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                <title>मनीशंकर पांडेय - National Jagat Vision</title>
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                <description>मनीशंकर पांडेय RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिलासपुर में रेत माफिया का नया ठिकाना अब गांव बने डंपिंग यार्ड आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अरपा नदी में अवैध खनन का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिलासपुर जिले में जीवनदायिनी अरपा नदी का अस्तित्व अब भारी खतरे में पड़ गया है। रेत माफिया पूरी तरह से बेखौफ होकर नदी का सीना चीर रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए अब इन माफियाओं ने एक नई तरकीब निकाल ली है। इन्होंने शहर से दूरी बनाकर ग्रामीण इलाकों को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के बैमा नगोई रोड पर इसका एक बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। यहां के खेतों में सौ ट्रैक्टर से भी ज्यादा रेत डंप करके रखी गई है। इस पूरे अवैध कारोबार को देखकर अब सबसे बड़ा सवाल यही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/sand-mafias-new-base-in-bilaspur-now-village-has-become/article-9141"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/20260412_091609.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर जिले में जीवनदायिनी अरपा नदी का अस्तित्व अब भारी खतरे में पड़ गया है। रेत माफिया पूरी तरह से बेखौफ होकर नदी का सीना चीर रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए अब इन माफियाओं ने एक नई तरकीब निकाल ली है। इन्होंने शहर से दूरी बनाकर ग्रामीण इलाकों को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के बैमा नगोई रोड पर इसका एक बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। यहां के खेतों में सौ ट्रैक्टर से भी ज्यादा रेत डंप करके रखी गई है। इस पूरे अवैध कारोबार को देखकर अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इन रेत माफियाओं को किसका राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है।</p>
<p>बिना किसी बड़े सफेदपोश नेता या रसूखदार अफसर की शह के इतने बड़े पैमाने पर अवैध काम होना बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है। पहले ये माफिया शहर के आसपास ही रेत का स्टॉक करते थे। वहां आम लोगों की नजर आसानी से पड़ जाती थी जिससे शिकायत होने और कार्रवाई का डर हमेशा बना रहता था। अब इस डर को खत्म करने के लिए माफियाओं ने सुनसान ग्रामीण इलाकों का रुख कर लिया है। अब किसानों के खुले खेतों को अवैध डंपिंग यार्ड में बदल दिया गया है। गांवों में निगरानी न के बराबर होती है। बारिश के मौसम में जब नदियों से रेत निकालना बंद हो जाता है तब इसी स्टॉक की गई रेत को मनमाने और बहुत महंगे दामों पर बेचा जाता है।</p>
<p>कोनी से लेकर कोटा तक अवैध खनन का यह काला खेल पूरी रात बेरोकटोक चलता है। कोनी तुकांडीह लोखंडी निरतु और कोटा के पास अरपा नदी में रात के अंधेरे में दर्जनों मशीनें और ट्रैक्टर उतारे जाते हैं। पुलिस और खनिज विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए खनन का काम रात में होता है और दिन के उजाले में इसे गांवों में डंप किया जाता है। रेत के परिवहन के लिए ऐसे ट्रैक्टर और बड़े हाइवा ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिन पर कोई नंबर प्लेट ही नहीं होती। मुख्य मार्गों से होते हुए धड़ल्ले से यह रेत मुंगेली जांजगीर चांपा और आसपास के अन्य कई जिलों में सप्लाई की जा रही है।</p>
<p>इस अवैध कारोबार से सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का सीधा नुकसान हो रहा है। नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है लेकिन पूरा सिस्टम आंखें मूंदे बैठा है। खेतों में रेत डंप होने से किसानों की उपजाऊ जमीन बंजर हो रही है। लगातार हो रहे इस अंधाधुंध खनन से पर्यावरण को भी गहरी चोट पहुंच रही है। ग्रामीणों ने साफ आरोप लगाया है कि जब वे इस अवैध काम की शिकायत करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाते हैं तो उनका फोन ही नहीं उठता। कोई अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आता। यह साफ इशारा करता है कि इस सिंडिकेट में नीचे से लेकर ऊपर तक के लोग शामिल हैं।</p>
<p>आखिर रेत माफिया इतने ताकतवर कैसे हो गए कि वे सीधे किसानों के खेतों पर कब्जा करके वहां रेत का पहाड़ खड़ा कर रहे हैं। क्या पुलिस और प्रशासन का तंत्र इतना कमजोर हो गया है कि उन्हें रात में दौड़ते बिना नंबर वाले ट्रैक्टर नजर नहीं आते। प्रशासन की यह निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। इस पूरे मामले पर बिलासपुर खनिज विभाग के उप निदेशक किशोर गोलघाटे ने कहा है कि एक टीम भेजकर मौके की जांच कराई जाएगी। अगर खेतों में अवैध रूप से रेत डंप किए जाने की बात सही पाई जाती है तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। डंप की गई पूरी रेत को जब्त भी किया जाएगा। अब देखना यह है कि यह बयान सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है या सच में रसूखदार माफियाओं पर कोई बड़ी कार्रवाई होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 09:16:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिकायत सही मिली अब, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिलासपुर में शिक्षा के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। यहां के निजी स्कूलों ने अभिभावकों और मासूम बच्चों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। स्कूलों ने पूरे साल बच्चों को सीबीएसई बोर्ड का छात्र बताकर पढ़ाया। सीबीएसई के नाम पर अभिभावकों से भारी भरकम फीस वसूली गई। लेकिन जब कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा का वक्त आया तो स्कूलों ने असली रंग दिखा दिया। बच्चों पर अचानक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा देने का दबाव बनाया गया।</p>
