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                <title>राजनीति - National Jagat Vision</title>
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                <description>राजनीति RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Monsoon Session 2026: लोकसभा में जोरदार हंगामा, कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित; राहुल गांधी पर विशेषाधिकार प्रस्ताव से बढ़ा सियासी तापमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद के मानसून सत्र का आज 10वां दिन भी भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। लगातार व्यवधान के चलते पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। आज संसद के दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की तैयारी है। हालांकि, राजनीतिक टकराव के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित होती नजर आई।</p>
<p><strong>आज संसद में किन विधेयकों पर होगी चर्चा?</strong><br />लोकसभा में आज जन्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/monsoon-session-2026-loud-uproar-in-lok-sabha-proceedings-adjourned/article-11391"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/parliament_monsoon_session_2026_17831604861.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद के मानसून सत्र का आज 10वां दिन भी भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। लगातार व्यवधान के चलते पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। आज संसद के दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की तैयारी है। हालांकि, राजनीतिक टकराव के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित होती नजर आई।</p>
<p><strong>आज संसद में किन विधेयकों पर होगी चर्चा?</strong><br />लोकसभा में आज जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार इन विधेयकों को सदन से पारित कराने की कोशिश करेगी। वहीं, राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 विचार और पारित करने के लिए पेश किया जाएगा।</p>
<p><strong>राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव, अनुराग ठाकुर ने स्पीकर को लिखा पत्र</strong><br />मानसून सत्र के बीच राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, साथ ही ऐसे आरोप लगाए जो तथ्यों पर आधारित नहीं थे। उन्होंने इस मामले में संसदीय नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p><strong>पेपर लीक बिल पर भाषण के बाद शुरू हुआ विवाद</strong><br />यह विवाद बुधवार को पेपर लीक संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के भाषण के बाद शुरू हुआ। बहस के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके भाषण के कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही से एक्सपंज (Expunge) करने का आदेश दिया। अब इन्हीं टिप्पणियों को आधार बनाकर सत्ता पक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार कार्रवाई की मांग कर रहा है।</p>
<p><strong>हंगामे के बीच शुरू हुई कार्यवाही, कुछ ही मिनटों में स्थगित</strong><br />आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। लगातार व्यवधान और शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद लंबित विधेयकों पर चर्चा हो पाती है या राजनीतिक टकराव फिर से सदन की कार्यवाही को प्रभावित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:44:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Paper Leak Bill 2026: 'पेपर लीक माफियाओं की अब खैर नहीं', PM मोदी बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संसद से Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे छात्रों के भविष्य की रक्षा करने वाला ऐतिहासिक कानून बताया है।</p>
<p>गुरुवार को इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने साफ कहा कि पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और परीक्षा में धांधली करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/paper-leak-bill-2026-paper-leak-mafias-no-longer-in/article-11389"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/paper_leak_bill_2026_pm_modi_instagram_video_1785438053.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संसद से Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे छात्रों के भविष्य की रक्षा करने वाला ऐतिहासिक कानून बताया है।</p>
<p>गुरुवार को इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने साफ कहा कि पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और परीक्षा में धांधली करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाना है।</p>
<p><strong>Paper Leak Bill 2026 Highlights</strong></p>
<ul>
<li>संसद से Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पारित।</li>
<li>पीएम मोदी बोले- पेपर लीक माफियाओं पर होगी सबसे कड़ी कार्रवाई।</li>
<li>परीक्षा प्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर।</li>
<li>पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।</li>
<li>संगठित पेपर लीक गिरोहों पर कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।</li>
<li>सरकार ने कहा- छात्रों के भविष्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।</li>
</ul>
