियां इसे “सेल्फ रेडिकलाइजेशन” का केस मान रही हैं। एंटी टेररिज्म स्क्वाड और अन्य केंद्रीय एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स, संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री के प्रभाव से अकेले व्यक्ति भी गंभीर सुरक्षा खतरा बन सकते हैं, जिससे निपटने के लिए सतर्कता और तकनीकी निगरानी दोनों जरूरी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/lone-wolf-conspiracy-revealed-mumbai-attack-accused-had-maps-radical/article-9509</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:54:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bengal Election 2026: IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती पर सुप्रीम कोर्ट में PIL, निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नया कानूनी विवाद सामने आया है, जिसमें Ajay Pal Sharma की चुनावी ड्यूटी को लेकर Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया गया है। दक्षिण 24 परगना में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात इस वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर कर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनकी मौजूदगी चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है।</p>
<p>याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा एक तटस्थ अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/bengal-election-2026-ips-ajay-pal-sharmas-appointment-raises-questions/article-9495"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/ips-ajay-pal-sharma-1777428743.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नया कानूनी विवाद सामने आया है, जिसमें Ajay Pal Sharma की चुनावी ड्यूटी को लेकर Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया गया है। दक्षिण 24 परगना में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात इस वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर कर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनकी मौजूदगी चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है।</p>
<p>याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा एक तटस्थ अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। इसमें कहा गया है कि उनके व्यवहार और कार्यशैली से मतदाताओं के बीच भय का माहौल बन सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के सिद्धांत के खिलाफ है। साथ ही, उनके ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में चर्चित अतीत का हवाला देते हुए चुनावी माहौल पर संभावित प्रभाव की बात भी उठाई गई है।</p>
<p>यह विवाद उस समय और गहरा गया जब दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया, जिसमें अधिकारी को एक राजनीतिक परिवार को कड़ी चेतावनी देते हुए देखा गया। इस घटना को TMC ने राजनीतिक दबाव और डराने-धमकाने की कार्रवाई बताया है। वहीं, विपक्षी नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देते हुए अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इसमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी स्थिति में संबंधित अधिकारी को हटाया जाना आवश्यक है। याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए।</p>
<p>फिलहाल, Election Commission of India ने अजय पाल शर्मा की तैनाती का बचाव करते हुए इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा। चुनाव के अहम चरण से पहले यह विवाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर बड़ा असर डाल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/bengal-election-2026-ips-ajay-pal-sharmas-appointment-raises-questions/article-9495</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:57:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजियाबाद में खौफनाक अग्निकांड: 9वीं मंजिल से उठी आग ने 10वीं को लिया चपेट में, 2 KM दूर तक दिखा धुएं का गुबार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गाजियाबाद: </strong>उत्तर प्रदेश के Ghaziabad में स्थित Gaur Green Avenue Society में आज सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग सोसाइटी की 9वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में भड़की और कुछ ही मिनटों में विकराल रूप लेते हुए 10वीं मंजिल तक फैल गई। काले धुएं का घना गुबार इतना ऊंचा उठा कि इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत आसपास के कई इलाकों से देखा जा सकता था।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग अचानक भड़की और तेजी से पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/horrible-fire-incident-in-ghaziabad-fire-started-from-9th-floor/article-9494"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/ghaziabad_news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गाजियाबाद: </strong>उत्तर प्रदेश के Ghaziabad में स्थित Gaur Green Avenue Society में आज सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग सोसाइटी की 9वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में भड़की और कुछ ही मिनटों में विकराल रूप लेते हुए 10वीं मंजिल तक फैल गई। काले धुएं का घना गुबार इतना ऊंचा उठा कि इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत आसपास के कई इलाकों से देखा जा सकता था।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग अचानक भड़की और तेजी से पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। आग लगते ही बिल्डिंग में धुआं भर गया, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि प्रभावित फ्लैट में रहने वाला परिवार समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गया, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2049344245274910734?s=20">https://twitter.com/ANI/status/2049344245274910734?s=20</a></blockquote>
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</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हाईराइज बिल्डिंग होने के कारण आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया और उसे अन्य फ्लैट्स में फैलने से रोका। एहतियातन आसपास के फ्लैट्स को खाली कराया गया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।</p>