<p>इस गंभीर मामले में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल व्यापार विहार पर अब तक की सबसे बड़ी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-fraud-in-the-name-of-cbse-in-bilaspur-recommendation/article-9140"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/image_search_1775964082759.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर में शिक्षा के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। यहां के निजी स्कूलों ने अभिभावकों और मासूम बच्चों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। स्कूलों ने पूरे साल बच्चों को सीबीएसई बोर्ड का छात्र बताकर पढ़ाया। सीबीएसई के नाम पर अभिभावकों से भारी भरकम फीस वसूली गई। लेकिन जब कक्षा पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा का वक्त आया तो स्कूलों ने असली रंग दिखा दिया। बच्चों पर अचानक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा देने का दबाव बनाया गया।</p>
<p>इस गंभीर मामले में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल व्यापार विहार पर अब तक की सबसे बड़ी गाज गिरने वाली है। शिक्षा विभाग की जांच समिति ने मामले की बारीकी से जांच की है। जांच के बाद समिति ने इस स्कूल की मान्यता पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया है। इस बड़ी खबर के बाद शिक्षा के नाम पर दुकान चलाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।</p>
<p>यह फर्जीवाड़ा उस समय बेनकाब हुआ जब ठगे गए अभिभावकों ने केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू से मुलाकात की। अभिभावक इस मामले को लेकर सबसे पहले बिलासपुर कलेक्टर के पास गए थे। वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। मामले का हल नहीं निकलने पर अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने एकजुट होकर केंद्रीय राज्यमंत्री को स्कूलों की पूरी करतूत बताई। मंत्री तोखन साहू ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को उच्च स्तरीय जांच करने के सख्त निर्देश दिए।</p>
<p>मंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूलों का रिकार्ड खंगाला। जांच में अभिभावकों की एक एक शिकायत बिल्कुल सच साबित हुई। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मिशन अस्पताल रोड और व्यापार विहार स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के साथ ही अमेरी रोड स्थित नारायण ई टेक्नो स्कूल ने भी ऐसा ही धोखा किया है। इन स्कूलों ने बिना पूरी मान्यता के खुद को सीबीएसई का स्कूल बताया। पैरेंट्स को गुमराह करके एडमिशन लिए।</p>
<p>इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्कूलों ने बच्चों को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले बोर्ड बदलने की जानकारी दी। बच्चों को अचानक बताया गया कि उन्हें सीबीएसई की नहीं बल्कि राज्य सरकार के पैटर्न पर सीजी बोर्ड की परीक्षा देनी है। परीक्षा से सिर्फ चौबीस घंटे पहले यह खबर सुनकर बच्चे बुरी तरह तनाव में आ गए। पूरे साल सीबीएसई की किताबें पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे सिलेबस से परीक्षा देने के लिए मजबूर किया गया। बच्चों को नई परीक्षा की तैयारी करने के लिए थोड़ा सा भी समय नहीं दिया गया।</p>
<p>अभिभावकों का सीधा आरोप है कि स्कूलों की इस धोखाधड़ी से बच्चों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। यह केवल पैसों की लूट का मामला नहीं है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भयानक खिलवाड़ है। जांच अधिकारियों ने भी अपनी रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन की इस हरकत को शिक्षा के नियमों का खुला उल्लंघन माना है।</p>
<p>जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता खत्म करने की फाइल आगे बढ़ गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी जल्द ही इस पर अंतिम आदेश जारी कर सकते हैं। इस सख्त कार्रवाई की भनक लगते ही शहर के बाकी स्कूल संचालक भी घबराए हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>प्रशासनिक </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 08:52:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलासपुर भाजपा दफ्तर में बवाल मेयर और पार्षदों में तीखी नोकझोंक एक दूसरे को बताया कांग्रेसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिलासपुर नगर निगम के बजट सत्र से पहले सत्ता पक्ष में ही बड़ी फूट सामने आ गई है। करबला रोड स्थित भाजपा कार्यालय में मेयर और पार्षदों के बीच जमकर विवाद हुआ। यह बैठक बजट और सामान्य सभा की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। लेकिन यह अहम बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। शहर की सफाई व्यवस्था और ठेका कंपनी को दिए गए फायदे पर पार्षद भड़क गए। बात इतनी ज्यादा बिगड़ी कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर कांग्रेस से जुड़े होने का गंभीर आरोप लगा दिया। यह पूरा विवाद अब शहर की राजनीति में चर्चा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/ruckus-in-bilaspur-bjp-office-heated-argument-between-mayor-and/article-9139"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/image_search_1775959499550.