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                <title>मनीशंकर पांडेय - National Jagat Vision</title>
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                <description>मनीशंकर पांडेय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग में कॉर्पोरेट स्टाइल वसूली: PMO पहुंची शिकायत, चीफ इंजीनियरों को बांटे गए हैं कलेक्शन टारगेट, पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग (WRD) में भ्रष्टाचार अब किसी फाइल, ठेके या बाबू तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने बाकायदा एक मल्टीनेशनल कंपनी का रूप ले लिया है। चौंकिए मत! विभाग में बकायदा एक वसूली सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसे संस्थागत रूप दे दिया गया है। इस 'खुले खेल' की भनक अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है। PMO को भेजी गई एक बेहद गोपनीय और विस्तृत शिकायत ने इस पूरे वसूली तंत्र के ढांचे को बेनकाब कर दिया है। शिकायत में बताया गया है कि कैसे प्रशासनिक नियंत्रण की आड़ में धन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/complaint-reached-corporate-style-recovery-pmo-in-water-resources-department/article-10023"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/file_0000000022b871fb8ad84da72b992bba.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग (WRD) में भ्रष्टाचार अब किसी फाइल, ठेके या बाबू तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने बाकायदा एक मल्टीनेशनल कंपनी का रूप ले लिया है। चौंकिए मत! विभाग में बकायदा एक वसूली सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसे संस्थागत रूप दे दिया गया है। इस 'खुले खेल' की भनक अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है। PMO को भेजी गई एक बेहद गोपनीय और विस्तृत शिकायत ने इस पूरे वसूली तंत्र के ढांचे को बेनकाब कर दिया है। शिकायत में बताया गया है कि कैसे प्रशासनिक नियंत्रण की आड़ में धन उगाही का एक विकेंद्रीकृत  मॉडल चलाया जा रहा है।</p><p><strong>संभागवार बंटे हैं टारगेट, चीफ इंजीनियर बने रीजनल मैनेजर  </strong></p><p>नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक, हर जगह से 'माल' बटोरने के लिए बाकायदा संभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। अधिकारियों को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा गया है। शिकायत के मुताबिक, मुख्य अभियंताओं (CE) और अधीक्षण अभियंताओं को उनके इलाके बांट दिए गए हैं:<br /> मक्सी कुजूर (मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना एवं महानदी-गोदावरी कछार): इनके जिम्मे वसूली का सबसे बड़ा इलाका है। राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद तक के एक दर्जन से अधिक संभागों से कलेक्शन का टारगेट इन्हें दिया गया है।<br /> शंकर राव सोनाने (मुख्य अभियंता, हसदेव बांगो परियोजना बिलासपुर): इन्हें औद्योगिक पट्टी का जिम्मा मिला है। खरसिया, रायगढ़, सक्ती और कोरबा जैसे महत्वपूर्ण और भारी बजट वाले संभाग इनके खाते में हैं।<br /> जितेंद्र नेताम (मुख्य अभियंता, हसदेव कछार बिलासपुर):मुंगेली, जांजगीर-चांपा और पेंड्रा रोड के इलाकों से उगाही का प्रभार सीधे तौर पर इनके पास बताया जा रहा है।</p><p><strong>बस्तर से सरगुजा तक बिछा है नेटवर्क</strong><br />कलेक्शन का यह सिंडिकेट केवल मध्य छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर से दक्षिण तक इसका जाल पूरी तरह से बिछा हुआ है।<br /> अनिल खलखो (मुख्य अभियंता, हसदेवगंगा कछार अंबिकापुर):इन्हें सरगुजा संभाग के सभी जिलों का जिम्मा सौंपा गया है।<br /> <br />एलेक्जेंडर ग्राहम (मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जगदलपुर):<br /> बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील जिलों जैसे दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर का कलेक्शन टारगेट इनके जिम्मे है।</p><p>दो अफसरों के पास है मास्टर चाबी<br />इस पूरे सिंडिकेट में कलेक्शन एजेंटों की भूमिका सबसे अहम है। सूत्र बताते हैं कि इस पूरी व्यवस्था के मुख्य सूत्रधार महानदी परियोजना मंडल के अधीक्षण अभियंता संतोष साहू और रायपुर के विद्युत-यांत्रिकीय अधीक्षण अभियंता प्रणव पाल हैं। नीचे के स्तर से पैसा इकट्ठा कर ऊपर बैठे आकाओं तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी 'चेन' इन्हीं दोनों के इशारे पर चल रही है। ये दोनों अफसर इस कॉरपोरेट भ्रष्टाचार के अहम माध्यम के रूप में काम कर रहे हैं।</p><p><strong>मैदानी अमले में घुटन और खौफ</strong><br />ऊपर से थोपे गए इस भारी-भरकम कलेक्शन टारगेट और सिंडिकेट के दबाव के कारण विभाग का पूरा मैदानी अमला (Field Staff) जबरदस्त घुटन महसूस कर रहा है। काम के बजाय सिर्फ उगाही का टारगेट पूरा करने के दबाव ने कर्मचारियों का मनोबल तोड़ दिया है। अब जब यह पूरी गोपनीय सूची और काम करने का तरीका PMO की टेबल पर पहुंच चुका है, तो विभाग में हड़कंप मचना तय माना जा रहा है।</p><p><br /></p><p><br /></p><p><strong>डिस्क्लेमर </strong></p><p> यह समाचार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी गई एक कथित गोपनीय शिकायत और विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। हमारा समाचार संस्थान स्वतंत्र रूप से इस शिकायत पत्र में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों, सिंडिकेट के दावों और अन्य तथ्यों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।