<p>फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी इंतजामों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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                <title>हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नई गाइडलाइन से इनकार, कहा- मौजूदा कानून ही पर्याप्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली में Supreme Court of India ने हेट स्पीच से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नई गाइडलाइन जारी करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए देश में पहले से ही पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं और किसी नए निर्देश की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट का यह रुख न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों के संतुलन को भी रेखांकित करता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति Vikram Nath और Sandeep Mehta की पीठ ने कहा कि किसी भी अपराध के लिए सजा तय करना विधायिका का अधिकार क्षेत्र है। अदालत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/supreme-courts-big-decision-on-hate-speech-refusal-of-new/article-9493"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2025-11/court.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली में Supreme Court of India ने हेट स्पीच से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नई गाइडलाइन जारी करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए देश में पहले से ही पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं और किसी नए निर्देश की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट का यह रुख न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों के संतुलन को भी रेखांकित करता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति Vikram Nath और Sandeep Mehta की पीठ ने कहा कि किसी भी अपराध के लिए सजा तय करना विधायिका का अधिकार क्षेत्र है। अदालत ने दोहराया कि न्यायपालिका नए अपराध बनाने या मौजूदा कानूनों के दायरे को बढ़ाने के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकती, क्योंकि यह शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत के खिलाफ होगा।</p>
<p>सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि समस्या कानूनों की कमी नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की है। पीठ ने मौजूदा आपराधिक कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि वे हेट स्पीच जैसे अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं, बशर्ते उन्हें सही तरीके से लागू किया जाए।</p>
<p>यह फैसला उन याचिकाओं पर आया है, जिनमें हेट स्पीच के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट से विशेष दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। अदालत के इस निर्णय को एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून मौजूद हैं, अब जरूरत है उनके सख्त और निष्पक्ष पालन की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:08:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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                <title>IPL 2026 Points Table: राजस्थान का धमाका, पंजाब को हराकर टॉप-3 में एंट्री, प्लेऑफ की रेस हुई और दिलचस्प.... </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>दिल्ली। </strong>आईपीएल 2026 में रोमांच अपने चरम पर है और ताजा मुकाबले के बाद अंक तालिका में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 6 विकेट से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ राजस्थान ने न सिर्फ अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि प्लेऑफ की दौड़ को भी और दिलचस्प बना दिया है।</p>
<p>मुल्लांपुर में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया है। टीम के लिए प्रभसिमरन सिंह और Marcus Stoinis ने बेहतरीन पारियां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/ipl-2026-points-table-rajasthans-blast-after-defeating-punjab-to/article-9492"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/rr.webp" alt=""></a><br /><p><strong>दिल्ली। </strong>आईपीएल 2026 में रोमांच अपने चरम पर है और ताजा मुकाबले के बाद अंक तालिका में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 6 विकेट से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ राजस्थान ने न सिर्फ अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि प्लेऑफ की दौड़ को भी और दिलचस्प बना दिया है।</p>
<p>मुल्लांपुर में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया है। टीम के लिए प्रभसिमरन सिंह और Marcus Stoinis ने बेहतरीन पारियां खेलीं, जिसमें स्टोइनिस की 20 गेंदों में तूफानी फिफ्टी ने मैच को रोमांचक बना दिया है। हालांकि, इतना बड़ा स्कोर भी पंजाब को जीत नहीं दिला सका है।</p>
<p>लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम ने आक्रामक शुरुआत की है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया, जबकि Yashasvi Jaiswal ने अर्धशतक जड़कर पारी को संभाला। मध्य ओवरों में थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा।</p>
<p>मैच का रुख आखिरकार डोनोवन फरेरा और शुभम दुबे की साझेदारी ने तय किया। दोनों बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में बेहतरीन स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। खासतौर पर फरेरा की फिनिशिंग ने राजस्थान को चार गेंद शेष रहते जीत दिलाई, जो इस सीजन की अहम जीतों में से एक मानी जा रही है।</p>
<p>इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स 12 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं पंजाब किंग्स 13 अंकों के बावजूद पहले स्थान पर बनी हुई है, जबकि Royal Challengers Bengaluru दूसरे स्थान पर कायम है। Sunrisers Hyderabad को इस बदलाव से नुकसान हुआ है और वह चौथे स्थान पर खिसक गई है।</p>
<p>टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, हर मैच का असर अंक तालिका पर साफ दिखाई दे रहा है। राजस्थान की यह जीत उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ बाकी टीमों के लिए भी चेतावनी है। आने वाले मुकाबलों में प्लेऑफ की रेस और ज्यादा कड़ी होने वाली है, जहां हर जीत-हार टीमों की किस्मत तय करेगी।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-04/screenshot-2026-04-29-115424-1777444000539.png" alt="Screenshot-2026-04-29-115424-1777444000539" width="1085" height="349"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:50:01 +0530</pubDate>
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