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर नगर निगम के बजट सत्र से पहले सत्ता पक्ष में ही बड़ी फूट सामने आ गई है। करबला रोड स्थित भाजपा कार्यालय में मेयर और पार्षदों के बीच जमकर विवाद हुआ। यह बैठक बजट और सामान्य सभा की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। लेकिन यह अहम बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। शहर की सफाई व्यवस्था और ठेका कंपनी को दिए गए फायदे पर पार्षद भड़क गए। बात इतनी ज्यादा बिगड़ी कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर कांग्रेस से जुड़े होने का गंभीर आरोप लगा दिया। यह पूरा विवाद अब शहर की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।</p>
<p>पूरा मामला शहर की सफाई व्यवस्था और एक निजी ठेका कंपनी से जुड़ा है। बिलासपुर शहर में सफाई का जिम्मा लायन सर्विसेज कंपनी के पास है। भाजपा पार्षदों का ही आरोप है कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़क किनारे गंदगी का अंबार लगा रहता है। डिवाइडर और फुटपाथ की सफाई तक नहीं हो रही है। जमीनी स्तर पर सफाई का काम बिल्कुल जीरो है। इसके बावजूद ठेका कंपनी को भुगतान में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दे दी गई। इसी बात पर पार्षदों ने बैठक में मोर्चा खोल दिया।</p>
<p>पार्षदों का गुस्सा इस बात पर सबसे ज्यादा था कि ठेका कंपनी का भुगतान बढ़ाने का फैसला मनमाने तरीके से लिया गया है। नियम के मुताबिक ऐसे बड़े फैसलों के लिए मेयर इन काउंसिल यानी एमआईसी से मंजूरी लेनी जरूरी होती है। इसके बाद इसे सामान्य सभा में लाया जाता है। लेकिन पार्षदों का आरोप है कि इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। पार्षदों ने सीधा सवाल किया कि जब काम ही नहीं हो रहा है तो फिर कंपनी पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखाई जा रही है। इस सीधे सवाल का जवाब देने के बजाय बैठक में तीखी बहस शुरू हो गई।</p>
<p>ठेका कंपनी के मुद्दे पर हो रही यह बहस थोड़ी ही देर में व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गई। और इसने अचानक बड़ा राजनीतिक रंग ले लिया। पार्षदों के तीखे सवालों से घिरने के बाद मेयर ने एक पार्षद पर सीधा हमला बोल दिया। मेयर ने पार्षद से कहा कि तुम तो कांग्रेस से आए हो और हमेशा कांग्रेसियों के साथ ही उठते बैठते हो। तुम्हारा काम सिर्फ पार्टी का माहौल खराब करना है।</p>
<p>मेयर की इस चुभने वाली बात पर पार्षद भी भड़क गए। पार्षद ने बिना कोई देरी किए तुरंत पलटवार किया और मेयर को करारा जवाब दिया। पार्षद ने भरी बैठक में कह दिया कि आपका रिश्ता भी हमेशा से कांग्रेस के साथ ही रहा है। आप भी कांग्रेसी मानसिकता से ही काम कर रहे हैं। इस बयानबाजी के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया और वरिष्ठ नेताओं को बीच बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा।</p>
<p>यह भारी हंगामा जिस बैठक में हुआ वह तेरह अप्रैल को होने वाले निगम के सम्मेलन की तैयारी के लिए रखी गई थी। नगर निगम का साधारण सम्मेलन और बजट सत्र शहर के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। करबला रोड दफ्तर में हुई इस रिहर्सल बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि विपक्ष के कड़े सवालों का सामना कैसे किया जाए। सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष को सदन में घेरने की रणनीति बनाने बैठे थे। लेकिन वे आपस में ही बुरी तरह उलझ गए।</p>
<p>अब इस आपसी विवाद से विपक्ष को बैठे बिठाए एक बहुत बड़ा मुद्दा मिल गया है। भाजपा के अंदर मचे इस घमासान का सीधा असर आने वाले बजट सत्र पर पड़ना तय माना जा रहा है। सत्ता पक्ष के पार्षद खुद अपनी ही परिषद के फैसलों के खिलाफ खुलकर खड़े हो गए हैं। ऐसे में कांग्रेसी पार्षद सदन के अंदर सत्ता पक्ष को आसानी से घेर लेंगे। ठेका कंपनी को बिना मंजूरी फायदा पहुंचाने का यह मुद्दा अब सदन में भी जोर शोर से गूंजेगा।</p>
<p>विपक्ष पहले से ही शहर की खराब सड़कों और पीने के पानी की समस्या को लेकर सत्ता पक्ष पर हमलावर है। ऐसे में सफाई ठेके का यह नया विवाद आग में घी डालने का काम करेगा। कांग्रेस पार्षद दल ने इस मुद्दे को तुरंत लपक लिया है। विपक्ष का कहना है कि सत्ता पक्ष की गलत नीतियां अब उनके ही पार्षदों के जरिए सामने आ रही हैं। विपक्ष अब तेरह अप्रैल के सम्मेलन में इस मुद्दे पर मेयर से लिखित जवाब मांगने की पूरी तैयारी कर रहा है।</p>