</p><p>खबर में उल्लिखित अधिकारियों के नाम, पद और उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से उस शिकायत पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं। यदि जल संसाधन विभाग, शासन या खबर में शामिल कोई भी अधिकारी इस विषय में अपना आधिकारिक पक्ष, खंडन या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो पत्रकारिता के तय मापदंडों के अनुसार हम उनके पक्ष को भी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ प्रमुखता से प्रकाशित करेंगे। यह खबर पूर्णतः जनहित और सूचना के अधिकार के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है, इसका प्राथमिक उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 17:38:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> ED रेड पर सियासी भूचाल! पूर्व सीएम के ठिकानों पर छापेमारी के बाद सड़क पर उतरे कार्यकर्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिरुवनन्तपुरम: </strong>केरल की राजनीति आज उस वक्त गरमा गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनसे जुड़े ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने तिरुवनंतपुरम समेत राज्य के कई इलाकों में कुल 10 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन मामले में की गई, जिसमें विजयन की बेटी टी वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस का नाम सामने आया है।</p>
<p>ईडी का आरोप है कि वर्ष 2018-19 के दौरान सीएमआरएल ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 1.72 करोड़ रुपये का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/politics/ed-political-earthquake-on-raid-workers-took-to-the-streets/article-10018"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/buxar-news-(32)-1779866956835_v1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>तिरुवनन्तपुरम: </strong>केरल की राजनीति आज उस वक्त गरमा गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनसे जुड़े ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने तिरुवनंतपुरम समेत राज्य के कई इलाकों में कुल 10 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन मामले में की गई, जिसमें विजयन की बेटी टी वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस का नाम सामने आया है।</p>
<p>ईडी का आरोप है कि वर्ष 2018-19 के दौरान सीएमआरएल ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में किसी प्रकार की सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच एजेंसी इस पूरे लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है। इसी मामले में साल 2024 में पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को केरल हाई कोर्ट ने भी सीएमआरएल की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी।</p>
<p>छापेमारी की खबर सामने आते ही तिरुवनंतपुरम में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया। सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता पिनराई विजयन के आवास के बाहर जमा हो गए और ईडी अधिकारियों के वाहनों को घेर लिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ईडी की गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।</p>
<p>मौके पर मौजूद पुलिस बल को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीपीआई(एम) नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को एजेंसियों के जरिए निशाना बना रही है।</p>
<p>इस घटनाक्रम ने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और राजनीति के बीच टकराव की बहस को तेज कर दिया है। ईडी की जांच अब केवल वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि इसका असर सीधे केरल की सियासत पर भी दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 16:52:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भागलपुर एक्सप्रेस में हाईवोल्टेज ड्रामा: शराब तस्करों ने चेन पुलिंग कर रोकी ट्रेन, फायरिंग से दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बक्सर:</strong> बक्सर के पास लोकमान्य तिलक-भागलपुर एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब तस्करों और सुरक्षा बलों के बीच अचानक टकराव की स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के जनरल कोच में अवैध शराब की खेप के साथ कुछ तस्कर सफर कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक लगते ही जवानों ने बोगी को चारों ओर से घेरने की कोशिश की, लेकिन खुद को घिरता देख तस्करों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन रुकते ही कई संदिग्ध यात्री कोच से कूदकर भागने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।</p>
<p>घटना के दौरान अचानक गोली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/high-voltage-drama-in-bhagalpur-express-liquor-smugglers-stopped-the/article-10017"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/buxar-news-(32)-1779866956835_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>बक्सर:</strong> बक्सर के पास लोकमान्य तिलक-भागलपुर एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब तस्करों और सुरक्षा बलों के बीच अचानक टकराव की स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के जनरल कोच में अवैध शराब की खेप के साथ कुछ तस्कर सफर कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक लगते ही जवानों ने बोगी को चारों ओर से घेरने की कोशिश की, लेकिन खुद को घिरता देख तस्करों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन रुकते ही कई संदिग्ध यात्री कोच से कूदकर भागने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।</p>
<p>घटना के दौरान अचानक गोली चलने की आवाज से यात्रियों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग सीटों के नीचे छिप गए तो कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए दूसरे डिब्बों की ओर भागते नजर आए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फायरिंग तस्करों ने की या फिर सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। हालांकि घटना के बाद पूरे ट्रेन रूट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।</p>
