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                <title>अंतर्राष्ट्रीय - National Jagat Vision</title>
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                            <item>
                <title>G7 मंच से भारत की आवाज बुलंद! पीएम मोदी ने ट्रंप की मौजूदगी में उठाया भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong>: फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भारत की आवाज़ एक बार फिर वैश्विक मंच पर मजबूती से सुनाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके असर का मुद्दा उठाते हुए भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। खास बात यह रही कि जब पीएम मोदी यह मुद्दा उठा रहे थे, उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के कई बड़े नेता मौजूद थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है और इसे सुरक्षित रखना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/indias-voice-raised-from-g7-forum-pm-modi-raised-the/article-10429"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/whatsa_2026_06_17_091420.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>: फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भारत की आवाज़ एक बार फिर वैश्विक मंच पर मजबूती से सुनाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके असर का मुद्दा उठाते हुए भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। खास बात यह रही कि जब पीएम मोदी यह मुद्दा उठा रहे थे, उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के कई बड़े नेता मौजूद थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है और इसे सुरक्षित रखना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संघर्षों की कीमत निर्दोष नागरिक और नाविक चुका रहे हैं। ऐसे में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-06/pm_modi_at_g7_summit_1781667371.webp" alt="PM_Modi_at_G7_Summit_1781667371" width="1200" height="675"></img></p>
<p>G7 के हाई लेवल वर्किंग सेशन में पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज भी बुलंद की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब विकासशील देश केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मानजनक और समान साझेदारी चाहते हैं। उन्होंने दुनिया को यह संदेश दिया कि दाता और लाभार्थी की सोच से आगे बढ़कर साझेदारी और विश्वास के नए युग की शुरुआत करनी होगी।</p>
<p>अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 'ट्रस्ट डेफिसिट' यानी वैश्विक स्तर पर बढ़ती विश्वास की कमी को सबसे बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के पास संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन भरोसे की कमी लगातार गहराती जा रही है। यही वजह है कि संवाद, कूटनीति और सहयोग ही भविष्य के संघर्षों का स्थायी समाधान बन सकते हैं।</p>
<p>समिट के दौरान पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के नेताओं से मुलाकात भी हुई। इन बैठकों को वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका के नजरिए से अहम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी-मैक्रों की मास्टरस्ट्रोक! 5 साल में दोगुना होगा कारोबार, राफेल से परमाणु ऊर्जा तक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली/नीस।</strong> भारत और फ्रांस के रिश्ते अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के एक नए और बड़े दौर में प्रवेश कर चुके हैं। फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों में रक्षा, व्यापार, तकनीक, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है।</p>
<p>बैठक में सबसे बड़ा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करने का रखा गया है। इसके साथ ही राफेल लड़ाकू विमान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/modi-macrons-masterstroke-business-will-double-in-5-years-from-rafale/article-10392"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/macron-and-narendra-modi.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली/नीस।</strong> भारत और फ्रांस के रिश्ते अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के एक नए और बड़े दौर में प्रवेश कर चुके हैं। फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों में रक्षा, व्यापार, तकनीक, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है।</p>
<p>बैठक में सबसे बड़ा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करने का रखा गया है। इसके साथ ही राफेल लड़ाकू विमान परियोजना, परमाणु ऊर्जा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-स्पीड रेलवे और अंतरिक्ष मिशनों जैसे कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति देने पर सहमति बनी। खास बात यह रही कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में सिर्फ खरीददार नहीं, बल्कि सह-विकास, सह-उत्पादन और 'मेक इन इंडिया' मॉडल के तहत वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र बनने का संकेत दिया।</p>
<p>राफेल सौदे से लेकर जैतापुर परमाणु परियोजना तक, दोनों देशों की बातचीत ने साफ कर दिया कि भारत और फ्रांस अब दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह साझेदारी सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सुरक्षा और तकनीकी दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<p>भारत और फ्रांस के बीच हुए ये समझौते आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार, तकनीक हस्तांतरण और वैश्विक मंचों पर दोनों देशों की भूमिका को और मजबूत कर सकते हैं। यही वजह है कि इस मुलाकात को भारत-फ्रांस संबंधों के लिए एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> भारतीय नाविकों की मौत पर UN में गरजा भारत! होर्मुज हमले के बाद अमेरिका को सुनाई खरी-खरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। सरकार ने न केवल अमेरिका के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराई, बल्कि संयुक्त राष्ट्र में भी पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते समुद्री हमलों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया। भारत ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत अपने नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</p>