<p>सत्ता पक्ष के लिए अब अपनी ही पार्टी के नाराज पार्षदों को मनाना और विपक्ष के हमलों का जवाब देना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के बीच बिलासपुर की आम जनता बुरी तरह पिस रही है। लोग रोजाना गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था से परेशान हो रहे हैं। लेकिन निगम के जिम्मेदार लोग शहर को साफ करने के बजाय ठेकेदार के बिल और राजनीतिक आरोपों पर लड़ रहे हैं। शहर के लोग अब यह देख रहे हैं कि तेरह अप्रैल की बैठक में सफाई के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला होता है या सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी ही चलती है। भाजपा के बड़े नेताओं को जल्द ही डैमेज कंट्रोल के लिए आगे आना होगा वरना पार्टी की छवि को और भारी नुकसान पहुंच सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:35:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दलालों के इशारे पर पास हुए करोड़ों के बिल जल संसाधन विभाग के ईएनसी उइके के घोटालों की सीबीआई जांच की उठी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इन दिनों भ्रष्टाचार की अजब गजब कहानियां सामने आ रही हैं। विभाग का काम किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना है लेकिन यहां अफसरों ने सरकारी खजाने को ही पानी की तरह बहा दिया। सोचिए कि कोई इंजीनियर बिना मौके पर गए सिर्फ अपने कमरे में आराम से बैठकर गूगल मैप देखे और करोड़ों रुपए का बिल बना दे। सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लगता है लेकिन यह पूरी तरह सच है। विभाग के प्रमुख अभियंता यानी ईएनसी इंद्रजीत उइके के कार्यकाल में ऐसे ही बड़े खेल हुए हैं। अब उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/bills-worth-crores-passed-at-the-behest-of-brokers-demand/article-9138"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/image_search_1775957697212.jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इन दिनों भ्रष्टाचार की अजब गजब कहानियां सामने आ रही हैं। विभाग का काम किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना है लेकिन यहां अफसरों ने सरकारी खजाने को ही पानी की तरह बहा दिया। सोचिए कि कोई इंजीनियर बिना मौके पर गए सिर्फ अपने कमरे में आराम से बैठकर गूगल मैप देखे और करोड़ों रुपए का बिल बना दे। सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लगता है लेकिन यह पूरी तरह सच है। विभाग के प्रमुख अभियंता यानी ईएनसी इंद्रजीत उइके के कार्यकाल में ऐसे ही बड़े खेल हुए हैं। अब उनके इन पुराने काले कारनामों की फाइलें खुलने लगी हैं। विभाग में हुए इस महाघोटाले को लेकर अब सीधे सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है।</p>
<p>दलालों के हाथ में थी विभाग की चाबी</p>
<p>सूत्र बताते हैं कि ईएनसी उइके के समय में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। वसूली का पूरा सिस्टम ऊपर से नीचे तक सेट था। इसके लिए बाकायदा दो खास दलाल तैनात किए गए थे। इन दलालों के पास इतनी पावर थी कि असली अफसर भी इनके सामने फेल थे। यही दलाल तय करते थे कि किस ठेकेदार का बिल पास होगा और किसकी फाइल रोकी जाएगी। जो दलालों तक अपना हिस्सा पहुंचाता उसका काम तुरंत आगे बढ़ता था और जो नियम कानून की बात करता उसकी फाइल धूल खाती रहती थी। इस पूरी सेटिंग के जरिए शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया और ईमानदार अफसरों को किनारे कर दिया गया।</p>
<p>कमरे में बैठकर गूगल मैप से हुआ सर्वे</p>
<p>इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खेल गूगल मैप सर्वे का है। जशपुर जिले के पत्थलगांव इलाके में मैनी नदी पर शेखरपुर और डांडपानी प्रोजेक्ट बनने थे। इन बड़े प्रोजेक्ट के लिए करोड़ों रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। नियम के मुताबिक काम शुरू होने से पहले टीम को जमीन पर जाकर भौगोलिक सर्वे करना था। लेकिन स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण अफसर वहां नहीं जा सके। अब प्रोजेक्ट हाथ से न निकल जाए और कमीशन मारा न जाए इसलिए अफसरों ने नया जुगाड़ निकाला। उन्होंने घर बैठे गूगल मैप खोला और कागजों पर ही पूरा फर्जी सर्वे तैयार कर लिया। इसी फर्जी और मनगढ़ंत रिपोर्ट के आधार पर 15 करोड़ रुपए का बिल पास करने की फाइल चला दी गई। शुरू में तत्कालीन मुख्य अभियंता उइके ने इस पर कुछ सवाल उठाए और भुगतान रोकने को कहा लेकिन बाद में वह भी खामोश हो गए। केंद्रीय जल आयोग के कड़े निर्देशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया और फाइल आगे बढ़ गई।</p>
<p>जमीन का पता नहीं और कट गए करोड़ों के चेक</p>
<p>घोटालों की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती है। रामानुजगंज और बलरामपुर इलाके में भी सरकारी पैसे की जमकर लूट हुई। यहां जल संसाधन संभाग क्रमांक दो के कार्यपालन यंत्री संजय ग्रायेकर ने जमीन अधिग्रहण के नाम पर सीधे 8 करोड़ 67 लाख रुपए डकार लिए। इस अफसर ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे योर सेल्फ चेक काटे। इसके बाद यह सारा पैसा अपने चहेते कर्मचारियों और व्यक्तिगत फर्मों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। जिन दस बड़ी योजनाओं के नाम पर यह भारी भरकम पैसा निकाला गया उनका जमीन पर कोई वजूद ही नहीं था। वहां एक ईंट भी नहीं रखी गई थी।</p>
<p>इसी तरह सिर्फ तीन महीने के भीतर स्टेशनरी के नाम पर साढ़े तीन करोड़ और मुरूम भराई के नाम पर साढ़े चार करोड़ रुपए ठिकाने लगा दिए गए। इतने बड़े घपले होते रहे लेकिन उइके इन सभी मामलों में अपनी आंखें मूंदे बैठे रहे। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का काम किया।</p>
<p>रिटायरमेंट के बाद भी कुर्सी से मोह</p>
<p>इंद्रजीत उइके 30 जून 2025 को अपने पद से रिटायर हो गए थे। लेकिन सत्ताधारी नेताओं से उनकी ऐसी मजबूत सेटिंग थी कि सभी सरकारी नियमों को तोड़कर उन्हें उसी पद पर दोबारा संविदा पर बैठा दिया गया। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी रिटायर अफसर को इतने बड़े पद पर दोबारा नियुक्ति मिली हो। सरकारी नियम साफ कहता है कि संविदा अफसर को वित्तीय अधिकार नहीं दिए जा सकते हैं। लेकिन सरकार ने उइके को पूरी पावर सौंप दी। इस मनमानी से विभाग के योग्य और वरिष्ठ इंजीनियरों का प्रमोशन रुक गया जिससे उनमें भारी नाराजगी है।</p>