<p>रेलवे पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन के जरिए शराब तस्करी का यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है। घटनास्थल से मिले सुरागों और यात्रियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस सनसनीखेज घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनों में बढ़ती तस्करी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 16:23:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रेल यात्रियों को महंगाई का झटका! 1 जून से स्टेशन पर महंगा मिलेगा वड़ा पाव और समोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>देशभर में बढ़ती महंगाई का असर अब रेलवे यात्रियों की थाली और नाश्ते तक पहुंच गया है। मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों पर संचालित माइनर स्टैटिक कैटरिंग यूनिट्स में मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू होंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ईंधन, खाद्य सामग्री और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा। खासतौर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़े दामों ने कैटरिंग सेवाओं पर सीधा असर डाला है।</p><p>मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान माने जाने वाले वड़ा पाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/railway-passengers-will-get-the-shock-of-inflation-vada-pav/article-10014"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/4teuqb5g_railway-stations-food-price-list_625x300_27_may_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>देशभर में बढ़ती महंगाई का असर अब रेलवे यात्रियों की थाली और नाश्ते तक पहुंच गया है। मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों पर संचालित माइनर स्टैटिक कैटरिंग यूनिट्स में मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू होंगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ईंधन, खाद्य सामग्री और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा। खासतौर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़े दामों ने कैटरिंग सेवाओं पर सीधा असर डाला है।</p><p>मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान माने जाने वाले वड़ा पाव की कीमत में भी बदलाव किया गया है। रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाला 50 ग्राम आलू वड़ा अब 15 रुपये में मिलेगा। रोजाना लोकल और लंबी दूरी की ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव जेब पर असर डाल सकता है। खासकर वे यात्री, जो स्टेशन पर मिलने वाले सस्ते और झटपट नाश्ते पर निर्भर रहते हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।</p><p>रेलवे ने केवल वड़ा पाव ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोकप्रिय फूड आइटम्स की कीमतें भी संशोधित की हैं। वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा अब 20 रुपये में उपलब्ध होंगे। वहीं पाव भाजी और वेज पिज्जा की कीमत 50 रुपये तय की गई है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीनों के लिए मसाला डोसा अब 35 रुपये और इडली-सांभर की प्लेट 30 रुपये में मिलेगी। रेलवे का दावा है कि नई दरें पूरे मध्य रेलवे नेटवर्क में एक समान लागू की जाएंगी ताकि यात्रियों को अलग-अलग स्टेशनों पर अलग कीमतों की परेशानी न झेलनी पड़े।</p><p>हालांकि कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। मिसल पाव 35 रुपये, कचोरी 15 रुपये और दाबेली 20 रुपये में ही मिलती रहेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बजट में सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए कुछ विकल्पों को पुराने दामों पर बनाए रखना जरूरी था। इससे कम बजट में यात्रा करने वाले लोगों को कुछ हद तक सुविधा मिल सकेगी।</p><p>रेलवे प्रशासन ने बढ़ी हुई कीमतों के साथ खाने की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया है। सभी स्टॉल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, निर्धारित मात्रा में खाद्य सामग्री देने और दो भाषाओं में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ओवरचार्जिंग या घटिया गुणवत्ता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी अभियान भी चलाए जाएंगे।</p><p>मध्य रेलवे भारतीय रेलवे का सबसे व्यस्त नेटवर्क माना जाता है, जिसका मुख्यालय मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में स्थित है। इस ज़ोन के अंतर्गत मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, भुसावल, सोलापुर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसे बड़े स्टेशन आते हैं। हर दिन लाखों यात्री इस नेटवर्क का उपयोग करते हैं, ऐसे में स्टेशन पर मिलने वाले भोजन और स्नैक्स की कीमतों में बदलाव सीधे आम यात्रियों के दैनिक खर्च को प्रभावित करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 16:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांजगीर करही गोलीकांड की INSIDE STORY: रेत का वर्चस्व, उधारी का विवाद और जलती ईर्ष्या... जानिए कैसे रची गई आयुष कश्यप के कत्ल की खौफनाक साजिश, मास्टरमाइंड गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="markdown markdown-main-panel stronger enable-updated-hr-color" dir="ltr">
<p>जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित करही गोलीकांड का पुलिस ने पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। ऑपरेशन हंट के तहत पुलिस ने इस खूनी खेल के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी गनपत बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक 9mm पिस्टल और मैगजीन भी बरामद हुई है। इस हत्याकांड के पीछे की जो इनसाइड स्टोरी निकलकर सामने आई है, वह किसी क्राइम-थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।</p>