<p><strong>PM मोदी बोले- परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव जारी हैं</strong><br />प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को आधुनिक और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। इसमें नई तकनीक का इस्तेमाल, त्वरित कार्रवाई, राज्यों के सुझावों को लागू करना और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना शामिल है।</p>
<p>उन्होंने कहा,"हम लगातार एक के बाद एक सुधार कर रहे हैं। चाहे परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना हो, तेज़ फैसले लेने हों या राज्यों के सुझावों को लागू करना हो, सरकार हर स्तर पर आगे बढ़ रही है।"</p>
<p><strong>'पेपर माफिया बच्चों के भविष्य के सबसे बड़े दुश्मन'</strong><br />प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर चोट करती हैं। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कठोर कानून समय की मांग है।उन्होंने कहा, "पेपर माफिया और पेपर लीक में शामिल गैंग देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DbbMBmPTOYy/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==">https://www.instagram.com/reel/DbbMBmPTOYy/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>दो दिन की चर्चा के बाद संसद ने दी मंजूरी</strong><br />प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कानून पर संसद के दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा हुई। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इसे पारित किया गया। उन्होंने कहा, "यह परीक्षा सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सरकार इस अभियान को आगे भी जारी रखेगी और ऐसी घटनाओं को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।"</p>
<p><strong>Paper Leak Bill 2026: नए कानून में क्या-क्या प्रावधान हैं?</strong><br />संसद से पारित Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा से जुड़े अपराधों पर कड़ी रोक लगाना है।</p>
<p><strong>मुख्य प्रावधान</strong></p>
<ul>
<li>पेपर लीक या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने पर 5 से 10 साल तक की जेल।</li>
<li>दोषियों पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना।</li>
<li>संगठित पेपर लीक गिरोहों के लिए कम से कम 7 साल की सजा।</li>
<li>ऐसे मामलों में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।</li>
<li>परीक्षा केंद्रों और प्रक्रिया की तकनीक आधारित निगरानी को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम।</li>
<li>परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय।</li>
</ul>
<p><strong>राज्यसभा में वॉयस वोट से पास हुआ विधेयक</strong><br />यह संशोधन विधेयक राज्यसभा में वॉयस वोट से पारित हुआ। हालांकि, मतदान के दौरान 'इंडिया' गठबंधन के कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले लोकसभा भी इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी थी। सरकार का दावा है कि नया कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने के बाद पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा और परीक्षाओं में ईमानदारी तथा भरोसा और मजबूत होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:24:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विरोधियो के दावे ध्वस्त...फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को क्लीन चिट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो को उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद में बड़ी राहत मिली है। पिछले लगभग ढाई साल से चल रहे इस गंभीर मामले में रायगढ़ जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में विधायक रामकुमार टोप्पो को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी गई है। यह फैसला विधायक और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी सियासी जीत मानी जा रही है।</p>
<p>साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान रामकुमार टोप्पो के खिलाफ उनके राजनीतिक विरोधियों ने मोर्चा खोल दिया था। उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/claims-of-opponents-demolished-clean-chit-given-to-sitapur-mla/article-11387"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/20260731_084145.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो को उनके जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद में बड़ी राहत मिली है। पिछले लगभग ढाई साल से चल रहे इस गंभीर मामले में रायगढ़ जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में विधायक रामकुमार टोप्पो को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी गई है। यह फैसला विधायक और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी सियासी जीत मानी जा रही है।</p>
<p>साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान रामकुमार टोप्पो के खिलाफ उनके राजनीतिक विरोधियों ने मोर्चा खोल दिया था। उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामला इतना तूल पकड़ गया कि यह हाई कोर्ट तक पहुंच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट ने रायगढ़ जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वह एक विशेष जांच समिति बनाकर इस पूरे प्रकरण की गहराई से और एक तय समय सीमा के भीतर जांच करे। न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और सभी संबंधित पक्षों से सबूत पेश करने को कहा गया।</p>