<p>अब सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता</p>
<p>अब ईएनसी उइके के इन सभी पुराने और संगीन मामलों ने तूल पकड़ लिया है। बिना काम करोड़ों का भुगतान संविदा पद पर वित्तीय अधिकारों का दुरुपयोग गूगल सर्वे घोटाले में संदिग्ध चुप्पी भू अर्जन फर्जीवाड़े में आरोपियों को बचाना और दलालों के जरिए वसूली जैसे आरोप उनके गले की फांस बन गए हैं। राजनेताओं का सीधा संरक्षण होने के कारण राज्य की एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद खत्म हो गई है। यही कारण है कि अब इस पूरे भ्रष्ट सिंडिकेट को तोड़ने और करोड़ों की लूट का सच जनता के सामने लाने के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश करने की मांग उठ रही है। लोगों और विभाग के कर्मचारियों का साफ कहना है कि सीबीआई जांच के बिना इस महाघोटाले के असली गुनहगार कभी बेनकाब नहीं होंगे।</p>
<p>  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिलासपुर</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 07:09:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल बस पर कहर बनकर टूटा ट्रक: खरोरा में बच्चों से भरी बस को मारी टक्कर, गेट उखड़ा, ड्राइवर फरार  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर:</strong> Raipur के खरोरा इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल बस को टक्कर मार दी। तिल्दा रोड स्थित चिकन मार्केट के पास होली हार्ट स्कूल की बस एक छात्र को उतारने के लिए रुकी हुई थी, तभी पीछे से आए ट्रक ने बस को रगड़ते हुए जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का गेट उखड़कर नीचे गिर गया, जिससे बस में सवार छोटे बच्चे घबरा गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-04/image-2026-04-11t161050284_1775904097.webp" alt="image-2026-04-11t161050284_1775904097" width="512" height="628" /></p>
<p>घटना खरोरा थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर हुई,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/truck-wreaks-havoc-on-school-bus-hits-bus-full-of/article-9133"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/image-2026-04-11t161050284_1775904097.webp" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर:</strong> Raipur के खरोरा इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल बस को टक्कर मार दी। तिल्दा रोड स्थित चिकन मार्केट के पास होली हार्ट स्कूल की बस एक छात्र को उतारने के लिए रुकी हुई थी, तभी पीछे से आए ट्रक ने बस को रगड़ते हुए जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का गेट उखड़कर नीचे गिर गया, जिससे बस में सवार छोटे बच्चे घबरा गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-04/image-2026-04-11t161050284_1775904097.webp" alt="image-2026-04-11t161050284_1775904097" width="512" height="628"></img></p>
<p>घटना खरोरा थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर हुई, लेकिन हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को संभाला और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब आत्मानंद स्कूलों में ‘फ्री एजुकेशन’ नहीं: 9वीं–12वीं के छात्रों से सालाना फीस वसूली का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर: </strong>Raipur में हुई अहम बैठक के बाद राज्य सरकार ने Swami Atmanand Excellent English and Hindi Medium Schools में पढ़ाई को लेकर बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना लगभग 1500 फीस देनी होगी। इसमें करीब 450 स्कूल शुल्क और शेष राशि शाला विकास समिति के लिए निर्धारित की जाएगी। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav की अध्यक्षता में हुई प्राचार्यों की बैठक में साझा की गई है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि यह कदम स्कूलों की गुणवत्ता और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/chhattisgarh/now-there-is-no-free-education-in-atmanand-schools-decision/article-9132"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/orig_5-1_1775775490.webp" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर: </strong>Raipur में हुई अहम बैठक के बाद राज्य सरकार ने Swami Atmanand Excellent English and Hindi Medium Schools में पढ़ाई को लेकर बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना लगभग 1500 फीस देनी होगी। इसमें करीब 450 स्कूल शुल्क और शेष राशि शाला विकास समिति के लिए निर्धारित की जाएगी। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav की अध्यक्षता में हुई प्राचार्यों की बैठक में साझा की गई है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि यह कदम स्कूलों की गुणवत्ता और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रों की अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने और स्मार्ट क्लास व लाइब्रेरी के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही हर महीने ‘English Speaking Day’ मनाने, मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण और AI आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>गौरतलब है कि वर्ष 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत राज्य में अब 750 से अधिक आत्मानंद स्कूल संचालित हो रहे हैं। सरकार ने स्कूलों के लिए अनुदान राशि को फिर से 5 लाख करने का भी फैसला लिया