<p>यह कहानी सिर्फ एक आम हत्या की नहीं है, बल्कि रेत के काले कारोबार में वर्चस्व की जंग, उधारी के पैसों के विवाद और एक उभरते</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/inside-story-of-janjgir-karhi-firing-dominance-of-sand-loan/article-10016"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/27_05_2026-karhimurdar_m.jpg" alt=""></a><br /><div class="markdown markdown-main-panel stronger enable-updated-hr-color" dir="ltr">
<p>जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित करही गोलीकांड का पुलिस ने पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। ऑपरेशन हंट के तहत पुलिस ने इस खूनी खेल के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी गनपत बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक 9mm पिस्टल और मैगजीन भी बरामद हुई है। इस हत्याकांड के पीछे की जो इनसाइड स्टोरी निकलकर सामने आई है, वह किसी क्राइम-थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।</p>
<p>यह कहानी सिर्फ एक आम हत्या की नहीं है, बल्कि रेत के काले कारोबार में वर्चस्व की जंग, उधारी के पैसों के विवाद और एक उभरते हुए युवा व्यवसायी की तरक्की से जलती ईर्ष्या की है।</p>
<h3><strong>रेत का खेल, भारी ईएमआई </strong></h3>
<p>कहानी की असल शुरुआत होती है रेत के अवैध कारोबार से। मुख्य आरोपी गनपत बघेल (38 वर्ष) ने अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए भारी-भरकम लोन पर हाइवा और जेसीबी मशीन खरीदी थी। इन मशीनों की मोटी मासिक किस्त (EMI) चुकाने के लिए वह अवैध रेत परिवहन के धंधे में उतर गया।</p>
<p>यहीं से उसकी सीधी टक्कर मृतक आयुष कश्यप से शुरू हुई। आयुष भी रेत परिवहन और बिक्री के इसी खेल का हिस्सा था, लेकिन उसका तरीका ज्यादा आक्रामक था। वह कम कीमत में रेत बेचकर गनपत के पक्के ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा था। गनपत का आरोप था कि आयुष रेत घाट पर जबरन लोडिंग करता था और 'दादागिरी' दिखाता था। इतना ही नहीं, आयुष ने राजस्व विभाग की टीम बुलाकर गनपत के वाहनों को पकड़वाने की धमकी भी दी थी।</p>
<p>ग्राहकों के टूटने और किश्तें न चुका पाने के भारी आर्थिक तनाव ने गनपत को मानसिक रूप से परेशान कर दिया। आयुष की तेजी से बढ़ती आर्थिक तरक्की और उसका बढ़ता प्रभाव गनपत की आंखों में इस कदर चुभने लगा कि उसके मन में गहरी आत्मग्लानि और दुश्मनी पैदा हो गई।</p>
<h3><strong>उधारी का विवाद में गहराई साजिश की नींव</strong></h3>
<p>रेत के कारोबार के अलावा पर्दे के पीछे एक और विवाद सुलग रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए एक अन्य आरोपी भूषण बघेल के भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक आयुष के परिवार से लगातार झगड़ा चल रहा था।</p>
<p>व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा, आर्थिक नुकसान और उधारी के विवाद ने मिलकर एक ऐसा बारूद तैयार किया, जिसे फटने के लिए सिर्फ एक चिंगारी की जरूरत थी। गनपत ने अपने साथियों— अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल के साथ मिलकर आयुष को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।</p>
<h3><strong>23-24 अप्रैल की वो काली रात... ऐसे दिया वारदात को अंजाम</strong></h3>
<p>मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल के इशारे पर 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात को चुना गया। खूनी खेल को अंजाम देने का तरीका बेहद सुनियोजित था:</p>
<p> वारदात से पहले ही आरोपी घर के आसपास घात लगाए बैठे थे। घर में घुसने से पहले सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। तीन नकाबपोश बदमाश दबे पांव घर में घुसे और सबसे पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से लॉक कर दिया, ताकि वो मदद के लिए बाहर न आ सकें। इसके बाद आरोपी सीधे आयुष कश्यप के कमरे में दाखिल हुए और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियों की आवाज सुनकर जब आयुष का छोटा भाई बीच-बचाव करने आया, तो आरोपियों ने उसे भी गोली मार दी और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।</p>
<h3><strong>पुलिस का ऑपरेशन हंट </strong></h3>
<p>इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। यह एक ब्लाइंड मर्डर था, जिसे सुलझाने के लिए पुलिस ने <strong>200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज</strong> खंगाले।</p>
<p>साइबर टीम दिन-रात एक कर तकनीकी साक्ष्य जुटाती रही। इस मामले के खुलासे में <em>Techint</em> (टेक्निकल इंटेलिजेंस) और <em>Humint</em> (ह्यूमन इंटेलिजेंस) ने ब्रह्मास्त्र का काम किया। पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों— हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन (सभी निवासी करही) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।लेकिन मास्टरमाइंड गनपत बघेल पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। आखिरकार, पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली और ऑपरेशन हंट के तहत उसे धर दबोचा गया। </p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>कानून</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 14:41:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महतारी वंदन योजना में बड़ा एक्शन: 1.25 लाख महिलाओं के नाम हटे, हजारों की किस्तें रोकी, जाने...  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर: </strong>छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अब सख्त निगरानी और सत्यापन अभियान तेज हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र और मृत हितग्राहियों की पहचान की है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 1.25 लाख महिलाओं के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 27 हजार हितग्राहियों की किस्तें होल्ड कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।</p>