<p>प्रशासनिक जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत करने वाले लोगों के पास विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ कोई भी ठोस या प्रामाणिक दस्तावेज नहीं था। समिति ने अपनी लंबी जांच के दौरान दोनों पक्षों को सुना और सभी पुराने राजस्व दस्तावेजों का बारीकी से मिलान किया। जब शिकायतकर्ताओं से उनके आरोपों के समर्थन में पुख्ता सबूत मांगे गए तो वे कोई भी ऐसा कागज पेश नहीं कर पाए जिससे यह साबित हो सके कि प्रमाण पत्र जाली है। साक्ष्यों के अभाव और तथ्यों की जमीनी जांच के आधार पर समिति ने शिकायत को पूरी तरह से निराधार मानते हुए मामले को खारिज कर दिया है।</p>
<p>जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपनी खुली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान जिला प्रशासन का हर कदम पर सहयोग किया। विधायक के मुताबिक उन्हें पहले दिन से ही न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास था कि सच्चाई जरूर सामने आएगी और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने इस पूरे विवाद को राजनीतिक विरोधियों की एक साजिश बताया। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान जनता को गुमराह करने और उनकी साफ सुथरी छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यह झूठी शिकायत की गई थी।</p>
<p>क्लीन चिट मिलने की खबर फैलते ही सीतापुर इलाके में विधायक के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल राजनीतिक रंजिश का मामला था जिसकी निष्पक्ष जांच में अब सच्चाई सामने आ गई है। प्रशासनिक नजरिए से यह मामला फिलहाल सुलझ गया है। हालांकि जानकार बताते हैं कि अगर शिकायतकर्ता इस जांच समिति की रिपोर्ट से असहमति जताते हैं तो वे आगे न्यायिक प्रक्रिया का सहारा ले सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 08:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! कथित सेक्स CD मामले में CBI कोर्ट की ट्रायल प्रक्रिया पर लगी अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित सेक्स CD मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में उनके खिलाफ चल रही आगे की न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। अदालत का यह अंतरिम आदेश मामले की अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p><strong>विशेष अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती</strong><br />भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI की विशेष अदालत के 24 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पहले दिए गए आरोपमुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-relief-to-bhupesh-baghel-from-high-court-interim-stay/article-11379"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image-5-13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिलासपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित सेक्स CD मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में उनके खिलाफ चल रही आगे की न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। अदालत का यह अंतरिम आदेश मामले की अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p><strong>विशेष अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती</strong><br />भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI की विशेष अदालत के 24 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पहले दिए गए आरोपमुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। याचिका में कहा गया कि विशेष अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए पूर्व आदेश को पलट दिया, जबकि आरोप तय करने से जुड़े पहलुओं पर निर्णय लेने का अधिकार ट्रायल कोर्ट के पास निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है।</p>
<p><strong>हाईकोर्ट ने फिलहाल ट्रायल पर लगाई रोक</strong><br />मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। इस आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में भूपेश बघेल के खिलाफ आरोप तय करने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया अगली सुनवाई तक नहीं बढ़ेगी।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />यह मामला वर्ष 2017 में तत्कालीन मंत्री और भाजपा नेता राजेश मूणत से जुड़ी कथित अश्लील CD के निर्माण और प्रसारण के आरोपों से संबंधित है। जांच CBI को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने भूपेश बघेल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, कथित जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के उपयोग और अश्लील सामग्री के कथित प्रसारण सहित विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र दायर किया था।</p>
<p><strong>पहले डिस्चार्ज, फिर पलटा आदेश</strong><br />मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य नहीं मानते हुए भूपेश बघेल को डिस्चार्ज कर दिया था।इसके बाद जनवरी 2026 में CBI की विशेष अदालत ने उस आदेश को पलटते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।</p>
<p><strong>याचिका में क्या दलील दी गई?</strong><br />भूपेश बघेल की ओर से अदालत में कहा गया कि विशेष अदालत ने पुनरीक्षण अधिकार का दायरा पार किया। आरोप तय करने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी चरण के अनुरूप नहीं अपनाई गई। उपलब्ध रिकॉर्ड आरोप तय करने के लिए आवश्यक प्रथम दृष्टया गंभीर संदेह स्थापित नहीं करते। इन दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत प्रदान की है।</p>