है, ताकि बुनियादी सुविधाओं और संचालन में सुधार किया जा सके। हालांकि इस निर्णय से उन अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, जो अब तक इन स्कूलों में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद लेकर अपने बच्चों को भेज रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:06:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिलाई में नशे का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: पंजाब से हेरोईन लाकर खपाने की साजिश नाकाम, किराए के मकान से 18.69 लाख की ड्रग्स संग 4 तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>दुर्ग: </strong>Bhilai में दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा करते हुए 18.69 लाख रुपये की हेरोईन के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 91.9 ग्राम हेरोईन और 31 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 10 अप्रैल को मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई है, जिसमें बताया गया था कि हाउसिंग बोर्ड इलाके के एक किराए के मकान में नशे का अवैध कारोबार चल रहा है।</p><p>सूचना मिलते ही थाना जामुल पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और चारों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/crime/big-drug-network-destroyed-in-bhilai-conspiracy-to-smuggle-heroin/article-9131"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/3e8641ad-736b-4464-a253-5d8946bb5f40_1775878465471.webp" alt=""></a><br /><p><strong>दुर्ग: </strong>Bhilai में दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा करते हुए 18.69 लाख रुपये की हेरोईन के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 91.9 ग्राम हेरोईन और 31 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 10 अप्रैल को मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई है, जिसमें बताया गया था कि हाउसिंग बोर्ड इलाके के एक किराए के मकान में नशे का अवैध कारोबार चल रहा है।</p><p>सूचना मिलते ही थाना जामुल पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और चारों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी Amritsar से हेरोईन लाकर भिलाई में खपाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर किराए का मकान लेकर सप्लाई और वितरण का नेटवर्क तैयार किया था।</p><p>गिरफ्तार आरोपियों में 19 वर्षीय राजविंदर कौर, 32 वर्षीय राजवीर सिंह, 39 वर्षीय कुलदीप सिंह और 22 वर्षीय लवप्रीत सिंह शामिल हैं, जो सभी पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन, फंडिंग और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि नशे के इस कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 16:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिवार बना ‘ड्रग कार्टेल’: दो बेटियों के साथ मिलकर चलाती थी नशे का साम्राज्य, 250 CCTV खंगालने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुसुम को दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पूर्वी दिल्ली। </strong>East Delhi में पुलिस ने एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी कुसुम को गिरफ्तार किया है, जो अपने ही परिवार के साथ मिलकर स्मैक, चरस और गांजे की तस्करी का नेटवर्क चला रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार में उसकी दो बेटियां, भाई और अन्य सहयोगी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर Maharashtra Control of Organised Crime Act (MCOCA) के तहत मामला दर्ज था और उसे रोहिणी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित करते हुए 50,000 का इनाम भी रखा गया था।</p>
<p>इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के तहत पुलिस ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/family-became-drug-cartel-used-to-run-drug-empire-with/article-9130"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/drug-smuggler-1775894676307_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी दिल्ली। </strong>East Delhi में पुलिस ने एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी कुसुम को गिरफ्तार किया है, जो अपने ही परिवार के साथ मिलकर स्मैक, चरस और गांजे की तस्करी का नेटवर्क चला रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार में उसकी दो बेटियां, भाई और अन्य सहयोगी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर Maharashtra Control of Organised Crime Act (MCOCA) के तहत मामला दर्ज था और उसे रोहिणी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित करते हुए 50,000 का इनाम भी रखा गया था।</p>
<p>इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के तहत पुलिस ने करीब दो महीनों तक लगातार निगरानी की, जिसमें 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 100 से ज्यादा मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के दौरान दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर दबिश दी गई। आखिरकार 9 अप्रैल को सूचना मिली कि कुसुम शाहदरा इलाके में एक बड़ी ड्रग डील करने पहुंचने वाली है, जिसके बाद स्पेशल स्टाफ ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया।</p>