<p>विभाग के अनुसार, महतारी वंदन योजना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/big-action-in-mahtari-vandan-yojana-names-of-125-lakh/article-10012"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/images2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर: </strong>छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अब सख्त निगरानी और सत्यापन अभियान तेज हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र और मृत हितग्राहियों की पहचान की है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 1.25 लाख महिलाओं के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 27 हजार हितग्राहियों की किस्तें होल्ड कर दी गई हैं। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।</p>
<p>विभाग के अनुसार, महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे प्रदेश में चरणबद्ध सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। पहला चरण नवंबर में शुरू हुआ था, जिसमें लाखों महिलाओं का पंजीयन हुआ। अब दूसरे चरण के तहत ई-केवाईसी और दस्तावेज जांच की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होकर 30 जून तक जारी रहेगी। इसके बाद अगस्त अंत तक हितग्राहियों को बाल विकास परियोजना कार्यालयों में जाकर भौतिक सत्यापन कराना होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय पर सत्यापन नहीं कराने वालों की राशि रोकी जा सकती है।</p>
<p>राज्यभर में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए ई-केवाईसी का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक 65 लाख से अधिक हितग्राहियों में से करीब 56 लाख महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। रायपुर जिले में ही 4 लाख से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं। विभागीय जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी महिलाएं योजना का लाभ ले रही थीं। वहीं कुछ लोगों ने दो-दो आवेदन जमा कर फर्जी तरीके से राशि हासिल की। ऐसे मामलों में राशि वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि बस्तर संभाग के कई जिलों में ई-केवाईसी की रफ्तार बेहद धीमी है। कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, तकनीकी संसाधनों की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसके उलट बलौद, कबीरधाम, बलौदाबाजार और रायगढ़ जैसे जिलों में सबसे ज्यादा ई-केवाईसी दर्ज की गई है। सरकार अब इन पिछड़े जिलों में विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>महतारी वंदन योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। सरकार का दावा है कि योजना से लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत मिली है, लेकिन अब फर्जी लाभार्थियों पर कार्रवाई कर इसे और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 14:18:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ वन विभाग के नए बॉस: 1994 बैच के IFS अरुण कुमार पांडेय बने राज्य के नए PCCF और वन बल प्रमुख, आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन महकमे को अपना नया मुखिया मिल गया है। विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार पांडेय को राज्य का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख (HoFF) नियुक्त किया है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से मंत्रालय से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही वन विभाग के शीर्ष पद को लेकर चल रही सभी अटकलों पर अब विराम लग गया है।</p>
<p>  </p>
<p><strong>DPC की बैठक में लगी नाम पर मुहर</strong></p>
<p> </p>
<p>नए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chhattisgarh-forest-departments-new-boss-1994-batch-ifs-arun-kumar/article-10013"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/img-20260527-wa0069.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन महकमे को अपना नया मुखिया मिल गया है। विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार पांडेय को राज्य का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख (HoFF) नियुक्त किया है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से मंत्रालय से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही वन विभाग के शीर्ष पद को लेकर चल रही सभी अटकलों पर अब विराम लग गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>DPC की बैठक में लगी नाम पर मुहर</strong></p>
<p> </p>
<p>नए वन बल प्रमुख (Head of Forest Force) के चयन के लिए हाल ही में मंत्रालय में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में वन विभाग के कई वरिष्ठ और दिग्गज अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया की रेस में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन अरुण कुमार पांडेय के बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड, फील्ड के लंबे अनुभव और उनकी कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन पर अपना भरोसा जताया। समिति की अनुशंसा के बाद सरकार ने उनके नाम को अंतिम स्वीकृति दे दी।</p>
<p> </p>
<p><strong>अंबिकापुर के रहने वाले हैं पांडेय, फील्ड का है तगड़ा अनुभव</strong></p>
<p> </p>
<p>वरिष्ठ IFS अधिकारी अरुण कुमार पांडेय 1994 बैच के भारतीय वन सेवा के अफसर हैं। वे मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंबिकापुर क्षेत्र से संबंध रखते हैं। स्थानीय पृष्ठभूमि से होने के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, वनों की प्रकृति और आदिवासी अंचलों की गहरी समझ है। उनके इस जमीनी जुड़ाव को वन विभाग के प्रशासनिक और मैदानी स्तर पर विशेष महत्व दिया जाता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>संवेदनशील इलाकों में दे चुके हैं सेवाएं</strong></p>
<p> </p>