<p><strong>अभी अंतिम फैसला नहीं</strong><br />यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है। हाईकोर्ट ने केवल अंतरिम आदेश जारी किया है और मामले के गुण-दोष पर अंतिम फैसला अभी नहीं दिया है। अगली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलों पर विचार करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:56:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Paper Leak Politics: पंजाब और झारखंड में पेपर लीक पर गरमाई सियासत, संसद से सड़क तक विपक्ष का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पंजाब और झारखंड में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाई-टेक नकल के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है। दोनों राज्यों में यह मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद तक गूंज रहा है।</p>
<p><strong>पंजाब में कांग्रेस का सरकार पर हमला</strong><br />पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/paper-leak-politics-politics-heated-up-over-paper-leak-in/article-11344"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/punjab-paper-leak-issue-congress-protest-parliament.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पंजाब और झारखंड में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाई-टेक नकल के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है। दोनों राज्यों में यह मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद तक गूंज रहा है।</p>
<p><strong>पंजाब में कांग्रेस का सरकार पर हमला</strong><br />पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में लगातार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। विपक्ष ने राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है। कांग्रेस का दावा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।</p>
<p><strong>फरीदकोट में छात्रों के समर्थन में पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी</strong><br />पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे। छात्रों की मांग है कि राज्य में सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया जाए और भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि युवाओं का भरोसा बहाल हो सके।</p>
<p><strong>CM भगवंत मान ने आरोपों को किया खारिज</strong><br />मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि जांच में केवल हाई-टेक नकल गिरोह का खुलासा हुआ, जिसमें कुछ अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अनुचित तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे थे।</p>
<p><strong>झारखंड में BJP का हेमंत सरकार पर हमला</strong><br />उधर, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP ने भी आंदोलन तेज कर दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और परीक्षा माफिया को संरक्षण मिला। BJP का कहना है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।</p>
<p><strong>संसद तक पहुंचा विवाद</strong><br />पेपर लीक का मुद्दा अब संसद में भी गूंज रहा है। विपक्ष लगातार भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए सरकारों से जवाब मांग रहा है। वहीं दोनों राज्यों की सरकारें अपने-अपने स्तर पर आरोपों का जवाब दे रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 13:17:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में स्कूल में मचा सियासी घमासान! साइकिल योजना पर उठे भ्रष्टाचार के सवाल, रवि भगत को पुलिस ने लिया हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायगढ़/लैलूंगा। </strong>छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के कुपाकानी गांव में सरस्वती साइकिल वितरण योजना के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत स्कूल परिसर पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए योजना में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया।</p>
<p><strong>स्कूल में साइकिल वितरण के दौरान बढ़ा विवाद</strong><br />जानकारी के अनुसार, सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की जा रही थीं। इसी दौरान रवि भगत स्कूल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/political-turmoil-in-school-in-chhattisgarh-questions-of-corruption-raised/article-11325"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image-21-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायगढ़/लैलूंगा। </strong>छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के कुपाकानी गांव में सरस्वती साइकिल वितरण योजना के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत स्कूल परिसर पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए योजना में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया।</p>
<p><strong>स्कूल में साइकिल वितरण के दौरान बढ़ा विवाद</strong><br />जानकारी के अनुसार, सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की जा रही थीं। इसी दौरान रवि भगत स्कूल पहुंचे और साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि वितरित की जा रही साइकिलें निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान स्कूल परिसर में काफी देर तक बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही।</p>