<p>इस घटना में दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य नाविक के भी लापता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/india-thunders-in-un-over-the-death-of-indian-sailors/article-10309"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/ship-1781159444842_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। सरकार ने न केवल अमेरिका के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराई, बल्कि संयुक्त राष्ट्र में भी पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते समुद्री हमलों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया। भारत ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत अपने नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।</p>
<p>इस घटना में दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक अन्य नाविक के भी लापता होने की जानकारी सामने आई थी। जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से अधिकांश को बचाव अभियान के दौरान सुरक्षित निकाल लिया गया। हमले के बाद जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।</p>
<p>घटना के बाद भारत ने दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर अपनी आपत्ति और चिंता से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी प्रकार के हमले की निंदा करते हुए क्षेत्रीय तनाव कम करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत का मानना है कि ऐसे हमले वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। भारत ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान की वकालत की।</p>
<p>इस बीच सीमैन यूनियन ऑफ इंडिया ने मृतक और प्रभावित नाविकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन ने सरकार से समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने और संकटग्रस्त क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया है।</p>
<p>लगातार दूसरी बार ओमान के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की घटनाओं ने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्रीय तनाव कम करने और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:36:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-इजरायल तनाव पर भारत की बड़ी अपील, बातचीत से समाधान और तत्काल शांति बहाली पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और स्थिरता की वकालत की है। विदेश मंत्रालय ने आज जारी बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की है। भारत ने कहा कि लंबे समय से जारी संघर्ष न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के अनुसार, 100 दिनों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने भारी मानवीय संकट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/indias-big-appeal-on-iran-israel-tension-emphasis-on-solution-through/article-10273"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/west-asia-conflict--1780913517486_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और स्थिरता की वकालत की है। विदेश मंत्रालय ने आज जारी बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की है। भारत ने कहा कि लंबे समय से जारी संघर्ष न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के अनुसार, 100 दिनों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने भारी मानवीय संकट पैदा किया है। बड़ी संख्या में लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है। भारत ने पश्चिम एशिया में हाल के हमलों पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।</p>
<p>भारत ने अपने बयान में सभी संबंधित पक्षों से तत्काल तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जारी कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। नई दिल्ली का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति केवल संवाद और राजनीतिक समाधान के जरिए ही संभव है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि संघर्ष का विस्तार किसी के हित में नहीं होगा और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।</p>
<p>दरअसल, पिछले 24 घंटों में ईरान और इजरायल के बीच सैन्य गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। विभिन्न शहरों और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों की खबरों के बीच युद्धविराम की संभावनाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो पूरे पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर संघर्ष का खतरा और गहरा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:26:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: ड्रोन और रडार ठिकानों पर कार्रवाई, दोनों पक्षों के दावों से बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दावे किए हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान से जुड़े कुछ रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उसके सैन्य संसाधनों और निगरानी अभियानों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया।</p>