<p>पूछताछ में सामने आया कि कुसुम का पूरा परिवार इस अवैध धंधे में लिप्त था, उसकी बेटियां पहले से ही जेल में हैं, जबकि भाई और अन्य सहयोगी भी ड्रग तस्करी में सक्रिय थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिली है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:47:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समानता की ओर बड़ा कदम: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसवुमेन को सरकारी शिक्षक भर्ती में आवेदन की दी अनुमति, अब अलग भर्ती नीति पर भी मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> New Delhi में एक महत्वपूर्ण और समावेशी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसवुमेन को सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश 31 वर्षीय जेन कौशिक की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर श्रेणी के अभाव को चुनौती दी थी। अदालत ने उन्हें विशेष अनुमति देते हुए दिल्ली सरकार के तहत शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का रास्ता साफ कर दिया है।</p>
<p>Supreme Court of India की जस्टिस जे.बी. परदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/big-step-towards-equality-supreme-court-allowed-transwomen-to-apply/article-9129"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-02/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> New Delhi में एक महत्वपूर्ण और समावेशी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसवुमेन को सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश 31 वर्षीय जेन कौशिक की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर श्रेणी के अभाव को चुनौती दी थी। अदालत ने उन्हें विशेष अनुमति देते हुए दिल्ली सरकार के तहत शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का रास्ता साफ कर दिया है।</p>
<p>Supreme Court of India की जस्टिस जे.बी. परदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार, शिक्षा निदेशालय, समाज कल्याण विभाग और Delhi Subordinate Services Selection Board (DSSSB) सहित संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने यह भी माना कि वर्तमान ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में केवल पुरुष और महिला विकल्प होना ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ भेदभाव की स्थिति पैदा करता है।</p>
<p>साथ ही, कोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग भर्ती नीति और विशेष वैकेंसी तय करने की मांग पर भी विचार करने की सहमति जताई है। याचिका में Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी नौकरियों में समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस फैसले को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए रोजगार में समानता और सम्मान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल के भवानीपुर जिले में साधु-संतों से कथित मारपीट पर घमासान, Suvendu Adhikari का TMC पर सीधा हमला, दोनों पक्ष आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलकाता। </strong>Kolkata के भवानीपुर इलाके में चुनावी माहौल के बीच एक आश्रम में साधु-संतों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले की घटना ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। वार्ड नंबर 70 स्थित पद्मपुकुर क्षेत्र के इस आश्रम में रहने वाले साधुओं को जबरन बाहर निकालने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।</p>
<p>भवानीपुर से भाजपा उम्मीदवार Suvendu Adhikari ने इस घटना को लेकर सीधे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में समर्थकों ने आश्रम में पहुंचकर साधुओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/in-bhawanipur-district-of-west-bengal-there-is-a-fight/article-9128"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/bengal-police-1775892209004_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता। </strong>Kolkata के भवानीपुर इलाके में चुनावी माहौल के बीच एक आश्रम में साधु-संतों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले की घटना ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। वार्ड नंबर 70 स्थित पद्मपुकुर क्षेत्र के इस आश्रम में रहने वाले साधुओं को जबरन बाहर निकालने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।</p>
<p>भवानीपुर से भाजपा उम्मीदवार Suvendu Adhikari ने इस घटना को लेकर सीधे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में समर्थकों ने आश्रम में पहुंचकर साधुओं को डराया-धमकाया, उनके मोबाइल छीन लिए और आश्रम की पानी-बिजली आपूर्ति बाधित कर दी। साधुओं ने भी आरोप लगाया कि वे धार्मिक गतिविधियों में लगे थे, तभी उनके साथ यह घटना हुई, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है।</p>
<p>इस मुद्दे पर Suvendu Adhikari ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भवानीपुर में सनातन धर्म का प्रचार करना अपराध बन गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं।</p>