<p><strong>'घटिया साइकिलें बांटने' का लगाया आरोप</strong><br />रवि भगत ने आरोप लगाया कि सरकारी योजना के नाम पर निम्न गुणवत्ता वाली साइकिलें वितरित की जा रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और यदि अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। यह भी आरोप है कि उन्होंने छात्राओं से वितरित साइकिलें वापस करने की अपील की, जिसके बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया।</p>
<p><strong>पुलिस ने लिया हिरासत में</strong><br />स्कूल परिसर में हुए विवाद की सूचना मिलने पर लैलूंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए रवि भगत को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई की पुष्टि रायगढ़ एसएसपी शशिमोहन सिंह ने की है।</p>
<p><strong>जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई</strong><br />फिलहाल, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं, साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि योजना में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। घटना के बाद सरस्वती साइकिल वितरण योजना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/political-turmoil-in-school-in-chhattisgarh-questions-of-corruption-raised/article-11325</link>
                <guid>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/political-turmoil-in-school-in-chhattisgarh-questions-of-corruption-raised/article-11325</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 16:22:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Paper Leak Reform: पेपर लीक रोकने के लिए PM मोदी का बड़ा दांव, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी नई परीक्षा व्यवस्था, ISRO-IB के दिग्गज भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>PM Modi Exam Reforms:</strong> देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा करते हुए देश की परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए हाई पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। इस टास्क फोर्स की कमान भारत के जाने-माने टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। इसके साथ ही ISRO, IB, IIT और शिक्षा प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/paper-leak-reform-pm-modis-big-bet-to-stop-paper/article-11285"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>PM Modi Exam Reforms:</strong> देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा करते हुए देश की परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए हाई पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। इस टास्क फोर्स की कमान भारत के जाने-माने टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। इसके साथ ही ISRO, IB, IIT और शिक्षा प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>PM मोदी बोले- छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं</strong><br />प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पेपर लीक के दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जिस पर हर छात्र और अभिभावक बिना किसी संदेह के भरोसा कर सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रियाओं के जरिए परीक्षा प्रणाली को भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>पेपर लीक पर दोहरी रणनीति- सख्त सजा और सिस्टम में सुधार</strong><br />सरकार ने साफ किया है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई और कठोर सजा सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि केवल गिरफ्तारी और सजा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को दूर करना भी उतना ही जरूरी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/i/status/2081371118188028277">https://twitter.com/i/status/2081371118188028277</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनेगा नया रोडमैप</strong><br />हाई पावर टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर परिणाम घोषित होने तक पूरे सिस्टम की समीक्षा करेगी। टीम प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, लॉजिस्टिक्स, डेटा सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही जैसे सभी पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को सुधार संबंधी सिफारिशें सौंपेगी। सरकार का विशेष फोकस NTA द्वारा आयोजित प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर रहेगा। टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं।</p>
<p><strong>ISRO, IB और IIT के विशेषज्ञ भी टीम का हिस्सा</strong><br />सरकार ने इस टास्क फोर्स में सिर्फ शिक्षा विशेषज्ञों को ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष विज्ञान, सुरक्षा और प्रशासन के अनुभवी लोगों को भी शामिल किया है।</p>
<p><strong>हाई पावर टास्क फोर्स के प्रमुख सदस्य</strong></p>
<ul>
<li>नंदन नीलेकणि – अध्यक्ष, टेक्नोलॉजी एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ</li>
<li>एस. सोमनाथ – पूर्व अध्यक्ष, ISRO</li>
<li>तपन डेका – पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)</li>
<li>प्रो. वी. कामकोटि – निदेशक, IIT मद्रास</li>
<li>अनीता करवाल – पूर्व शिक्षा सचिव, भारत सरकार</li>
<li>अमृत लाल मीणा – लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ</li>