<p>अमेरिकी पक्ष का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ हवाई सुरक्षा प्रणालियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/america-iran-tension-increases-again-action-on-drones-and-radar-sites/article-10108"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-06/us-once-again-attack-on-iran-1780288041602_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दावे किए हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान से जुड़े कुछ रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उसके सैन्य संसाधनों और निगरानी अभियानों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया।</p>
<p>अमेरिकी पक्ष का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ हवाई सुरक्षा प्रणालियों और ड्रोन संचालन से जुड़े उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं अधिकारियों ने कहा कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरी ओर, ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि उसने उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें वह हालिया हमलों से जोड़कर देख रहा है। हालांकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p>पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और जवाबी कार्रवाइयों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के कुछ बिंदुओं पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक बातचीत, दोनों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 11:56:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेश में असुरक्षित भारतीय छात्र? पढ़ाई के लिए गई थी कनाडा, लूटपाट में चली गई गुजरात की बेटी की जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>कनाडा में भारतीय छात्रा की हत्या का मामला सामने आने के बाद प्रवासी भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। गुजरात के आनंद जिले की रहने वाली 22 वर्षीय विधि कल्पेशकुमार मेघा की नियाग्रा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवती पर लूट के इरादे से हमला किया गया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, विधि करीब चार साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गई थी और नियाग्रा में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ वर्क परमिट की तैयारी कर रही थी। 15 मई को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/unsafe-indian-student-went-to-canada-to-study-abroad-gujarats/article-10040"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/canada-news-1779949455802_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>कनाडा में भारतीय छात्रा की हत्या का मामला सामने आने के बाद प्रवासी भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। गुजरात के आनंद जिले की रहने वाली 22 वर्षीय विधि कल्पेशकुमार मेघा की नियाग्रा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवती पर लूट के इरादे से हमला किया गया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, विधि करीब चार साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गई थी और नियाग्रा में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ वर्क परमिट की तैयारी कर रही थी। 15 मई को वह किसी काम से घर से बाहर निकली थी, तभी एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लूट की नीयत से उसके पास पहुंचा था।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में विधि गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी। घटना सार्वजनिक स्थान पर होने के कारण वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और युवती को अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p>अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद विधि को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद कनाडाई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस हमले के पीछे की पूरी वजह खंगाल रही है।</p>
<p>विदेशों में पढ़ाई और नौकरी के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में कनाडा समेत कई देशों में भारतीय छात्रों और नागरिकों के साथ हिंसा, लूट और हमले के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:01:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘मिडिल ईस्ट अब अमेरिका के लिए सुरक्षित नहीं’: मोजतबा खामेनेई की खुली चेतावनी से बढ़ा वैश्विक तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान देकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खामेनेई ने साफ कहा कि अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे इस्लामी देशों की संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए मुस्लिम राष्ट्रों से एकजुट होने की अपील की। उनके बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-05/22-1779790414076.jpg" alt="22-1779790414076" width="730" height="421" /></p>
<p>मोजतबा खामेनेई के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/middle-east-is-no-longer-safe-for-america-mojtaba-khameneis/article-9991"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/trump-(9)-1779790274706_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान देकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खामेनेई ने साफ कहा कि अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे इस्लामी देशों की संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए मुस्लिम राष्ट्रों से एकजुट होने की अपील की। उनके बयान के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-05/22-1779790414076.jpg" alt="22-1779790414076" width="730" height="421"></img></p>