<p>वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्षद असीम बसु ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर वे मौके पर पहुंचे थे, जहां कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे, जिससे इलाके में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही थी। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के बीच उलझता जा रहा है और प्रशासन की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:38:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनावी घमासान के बीच ED का बड़ा एक्शन: शिक्षक भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री Partha Chatterjee के घर छापा, फिर तेज हुई जांच की रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलकाता।</strong> Kolkata में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व शिक्षा मंत्री Partha Chatterjee के नाकतला स्थित आवास पर छापेमारी करते हुए कई अहम दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया। अधिकारियों ने मौके पर पूर्व मंत्री से पूछताछ भी की, जिससे मामले में नई जानकारी सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन के आरोप हैं। इसी सिलसिले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/amidst-the-election-turmoil-eds-big-action-raid-on-the/article-9127"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/parth-1775890157696_v.webp" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता।</strong> Kolkata में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व शिक्षा मंत्री Partha Chatterjee के नाकतला स्थित आवास पर छापेमारी करते हुए कई अहम दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया। अधिकारियों ने मौके पर पूर्व मंत्री से पूछताछ भी की, जिससे मामले में नई जानकारी सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन के आरोप हैं। इसी सिलसिले में ईडी ने चटर्जी के करीबी और कथित बिचौलिए प्रसन्न कुमार के न्यूटाउन स्थित ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी, ताकि पूरे नेटवर्क और फंडिंग चैनल को खंगाला जा सके।</p>
<p>गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में Partha Chatterjee को जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी सहयोगी के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ था। बाद में उन्हें नवंबर में जमानत मिल गई थी, लेकिन जांच एजेंसियां लगातार इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।</p>
<p>चुनावी माहौल के बीच हुई इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की छापेमारी से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है, वहीं ईडी का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह सबूतों और जांच प्रक्रिया के आधार पर की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:18:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[मनीशंकर पांडेय]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमुना में मौत का मंजर: मथुरा नाव हादसे के बाद रेस्क्यू तेज, 20 मोटरबोट के साथ जारी तलाश, 7 श्रद्धालु अब भी लापता, 10 शव पंजाब रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा। </strong>Mathura में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें शनिवार सुबह फिर से 20 मोटरबोट के साथ नदी में उतरीं, जहां लापता श्रद्धालुओं की तलाश तेज कर दी गई है। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, बचाव अभियान करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चलाया जा रहा है, लेकिन लापता लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nationaljagatvision.com/state/scene-of-death-in-yamuna-rescue-intensified-after-mathura-boat/article-9125"><img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/400/2026-04/mathura-yamuna-re-(1)-1775884407935.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>Mathura में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें शनिवार सुबह फिर से 20 मोटरबोट के साथ नदी में उतरीं, जहां लापता श्रद्धालुओं की तलाश तेज कर दी गई है। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, बचाव अभियान करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चलाया जा रहा है, लेकिन लापता लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार को हुए इस हादसे में मोटरबोट पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलट गई थी, जिससे उसमें सवार 37 से अधिक श्रद्धालु यमुना में गिर गए। मौके पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल ने 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।<img src="https://www.nationaljagatvision.com/media/2026-04/madik-family-1775889471741.jpg" alt="madik-family-1775889471741" width="650" height="540"></img></p>
<p>यह श्रद्धालु Ludhiana से आए थे और वृंदावन के केशीघाट से देवराहा बाबा के दर्शन के लिए यमुना पार कर रहे थे। तेज बहाव और निर्माण कार्य के दौरान असंतुलन के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद से ही लापता श्रद्धालुओं के परिजन नदी किनारे डटे हुए हैं और अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>इस बीच, जिन 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, उनके शव पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस के जरिए पंजाब भेज दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी का पता नहीं चल जाता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.nationaljagatvision.com/state/scene-of-death-in-yamuna-rescue-intensified-after-mathura-boat/article-9125</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:13:30 +0530</pubDate>
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