</ul>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बहु-विषयक टीम परीक्षा सुरक्षा को केवल प्रश्नपत्रों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि पूरी परीक्षा श्रृंखला प्रश्नपत्र निर्माण, परिवहन, डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और परिणाम प्रक्रिया को मजबूत करने पर काम करेगी।</p>
<p><strong>नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया गया भरोसा?</strong><br />नंदन नीलेकणि भारत के सबसे प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। Infosys के सह-संस्थापक और UIDAI के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उन्होंने आधार जैसी दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान परियोजना का नेतृत्व किया। यही वजह है कि परीक्षा सुधार में उनकी नियुक्ति को सरकार की Technology-First Strategy के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p><strong>अब टास्क फोर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती</strong><br />नई टास्क फोर्स के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का भरोसा बहाल करना होगी। इसके लिए परीक्षा प्रणाली की कमजोर कड़ियों की पहचान, डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना, लॉजिस्टिक्स में पारदर्शिता लाना और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान सुझाना प्रमुख लक्ष्य होंगे। पेपर लीक विवादों के बाद सरकार का यह कदम केवल तत्काल संकट से निपटने की कोशिश नहीं, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुरक्षित और तकनीक-संचालित मॉडल में बदलने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट में क्या सुझाव देती है और सरकार उन्हें कितनी तेजी से लागू करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 11:22:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी: देश में असहमति जताने की जगह हो रही कम, कहा- विरोध करने पर छात्र भेजे जा रहे जेल, जमानत भी नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली/भोपाल।  देश में अलग-अलग विचारों और असहमति जताने के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्हें आसानी से जमानत तक नहीं मिल पाती। यह चिंता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन ने जाहिर की है।</p>
<p>शनिवार को भोपाल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर के दौरान जस्टिस भुयन ने देश में असहमति के घटते दायरे पर अपने विचार रखे। अदालतों के रवैये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/supreme-court-judges-comment-said-that-there-is-less-space/article-11281"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/image_search_1785121757849.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली/भोपाल।  देश में अलग-अलग विचारों और असहमति जताने के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्हें आसानी से जमानत तक नहीं मिल पाती। यह चिंता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुयन ने जाहिर की है।</p>
<p>शनिवार को भोपाल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर के दौरान जस्टिस भुयन ने देश में असहमति के घटते दायरे पर अपने विचार रखे। अदालतों के रवैये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले में छात्रों को जमानत मिल भी जाती है, तो उनके ऊपर ऐसी सख्त शर्तें थोप दी जाती हैं, जो उनकी निजी आजादी को गंभीर रूप से सीमित कर देती हैं।</p>
<p>**प्रदर्शन और इस्तीफे के बीच आया बयान**</p>
<p>जस्टिस भुयन की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब देश की राजधानी में हाल ही में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। कॉकरोच जनता पार्टी के लंबे प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा की गई।</p>
<p>गौरतलब है कि करीब एक महीने तक चले इस विरोध प्रदर्शन में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इस टकराव में कई प्रदर्शनकारी और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। इस पूरे राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में सुप्रीम कोर्ट के जज का यह बयान मौजूदा हालात की एक तस्वीर पेश करता है।</p>
<p>**वैध तरीके भी अब बन रहे अपराध**</p>
<p>कानूनी प्रक्रियाओं पर बात करते हुए जस्टिस भुयन ने अपने लेक्चर में कहा कि असहमति जताने के जो वैध तरीके हैं, उन्हें भी अब अपराध बना दिया जाता है। उन्होंने आम तौर पर अदालतों द्वारा जमानत न दिए जाने और जमानत देने के बाद भी लोगों पर सेल्फ-सेंसरशिप लगाए जाने के बढ़ते चलन पर अपनी चिंता साझा की।</p>
<p>अपने संबोधन में उन्होंने एक उदाहरण देते हुए गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले कुछ युवाओं को जमानत न दिए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया।</p>
<p>जस्टिस भुयन के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। आम लोग और कानून के जानकार इसे भारत में असहमति की आवाजों को सीमित किए जाने की तस्दीक मान रहे हैं। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग विचारों का होना और प्रदर्शन करना एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन मौजूदा समय में कानूनी प्रक्रिया और जमानत की मुश्किलों ने इस पर कई सवाल खड़े कर</p>
<p>दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर : </strong>मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chief-minister-shri-vishnudev-sai-described-the-service-model-of/article-11278"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/6282705936602304717.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर : </strong>मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।</p>