<p>मोजतबा खामेनेई के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि “समय बदल चुका है और अब पश्चिम एशिया अमेरिकी सैन्य साजिशों का केंद्र नहीं बनेगा।” पोस्ट में अमेरिका और इजरायल विरोधी नारों को “दबे-कुचले लोगों की आवाज” बताया गया। साथ ही हज के मौके को वैश्विक इस्लामी एकजुटता और फिलिस्तीन समर्थन के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करने का आह्वान किया गया। इस बयान को ईरान की नई आक्रामक कूटनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-05/3-1779790428423.jpg" alt="3-1779790428423" width="745" height="400"></img></p>
<p>अपने संबोधन में मोजतबा ने अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे “शहादत” बताते हुए दावा किया कि इस घटना ने ईरान और इस्लामी दुनिया को और अधिक मजबूत किया है। गौरतलब है कि फरवरी में हुए अमेरिका-इजरायल के कथित संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तब से वह पश्चिमी देशों के खिलाफ लगातार सख्त बयान देते रहे हैं और ईरान की सैन्य तथा वैचारिक ताकत को खुलकर सामने ला रहे हैं।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-05/1-1779790403111.jpg" alt="1-1779790403111" width="727" height="337"></img></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें धीमी पड़ चुकी हैं। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय संघर्ष और इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच अविश्वास लगातार बढ़ रहा है। मोजतबा खामेनेई की यह चेतावनी आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को और अधिक अस्थिर कर सकती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर बनाए हुए है कि क्या यह बयान केवल राजनीतिक संदेश है या क्षेत्र में किसी बड़े टकराव की भूमिका तैयार की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:25:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या से सनसनी, स्टोर में लूट का विरोध करना पड़ा भारी, CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>अमेरिका में भारतीय मूल की एक गुजराती महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने प्रवासी भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले की रहने वाली मेघना पटेल की एक स्टोर में उस समय हत्या कर दी गई, जब उन्होंने कथित रूप से लूटपाट का विरोध किया। इस दर्दनाक घटना के बाद भारतीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता और डर का माहौल गहरा गया है। बताया जा रहा है कि मेघना पिछले करीब दस वर्षों से अमेरिका में रहकर काम कर रही थीं और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/murder-of-gujarati-woman-in-america-led-to-protest-against/article-9987"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/gujarat-woman-murder.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>अमेरिका में भारतीय मूल की एक गुजराती महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने प्रवासी भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले की रहने वाली मेघना पटेल की एक स्टोर में उस समय हत्या कर दी गई, जब उन्होंने कथित रूप से लूटपाट का विरोध किया। इस दर्दनाक घटना के बाद भारतीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता और डर का माहौल गहरा गया है। बताया जा रहा है कि मेघना पिछले करीब दस वर्षों से अमेरिका में रहकर काम कर रही थीं और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही थीं।</p>
<p>घटना के दौरान एक नकाबपोश युवक ग्राहक बनकर स्टोर में दाखिल हुआ। शुरुआती बातचीत के बाद अचानक उसने हथियार निकाल लिया और मेघना पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। हमलावर ने वारदात को अंजाम देने के बाद काउंटर से कुछ सामान उठाया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मेघना को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>पूरी घटना स्टोर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में आरोपी ट्रैकसूट, जैकेट, दस्ताने और मास्क पहने नजर आ रहा है, जिससे उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। स्थानीय पुलिस ने हत्या और लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।</p>
<p>इस घटना के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीयों, खासकर गुजराती समुदाय में भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग मेघना पटेल को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेघना मेहनती और शांत स्वभाव की थीं, उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 13:51:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन की कोयला खदान में भीषण धमाका: 90 मजदूरों की मौत, कई अब भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत में स्थित लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई श्रमिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के समय खदान के भीतर सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि खदान के कई हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचना राहत टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/massive-explosion-in-chinas-coal-mine-kills-90-workers-many/article-9923"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/china-coal-mine-1779515819507_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत में स्थित लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई श्रमिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के समय खदान के भीतर सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि खदान के कई हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचना राहत टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, दुर्घटना किनयुआन काउंटी स्थित कोयला खदान में गैस रिसाव के बाद हुए विस्फोट की वजह से हुई। शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे राहत अभियान आगे बढ़ा, मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता गया। बचाव दल ने 200 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि कई लोगों की तलाश अब भी जारी है। घटनास्थल पर मेडिकल टीमें, दमकलकर्मी और आपदा राहत एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।</p>