<p>अपने लंबे सेवाकाल के दौरान अरुण कुमार पांडेय ने राज्य के कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण वन क्षेत्रों में काम किया है। वे राजनांदगांव, ऊर्जा धानी कोरबा और जशपुर जैसे प्रमुख वन मंडलों में जिला वन अधिकारी (DFO) के रूप में अपनी सफल जिम्मेदारी निभा चुके हैं।</p>
<p>इसके साथ ही, वन्यजीव संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में भी उनका काम खासा उल्लेखनीय रहा है। पांडेय ने प्रदेश के अति-संवेदनशील इंद्रावती टाइगर रिजर्व में अहम पदों पर कार्य किया है, जहां उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के प्रबंधन को लेकर कई सख्त और प्रभावी कदम उठाए थे।</p>
<p>विभागीय जानकारों का मानना है कि अरुण कुमार पांडेय की ताजपोशी से छत्तीसगढ़ में जंगल की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और वनोपज से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। फील्ड में उनकी मजबूत पकड़ का सीधा फायदा वन विभाग के जमीनी अमले को मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/chhattisgarh-forest-departments-new-boss-1994-batch-ifs-arun-kumar/article-10013</link>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 14:10:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समुद्र में ‘सफेद जहर’ का खेल बेनकाब, जहाज से मिली 115 किलो कोकीन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कच्छ: </strong>गुजरात के मुंद्रा तट के पास भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1150 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन जब्त की है। इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) और गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के संयुक्त ऑपरेशन में एक कंटेनर जहाज से 115 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई है। यह ऑपरेशन 25 और 26 मई की रात समुद्र में चलाया गया, जिसने देश की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय को एक बार फिर साबित कर दिया।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, गुजरात ATS को समुद्री रास्ते से बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/the-game-of-white-poison-in-the-sea-exposed-115/article-10011"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/action-against-drugs-in-gujarat-1779868882683_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कच्छ: </strong>गुजरात के मुंद्रा तट के पास भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1150 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन जब्त की है। इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) और गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के संयुक्त ऑपरेशन में एक कंटेनर जहाज से 115 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई है। यह ऑपरेशन 25 और 26 मई की रात समुद्र में चलाया गया, जिसने देश की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय को एक बार फिर साबित कर दिया।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, गुजरात ATS को समुद्री रास्ते से बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद इंडियन कोस्ट गार्ड की इंटरसेप्टर बोट्स को मुंद्रा एंकरेज क्षेत्र में तैनात किया गया। तलाशी अभियान के दौरान ‘MV Europe’ नामक कंटेनर जहाज पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। एजेंसियों ने दावा किया कि जहाज से रात के अंधेरे में कुछ बैग समुद्र में फेंके गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उन बैगों को समुद्र से बरामद कर लिया।</p>
<p>बरामद बैगों की जांच में 115 पैकेट मिले, जिनमें सफेद पाउडर जैसा पदार्थ भरा था। प्रारंभिक परीक्षण में इसे उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बताया गया। अधिकारियों के मुताबिक, हर पैकेट का वजन करीब एक किलोग्राम था और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1150 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बरामदगी को हाल के वर्षों में पश्चिमी समुद्री सीमा पर हुई सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती में से एक माना जा रहा है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियों ने जहाज को आगे की जांच के लिए बंदरगाह पर खड़ा कर दिया है और उससे जुड़े चालक दल व नेटवर्क की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में गुजरात ATS और इंडियन कोस्ट गार्ड द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया यह 15वां सफल एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस खेप का अंतिम गंतव्य कौन था और इसके पीछे कौन-सा अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसाराम को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: उम्रकैद बरकरार, जोधपुर कोर्ट ने कहा- तुरंत करें सरेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जोधपुर: </strong>राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में स्वयंभू संत आसाराम को बड़ा झटका देते हुए उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। जोधपुर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने साफ किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा में किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। हालांकि अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप से उन्हें राहत दी, लेकिन बाकी गंभीर धाराओं में दोषसिद्धि कायम रखते हुए तत्काल सरेंडर करने के निर्देश जारी किए। आसाराम चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत पर बाहर हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की पीठ ने लंबे समय तक चली सुनवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/asaram-got-a-big-blow-from-the-high-court-life/article-10010"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/asaram-1779862811016_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>जोधपुर: </strong>राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में स्वयंभू संत आसाराम को बड़ा झटका देते हुए उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। जोधपुर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने साफ किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा में किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। हालांकि अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप से उन्हें राहत दी, लेकिन बाकी गंभीर धाराओं में दोषसिद्धि कायम रखते हुए तत्काल सरेंडर करने के निर्देश जारी किए। आसाराम चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत पर बाहर हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की पीठ ने लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा पूरी तरह सिद्ध नहीं होती, लेकिन पीड़िता के आरोप और अन्य सबूत इतने मजबूत हैं कि मुख्य अपराधों में सजा को रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि मामले में अभियोजन पक्ष पर्याप्त प्रमाण पेश करने में सफल रहा है।</p>
<p>यह मामला वर्ष 2013 का है, जब एक नाबालिग लड़की ने जोधपुर के महिला थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शिकायत के बाद देशभर में सनसनी फैल गई थी और 31 अगस्त 2013 को आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। लंबी जांच और सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने अप्रैल 2018 में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आसाराम और सह-आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।</p>
<p>हाईकोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को राहत देते हुए बरी कर दिया, लेकिन आसाराम की मुख्य सजा को बरकरार रखा। पीड़ित पक्ष के वकील ने फैसले को न्याय की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रभावशाली व्यक्ति होने से कानून से बचा नहीं जा सकता। वहीं बचाव पक्ष अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर सकता है।</p>
<p>गौरतलब है कि आसाराम पहले से ही गुजरात के गांधीनगर आश्रम से जुड़े एक अन्य दुष्कर्म मामले में भी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। बीते वर्षों में उन्हें स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन अदालतें लगातार उनकी स्थायी राहत की मांग खारिज करती रही हैं। हाईकोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब एक बार फिर आसाराम की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें दोबारा जेल लौटना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/asaram-got-a-big-blow-from-the-high-court-life/article-10010</link>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:40:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बकरीद से पहले मुंबई में हाई वोल्टेज ड्रामा! सोसाइटी में बकरियों को लेकर बढ़ा तनाव, भारी पुलिस तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक हाउसिंग सोसाइटी परिसर में बड़ी संख्या में बकरियां लाए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूनम क्लस्टर हाउसिंग सोसाइटी में बकरियों को रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते प्रदर्शन और नारेबाजी तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।</p><p>स्थानीय निवासियों का कहना था कि कुर्बानी और उससे जुड़ी गतिविधियां केवल प्रशासन द्वारा तय स्थानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/before-bakrid-tension-increased-over-goats-in-high-voltage-drama/article-10009"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/mumbai-goat-row-1779866161416_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक हाउसिंग सोसाइटी परिसर में बड़ी संख्या में बकरियां लाए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूनम क्लस्टर हाउसिंग सोसाइटी में बकरियों को रखने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते प्रदर्शन और नारेबाजी तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।</p><p>स्थानीय निवासियों का कहना था कि कुर्बानी और उससे जुड़ी गतिविधियां केवल प्रशासन द्वारा तय स्थानों पर ही होनी चाहिए, न कि रिहायशी परिसरों में। विरोध के बीच मीरा-भायंदर नगर निगम (MBMC) ने कार्रवाई करते हुए सोसाइटी परिसर से लगभग 40 से 50 बकरियों को हटाकर नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।</p><p>तनाव उस समय और बढ़ गया जब कुछ लोगों ने विरोध स्वरूप सोसाइटी के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन तय नियमों और निर्धारित स्थानों पर ही होना चाहिए। स्थानीय भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने भी कहा कि किसी भी समुदाय को त्योहार मनाने का अधिकार है, लेकिन इससे दूसरे लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।</p><p>इस पूरे विवाद में मंगलवार को नया मोड़ तब आया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर विरोध के प्रतीक के रूप में एक सूअर के बच्चे को परिसर में लाने की कोशिश की। मौके से सामने आए वीडियो में एक पुलिस अधिकारी को उस सूअर के बच्चे को उठाकर तेजी से हटाते हुए देखा गया। इस घटना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे ‘वराह पूजा’ से जोड़ने की बात कही, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।</p><p>बकरीद को देखते हुए अब मीरा रोड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भड़काऊ संदेशों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर महानगरों की हाउसिंग सोसाइटियों में धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:28:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाने का आरोप, STF की रेड में पकड़ा गया TMC विधायक दिलीप मंडल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिला है। भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से धमकी देने के आरोप में फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस विधायक दिलीप मंडल को आखिरकार बंगाल पुलिस ने ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डायमंड हार्बर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विधायक को एक होटल से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।</p>