<p>श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने श्री सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chief-minister-shri-vishnudev-sai-described-the-service-model-of/article-11278</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 15:39:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार बंद के बीच तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में; पटना में हाई-वोल्टेज ड्रामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पटना। </strong>बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जन शक्ति जनता दल (JSJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। उनकी ओर से सोमवार को जमानत याचिका दाखिल किए जाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p><strong>मॉल के पास पुलिस ने लिया हिरासत में</strong><br />जानकारी के मुताबिक, पटना पुलिस ने शनिवार शाम डाक बंगला चौराहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/tej-pratap-yadav-arrested-amid-bihar-bandh-court-sent-him/article-11272"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/tej_pratap_yadav_arrested_1785041139.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पटना। </strong>बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। जन शक्ति जनता दल (JSJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। उनकी ओर से सोमवार को जमानत याचिका दाखिल किए जाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p><strong>मॉल के पास पुलिस ने लिया हिरासत में</strong><br />जानकारी के मुताबिक, पटना पुलिस ने शनिवार शाम डाक बंगला चौराहा स्थित एक मॉल के पास से तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें पहले दिघा थाना ले जाया गया और देर रात न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।</p>
<p><strong>बिहार बंद के दौरान बढ़ा तनाव</strong><br />कथित NEET पेपर लीक और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कई विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हालात तनावपूर्ण हो गए। उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को पलट दिया। इसके बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।</p>
<p><strong>छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे तेज प्रताप</strong><br />तेज प्रताप यादव आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में पटना के राम गुलाम चौक पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मामले में गांधी मैदान थाना में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>"छात्रों के लिए जान भी दे सकता हूं"</strong><br />गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को उन्हें गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p><strong>सोमवार को दाखिल होगी जमानत याचिका</strong><br />तेज प्रताप यादव के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उनकी रिहाई के लिए सोमवार को अदालत में जमानत याचिका दायर की जाएगी। वहीं, पार्टी नेताओं और समर्थकों ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>JSJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना कोई अपराध नहीं है और पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 13:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आषाढ़ की कु ------ जैसी हालत हुई गोदी मीडिया की</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लोकतंत्र की हत्या में भागीदार रहे एंकरों को अब आई पत्रकार संगठनों की याद, जब खुद पर आंच आई तो मांगने लगे मदद</strong></p>
<p>बिलासपुर । लोकतंत्र की हत्या में बराबर की भागीदार रही गोदी मीडिया की हालत आज 'आषाढ़ की कु...' जैसी हो गई है। अपना अंतिम समय करीब देखते हुए अब यह मीडिया घबराहट में ऐसे प्रयास कर रही है जिससे उसकी बची-खुची साख किसी तरह बच सके। सत्ता की गोद में बैठकर पत्रकारिता करने वाले अब यह चाहते हैं कि उनके मददगार पत्रकार संगठन आगे आएं। देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जनता के कोप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/godi-medias-condition-became-like-that-of-ashadh/article-11269"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/file_00000000ceec8207b8ff66ba55be28bb.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लोकतंत्र की हत्या में भागीदार रहे एंकरों को अब आई पत्रकार संगठनों की याद, जब खुद पर आंच आई तो मांगने लगे मदद</strong></p>
<p>बिलासपुर । लोकतंत्र की हत्या में बराबर की भागीदार रही गोदी मीडिया की हालत आज 'आषाढ़ की कु...' जैसी हो गई है। अपना अंतिम समय करीब देखते हुए अब यह मीडिया घबराहट में ऐसे प्रयास कर रही है जिससे उसकी बची-खुची साख किसी तरह बच सके। सत्ता की गोद में बैठकर पत्रकारिता करने वाले अब यह चाहते हैं कि उनके मददगार पत्रकार संगठन आगे आएं। देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जनता के कोप का भागीदार बन रहे पत्रकारों के पक्ष में ये संगठन तत्काल प्रस्ताव पास करें। उनके साथ सड़क पर हो रहे दुर्व्यवहार की निंदा की जाए और इस संदर्भ में एक प्रस्ताव तैयार करके उचित माध्यम से दिल्ली प्रेस क्लब और एडिटर गिल्ड को भेजा जाए।</p>