<p>हादसे के बाद चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अधिकारियों को तत्काल बचाव कार्य तेज करने, घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री Li Qiang ने भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। सरकार ने खदान संचालित करने वाली कंपनी के कई अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।</p>
<p>यह हादसा पिछले कई वर्षों में चीन के सबसे भयावह खनन हादसों में से एक माना जा रहा है। हालांकि चीन ने बीते दशक में खदान सुरक्षा नियमों को सख्त किया है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे हादसे लगातार गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक उत्पादन दबाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कई बार बड़े हादसों की वजह बन जाती है। फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:44:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुनिया में फिर मंडरा रहा महामारी का खतरा! इबोला पर WHO की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, भारत भी अलर्ट मोड में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दुनिया अभी कोविड-19 के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब इबोला वायरस ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। World Health Organization ने कांगो और युगांडा में तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इबोला प्रकोप को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। अब तक 300 से अधिक संदिग्ध मामलों और दर्जनों मौतों के बाद अफ्रीकी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि संक्रमण अब बड़े शहरों तक पहुंचने लगा है, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय फैलाव का खतरा बढ़ गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/danger-of-epidemic-looms-again-in-the-world-on-ebola/article-9858"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/ebola-outbreak-1779095213780_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दुनिया अभी कोविड-19 के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब इबोला वायरस ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। World Health Organization ने कांगो और युगांडा में तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इबोला प्रकोप को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। अब तक 300 से अधिक संदिग्ध मामलों और दर्जनों मौतों के बाद अफ्रीकी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि संक्रमण अब बड़े शहरों तक पहुंचने लगा है, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय फैलाव का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p>WHO के मुताबिक, कांगो की राजधानी किनशासा में भी इबोला का लैब-पुष्ट मामला सामने आया है, जबकि यह शहर संक्रमण के मूल केंद्र से करीब 1000 किलोमीटर दूर है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस सीमित क्षेत्रों से निकलकर बड़े आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने का संकेत हो सकता है। हालांकि संगठन ने स्पष्ट कहा है कि प्रभावित देशों से सटी सीमाएं बंद करने या अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार रोकने जैसे कदम समाधान नहीं हैं। WHO का मानना है कि घबराहट में उठाए गए ऐसे फैसले निगरानी व्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं और बीमारी को छिपे रास्तों से फैलने का मौका दे सकते हैं।</p>
<p>भारत में भी स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। National Centre for Disease Control और Indian Council of Medical Research हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई सक्रिय मामला नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक संपर्कों को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। पूर्व AIIMS निदेशक Randeep Guleria ने कहा कि इबोला कोविड की तरह हवा से तेजी से नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से संक्रमण होता है। यही वजह है कि इसका बड़े पैमाने पर महामारी बनना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के पास इबोला की पहचान और जांच के लिए आधुनिक RT-PCR लैब नेटवर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य ढांचा मौजूद है। एयरपोर्ट्स पर निगरानी, संदिग्ध यात्रियों की स्क्रीनिंग और 21 दिनों तक स्वास्थ्य मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को अहम माना जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इबोला के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं, जिनमें तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं। गंभीर स्थिति में आंतरिक रक्तस्राव और अंगों के फेल होने का खतरा भी पैदा हो सकता है।</p>