<p>पूरा मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें दिलीप मंडल कथित तौर पर भाजपा समर्थकों को खुलेआम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/tmc-mla-dilip-mandal-caught-in-stf-raid-accused-of/article-10008"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-05/tmc-mla-dilip-mandal-1779865080630_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिला है। भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से धमकी देने के आरोप में फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस विधायक दिलीप मंडल को आखिरकार बंगाल पुलिस ने ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और डायमंड हार्बर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विधायक को एक होटल से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।</p>
<p>पूरा मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें दिलीप मंडल कथित तौर पर भाजपा समर्थकों को खुलेआम चेतावनी देते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। 14 मई को पुलिस ने पैलान स्थित विधायक के बंगले पर दबिश भी दी थी, लेकिन उससे पहले ही वे फरार हो गए थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि विधायक पुरी के एक नामी होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद STF की टीम ने ओडिशा पहुंचकर होटल के रिकॉर्ड खंगाले और पहचान पक्की होने के बाद कमरे में छापा मारकर उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने अदालत से राहत पाने की कोशिश भी की थी, लेकिन कानूनी सुरक्षा मिलने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।</p>
<p>इस मामले में दिलीप मंडल के परिवार पर भी पहले से पुलिस का शिकंजा कस चुका है। उनके बेटे अर्घ्य मंडल को इलाके में अशांति फैलाने और अवैध हथियार रखने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ते टकराव का संकेत है। फिलहाल, पुलिस विधायक से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:21:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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                <title>SIR पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर! चुनाव आयोग को क्लीन चिट, बिहार वोटर वेरिफिकेशन रहेगा जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बड़ी राहत देते हुए बिहार में चल रही ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया को पूरी तरह वैध और संवैधानिक करार दिया है। अदालत ने साफ कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को केवल इसलिए अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग तरीके से किया जा रहा है। इस फैसले को चुनाव आयोग की शक्तियों और संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/big-seal-of-supreme-court-on-sir-clean-chit-to/article-10007"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2025-07/443367-supreme-court-sc-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बड़ी राहत देते हुए बिहार में चल रही ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया को पूरी तरह वैध और संवैधानिक करार दिया है। अदालत ने साफ कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को केवल इसलिए अवैध नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग तरीके से किया जा रहा है। इस फैसले को चुनाव आयोग की शक्तियों और संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का अधिकार प्राप्त है और आयोग ने इस प्रक्रिया में कानून का पूरी तरह पालन किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेज मनमाने नहीं हैं। अदालत ने आधार कार्ड समेत 11 प्रकार के दस्तावेजों को स्वीकार्य मानते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होती है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की पात्रता को लेकर संदेह होता है, तो चुनाव आयोग उसे सीधे हटाने के बजाय संबंधित सक्षम प्राधिकारी के पास भेज सकता है। अदालत ने माना कि आयोग की जिम्मेदारी केवल सूची तैयार करना ही नहीं, बल्कि उसकी वैधानिक शुद्धता बनाए रखना भी है। इस टिप्पणी को भविष्य में मतदाता पहचान और नागरिकता से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया था कि इतने बड़े स्तर पर SIR प्रक्रिया चलाने का अधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है और इससे कई वैध मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आयोग ने अपनी संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर काम किया है और उसके अधिकारों का दुरुपयोग नहीं हुआ है। अदालत ने यह भी कहा कि प्रक्रिया में किसी प्रकार की कानूनी खामी नहीं पाई गई है।</p>
<p>इस फैसले के बाद बिहार में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। चुनाव आयोग के लिए यह निर्णय न केवल कानूनी मजबूती लेकर आया है, बल्कि भविष्य में चुनावी सुधारों और मतदाता सत्यापन प्रक्रियाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। वहीं राजनीतिक दल अब इस फैसले को अपने-अपने नजरिए से जनता के बीच मुद्दा बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:11:04 +0530</pubDate>
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