<p>लेकिन, यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आज निंदा प्रस्ताव की मांग करने वाले ये पत्रकार संगठन उस समय कहां जाकर छिप गए थे, जब स्वतंत्र पत्रकारिता को कुचला जा रहा था। जब द वायर, न्यूज़ लॉन्ड्री, न्यूज़ क्लिक, बीबीसी जैसे संस्थानों और दर्जनों निष्पक्ष पत्रकारों के खिलाफ ईडी (ED) और यूएपीए (UAPA) के तहत साजिश पूर्वक कार्यवाही की गई, तब ये सारे संगठन और एंकर चुप रहे।</p>
<p>केरल से निकले उस पत्रकार का मामला इसका जीता-जागता उदाहरण है, जो उत्तर प्रदेश में एक बलात्कार पीड़िता के संदर्भ में कवरेज करने जा रहा था। उस पत्रकार को रास्ते में रोककर सालों तक जेल की सलाखों के पीछे रखा गया। अचरज की बात यह थी कि उसके बैंक अकाउंट में मौजूद मात्र 50,000 रुपए जैसी साधारण रकम को भी जांच का आधार बनाकर ईडी के दायरे में ला दिया गया। जम्मू कश्मीर की वादियों से लेकर मणिपुर तक ऐसे कई उदाहरण बिखरे पड़े हैं, जब जनता की वास्तविक आवाज बनने वाले पत्रकारों और प्रेस की आजादी को सरकार ने ताकत के बल पर कुचल दिया। उस वक्त आज न्याय मांगने वाले ये सारे चीयर लीडर एंकर खामोश बैठकर तमाशा देखते रहे।</p>
<p>आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। जब आग अपने खुद के स्कर्ट में लग गई है, तो ये लोग चारो तरफ मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। सत्ता के गुरुर में ये भूल गए कि पूरे देश में पेट्रोल छिड़कने का यंत्र वे खुद ही थे। वे उसी डंगाल (डाल) पर बैठकर मजे ले रहे थे, जिस डंगाल को वे जानबूझकर अपने ही हाथों से काट रहे थे। उस समय इन्हें यह बिल्कुल याद नहीं आया कि एक दिन हमारे ऊपर या हमारे खिलाफ भी कुछ हो सकता है और वक्त पलट भी सकता है।</p>
<p>आज सड़क पर जो आक्रोश दिख रहा है, वह उसी का नतीजा है। पुरानी कहावत है कि जैसी करनी वैसी भरनी। यह कहावत आज पूरी तरह से सही चरितार्थ हो रही है। दूसरों को आग में झोंकने वाले आज खुद उसी आंच में झुलस रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 09:07:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को भेजी चिट्ठी; कहा- &quot;युवाओं का भविष्य राजनीति से ऊपर&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> देशभर में NEET-UG परीक्षा को लेकर मचे विवाद और छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजते हुए कहा कि यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा सुधार और एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए निरंतर कार्य किया है। उनके अनुसार, किसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/resignation-of-education-minister-dharmendra-pradhan-amid-neet-controversy-letter/article-11258"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-07/images9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> देशभर में NEET-UG परीक्षा को लेकर मचे विवाद और छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजते हुए कहा कि यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा सुधार और एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए निरंतर कार्य किया है। उनके अनुसार, किसी भी राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार पारदर्शी, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली होती है।</p>
<p><strong>NEET-UG विवाद पर क्या बोले प्रधान?</strong><br />अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की जांच CBI को सौंपी गई, परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। साथ ही यह भी घोषणा की गई कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया और केंद्र व राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों तथा छात्रों के सहयोग से परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?s=20">https://twitter.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>"छात्रों को गुमराह करने की कोशिश हुई"</strong><br />धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के अनेक मेधावी छात्रों ने सफलता हासिल की। हालांकि, उनके अनुसार कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों के बीच भ्रम और अविश्वास फैलाने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।</p>
<p><strong>"पद से बड़ा है देश के युवाओं का भविष्य"</strong><br />अपने इस्तीफे की सबसे अहम वजह बताते हुए उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद आहत किया है। उन्होंने कहा कि यह उनके सम्मान का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का विषय है। उन्होंने लिखा, "मैं नहीं चाहता कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों, राजनीतिक संघर्ष या अनावश्यक विवादों में उलझे। उनकी ऊर्जा केवल पढ़ाई और अपने सपनों को पूरा करने में लगनी चाहिए। इसी सोच के साथ मैंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।"</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय का जताया आभार</strong><br />पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आगे भी वे भारत, ओडिशा और देश के युवाओं की सेवा पूरी निष्ठा के साथ करते रहेंगे।</p>
<p><strong>अब आगे क्या?</strong><br />धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं NEET-UG विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना भी बढ़ गई है।</p>
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:47:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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