<p>स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया पहले से ज्यादा जुड़ी हुई है और किसी भी संक्रामक बीमारी को सीमाओं में बांधकर नहीं देखा जा सकता। ऐसे में शुरुआती पहचान, तेज रिपोर्टिंग और सार्वजनिक जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। फिलहाल भारत में खतरा कम बताया जा रहा है, लेकिन WHO की चेतावनी ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अब किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:38:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एयरपोर्ट पर रोकते ही उड़ गए अधिकारियों के होश, यात्री की बेल्ट और पैंट से निकले 115 गोल्ड बिस्किट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली पहुंचा था और बेहद शातिर तरीके से अपने कपड़ों में छिपाकर करीब 3.5 किलो सोना भारत लाने की कोशिश कर रहा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट की सतर्कता और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कुल 115 गोल्ड बिस्किट बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।</p>
<p>कस्टम अधिकारियों के अनुसार आरोपी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/as-soon-as-the-officer-was-stopped-at-the-airport/article-9839"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/gold-1778955404.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली पहुंचा था और बेहद शातिर तरीके से अपने कपड़ों में छिपाकर करीब 3.5 किलो सोना भारत लाने की कोशिश कर रहा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट की सतर्कता और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कुल 115 गोल्ड बिस्किट बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।</p>
<p>कस्टम अधिकारियों के अनुसार आरोपी 15 जुलाई को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-4174 से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा था। इंटरनेशनल अराइवल टर्मिनल पर वह ग्रीन चैनल पार कर बिना जांच बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। हालांकि पहले से अलर्ट पर मौजूद एयर इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने उसकी गतिविधियों को संदिग्ध पाया और तत्काल रोककर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में यात्री घबराया हुआ नजर आया, जिसके बाद अधिकारियों ने उसकी गहन तलाशी लेने का फैसला किया।</p>
<p>तलाशी के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आरोपी ने विशेष रूप से तैयार की गई बेल्ट और ट्राउजर की अंदरूनी गुप्त जेबों में 24 कैरेट शुद्धता वाले 115 गोल्ड बार छिपा रखे थे। कस्टम विभाग के मुताबिक सभी गोल्ड बिस्किट 999.9 प्योरिटी के हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सोना बेहद प्रोफेशनल तरीके से छिपाया गया था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। एजेंसियां आरोपी के संपर्कों और उसके नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।</p>
<p>कस्टम विभाग ने बरामद सोने को कस्टम एक्ट 1962 की धारा 110 के तहत जब्त कर लिया है, जबकि आरोपी को धारा 104 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट्स के जरिए हो रही गोल्ड स्मगलिंग पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर अब तकनीकी और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंकन एयरलाइंस में करोड़ों की वित्तीय गड़बड़ी: चेन्नई ऑफिस के कर्मचारियों पर 2.2 करोड़ रुपये के गबन का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>SriLankan Airlines ने अपने चेन्नई कार्यालय में सामने आए एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए कुछ भारतीय कर्मचारियों पर करीब 2.2 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है। एयरलाइंस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, वित्त विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस, भुगतान रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों में हेरफेर कर कंपनी की रकम का दुरुपयोग किया। मामले के सामने आने के बाद एयरलाइंस प्रबंधन ने आंतरिक जांच तेज कर दी है और कानूनी एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/international/financial-irregularities-worth-crores-in-srilankan-airlines-chennai-office-employees/article-9835"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/31_01_2023-srilankan_airlines_23314719.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>SriLankan Airlines ने अपने चेन्नई कार्यालय में सामने आए एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए कुछ भारतीय कर्मचारियों पर करीब 2.2 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है। एयरलाइंस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, वित्त विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस, भुगतान रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों में हेरफेर कर कंपनी की रकम का दुरुपयोग किया। मामले के सामने आने के बाद एयरलाइंस प्रबंधन ने आंतरिक जांच तेज कर दी है और कानूनी एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा कर करीब 22 मिलियन भारतीय रुपये की राशि का गबन किया गया। हालांकि यह वित्तीय अनियमितता कितने समय से चल रही थी, इसे लेकर एयरलाइंस ने फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में भुगतान प्रक्रिया और अकाउंटिंग सिस्टम में गंभीर खामियों के संकेत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जांच एजेंसियां भी अब इस पूरे नेटवर्क और संबंधित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में जुट गई हैं।</p>
<p>एयरलाइंस ने एक अन्य साइबर वित्तीय गड़बड़ी का भी जिक्र किया है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात स्थित एक सेवा प्रदाता को गलती से भुगतान कर दिया गया था। कंपनी के मुताबिक, यह भुगतान ईमेल अकाउंट हैक या समझौता होने के कारण गलत दिशा में चला गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने एयरलाइन सेक्टर में साइबर सुरक्षा, वित्तीय निगरानी और आंतरिक ऑडिट व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, कंपनी नुकसान की भरपाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:10:59 +0530</pubDate>
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